Marine Drive के पास खाने के लिए 7 लोकप्रिय और आइकॉनिक ठिकाने
मुंबई का Marine Drive सिर्फ़ “क्वीन ऑफ़ नेकलेस” के नाम से ही मशहूर नहीं है, बल्कि इसके आसपास का फ़ूड सीन भी उतना ही आइकॉनिक है। सुबह की हल्की धूप हो या रात की ठंडी हवा, यहाँ खाने के ऐसे-ऐसे ठिकाने हैं जो हर फ़ूड लवर को अपनी ओर खींच लेते हैं। लोकल मुम्बइकर से लेकर टूरिस्ट तक, हर कोई यहाँ के स्वाद का दीवाना है। अगर आप भी Marine Drive के पास खाने का प्लान बना रहे हैं, तो ये 7 जगहें आपकी लिस्ट में ज़रूर होनी चाहिए।
Gaylord- पुरानी मुंबई का क्लासिक स्वाद
मुंबई का मशहूर गेयलोर्ड (Gaylord) रेस्टोरेंट 1956 में चर्चगेट में पिशोरी लाल लांबा और इकबाल घई द्वारा खोला गया था। यह जगह राज कपूर, दिलीप कुमार और लता मंगेशकर जैसे बड़े फिल्मी सितारों की मनपसंद रही है, और यहाँ तक कि द बीटल्स (The Beatles) और पंडित रवि शंकर ने भी यहाँ के माहौल का लुत्फ उठाया था। इस रेस्टोरेंट को इसके खास पकवानों जैसे चिकन ए ला कीव (Chicken A’la Kiev), लॉबस्टर थर्मिडोर और बटर चिकन के लिए जाना जाता है, और यहाँ की बेकरी भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

हाल ही में इसे “गेयलोर्ड 2.0” के रूप में नए इंटीरियर्स के साथ फिर से खोला गया है, जिसमें पुराने औपनिवेशिक आकर्षण (Colonial Charm) और 150 से ज़्यादा पुरानी तस्वीरों के ज़रिए इसकी विरासत को बरकरार रखा गया है। गेयलोर्ड की अहमियत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे 1997-98 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से ‘बेस्ट रेस्टोरेंट’ का अवार्ड मिला था और आज भी यह मुंबई के पाक-कला इतिहास का एक अहम हिस्सा है।
Mockingbird Cafe Bar- यंग क्राउड का फेवरेट
मुंबई के चर्चगेट में वीर नरीमन रोड पर स्थित ‘मॉकिंगबर्ड कैफे बार’ एक बहुत ही प्यारा और अनूठा साहित्यिक (literary) थीम वाला कैफे है, जो मरीन ड्राइव के काफी करीब है। दीपक पुरोहित द्वारा शुरू किया गया यह स्थान किताबों के प्रति प्रेम और बेहतरीन खाने-पीने के शौक का एक शानदार संगम है, जहाँ आपको एक शांत लाइब्रेरी कोना, बोर्ड गेम्स और 2020 से शुरू हुए लाइव म्यूजिक का आनंद भी मिलता है। यहाँ का मेन्यू काफी बड़ा और दिलचस्प है, जिसमें पत्थर की भट्टी वाली पिज्जा और पास्ता जैसे कॉन्टिनेंटल व्यंजनों के साथ-साथ ‘टकीला मॉकिंगबर्ड’ और ‘जिन आयर’ जैसे साहित्यिक नामों वाले अनोखे कॉकटेल मिलते हैं।

यह स्थान सुबह 9 बजे से रात 12:30 बजे तक खुला रहता है और यहाँ फ्री वाई-फाई, पार्किंग और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, जो इसे दोस्तों के साथ समय बिताने या सुकून से अकेले बैठकर पढ़ने के लिए एक बेहतरीन जगह बनाती हैं।
Khyber Restaurant– शाही खाने का भरोसेमंद नाम
मुंबई के काला घोड़ा इलाके में स्थित खैबर (Khyber) एक ऐतिहासिक और मशहूर रेस्टोरेंट है, जिसकी शुरुआत 1958 में ओम प्रकाश बहल ने की थी। यह रेस्टोरेंट अपनी ‘नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर’ शैली के व्यंजनों, जैसे कि पनीर कोरमा, रान (Raan) और माँ की दाल के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। 1985 में यहाँ एक भीषण आग लग गई थी, जिसके बाद परमेश्वर गोदरेज ने इसे एक नए और भव्य रूप में डिजाइन किया।

इस रेस्टोरेंट की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की दीवारों पर मौजूद एम.एफ. हुसैन और अंजली इला मेनन जैसे महान कलाकारों की मूल पेंटिंग्स हैं। खैबर की गेस्ट लिस्ट में अमिताभ बच्चन, ब्रैड पिट, शकीरा और सर पॉल मेकार्टनी जैसे कई अंतरराष्ट्रीय सितारे शामिल रहे हैं। वर्तमान में सुधीर बहल और उनके बेटे ईशान इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं और उन्होंने हाल ही में इसके मशहूर ‘हुसैन रूम’ का नवीनीकरण (renovation) भी किया है।
Bademiya– रात का असली स्ट्रीट फ़ूड स्टार
मुंबई का मशहूर ‘बडेमियाँ’ (Bademiya) रेस्टोरेंट 1946 में मोहम्मद यासीन द्वारा एक छोटी सी कबाब की दुकान के रूप में शुरू किया गया था। यह कोलाबा में ताज महल पैलेस होटल के ठीक पीछे स्थित है और अपने लज़ीज़ सीक कबाब, बोटी कबाब, बैदा रोटी और रूमाली रोटी के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। मोहम्मद यासीन ने केवल 20 रुपये के मामूली निवेश से इस काम की शुरुआत की थी, जो उन्हें उनके गुरु हज़रत फिदा मोहम्मद आदम चिश्ती ने दिए थे। उनकी लंबी दाढ़ी की वजह से ग्राहकों ने उन्हें प्यार से ‘बडेमियाँ’ पुकारना शुरू कर दिया, जो बाद में इस मशहूर दुकान का नाम बन गया।

