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Kuldhara Village जाने से पहले जानें ये जरूरी बातें

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राजस्थान का जैसलमेर केवल किले, रेगिस्तान और रेत के टीलों के लिए ही मशहूर नहीं है। इस इलाके में ऐसी कई पुरानी जगहें भी हैं, जिनके पीछे आज तक कई सवाल छिपे हुए हैं। इन्हीं में से एक है Kuldhara Village। जैसलमेर से करीब 18 से 20 किलोमीटर दूर मौजूद यह पुरानी बस्ती आज सुनसान दिखाई देती है। यहां पुराने पीले पत्थरों से बने मकानों के खंडहर, खाली गलियां और टूटे हुए दरवाजे नजर आते हैं। आज Kuldhara Village को देश की चर्चित रहस्यमयी जगहों में गिना जाता है। इसकी वजह इससे जुड़ी वह कहानी है, जिसके मुताबिक करीब 200 साल पहले यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मण अचानक इस जगह को छोड़कर चले गए। सिर्फ यही गांव नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों से भी लोगों के चले जाने की बात कही जाती है। इसी वजह से आज तक यह सवाल पूछा जाता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था कि एक पूरी बस्ती कुछ ही समय में वीरान हो गई? स्थानीय लोगों के बीच सबसे मशहूर कहानी यह है कि उस समय जैसलमेर रियासत के दीवान सालम सिंह की नजर गांव के मुखिया की बेटी पर थी। कहा जाता है कि वह उससे शादी करना चाहता था। जब गांव वालों ने उसकी बात मानने से इनकार किया, तो कथित तौर पर उन्हें धमकी दी गई। इसके बाद पालीवाल समुदाय ने गांव छोड़ने का फैसला किया। कहानी में यह भी कहा जाता है कि जाते समय लोगों ने इस जमीन को श्राप दिया था कि यहां दोबारा कोई आबादी नहीं बस पाएगी। यही कहानी धीरे-धीरे Kuldhara Village की पहचान बन गई और आज इसे कई लोग शापित गांव या Ghost Village के नाम से जानते हैं। लेकिन एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है। श्राप और एक रात में गांव खाली होने वाली कहानी लोककथा का हिस्सा है। इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के बीच इसके अलग-अलग कारण बताए जाते हैं। इसलिए Kuldhara Village को केवल भूतों की कहानी के रूप में देखना सही नहीं होगा। इसके पीछे उस समय की सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण से जुड़ी परिस्थितियां भी हो सकती हैं। 13वीं शताब्दी में शुरू हुई थी कहानी Kuldhara Village का इतिहास करीब 13वीं शताब्दी तक जाता है। माना जाता है कि पालीवाल ब्राह्मणों ने यहां आकर अपना बसेरा बनाया था। रेगिस्तान के बीच किसी गांव को बसाना आसान नहीं था। पानी की कमी, गर्म मौसम और खेती के लिए सीमित जमीन यहां की सबसे बड़ी चुनौतियां थीं। इसके बावजूद पालीवाल समुदाय ने इस इलाके में खेती और जीवन को चलाने के लिए अपनी अलग व्यवस्था तैयार की। उन्होंने बारिश के पानी को जमा करने और जमीन में नमी बनाए रखने के लिए पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया। रेगिस्तान में पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझने वाले इन लोगों ने कुंड, तालाब और खड़ीन जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया। बारिश के दौरान पानी को रोककर उसे खेती के काम में लाया जाता था। इसी वजह से इस इलाके में खेती संभव हो पाती थी। आज जब आप Kuldhara Village के खंडहर देखते हैं, तो शायद पहली नजर में यह समझना मुश्किल हो कि यहां कभी एक व्यवस्थित और समृद्ध बस्ती रही होगी। लेकिन पुराने मकानों की बनावट, गलियों और पानी की व्यवस्था के अवशेष बताते हैं कि यहां रहने वाले लोग अपने समय के हिसाब से काफी समझदारी से जीवन जीते थे। रेगिस्तान में खेती करना आसान नहीं था जैसलमेर का इलाका आज भी अपने सूखे मौसम और रेगिस्तानी जमीन के लिए जाना जाता है। ऐसे में कई सौ साल पहले यहां खेती करना और बड़ी आबादी को बसाए रखना कितना मुश्किल रहा होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पालीवाल लोगों ने मौसम को समझकर