Dalhousie Travel Guide: घूमने की जगहें, बजट और ट्रिप प्लान
कभी-कभी मन करता है कि कुछ दिन के लिए फोन की घंटियों, ट्रैफिक के शोर और रोज की भागदौड़ से दूर निकल जाएं। सुबह उठें तो सामने पहाड़ हों, आसपास ऊंचे-ऊंचे पेड़ हों और ठंडी हवा में चाय पीते हुए कुछ देर बस बैठे रहें। अगर आप भी ऐसी छुट्टी का प्लान बना रहे हैं, तो हिमाचल प्रदेश का Dalhousie आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
चंबा जिले में बसा Dalhousie अपनी पुरानी इमारतों, देवदार के जंगलों, घुमावदार सड़कों और आसपास फैली पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। यहां आपको बड़े हिल स्टेशनों जैसी हलचल के बजाय कई जगहों पर शांत माहौल मिल सकता है। शहर की गलियों में घूमना हो, पुराने चर्च देखने हों या खजियार के हरे-भरे मैदानों में कुछ वक्त बिताना हो, इस जगह पर हर तरह के यात्री के लिए कुछ न कुछ है।
Dalhousie की एक और अच्छी बात यह है कि यहां की यात्रा को अपने बजट और समय के हिसाब से प्लान किया जा सकता है। आप दो दिन में शहर और आसपास की कुछ जगहें देख सकते हैं या तीन दिन रखकर खजियार, कालाटोप और दैनकुंड पीक भी घूम सकते हैं।
Dalhousie का इतिहास और पुराने समय की खूबसूरत इमारतें
Dalhousie की स्थापना अंग्रेजों ने 1850 में गर्मियों में रहने के लिए एक हिल स्टेशन के रूप में की थी। इसका नाम उस समय के ब्रिटिश गवर्नर-जनरल लॉर्ड डलहौजी के नाम पर रखा गया। यह शहर पांच पहाड़ियों—कठलोग, पोट्रेन, तेरा, बकरोटा और भंगोरा—के आसपास बसा है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 1,970 मीटर है।
Dalhousie की सड़कों पर घूमते हुए आपको पुराने चर्च, पत्थरों से बनी इमारतें और अंग्रेजों के दौर की वास्तुकला देखने को मिलती है। यही वजह है कि यह जगह सिर्फ प्राकृतिक नजारों के लिए ही नहीं, बल्कि इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए भी खास है।
शहर के मुख्य बाजार गांधी चौक और मॉल रोड के आसपास घूम सकते हैं। यहां छोटी दुकानें, कैफे, खाने-पीने की जगहें और ऊनी कपड़ों की दुकानें मिलती हैं। अगर आप बिना किसी जल्दबाजी के घूमना पसंद करते हैं, तो सुबह या शाम के समय पैदल निकलना अच्छा रहेगा।
Dalhousie की खूबसूरती को देखने के लिए हर वक्त टैक्सी लेना जरूरी नहीं है। शहर के कुछ हिस्सों में पैदल घूमने से आपको पुराने घरों, स्थानीय दुकानों और पहाड़ी रास्तों को करीब से देखने का मौका मिलता है। हालांकि, रास्ते चढ़ाई वाले हो सकते हैं, इसलिए आरामदायक जूते जरूर पहनें।
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Dalhousie घूमने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
Dalhousie में हर मौसम का अपना अलग अनुभव है। आप हरियाली देखना चाहते हैं, ठंडे मौसम में घूमना चाहते हैं या बर्फबारी की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, उसी हिसाब से यात्रा की तारीख चुन सकते हैं।
मार्च से जून: गर्मियों की छुट्टियों के लिए
