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Daryaganj Sunday Book Market: दिल्ली में किताब प्रेमियों की पसंदीदा जगह

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दिल्ली की पहचान सिर्फ ऐतिहासिक इमारतों, स्ट्रीट फूड और पुराने बाजारों तक सीमित नहीं है। यह शहर किताबों के प्रेमियों के लिए भी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। अगर आपको किताबें पढ़ने का शौक है, पुराने उपन्यासों की खुशबू पसंद है या आप कम बजट में बेहतरीन किताबें खरीदना चाहते हैं, तो Daryaganj संडे बुक मार्केट आपके लिए एक ऐसी जगह है जिसे आपको कम से कम एक बार जरूर देखना चाहिए। यह बाजार सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे भारत के सबसे बड़े और सबसे सस्ते किताबों के बाजारों में गिना जाता है। यहाँ स्कूल और कॉलेज की किताबों से लेकर दुर्लभ साहित्य, प्रतियोगी परीक्षाओं की गाइड, विदेशी उपन्यास, बच्चों की कॉमिक्स और पुरानी मैगज़ीन तक सब कुछ मिल जाता है। यही वजह है कि हर रविवार हजारों लोग सिर्फ किताबों की तलाश में यहाँ पहुँचते हैं। Daryaganj संडे बुक मार्केट का इतिहास: 60 सालों का सफर Daryaganj बुक मार्केट का इतिहास करीब छह दशक पुराना है। इसकी शुरुआत साल 1964 में हुई थी, जब कुछ किताब विक्रेताओं ने जामा मस्जिद के पीछे और कस्तूरबा गांधी अस्पताल के आसपास सड़क किनारे किताबें बेचनी शुरू की थीं। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह छोटा सा बाजार एक दिन भारत का सबसे प्रसिद्ध बुक मार्केट बन जाएगा।   धीरे-धीरे यह बाजार फैलता गया और लोहे के पुल से लेकर गोलचा सिनेमा और डिलाइट सिनेमा तक इसकी पहचान बन गई। रविवार की सुबह यहाँ किताबों के ढेर लग जाते थे और पाठकों की भीड़ उमड़ पड़ती थी। यह एक ऐसा बाजार था जो बिना किसी औपचारिक योजना के अपने आप विकसित हुआ और दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन गया। हालांकि बढ़ते ट्रैफिक और भीड़ को देखते हुए 2019 में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद इस बाजार को उसके पुराने स्थान से हटाकर महिला हाट में शिफ्ट कर दिया गया। आज यह बाजार नई जगह पर पहले से अधिक व्यवस्थित रूप में संचालित होता है। नया पता और लोकेशन: अब यह बाजार कहाँ लगता है? आज यह मशहूर संडे बुक मार्केट महिला हाट ग्राउंड में आयोजित होता है। इसका नया पता है — महिला हाट, आसफ अली रोड, ब्रॉडवे होटल के सामने, तुर्कमान गेट के पास, नई दिल्ली। पुराने समय में सड़क किनारे लगने वाले इस बाजार में ट्रैफिक और भीड़ काफी ज्यादा होती थी, लेकिन महिला हाट में शिफ्ट होने के बाद यहाँ घूमना पहले से काफी आसान हो गया है। खुला मैदान होने की वजह से दुकानों को व्यवस्थित तरीके से लगाया जाता है और किताबों को आराम से देखा जा सकता है। टाइमिंग और जाने का सही समय (Timings & Best Time to Visit) यह बाजार सप्ताह में सिर्फ एक दिन, यानी रविवार को लगता है। सुबह लगभग 9 बजे से शाम 6 बजे तक यहाँ खरीदारी की जा सकती है। अगर आप दुर्लभ या अच्छी हालत वाली किताबें खरीदना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी पहुँचना सबसे अच्छा रहता है। सुबह के समय दुकानदार नई किताबें