खेती के तरीके विकसित किए। बारिश के पानी को बह जाने देने की बजाय उसे जमीन तक पहुंचाने की कोशिश की जाती थी। इससे कम बारिश वाले इलाके में भी फसल उगाने का रास्ता बनता था। Kuldhara Village की यही बात इसे केवल रहस्यमयी जगह नहीं, बल्कि इतिहास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बनाती है। यहां के पुराने अवशेष बताते हैं कि रेगिस्तान में रहने वाले लोगों ने अपनी जरूरतों के अनुसार प्रकृति के साथ तालमेल बैठाकर जीवन बनाया था। आज हम पानी की कमी को पाइपलाइन, टैंकर और आधुनिक तकनीक से संभाल सकते हैं, लेकिन उस समय लोगों के पास स्थानीय जल स्रोतों के अलावा बहुत कम विकल्प थे। इसलिए पानी की व्यवस्था किसी भी गांव की जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा होती थी। पालीवाल ब्राह्मणों की पहचान क्या थी? पालीवाल ब्राह्मणों का नाम राजस्थान के इतिहास में खेती, व्यापार और जल प्रबंधन से भी जुड़ा रहा है। उन्हें केवल धार्मिक समुदाय के रूप में देखना इस पूरी कहानी को समझने के लिए काफी नहीं होगा। Kuldhara Village में उनकी बसावट से पता चलता है कि उन्होंने इस कठिन इलाके को रहने लायक बनाने में काफी मेहनत की थी। गांव में घरों की योजना, रास्तों की बनावट और पानी से जुड़ी व्यवस्थाएं उनकी समझ को दिखाती हैं। रेगिस्तान में किसी जगह को लंबे समय तक आबाद रखने के लिए केवल घर बना देना काफी नहीं होता। वहां पानी, खेती, पशुओं और रोजमर्रा की जरूरतों की पूरी व्यवस्था करनी पड़ती है। इसी वजह से Kuldhara Village के खंडहरों को देखने पर साफ नजर आता है कि यह कभी कोई छोटी या बेतरतीब बस्ती नहीं थी। यहां एक पूरा समाज रहता था और उसने अपनी जरूरतों के अनुसार जीवन की व्यवस्था तैयार की थी।  फिर आखिर गांव खाली क्यों हुआ? यही सवाल Kuldhara Village को इतना रहस्यमयी बनाता है। गांव के खाली होने को लेकर सबसे लोकप्रिय कहानी जैसलमेर के तत्कालीन दीवान सालम सिंह से जुड़ी है। कहा जाता है कि उसकी नजर गांव के मुखिया की बेटी पर थी और वह उससे शादी करना चाहता था। जब पालीवाल लोगों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया, तो कथित तौर पर दीवान की तरफ से दबाव बनाया गया। कहानी के मुताबिक गांव वालों को धमकी दी गई कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद गांव के लोगों ने बैठक की और फैसला किया कि वे अपनी बेटी और अपने समुदाय के सम्मान से समझौता

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Rajasthan की 7 सबसे Photogenic Street जहाँ हर Click बन जाता है Masterpiece

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Rajasthan का नाम आते ही सबसे पहले Fort, Palace और Desert याद आते हैं, लेकिन इस Royal State की खूबसूरती सिर्फ़ वहीं तक सीमित नहीं है। यहां की कई street ऐसी हैं जो अपने रंग, Heritage, Architecture और Local Culture की वजह से हर Traveller का दिल जीत लेती हैं। कहीं Blue City की नीली गलियां हैं, कहीं Pink City की Royal street, तो कहीं झील के किनारे बसी शांत गलियां। अगर आप Photography के शौकीन हैं या Instagram के लिए शानदार Pictures क्लिक करना चाहते हैं, तो Rajasthan की ये 7 Photogenic Street आपकी Bucket List में ज़रूर होनी चाहिए.। 1. Clock Tower Street, Jodhpur Jodhpur की Clock Tower Street Blue City की सबसे मशहूर street में से एक है। पुराने Clock Tower के आसपास बसी यह street Heritage, Local Culture और रंग-बिरंगे Market का शानदार मेल है। यहां की पुरानी इमारतें, Traditional Shops और हर वक्त रहने वाली रौनक इसे Photography Lovers और Travellers की Favourite Destination बनाती हैं। अगर आप Rajasthan की असली Lifestyle को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो यह जगह ज़रूर Explore करें। क्या खास है? ऐतिहासिक Clock Tower और Heritage Architecture। Sardar Market की रंग-बिरंगी दुकानें और Local Handicrafts। Street Photography, Shopping और Local Food का शानदार Experience। यहां क्या देखें? Clock Tower Sardar Market Traditional Handicraft Shops Local Spice Market और Famous Food Stalls घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह 8 से 10 बजे या शाम 5 बजे के बाद यहां का माहौल सबसे खूबसूरत लगता है। Golden Hour में Photos भी काफी शानदार आती हैं। कैसे पहुंचे? Jodhpur Railway Station से यह street लगभग 2 किलोमीटर दूर है। Auto, Cab और E-Rickshaw आसानी से मिल जाते हैं। 