Antarctica के ऊपर से हवाई जहाज क्यों नहीं उड़ते? पूरी सच्चाई Travel News & Information

Antarctica के ऊपर से हवाई जहाज क्यों नहीं उड़ते? पूरी सच्चाई!

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क्या आपने कभी फ्लाइट ट्रैकिंग मैप पर गौर किया है? दुनिया भर में हजारों विमान हर दिन आसमान में उड़ते दिखाई देते हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जिसके ऊपर से कमर्शियल हवाई जहाज लगभग कभी नहीं गुजरते। यह जगह है Antarctica। सवाल यह है कि आखिर दुनिया का सबसे बड़ा बर्फीला महाद्वीप हवाई मार्गों से इतना दूर क्यों है? क्या यह कोई सीक्रेट नो-फ्लाई ज़ोन है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है? इमरजेंसी में उतरने की कोई सुविधा नहीं हवाई यात्रा में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार विमान को ऐसे रूट पर उड़ना चाहिए जहां किसी तकनीकी खराबी या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में वह कुछ घंटों के भीतर किसी एयरपोर्ट पर उतर सके। लेकिन Antarctica में दूर-दूर तक कोई सामान्य कमर्शियल एयरपोर्ट मौजूद नहीं है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में विमान को सुरक्षित उतारना बेहद मुश्किल हो सकता है। खतरनाक मौसम बनता है बड़ी चुनौती Antarctica दुनिया का सबसे ठंडा महाद्वीप माना जाता है। यहां तापमान कई बार -60 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच जाता है। इसके अलावा तेज बर्फीले तूफान और बेहद शक्तिशाली हवाएं उड़ान संचालन को और कठिन बना देती हैं। कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है जिसमें पायलट के लिए जमीन और आसमान के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है। नेविगेशन और कम्युनिकेशन की परेशानी Antarctica के पास पहुंचने पर मैग्नेटिक कंपास की सटीकता प्रभावित हो सकती है क्योंकि यह इलाका दक्षिणी चुंबकीय ध्रुव के बेहद करीब है। आधुनिक विमान जीपीएस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में सैटेलाइट कम्युनिकेशन और अन्य तकनीकी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। यही कारण है कि एयरलाइंस ऐसे रूट्स से बचना पसंद करती हैं। एयरलाइंस को नहीं दिखता कोई फायदा दुनिया की ज्यादातर आबादी उत्तरी गोलार्ध में रहती है। इसलिए अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के बीच संचालित होती हैं। इन रूट्स पर आर्कटिक के ऊपर से उड़ना समय और ईंधन दोनों बचाता है। दूसरी तरफ Antarctica के ऊपर से गुजरने वाले ऐसे रूट बहुत कम हैं जिनसे एयरलाइंस को कोई खास लाभ मिले। क्या Antarctica के ऊपर बिल्कुल उड़ान नहीं होती? ऐसा नहीं है कि Antarctica के ऊपर उड़ान पूरी तरह प्रतिबंधित है। कुछ विशेष दर्शनीय उड़ानें यात्रियों को दूर से इस बर्फीले महाद्वीप का नजारा दिखाती हैं। इसके अलावा वैज्ञानिक अभियानों और रिसर्च स्टेशनों तक सामान और लोगों को पहुंचाने के लिए विशेष विमान यहां जाते हैं। हालांकि इन उड़ानों की योजना बहुत सावधानी और विशेष तैयारी के साथ बनाई जाती है। इसलिए खाली रहता है Antarctica का आसमान! Antarctica के ऊपर कमर्शियल उड़ानें न होने की सबसे बड़ी वजह सुरक्षा, मौसम, तकनीकी चुनौतियां और कम व्यावसायिक लाभ हैं। यही कारण है कि दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में इस बर्फीले महाद्वीप का आसमान आज भी काफी हद तक खाली दिखाई देता है।