सजाते हैं और भीड़ भी कम होती है। दोपहर के बाद यहाँ इतनी भीड़ हो जाती है कि कई बार किताबें देखने के लिए भी जगह कम पड़ जाती है। गर्मियों के मौसम में सुबह का समय और भी बेहतर माना जाता है क्योंकि दोपहर में धूप और गर्मी दोनों बढ़ जाती हैं। मेट्रो से महिला हाट कैसे पहुँचें? (Nearest Metro Station) दिल्ली मेट्रो से यहाँ पहुँचना बेहद आसान है। महिला हाट के सबसे नजदीक दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन है, जो वॉयलेट लाइन पर स्थित है। अगर आप दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 से बाहर निकलते हैं, तो महिला हाट लगभग 300 से 400 मीटर की दूरी पर है। पाँच मिनट पैदल चलकर आसानी से बाजार तक पहुँचा जा सकता है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग अपनी गाड़ी लाने की बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। इस मार्केट में क्या-क्या मिलता है? (Variety of Books) Daryaganj बुक मार्केट की सबसे बड़ी खासियत इसकी विविधता है। यहाँ लगभग हर विषय की किताबें मिल जाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं है। UPSC, SSC, Banking, CAT, JEE, NEET और अन्य परीक्षाओं की किताबें यहाँ काफी कम कीमत पर मिल जाती हैं। कई बार नई किताबें भी बाजार कीमत से 40 से 50 प्रतिशत तक सस्ती मिल जाती हैं। अगर आपको उपन्यास पढ़ने का शौक है, तो यहाँ हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के हजारों उपन्यास उपलब्ध रहते हैं। मुराकामी, काफ्का, खालिद होसैनी, चेतन भगत और जे.के. रोलिंग जैसे लेखकों की किताबें अक्सर यहाँ दिखाई देती हैं। भारतीय साहित्य के प्रेमियों के लिए प्रेमचंद, मंटो, इस्मत चुगताई, हरिशंकर परसाई और कई प्रसिद्ध लेखकों की किताबें भी आसानी से मिल जाती हैं। उर्दू साहित्य और पुरानी पत्रिकाओं के संग्रहकर्ता भी यहाँ अक्सर आते हैं। बच्चों के लिए चाचा चौधरी, नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव जैसी कॉमिक्स, रंग भरने वाली किताबें और डिक्शनरी बेहद कम दामों पर मिल जाती हैं। इसके अलावा कई बार यहाँ ऐसी दुर्लभ किताबें भी मिल जाती हैं जो सामान्य बुकस्टोर पर ढूंढना मुश्किल होता है। कीमतें: किलो के भाव में किताबें Daryaganj की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहाँ किताबें कई बार किलो के हिसाब से भी बिकती हैं। कुछ स्टॉल्स पर किताबें मात्र 10 या 20 रुपये से शुरू हो जाती हैं। सामान्य उपन्यास 50 से 200 रुपये के बीच आसानी से मिल जाते हैं। वहीं कई दुकानदार किताबों के ढेर को 100 से 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचते हैं। यही कारण है कि छात्र और पुस्तक प्रेमी यहाँ बड़ी संख्या में आते हैं, क्योंकि कम बजट में वे ढेर सारी किताबें खरीद सकते हैं। स्टेशनरी का थोक बाजार (Wholesale Stationery) Daryaganj सिर्फ किताबों का बाजार नहीं है। आसपास के इलाके में स्टेशनरी का भी बड़ा कारोबार होता है। यहाँ रजिस्टर, नोटबुक, डायरी, फाइलें, स्केच पेन, पेंटिंग ब्रश और स्कूल-कॉलेज का लगभग हर सामान थोक दरों पर मिल जाता है। कई दुकानें नोटबुक और रजिस्टर किलो के हिसाब से बेचती हैं, जिससे छात्रों और छोटे व्यापारियों को काफी फायदा होता है। स्कूल बैग, ट्रैवल बैग और ऑफिस स्टेशनरी भी यहाँ बाजार की तुलना