2. Navchowkiya Street, Jodhpur अगर आपने Blue City की Viral Photos देखी हैं, तो उनमें से ज़्यादातर Navchowkiya Street की ही होती हैं। पूरी street नीले रंग के घरों, खूबसूरत दरवाज़ों और शांत माहौल से घिरी हुई है। यहां हर मोड़ पर ऐसा Frame मिलता है जिसे देखकर Camera अपने आप बाहर आ जाता है। यह जगह उन लोगों के लिए बिल्कुल Perfect है जो भीड़ से दूर Heritage Photography का मज़ा लेना चाहते हैं। क्या खास है? Blue Houses की अनोखी खूबसूरती। Heritage Doors और पुरानी Architecture। Instagram Worthy Photography Spots। यहां क्या देखें? Blue Houses Traditional Doorways Local Art Mehrangarh Fort का नज़दीकी View घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह जल्दी या शाम के समय यहां की Lighting सबसे बेहतर रहती है। कैसे पहुंचे? Mehrangarh Fort से पैदल कुछ ही मिनटों में यहां पहुंचा जा सकता है। 3. Purohit Ji Ka Katla Street, Jaipur Jaipur की Pink City के बीचों-बीच स्थित Purohit Ji Ka Katla Street Heritage और Shopping का शानदार Combination है। यहां की गुलाबी इमारतें, पुरानी हवेलियां और Traditional Jewellery Shops हर Visitor को अपनी तरफ खींच लेती हैं। अगर आपको Architecture और Local Markets पसंद हैं, तो यह street आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगी। क्या खास है? Pink City का असली Heritage Look। Traditional Jewellery और Local Shopping। Heritage Photography के शानदार Spots। यहां क्या देखें? Pink Buildings Jewellery Shops Local Handicrafts Traditional Market घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह और शाम दोनों समय घूमने के लिए बेहतरीन हैं। कैसे पहुंचे? Hawa Mahal से यह street कुछ ही मिनट की दूरी पर स्थित है। 4. Hawa Mahal Street, Jaipur Hawa Mahal के सामने वाली street Jaipur की सबसे Famous Photography Locations में शामिल है। यहां से Hawa Mahal का Front View बेहद शानदार दिखाई देता है। सुबह के समय जब सूरज की रोशनी Palace पर पड़ती है, तब यहां का नज़ारा किसी Postcard जैसा लगता है। आसपास मौजूद Cafes और Local Shops भी इस जगह की रौनक बढ़ा देते हैं। क्या खास है? Hawa Mahal का शानदार View। Pink City की Royal Vibe। Rooftop Cafes और Local Shopping। यहां क्या देखें? Hawa Mahal Local Bazaar Souvenir Shops Rooftop Viewpoints घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह 7 से 9 बजे के बीच Photography के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। कैसे पहुंचे? Jaipur Railway Station से लगभग 5 किलोमीटर दूर है। Cab और Auto आसानी से मिल जाते हैं। 5. Patwon Ki Haveli Street, Jaisalmer Jaisalmer की Patwon Ki Haveli Street Golden City की सबसे खूबसूरत Heritage street में से एक है। पीले पत्थरों से बनी हवेलियां, संकरी गलियां और बारीक नक्काशी इस जगह को बेहद खास बनाती हैं। यहां घूमते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे आप Rajasthan के पुराने दौर में पहुंच गए हों। क्या खास है? Golden Sandstone Architecture। शानदार Heritage Havelis। Historic Street Photography। यहां क्या देखें? Patwon Ki Haveli Traditional Craft Shops Heritage Buildings Local Souvenir Stores घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह और Sunset से पहले यहां का मौसम और Lighting सबसे अच्छी रहती है। कैसे पहुंचे? Jaisalmer Fort से पैदल या Auto द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं। 