Ujjain Destination Latest Travel

Ujjain Travel: 1 दिन में महाकाल दर्शन और घूमने की जगहें

  • 0 Comments

अगर आपके मन में काफी समय से बाबा महाकाल के दर्शन करने की इच्छा है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि Ujjain जाकर एक दिन में क्या-क्या देखा जा सकता है, कहां रुकना सही रहेगा और दर्शन की तैयारी कैसे करनी है, तो यह गाइड आपके काम की है। Ujjain सिर्फ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की वजह से ही खास नहीं है। क्षिप्रा नदी के किनारे बसा यह शहर मंदिरों, घाटों, पुराने बाजारों, मालवा के खाने और अपनी अलग धार्मिक संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। यहां सुबह महाकाल मंदिर की आरती से शुरू हुआ दिन शाम को रामघाट की आरती तक पहुंचते-पहुंचते बिल्कुल अलग अनुभव देता है। अगर आपके पास सिर्फ एक दिन है, तो थोड़ी प्लानिंग करके Ujjain में महाकाल दर्शन के साथ महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, काल भैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम और रामघाट जैसे प्रमुख स्थान देखे जा सकते हैं। बस ध्यान इतना रखना है कि दर्शन और घूमने का समय पहले से तय हो, क्योंकि खास दिनों और त्योहारों में यहां काफी भीड़ हो सकती है। बाबा महाकाल के दर्शन से पहले इन बातों को समझ लें Ujjain आने का सबसे बड़ा कारण ज्यादातर लोगों के लिए महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन ही होते हैं। इसलिए यात्रा की शुरुआत मंदिर की व्यवस्था समझने से करना सबसे सही रहेगा। महाकाल मंदिर में सामान्य दर्शन के अलावा अलग-अलग प्रकार के दर्शन और आरती के लिए व्यवस्थाएं होती हैं। भस्म आरती के लिए अलग बुकिंग और नियम होते हैं, जबकि गर्भगृह में जाकर जलाभिषेक करने के लिए भी अलग व्यवस्था रहती है। आप जिस तरह का दर्शन करना चाहते हैं, उसी हिसाब से पहले से बुकिंग की जानकारी देखना जरूरी है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध व्यवस्था और उस समय लागू नियमों को जरूर जांच लें, क्योंकि शुल्क, समय और प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है। खासकर भस्म आरती के लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है। भस्म आरती करनी है तो रात से ही तैयारी रखें अगर आपकी Ujjain यात्रा का सबसे खास हिस्सा भस्म आरती है, तो इसे आम दर्शन की तरह आखिरी समय पर प्लान न करें। भस्म आरती सुबह बहुत जल्दी होती है और इसमें प्रवेश के लिए पहले से पंजीकरण या बुकिंग की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध तारीख और नियम जरूर देख लें। भस्म आरती में ड्रेस कोड का भी ध्यान रखना पड़ता है। पुरुषों के लिए बिना सिली हुई सूती धोती और अंगवस्त्रम की व्यवस्था जरूरी हो सकती है, जबकि महिलाओं के लिए साड़ी या दुपट्टे वाला पूरा सलवार-सूट उपयुक्त रहता है। गर्भगृह या जलाभिषेक से जुड़ी व्यवस्था के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ सोशल मीडिया पर मिली जानकारी पर निर्भर न रहें। यात्रा से पहले मंदिर की आधिकारिक सूचना को ही अंतिम मानें। मंदिर जाने से पहले क्या सामान रखें और क्या छोड़ दें Ujjain में मंदिर दर्शन के दौरान कम सामान लेकर चलना काफी सुविधाजनक रहता