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Daryaganj Book Market: दरियागंज – बुक लवर्स का बरसों पुराना ठिकाना कहते हैं किताबों की दुनिया में एक ऐसी कशिश होती है जो आँखों से होते हुए लबों की मुंडेर पार कर हमारी रगों में बहने लगती है और धीरे–धीरे हमारा मिज़ाज उसके अक्स का गवाह बन जाता है। किताब और पाठक का रिश्ता दुनिया के सबसे अटूट रिश्तों में से एक है। जिसे और मजबूत बनाती है देश के सबसे बड़ी पुस्तक मार्किट में से एक दरियागंज बुक मार्किट(Dariya ganj Book Market)। दिल्ली में स्थित दरियागंज मार्किट के बारे में तो आपने सुना ही होगा, जो देश विदेश के फेमस पब्लिशर्स का जाना पहचाना ठिकाना है। लेकिन क्या आपको पता है कि दरियागंज मार्किट में अलग-अलग विषयों पर आधारित किताबें भी मिलती है? जी हाँ, वही सारी किताबें जिनके बारे में हम सुनते और पढ़ते हैं। चाहे फिर वो किताब भारत के किसी भी कोने से प्रकाशित क्यों न हो। पुरानी दिल्ली का प्रसिद्ध इलाका दरियागंज विभिन्न कारणों से फेमस है जिसमें से एक बड़ा कारण वहां किताबों का भंडार होना भी है, जो पाठकों और बुक लवर्स के लिए एक अलग ही दुनिया का आभास कराता है। Daryaganj Book Market दरियागंज बुक मार्किट हाल-फ़िलहाल दरियागंज बुक मार्किट खूब चर्चा में रही, कारण था पिछले 50 वर्ष से भी अधिक समय से लगते आ रहे फेमस संडे बुक बाजार का हटना। संडे बुक बाजार का पूरे उत्तर भारत में नाम है। खासियत ये कि यहां पुस्तकें काफी कम दाम पर मिलती हैं। इसमें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय लेखकों के साहित्य से लेकर विज्ञान, धर्म, संगीत व पाक कला की पुस्तकें मिल जाती हैं। इसी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं तथा पाठ्यक्रमों की पुस्तकें भी सस्ती दर पर उपलब्ध होती हैं। लेकिन देखा जाए तो दरियागंज में किताबें केवल संडे को ही नहीं मिलती, बल्कि देश विदेश से किताबों का मार्किट में आना और पाठकों का इन किताबों को ले जाना पूरे सप्ताह भर लगा रहता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें दरियागंज की संडे बुक मार्किट अब चांदनी चौक में ब्रॉडवे होटल के सामने महिला हाट मैदान में लगती है। कोरोना के कारण फ़िलहाल यहाँ नियम थोड़े सख्त हैं। लेकिन सप्ताह के बाकी 6 दिन दरियागंज में ही किताबें मिलती हैं। वैसे दिल्ली गेट से थोड़ी ही दूरी पर दरियागंज शुरू हो जाता है। दुकानों के बाहर तक लगी पुस्तकें बुक लवर्स को खूब भाती हैं। जो पुस्तकें कहीं और नहीं मिलेगी वह यहां मिल जाएंगी। यहाँ लगभग पांच सौ बुक सेलर्स हैं। चाहे साहित्य प्रेमी हों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थी हों या फिर स्कूल-कालेजों में पढ़ने वाले छात्र यहाँ सभी बुक्स खरीदने आते हैं। जैसे आप यहाँ की किसी दुकान में घुसते हैं, पुस्तकों के आकर्षित कवर लुभाने लगते हैं। जैसे-जैसे आप अपने मतलब की किताबें ढूंढोगे यहाँ मौजूद हर रेक में कुछ अलग और बढ़िया मिलेगा। आप यकीन नहीं करेंगे यहाँ चार किताबों की क्या कीमत होगी? सिर्फ 200 रुपए। हाँ, सही पढ़ा सिर्फ 200 रुपए। प्रेमचंद, सूरदास, और