6. Gangaur Ghat Street, Udaipur Lake Pichola के किनारे बनी Gangaur Ghat Street Udaipur की सबसे सुकूनभरी और Photogenic जगहों में गिनी जाती है। यहां White Buildings, झील का शांत पानी और शाम का Sunset मिलकर ऐसा नज़ारा बनाते हैं जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। Couples, Solo Travellers और Photography Lovers के लिए यह जगह किसी Dream Destination से कम नहीं। क्या खास है? Lake Pichola का शानदार View। White Heritage Buildings। Sunset Photography और Boat Views। यहां क्या देखें? Gangaur Ghat Lake Pichola Street Cafes City Palace का आसपास का इलाका घूमने का सबसे अच्छा समय शाम के समय Sunset के दौरान यहां का नज़ारा सबसे खूबसूरत होता है। कैसे पहुंचे? City Palace से Walking Distance पर स्थित है। 7. Chandpole Bazaar Street, Jaipur Jaipur की Chandpole Bazaar Street रंगों, कला और Traditional Shopping के लिए मशहूर है। यहां Blue Pottery, Handicrafts, Textile और Handmade Products की भरमार देखने को मिलती है। अगर आप Rajasthan की Local Culture को करीब से महसूस करना चाहते हैं और साथ ही शानदार Photos भी लेना चाहते हैं, तो यह street आपके लिए Perfect है। क्या खास है? Blue Pottery और Traditional Handicrafts। Heritage Market की रौनक। Local Shopping और Street Photography। यहां क्या देखें? Blue Pottery Shops Textile Market Handicraft Stores Traditional

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Rajasthan की 10 ऐसी जगहें जो हर Traveller की Bucket List में होनी चाहिए

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जब भी Royal Heritage, विशाल Forts, सुनहरे Desert, रंग-बिरंगी Culture और शानदार Hospitality की बात होती है, तो सबसे पहले Rajasthan का नाम ज़हन में आता है। ये State सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी दास्तानों, लाजवाब Architecture और दिलकश माहौल के लिए भी मशहूर है। यहां हर शहर की अपनी अलग पहचान है। कहीं झीलों का सुकून है, कहीं रेगिस्तान का रोमांच, तो कहीं ऐसे Palace हैं जिन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी Royal Movie के Set पर आ गए हों। अगर आप History Lover हैं, Adventure पसंद करते हैं, Photography का शौक रखते हैं या सिर्फ Family के साथ यादगार Vacation बिताना चाहते हैं, तो Rajasthan हर तरह के Traveller को निराश नहीं करता। आइए जानते हैं Rajasthan की 10 ऐसी शानदार जगहों के बारे में जिन्हें आपको अपनी Travel Bucket List में ज़रूर शामिल करना चाहिए। 1. Jaipur – The Pink City Royal Rajasthan का दिल Rajasthan की राजधानी Jaipur अपनी गुलाबी इमारतों, शानदार Forts और Royal Heritage के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यह शहर पुराने ज़माने की शान और आज की Modern Lifestyle का शानदार मेल है। UNESCO World Heritage City का दर्जा पाने वाला Jaipur हर Traveller को पहली नज़र में अपना दीवाना बना देता है। पूरा Old City गुलाबी रंग की इमारतों से सजा हुआ है। Heritage, Shopping और Street Food का शानदार Combination मिलता है। Photography और Culture Lovers के लिए Perfect Destination है। यहां क्या देखें? Amber Fort Hawa Mahal City Palace Jantar Mantar Nahargarh Fort Johari Bazaar घूमने का सबसे अच्छा समय October से March तक का मौसम सबसे बेहतरीन रहता है। Sunrise और Sunset दोनों समय शहर बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। कैसे पहुंचे? Jaipur International Airport, Railway Station और National Highway से आसानी से पहुंचा जा सकता है। 