इन महीनों में मौसम आमतौर पर सुहावना रहता है। मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने पर लोग Dalhousie जैसे पहाड़ी शहरों की तरफ रुख करते हैं। खजियार के मैदान, दैनकुंड पीक और शहर के आसपास की सैर के लिए यह अच्छा समय है। मई-जून में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए होटल पहले से बुक करना बेहतर रहेगा।
जुलाई से सितंबर: हरियाली और बारिश का मौसम
मानसून में पहाड़ों और जंगलों का रंग बदल जाता है। चारों तरफ हरियाली और धुंध देखने को मिल सकती है। लेकिन बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और भूस्खलन के कारण रास्ते बंद भी हो सकते हैं। इस मौसम में निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति जरूर जांचें।
अक्टूबर से नवंबर: साफ आसमान और पहाड़ों के नजारे
मानसून के बाद मौसम कई बार साफ रहता है और दूर की पहाड़ियां अच्छी तरह दिखाई देती हैं। पैदल घूमने और तस्वीरें लेने के लिए यह समय अच्छा हो सकता है। शाम को ठंड बढ़ने लगती है, इसलिए गर्म कपड़े साथ रखें।
दिसंबर से फरवरी: सर्दी और बर्फबारी
अगर आपका सपना बर्फ देखना है, तो सर्दियों में Dalhousie जाने का प्लान बना सकते हैं। लेकिन बर्फबारी हर साल एक जैसी नहीं होती। रास्तों पर बर्फ जमने से गाड़ी चलाना मुश्किल हो सकता है और कुछ जगहों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। होटल बुक करने से पहले मौसम का हाल जरूर देखें।
कुल मिलाकर, पहली बार Dalhousie घूमने वालों के लिए मार्च से जून और अक्टूबर-नवंबर अच्छे विकल्प हो सकते हैं। बर्फ देखने के लिए सर्दियों में जाएं, लेकिन मौसम को लेकर अपनी उम्मीदें वास्तविक रखें।
Dalhousie कैसे पहुंचें?
Dalhousie पहुंचने के लिए आप ट्रेन, हवाई जहाज या सड़क मार्ग का विकल्प चुन सकते हैं। आपके लिए कौन-सा रास्ता सही रहेगा, यह आपके शहर, बजट और यात्रा के समय पर निर्भर करेगा।
ट्रेन से Dalhousie कैसे जाएं?
Dalhousie का सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन पठानकोट है, जो शहर से लगभग 85–90 किलोमीटर दूर है। पठानकोट तक ट्रेन से पहुंचने के बाद आगे के सफर के लिए बस या टैक्सी ली जा सकती है।
पठानकोट से Dalhousie पहुंचने में सड़क की स्थिति और ट्रैफिक के हिसाब से लगभग ढाई से तीन घंटे लग सकते हैं। अगर आप रात की ट्रेन से पहुंच रहे हैं, तो आगे की टैक्सी या बस की व्यवस्था पहले से देख लेना अच्छा रहेगा।
हवाई जहाज से Dalhousie कैसे जाएं?
Dalhousie के लिए नजदीकी घरेलू हवाई अड्डों में कांगड़ा का गग्गल एयरपोर्ट एक विकल्प है। हिमाचल पर्यटन के अनुसार, यह लगभग 110 किलोमीटर दूर है। वहां से टैक्सी लेकर आगे का सफर किया जा सकता है।
चंडीगढ़ और अमृतसर के हवाई अड्डे भी कुछ यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन टिकट बुक करने से पहले अपनी तारीख पर उपलब्ध उड़ानें, किराया और एयरपोर्ट से आगे की यात्रा जरूर जांचें।
सड़क मार्ग से Dalhousie कैसे पहुंचें?