है। मोबाइल, बैग, कैमरा और दूसरे सामान को लेकर मंदिर की अपनी पाबंदियां हो सकती हैं। चमड़े से बनी चीजों को लेकर भी कई जगह नियम लागू होते हैं, इसलिए बेल्ट, चमड़े का पर्स या दूसरे सामान के साथ मंदिर परिसर जाने से पहले वहां की वर्तमान व्यवस्था जरूर देख लें। सबसे अच्छा तरीका है कि होटल से निकलते समय सिर्फ जरूरी सामान रखें। अगर मंदिर के बाहर आधिकारिक लॉकर की सुविधा उपलब्ध हो, तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट को अपना सामान या बुकिंग संबंधी जानकारी न दें। महाकाल लोक: दर्शन के बाद यहां जरूर समय दें Ujjain में महाकाल मंदिर के दर्शन के बाद महाकाल लोक घूमना अपने आप में एक अलग अनुभव है। मंदिर के आसपास विकसित किया गया यह क्षेत्र भगवान शिव से जुड़ी कथाओं और मूर्तियों के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारी देता है। यहां पैदल चलते हुए कई बड़ी मूर्तियां, भित्तिचित्र और अलग-अलग द्वार देखने को मिलते हैं। महाकाल लोक को सिर्फ जल्दी से देखकर आगे बढ़ने के बजाय थोड़ा समय देकर देखना बेहतर रहेगा। सुबह दर्शन के बाद यहां भीड़ अपेक्षाकृत कम मिले तो आराम से घूम सकते हैं। अगर आपके पास शाम तक समय है, तो वहां होने वाले कार्यक्रम या प्रकाश व्यवस्था की जानकारी भी उसी दिन देख सकते हैं, क्योंकि समय और संचालन में बदलाव संभव है। Ujjain में कहां रुकें? मंदिर के पास रहना क्यों फायदेमंद है अगर आप एक दिन या एक रात के लिए Ujjain जा रहे हैं, तो रहने के लिए ऐसी जगह चुनना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा जहां से महाकाल मंदिर और बाकी प्रमुख जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। हरसिद्धि चौराहा, महाकाल क्षेत्र और रामघाट के आसपास रहने से काफी समय बच सकता है। यहां आपको धर्मशाला, भक्त निवास, बजट होटल और डॉर्मेट्री जैसे कई विकल्प मिल जाते हैं। मंदिर समिति या ट्रस्ट से जुड़े ठहरने के विकल्प बजट यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि कमरे का किराया, उपलब्धता और बुकिंग का तरीका बदल सकता है, इसलिए जाने से पहले सीधे संबंधित संस्था से जानकारी लेना बेहतर है। बजट में ठहरना है तो धर्मशाला भी अच्छा विकल्प है Ujjain में अगर आपका पूरा फोकस दर्शन और घूमने पर है और होटल में ज्यादा समय नहीं बिताना है, तो धर्मशाला या भक्त निवास बजट बचाने का अच्छा तरीका हो सकता है। महाकाल क्षेत्र के आसपास कई जगहें ऐसी हैं जहां परिवार के साथ ठहरने के लिए कमरे मिल जाते हैं, जबकि अकेले यात्रियों के लिए डॉर्मेट्री भी उपयोगी रहती है। पं. सूर्यनारायण व्यास अतिथि निवास, राम मंदिर ट्रस्ट पाटीदार धर्मशाला, गुजराती धर्मशाला और श्री एकलिंगनाथ जी अतिथि गृह जैसे विकल्पों की जानकारी यात्रा से पहले ली जा सकती है। पुराने बताए गए रेट पर निर्भर रहने के बजाय बुकिंग के समय का किराया जरूर पूछें, क्योंकि त्योहार, भीड़ और उपलब्धता के हिसाब से कीमत बदल सकती है। सिर्फ एक दिन है तो Ujjain ऐसे घूम सकते हैं अगर आपके पास Ujjain के लिए सिर्फ एक दिन है, तो सबसे जरूरी बात है कि शहर में इधर-उधर घूमने के बजाय एक तय रूट बनाया जाए। अगर भस्म आरती करनी है तो दिन की शुरुआत महाकाल मंदिर से होगी। उसके बाद महाकाल लोक, बड़े