2. Udaipur – City of Lakes झीलों के बीच बसा Royal City अगर Rajasthan का सबसे Romantic शहर चुनना हो तो Udaipur का नाम सबसे पहले आएगा। यहां की खूबसूरत Lakes, Palace और Sunset Views हर किसी का दिल जीत लेते हैं। Destination Wedding के लिए भी यह शहर दुनिया भर में मशहूर है। इसे East का Venice भी कहा जाता है। यहां की शामें बेहद सुकूनभरी होती हैं। Boat Ride यहां का सबसे खास Experience है। यहां क्या देखें? City Palace Lake Pichola Jag Mandir Fateh Sagar Lake Sajjangarh Palace घूमने का सबसे अच्छा समय October से February तक का मौसम सबसे अच्छा रहता है। कैसे पहुंचे? Maharana Pratap Airport और Udaipur Railway Station शहर को अच्छी तरह जोड़ते हैं। 3. Jaisalmer – The Golden City Golden Desert का जादू Rajasthan का Jaisalmer अपनी Golden Sandstone Buildings और Thar Desert के लिए जाना जाता है। यहां Sunset के समय पूरा शहर सोने जैसा चमकता दिखाई देता है। Desert Safari यहां की सबसे लोकप्रिय Activity है। रात में Desert Camp का Experience यादगार रहता है। Folk Music और Cultural Program सफर को और खास बना देते हैं। यहां क्या देखें? Jaisalmer Fort Sam Sand Dunes Patwon Ki Haveli Gadisar Lake Desert Camp घूमने का सबसे अच्छा समय November से February सबसे बेहतर मौसम माना जाता है। कैसे पहुंचे? Jaisalmer Railway Station और Jodhpur Airport के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। 4. Jodhpur – The Blue City नीले घरों वाला शानदार शहर Jodhpur अपने Blue Houses और विशाल Mehrangarh Fort की वजह से दुनियाभर में मशहूर है। यहां की गलियां, पुराने बाजार और Heritage Buildings एक अलग ही एहसास कराते हैं। Blue City View बेहद Iconic है। History और Culture का शानदार मेल देखने को मिलता है। Street Photography के लिए Best Place है। यहां क्या देखें? Mehrangarh Fort Jaswant Thada Umaid Bhawan Palace Clock Tower Market घूमने का सबसे अच्छा समय October से March तक। कैसे पहुंचे? Jodhpur Airport और Railway Station दोनों उपलब्ध हैं। 5. Mount Abu – Rajasthan का Hill Station Desert State का Cool Surprise बहुत कम लोग जानते हैं कि Rajasthan का इकलौता Hill Station Mount Abu है। यहां की हरियाली, ठंडी हवा और शांत माहौल आपको रेगिस्तान से बिल्कुल अलग दुनिया में ले जाते हैं। Summer Vacation के लिए शानदार जगह। Couples और Families दोनों के लिए Perfect। Nature Lovers को यहां खूब मज़ा आता है। यहां क्या देखें? Nakki Lake Guru Shikhar Dilwara Temples Sunset Point घूमने का सबसे अच्छा समय March से June और September से February। कैसे पहुंचे? Abu Road Railway Station सबसे नज़दीक है। 6. Pushkar Spiritual Vibes और Peaceful माहौल Pushkar अपनी Holy Lake और Brahma Temple के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां Spirituality और Modern Cafe Culture दोनों साथ देखने को मिलते हैं। Pushkar Camel Fair दुनियाभर में प्रसिद्ध है। Foreign Travellers की Favourite Destination है। Sunset के समय Lake का नज़ारा बेहद दिलकश लगता है। यहां क्या देखें? Pushkar Lake Brahma Temple Savitri Temple Pushkar Market घूमने का सबसे अच्छा समय October से March। कैसे पहुंचे? Ajmer Railway Station से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। 7. Bikaner Culture और स्वाद का शानदार संगम Bikaner अपनी Heritage Buildings, Camel Festival और मशहूर Snacks के लिए जाना जाता है। यहां का Local Food हर Food Lover को पसंद आता है। Junagarh Fort यहां का मुख्य आकर्षण है। Camel Safari का अलग ही मज़ा है। Local Bazaar Shopping के लिए बेहतरीन हैं। यहां क्या देखें? Junagarh Fort Karni Mata Temple Lalgarh Palace National Camel Research Centre घूमने का सबसे अच्छा समय November से February। कैसे पहुंचे? Bikaner Railway Station और Airport उपलब्ध हैं। 