Travel News: घूमने के शौकीनों की खुली लॉटरी! हिमाचल प्रदेश में डेवलप होंगी 49 नई ईको टूरिज्म साइटें, अब वादियों में दिखेगा अलग ही नजारा
Travel News शिमला । अगर आप भी पहाड़ों की वादियों, ठंडी हवाओं और प्रकृति के बीच फुर्सत के पल बिताने के शौकीन हैं, तो आपके लिए हिमाचल प्रदेश से एक बहुत ही शानदार खुशखबरी सामने आई है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को एक नए मुकाम पर ले जाने और प्रकृति प्रेमियों को बिल्कुल नया अनुभव देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब आपको हिमाचल की खूबसूरत वादियों में प्रकृति के और भी करीब जाने का मौका मिलेगा, क्योंकि राज्य में बड़े पैमाने पर नई टूरिस्ट साइट्स को तैयार करने की कवायद शुरू हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश के वन विभाग ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कुल 49 नई ईको टूरिज्म साइटों (49 Eco Tourism Sites) को विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए विभाग की तरफ से साइटों के आवंटन की प्रक्रिया भी आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। आइए इस ट्रैवल अपडेट के जरिए विस्तार से जानते हैं कि सरकार की क्या योजना है और इससे मुसाफिरों के लिए क्या कुछ खास बदलने वाला है।
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निजी भागीदारी से चमकेगी किस्मत: पीपीपी मॉडल पर होगा विकास
पहाड़ों के खूबसूरत और शांत इलाकों को पर्यटन के लिहाज से अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए सरकार इस बार एक विशेष रणनीति पर काम कर रही है।
पीपीपी मॉडल का इस्तेमाल: वन विभाग के अनुसार, राज्य की इस नई ईको टूरिज्म नीति के तहत इन सभी 49 स्थानों का विकास निजी भागीदारी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP Model) के माध्यम से किया जाएगा। इससे इन जगहों पर पर्यटकों को बेहतरीन और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
15 साल की लीज पर मिलेंगी साइटें: ईको टूरिज्म को रफ्तार देने के लिए वन विभाग ने यह साफ किया है कि इन चयनित की गई सभी साइटों को शुरुआती तौर पर 15 वर्ष की लीज पर दिया जाएगा। प्राइवेट डेवलपर्स इन जगहों की प्राकृतिक खूबसूरती को बिना कोई नुकसान पहुंचाए, यहाँ पर्यटकों के रहने, ट्रेकिंग और घूमने की बेहतरीन व्यवस्थाएं तैयार करेंगे।
पर्यटकों के लिए क्यों बेहद खास होगी यह ईको टूरिज्म योजना?
आमतौर पर देखा जाता है कि शिमला, मनाली या धर्मशाला जैसे मुख्य शहरों में सीजन के दौरान सैलानियों की भारी भीड़ हो जाती है, जिससे ट्रैफिक जाम और होटलों की किल्लत का सामना करना पड़ता है। लेकिन इन 49 नई साइटों के विकसित होने से पर्यटकों के पास घूमने के कई नए और अनछुए विकल्प मौजूद होंगे।
कैंपिंग और ट्रेकिंग का नया रोमांच: इन ईको टूरिज्म साइटों पर जंगलों के बीचो-बीच इको-फ्रेंडली कॉटेज, ट्री-हाउस, नेचर ट्रेल्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
स्थानीय रोजगार को बढ़ावा: इस योजना से न केवल बाहर से आने वाले पर्यटकों को हिमाचल का एक नया रूप देखने को मिलेगा, बल्कि दूर-दराज के पहाड़ी गांवों में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे।
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ट्रैवलर गाइड: कब और कैसे प्लान करें अपनी यात्रा?
कनेक्टिविटी: हिमाचल प्रदेश सड़क, रेल और हवाई मार्ग से देश के सभी प्रमुख हिस्सों से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। दिल्ली या चंडीगढ़ से वोल्वो बसों और टैक्सियों के जरिए आप आसानी से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच सकते हैं।
बेस्ट टाइम टू विजिट: वैसे तो हिमाचल में पूरे साल सैलानियों का तांता लगा रहता है, लेकिन मार्च से जून और फिर अक्टूबर से फरवरी तक का समय पहाड़ों की खूबसूरती को करीब से निहारने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है।
अब जैसे ही इन नई 49 साइटों के आवंटन के बाद काम शुरू होगा, हिमाचल का टूरिज्म पूरी तरह से बदल जाएगा। अगर आप भी भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और हसीन वादी में वक्त गुजारना चाहते हैं, तो आने वाले समय में हिमाचल की ये ईको टूरिज्म साइटें आपकी पहली पसंद बनने वाली हैं।