दिल्ली से Dalhousie की सड़क दूरी लगभग 550–560 किलोमीटर के आसपास पड़ सकती है। आप अपनी कार, टैक्सी या बस से यहां पहुंच सकते हैं। दिल्ली से यात्रा में रुकने के समय और ट्रैफिक के हिसाब से काफी घंटे लगेंगे, इसलिए एक ही बार में बिना आराम किए सफर करने से बचें।
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चंडीगढ़, पंजाब और आसपास के दूसरे शहरों से भी सड़क मार्ग के विकल्प मिल सकते हैं। पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय गति नियंत्रित रखें और रात में अनजान रास्तों पर ड्राइव करने से बचें।
खजियार: Dalhousie के पास हरे-भरे मैदान
Dalhousie से दूरी: लगभग 22 किलोमीटर
खजियार Dalhousie के आसपास घूमने वाली सबसे लोकप्रिय जगहों में से एक है। इसे अक्सर भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यहां देवदार के जंगलों के बीच फैला हरा मैदान और उसके आसपास का पहाड़ी नजारा लोगों को काफी पसंद आता है। हिमाचल पर्यटन के अनुसार, खजियार Dalhousie से लगभग 22 किलोमीटर दूर है।
यहां पहुंचकर आप मैदान में टहल सकते हैं, तस्वीरें ले सकते हैं और आसपास के नजारों का आनंद ले सकते हैं। मौसम और स्थानीय व्यवस्था के अनुसार घुड़सवारी या दूसरी मनोरंजक गतिविधियां भी उपलब्ध हो सकती हैं।
खजियार झील के पास स्थित खाज्जी नाग मंदिर भी देखने लायक है। इस मंदिर का इतिहास 12वीं शताब्दी से जुड़ा बताया जाता है। इसकी पारंपरिक बनावट और लकड़ी पर किया गया काम इसे आसपास की दूसरी जगहों से अलग बनाता है।
अगर आप Dalhousie से खजियार जा रहे हैं, तो कोशिश करें कि सुबह निकलें। इससे आपको वहां घूमने और आराम से खाना खाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। सप्ताहांत और छुट्टियों में यहां भीड़ बढ़ सकती है।
दैनकुंड पीक: पहाड़ों का शानदार नजारा
ऊंचाई: लगभग 2,755 मीटर
अगर आपको पहाड़ों पर पैदल चलना पसंद है, तो दैनकुंड पीक को अपनी सूची में जरूर रखें। यह Dalhousie के आसपास के ऊंचे स्थानों में से एक है। यहां से मौसम साफ होने पर दूर-दूर तक फैली पहाड़ियों और घाटियों के नजारे दिखाई देते हैं।
दैनकुंड को सिंगिंग हिल्स भी कहा जाता है। इसके बारे में स्थानीय मान्यता है कि जब हवा पेड़ों के बीच से गुजरती है, तो एक खास तरह की आवाज सुनाई देती है।
यहां फौलेनी देवी मंदिर भी स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए कुछ दूरी पैदल चलना पड़ सकता है। अगर आप ट्रेक करना चाहते हैं, तो आरामदायक जूते पहनें और पानी साथ रखें।
दैनकुंड पीक पर जाने से पहले मौसम और रास्ते की स्थिति की जानकारी ले लें। सर्दियों में बर्फ या फिसलन के कारण रास्ता कठिन हो सकता है। खराब मौसम में केवल तस्वीरें लेने के लिए जोखिम उठाना सही नहीं है।
कालाटोप वाइल्डलाइफ सेंचुरी: जंगल के बीच कुछ घंटे
Dalhousie से दूरी: लगभग 12–13 किलोमीटर
अगर आपको घने जंगलों में घूमना और प्रकृति को करीब से देखना पसंद है, तो कालाटोप वाइल्डलाइफ सेंचुरी अच्छा विकल्प है। यह इलाका देवदार, चीड़ और दूसरे पेड़ों से घिरा है। यहां जंगल के रास्तों पर पैदल चलने और पक्षियों को देखने का मौका मिल सकता है।
हिमाचल पर्यटन के मुताबिक, यह अभयारण्य हिमालयी काले भालू, तेंदुए, घोरल और कई तरह के पक्षियों का निवास क्षेत्र है। लेकिन जंगल में जानवर दिखना तय नहीं है, इसलिए वन्यजीव देखने की गारंटी मानकर न जाएं।
यहां जाने से पहले प्रवेश की मौजूदा व्यवस्था, वाहन संबंधी नियम और शुल्क की जानकारी जरूर ले लें। अलग-अलग वेबसाइटों पर फीस और समय की जानकारी में अंतर मिल सकता है। इसलिए पुराने आंकड़ों के आधार पर अपना बजट तय न करें।
जंगल में घूमते समय रास्ते से बाहर न जाएं, जानवरों को खाना न खिलाएं और तेज आवाज न करें। अगर आप लंबी पैदल यात्रा करना चाहते हैं, तो स्थानीय वन विभाग से सुरक्षित रास्तों के बारे में जानकारी लें।