महादेवी वर्मा से लेकर एलन मस्क, चार्ल्स डिकीन तक सब कुछ जब हम किसी दुकान पर पुस्तकें लेने जाते हैं, तब सबसे बड़ी परेशानी ये आती है कि हमें सारी पुस्तकें एक जगह नहीं मिलती। किताबों के लिए कितने मोहल्ले नापने पड़ते हैं। लेकिन दरियागंज की ये बुक शॉप्स आपको कहीं और नहीं जाने देंगी। सारा किताबी संसार दरियागंज की पुस्तकों की दुकानों में समाया हुआ लगता है, चाहे फिर आपको कुछ भी पढ़ना हो। आप इतिहास, समाजशास्त्र, रचनात्मक, पत्रकारिता विषय से संबंधित कुछ भी पढ़ना चाहें वो सब कुछ यहाँ मिलेगा। प्रेमचंद, सूरदास, और महादेवी वर्मा से लेकर एलन मस्क, चार्ल्स डिकीन तक सब कुछ।  200 रुपए की एक किलो किताबें आपकी जहाँ तक नज़र जाएगी आपको दुकानों के बाहर लगे रंग-बिरंगे बोर्ड दिखाई देंगे, जिन पर लिखा होगा 20 रुपए , 50 या ज्यादा से ज्यादा 100 रुपए। फिर फर्क नहीं पड़ता आप कितनी मोटी और किस लेखक की पुस्तक खरीदें। कई बार यहाँ आने वाले नए नवेले बुक लवर्स असमंजस में पड़ जाते हैं कि हजारों किताबों में से क्या खरीदा जाए और क्या छोड़ा जाए। और हाँ , सस्ती किताबों के अलावा दरियागंज में आपको किलो के भाव से भी किताबें मिल जाएँगी। 200 रुपए की एक किलो किताबें। निर्भर करता है की आपकी पसंद की किताब आपको कितना ढूंढने पर मिलती है। लेकिन फिर भी जो किताबें पढ़ने के लिए अपना बेस बनाना चाहते हैं खासकर नॉवेल पढ़ कर, उनके लिए तो यह जगह जन्नत है। किताबों के अलावा यहाँ आपको स्टेशनरी में भी बहुत साड़ी वैरायटी मिल जाएँगी। चाहे मोटे-मोटे रजिस्टर हों या डायरी जिनकी आमतौर पर कीमत 150 रुपए से भी ज्यादा होती है लेकिन दरियागंज पुस्तक मार्किट में वही आपको 50-70 रुपए में मिल जाएगा। चाहे आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो या आपको साहित्य पढ़ना अच्छा लगता हो, दरियागंज पुस्तक मार्किट में आपको न केवल पुस्तकें बल्कि पढ़ने-लिखने से जुड़ी हर सामग्री मिलेगी, चाहे फिर वो पेन-पेंसिल हो, स्टडी टेबल या परीक्षा का बोर्ड। (Dariya ganj Book Market)। गुलाब के सूखे फूल अब किताबों में नहीं मिलते क्योंकि आज शायद तेजी से भागते वक़्त के साथ किताब पढ़ने वालों का अंदाज़ बदल गया है, उनकी दुनिया बदल गई है। भले ही नए ज़माने की नई तकनीकों के कारण लोग किताबों को अब ऊपर की दराज़ में रखने लगे हैं लेकिन उन्हें पढ़ने वालों की चाहत और मोहब्बत आज भी कम नहीं हुई है। शायद इसलिए दरियागंज में आज भी हज़ारों बुक लवर्स किताबें खरीदने के लिए जाते हैं।  Daryaganj Book Market Delhi क्यों जाएँ दरियागंज बुक हब ? Five Reasons to visit this place- 1.यहाँ लगभग पांच सौ बुक सेलर्स हैं। चाहे साहित्य प्रेमी हों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थी हों या फिर स्कूल-कालेजों में पढ़ने वाले छात्र यह जगह सभी के लिए माकूल है। 2.यह देश विदेश के फेमस पब्लिशर्स का जाना पहचाना ठिकाना है। 3.किताबों के अलावा यहाँ आपको स्टेशनरी में भी बहुत साड़ी वैरायटी मिल जाएँगी। 4.जो किताबें पढ़ने के लिए अपना बेस बनाना चाहते हैं खासकर नॉवेल पढ़ कर, उनके लिए तो यह जगह जन्नत है। 5.आप इतिहास, समाजशास्त्र, रचनात्मक, पत्रकारिता विषय से संबंधित कुछ भी पढ़ना चाहें वो सब