आज यह जगह मुंबई की एक ऐतिहासिक पहचान बन चुकी है, जहाँ आम लोगों के साथ-साथ अमिताभ बच्चन और अजय देवगन जैसे बड़े सितारे भी आधी रात को यहाँ के खाने का लुत्फ उठाने आते हैं। हालाँकि, सितंबर 2023 में साफ-सफाई और लाइसेंस की कमी से जुड़े मुद्दों के कारण प्रशासन द्वारा इसे ‘काम रोकने’ का नोटिस भी दिया गया था।
Cafe Madras – साउथ इंडियन स्वाद का भरोसा
मुंबई के माटुंगा में स्थित कैफे मद्रास एक बेहद प्रतिष्ठित साउथ इंडियन रेस्टोरेंट है, जिसकी शुरुआत 1940 में गोपाल पुरुषोत्तम कामथ ने की थी और अब इसे उनकी तीसरी पीढ़ी के सदस्य देवव्रत और जयप्रकाश कामथ चला रहे हैं। यह जगह अपनी सादगी और असली उडुपी स्वाद के लिए मशहूर है, जहाँ इडली, मैसूर डोसा, बिसीबेले भात और खासतौर पर यहाँ की फिल्टर कॉफी और घर का बना सफेद मक्खन लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है।

हाल ही में बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन को भी यहाँ दक्षिण भारतीय व्यंजनों का आनंद लेते हुए देखा गया था। चूँकि यहाँ हमेशा भीड़ रहती है, इसलिए ग्राहकों को अक्सर टेबल के लिए 20 से 30 मिनट तक इंतज़ार करना पड़ता है, लेकिन यहाँ का किफायती और स्वादिष्ट खाना उस इंतज़ार के बिल्कुल काबिल माना जाता है।
K Rustom & Co – मीठे पल बनाने वाली जगह
मुंबई की मशहूर आइसक्रीम दुकान, के रुस्तम एंड कंपनी (K Rustom & Co.), की शुरुआत 1953 में खोदाबक्स रुस्तम ईरानी ने की थी, जो पहले एक डिपार्टमेंटल स्टोर हुआ करता था। यह पार्लर अपने खास आइसक्रीम सैंडविच के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ आइसक्रीम की एक मोटी परत को दो कुरकुरे वेफर्स के बीच रखकर परोसा जाता है। हाल ही में एक कहानी वायरल हुई जिसमें एक महिला ने अनजाने में इस शॉप की मालकिन के साथ टैक्सी शेयर की और उन्हें पहचान नहीं पाई, जिसके बाद उन्हें पार्लर में आमंत्रित किया गया और उन्होंने इस अनुभव को “मुंबई मैजिक” का नाम दिया।

चर्चगेट के पास स्थित यह जगह कई पीढ़ियों के लिए बचपन की यादों का हिस्सा रही है, जहाँ अखरोट क्रंच (walnut crunch), सीताफल और पेरू (guava) जैसे फ्लेवर्स आज भी लोगों के पसंदीदा हैं। हालांकि, साल 2022 में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) के साथ किराए के विवाद की वजह से इसे खाली करने का अदालती आदेश मिला था, लेकिन यह प्रतिष्ठित संस्थान आज भी अपने पुराने अंदाज़ और किफ़ायती दामों में बेहतरीन स्वाद के लिए जाना जाता है।
चौपाटी स्ट्रीट फ़ूड- लोकल मुंबई का असली ज़ायका
मुंबई का स्ट्रीट फूड शहर की संस्कृति का एक अटूट हिस्सा है, जो जुहू चौपाटी जैसे मशहूर ठिकानों पर अपनी खास चमक बिखेरता है। यहाँ पाव भाजी, वडा पाव, भेल पुरी और दही पुरी जैसे पकवान न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के भी पसंदीदा हैं। वडा पाव की खोज 1966 में मिल मजदूरों की सहूलियत के लिए हुई थी, जबकि पाव भाजी का दिलचस्प इतिहास अमेरिकी गृहयुद्ध और पुर्तगाली प्रभाव से जुड़ा हुआ है।

हालाँकि यह खाना अपने स्वाद और कम कीमत के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी स्वच्छता (hygiene) पर शोधकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं, जिसके सुधार के लिए सरकार और FSSAI ट्रेनिंग और ‘क्लीन स्ट्रीट फूड’ जैसे प्रोजेक्ट्स चला रहे हैं। कुल मिलाकर, यह स्ट्रीट फूड मुंबई की तेज रफ्तार जिंदगी में अलग-अलग तबकों को एक साथ लाने और शहर की अर्थव्यवस्था में जान फूँकने का काम करता है।
Marine Drive सिर्फ़ घूमने की जगह नहीं, बल्कि खाने के शौकीनों के लिए एक पूरा फूड डेस्टिनेशन है। यहाँ आपको क्लासिक रेस्टोरेंट, ट्रेंडी कैफ़े और देसी स्ट्रीट फूड- तीनों का मज़ा एक साथ मिलता है।
Written by Shivani pal