पंचपुला और सतधारा: झरनों के पास सुकून
पंचपुला Dalhousie के आसपास का एक जाना-पहचाना पर्यटन स्थल है। यहां पानी की धाराएं, हरे पेड़ और पहाड़ी रास्ते देखने को मिलते हैं। मौसम अच्छा हो तो कुछ देर बैठकर आसपास का माहौल महसूस कर सकते हैं।
इस जगह का संबंध स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजीत सिंह की स्मृति से भी है। यहां घूमते समय आसपास की ऐतिहासिक जानकारी पढ़ना या स्थानीय लोगों से पूछना अच्छा रहेगा।
सतधारा झरना भी Dalhousie के आसपास घूमने वाली जगहों में शामिल है। इसका नाम सात धाराओं से जुड़ा बताया जाता है। बारिश के बाद यहां पानी की मात्रा बढ़ सकती है, लेकिन इसी दौरान रास्ते फिसलन भरे भी हो सकते हैं।
सतधारा के पानी को औषधीय मानकर पीने से बचें, जब तक पानी की गुणवत्ता की पुष्टि न हो। झरने के पास सुरक्षित दूरी बनाए रखें और पत्थरों पर चढ़ते समय सावधानी बरतें।
सुभाष बाउली और गंजी पहाड़ी
सुभाष बाउली एक शांत जगह है, जिसका नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा है। हिमाचल पर्यटन के अनुसार, नेताजी 1937 में Dalhousie में कई महीनों तक रहे थे। सुभाष बाउली और सुभाष चौक का नाम भी उन्हीं से जुड़ा है।
अगर आप शहर की भीड़ से थोड़ा दूर बैठना चाहते हैं, तो इस जगह को अपने प्लान में शामिल कर सकते हैं। आसपास पेड़ और पहाड़ी रास्ते हैं, इसलिए सुबह या शाम यहां घूमना अच्छा लग सकता है।
गंजी पहाड़ी उन लोगों के लिए विकल्प है जिन्हें पैदल चलना पसंद है। यहां तक पहुंचने के लिए रास्ते और चुने गए शुरुआती स्थान के हिसाब से समय लग सकता है। ऊपर से शहर और घाटियों के नजारे देखने को मिल सकते हैं।
अगर आप ट्रेकिंग के आदी नहीं हैं, तो अपनी क्षमता के हिसाब से ही रास्ता चुनें। पानी साथ रखें, मौसम की जानकारी लें और अंधेरा होने से पहले वापस लौटने की कोशिश करें।
चमेरा झील: पानी और पहाड़ों का खूबसूरत नजारा
चमेरा झील रावी नदी पर बने चमेरा बांध के कारण बना जलाशय है। यहां आसपास की पहाड़ियां और पानी का खुला नजारा देखने को मिलता है। यह Dalhousie से बाहर की ओर स्थित है, इसलिए आने-जाने के लिए अलग से समय रखें।
मौसम और स्थानीय संचालन के अनुसार यहां बोटिंग या दूसरी जल गतिविधियां उपलब्ध हो सकती हैं। इनका शुल्क, समय और उपलब्धता बदल सकती है, इसलिए पहुंचने से पहले जानकारी ले लें।
अगर आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो पानी के पास बच्चों पर नजर रखें और बोटिंग के दौरान लाइफ जैकेट पहनें। तेज बारिश या खराब मौसम में जल गतिविधियों से बचें।
चमेरा झील को Dalhousie के तीन दिन वाले प्लान में शामिल किया जा सकता है, लेकिन उसी दिन बहुत सारी दूसरी दूर की जगहें रखने से यात्रा भागदौड़ वाली हो सकती है।
Dalhousie के पुराने चर्च और बाजार
Dalhousie के पुराने चर्च शहर की औपनिवेशिक विरासत को समझने का अच्छा तरीका हैं। सेंट जॉन्स चर्च गांधी चौक के पास स्थित है और इसकी बनावट में पुराने यूरोपीय स्थापत्य का असर दिखाई देता है। सेंट फ्रांसिस चर्च भी शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है।
इन जगहों पर जाते समय ध्यान रखें कि चर्च धार्मिक स्थल भी हैं। अगर अंदर जाने की अनुमति हो, तो वहां शांति बनाए रखें और तस्वीरें लेने से पहले नियम पूछ लें।
इसके बाद गांधी चौक और मॉल रोड पर घूम सकते हैं। यहां ऊनी शॉल, स्थानीय हस्तशिल्प, चंबा रुमाल और तिब्बती सामान की दुकानें मिल सकती हैं। खरीदारी करते समय कीमत की तुलना करें और स्थानीय कारीगरों से सामान खरीदने को प्राथमिकता दें।
Dalhousie की शाम बिताने का यह एक आसान तरीका है। आप बाजार में टहल सकते हैं, चाय या कॉफी पी सकते हैं और बिना किसी जल्दबाजी के दिन खत्म कर सकते हैं।
Dalhousie में क्या खाएं?
Dalhousie घूमते समय स्थानीय खाने का स्वाद लेना न भूलें। यहां आपको सामान्य उत्तर भारतीय खाना, कैफे का भोजन और हिमाचल के कुछ पारंपरिक व्यंजन मिल सकते हैं।
चंबा चुख: यह लाल मिर्च से बनने वाला तीखा स्थानीय अचार या चटनी है। अगर आपको तीखा खाना पसंद है, तो इसे जरूर आजमा सकते हैं।
मद्रा: यह हिमाचली खाने का प्रसिद्ध व्यंजन है, जिसे आमतौर पर दही और मसालों के साथ बनाया जाता है। इसमें चने या राजमा जैसे पदार्थ इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
तुड़किया भात: यह मसालों और दूसरी सामग्री के साथ तैयार किया जाने वाला पारंपरिक चावल का व्यंजन है।
सिड्ढू: यह गेहूं के आटे से बनने वाला भाप में पका व्यंजन है, जिसे अलग-अलग भरावन और चटनी के साथ परोसा जा सकता है।
पटांडे: गेहूं के आटे से बनने वाला पतला मीठा पकवान है, जिसे नाश्ते में खाया जाता है।
स्थानीय खाना खाने के लिए मॉल रोड और आसपास के बाजारों में रेस्तरां देख सकते हैं। क्वालिटी रेस्टोरेंट जैसे पुराने भोजनालयों का नाम भी Dalhousie के खाने-पीने के विकल्पों में आता है। हालांकि, किसी खास डिश की उपलब्धता और कीमत बदल सकती है, इसलिए पहले पूछ लें।
Dalhousie में होटल और ट्रिप का बजट
Dalhousie में बजट के हिसाब से होटल, गेस्टहाउस, होमस्टे और रिसॉर्ट के विकल्प मिल सकते हैं। सही जगह चुनते समय सिर्फ कमरे की कीमत नहीं, बल्कि लोकेशन, पार्किंग, खाने और टैक्सी की सुविधा भी देखें।
नीचे दिया गया खर्च एक सामान्य अनुमान है। वास्तविक कीमतें मौसम, होटल और यात्रियों की संख्या के अनुसार बदल सकती हैं।
| खर्च का प्रकार | अनुमानित खर्च |
|---|---|
| बजट होटल या होमस्टे | ₹800–₹1,800 प्रति कमरा |
| मिड-रेंज होटल | ₹1,800–₹4,000 प्रति कमरा |
| खाना-पीना | ₹400–₹1,000 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन |
| स्थानीय घूमना | ₹500–₹1,500 प्रति व्यक्ति, प्लान के अनुसार |
ये अनुमानित दरें हैं, किसी होटल या टैक्सी की पक्की कीमत नहीं। पीक सीजन, बर्फबारी और लंबे सप्ताहांत में कमरे महंगे हो सकते हैं।
अगर आप कम बजट में Dalhousie घूमना चाहते हैं, तो यात्रा से पहले होटल की तुलना करें, बस या ट्रेन का विकल्प देखें और आसपास की जगहों को दूरी के हिसाब से एक साथ प्लान करें। परिवार या दोस्तों के साथ जाने पर कमरे और टैक्सी का खर्च बांटने से कुल बजट कम हो सकता है।
Dalhousie का तीन दिन का ट्रैवल प्लान
अगर आपके पास तीन दिन हैं, तो इस तरह यात्रा प्लान कर सकते हैं। समय और मौसम के हिसाब से जगहों का क्रम बदलना पड़ सकता है।
पहला दिन: शहर और पुराने चर्च
दोपहर तक Dalhousie पहुंचें और होटल में चेक-इन करें। आराम करने के बाद गांधी चौक और मॉल रोड पर घूमने जाएं। सेंट जॉन्स चर्च और सेंट फ्रांसिस चर्च देखें, अगर उस समय प्रवेश उपलब्ध हो। शाम को किसी कैफे या स्थानीय रेस्तरां में खाना खाएं। पहले दिन बहुत ज्यादा जगहें रखने से बचें, खासकर अगर आपने लंबा सड़क या रेल सफर किया है।
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दूसरा दिन: खजियार और कालाटोप
सुबह नाश्ते के बाद खजियार के लिए निकलें। मैदान में टहलें और खाज्जी नाग मंदिर देखें। दोपहर में खाना खाकर कालाटोप की ओर जाएं। जंगल के रास्तों पर सुरक्षित तरीके से घूमें और शाम होने से पहले वापस लौटें। खजियार और कालाटोप दोनों जगहों के लिए मौसम और रास्तों की स्थिति पहले जांच लें। अगर बहुत भीड़ हो या सड़क पर परेशानी हो, तो प्लान में बदलाव करना बेहतर है।
तीसरा दिन: दैनकुंड पीक और बाजार
सुबह मौसम ठीक हो तो दैनकुंड पीक की ओर निकलें। अपनी सुविधा के अनुसार पैदल चढ़ाई करें और फौलेनी देवी मंदिर देखें। वापसी में समय मिले तो सुभाष बाउली या पंचपुला जा सकते हैं। गांधी चौक या मॉल रोड से स्थानीय सामान खरीदकर वापसी की यात्रा शुरू करें। अगर आप चमेरा झील भी देखना चाहते हैं, तो उसे तीसरे दिन की बाकी जगहों के साथ जबरदस्ती न जोड़ें। इसके लिए अलग समय रखना अधिक आरामदायक रहेगा।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- मौसम देखकर ही ट्रिप प्लान करें। बर्फबारी, बारिश या खराब सड़क की स्थिति में पहाड़ी रास्तों पर जाने से बचें। निकलने से पहले मौसम और सड़क की ताजा जानकारी जरूर जांचें।
- आरामदायक जूते और गर्म कपड़े रखें। गर्मियों में भी शाम को ठंड लग सकती है। ट्रेकिंग और जंगल में घूमने के लिए अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें।
- खजियार और दैनकुंड के लिए समय रखें। इन जगहों पर सिर्फ पहुंचकर फोटो खींचने के बजाय आराम से घूमने का समय निकालें। सुबह जल्दी निकलने से मदद मिल सकती है।
- खर्च की पहले से योजना बनाएं। होटल, टैक्सी, बोटिंग और वन क्षेत्र की फीस बदल सकती है। बुकिंग से पहले कुल खर्च का अंदाजा लगाएं और थोड़ा अतिरिक्त बजट रखें।
- पहाड़ों को साफ रखें। प्लास्टिक और खाने का कचरा जंगलों या मैदानों में न छोड़ें। वन्यजीवों को खाना न खिलाएं और स्थानीय लोगों व धार्मिक स्थलों का सम्मान करें।
Dalhousie उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो पहाड़ों में कुछ दिन आराम से बिताना चाहते हैं। यहां पुराने चर्च, देवदार के जंगल, खजियार के मैदान और आसपास के पहाड़ी रास्ते यात्रा को खास बना सकते हैं। अगर आप तीन दिन का सही प्लान बनाकर निकलते हैं, तो बिना बहुत ज्यादा भागदौड़ के Dalhousie और आसपास की कई खूबसूरत जगहें देख सकते हैं।
अगली बार जब शहर की भागदौड़ से कुछ दिन का ब्रेक लेने का मन करे, तो Dalhousie को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।