8. Chittorgarh शौर्य और इतिहास की मिसाल Chittorgarh भारत के सबसे बड़े Fort Complex में से एक है। यहां की दीवारें वीरता, त्याग और सम्मान की अनगिनत कहानियां सुनाती हैं। Maharana Pratap और Rani Padmini से जुड़ा इतिहास। UNESCO World Heritage Site का हिस्सा। History Lovers के लिए Dream Destination। यहां क्या देखें? Chittorgarh Fort Vijay Stambh Kirti Stambh Padmini Palace घूमने का सबसे अच्छा समय October से March। कैसे पहुंचे? Railway Station और Road दोनों से अच्छी Connectivity है। 9. Ranthambore National Park Wildlife Adventure का असली मज़ा अगर आप Rajasthan में Wildlife Experience लेना चाहते हैं तो Ranthambore National Park ज़रूर जाएं। यहां Tiger

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Pushkar: मार्च के महीने में पुष्कर घूमने की ये हैं खास वजह

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राजस्थान की धरती पर बसा पुष्कर वैसे तो हर मौसम में अलग रंग दिखाता है, लेकिन मार्च आते ही यह शहर जैसे अपनी सबसे खूबसूरत परत खोल देता है। न धूप की तपिश परेशान करती है, न ठंड की सिहरन। हवा में हल्की गर्माहट, आसमान नीला, और घाटों पर उतरती सुनहरी रोशनी—सब कुछ मिलकर एक ऐसी यात्रा रचते हैं जो सिर्फ देखी नहीं, महसूस की जाती है। मार्च के महीने में पुष्कर यात्रा की योजना बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। मार्च में यहां का मौसम, स्थानीय बाजार, धार्मिक स्थल, डेजर्ट सफारी और सांस्कृतिक कार्यक्रम सभी मिलकर इस यात्रा को यादगार बनाते हैं। Pushkar 1. Pushkar-परफेक्ट वेदर, परफेक्ट वाइब्स सुबह-सुबह पुष्कर झील के घाटों पर खड़े होकर आप देखेंगे—सूरज जैसे पानी में अपना चेहरा निहार रहा हो। मंदिरों की घंटियाँ, मंत्रों की धीमी गूंज और उड़ते कबूतर… यह दृश्य मन को भीतर तक शांत कर देता है। मार्च की हल्की ठंडक इस अनुभव को और गहरा बना देती है। यह वही समय है जब फोटोग्राफर के कैमरे को सबसे सुंदर फ्रेम मिलते हैं—सॉफ्ट गोल्डन लाइट, साफ प्रतिबिंब और भावनाओं से भरे चेहरे। मार्च का महीना रेगिस्तान में सफारी का आनंद लेने के लिए भी बहुत अच्छा है। आप ऊंट की सवारी कर सकते हैं और राजस्थान के खूबसूरत डेजर्ट का अनुभव ले सकते हैं। 2.यहाँ मिलेगा आपको आध्यात्मिकता का स्पर्श दुनिया के विरले मंदिरों में गिने जाने वाले ब्रह्मा मंदिर के दर्शन मार्च में विशेष सुकून देते हैं। भीड़ नियंत्रित रहती है, वातावरण सहज होता है, और मन में एक अजीब-सी शांति उतरती है। यहाँ आकर लगता है जैसे समय थोड़ी देर ठहर गया हो।इस समय धार्मिक यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं। आप यहां आकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं और स्थानीय संस्कृति को करीब से जान सकते हैं। 3. पुष्कर -होली का ग्लोबल सेलिब्रेशन मार्च यानी होली का महीना। पुष्कर में होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि दुनियाभर के यात्रियों का संगम है। गलियों में गूंजते ढोल, विदेशी सैलानियों के साथ झूमते स्थानीय लोग, और हवा में उड़ते गुलाल—यह दृश्य किसी फिल्मी फ्रेम जैसा लगता है। यहाँ होली मनाते हुए आप महसूस करते हैं कि यात्रा सिर्फ स्थान बदलना नहीं, अनुभवों का विस्तार है। 4. Pushkar -पहाड़ी से दिखता स्वर्ग शाम ढलते ही कदम खुद-ब-खुद सावित्री मंदिर की ओर बढ़ जाते हैं। हल्की ट्रेकिंग के बाद जब ऊपर से पूरे शहर और झील का दृश्य दिखता है, तो लगता है जैसे कोई चित्रकार धरती पर रंग भर रहा हो। मार्च की हवा इस सफर को थकान नहीं, ताजगी देती है। मार्च में पुष्कर में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेले आयोजित होते हैं। यह स्थानीय संगीत और नृत्य का आनंद लेने का एक अच्छा अवसर है। 5. बाजार, कैफ़े और वो धीमी-सी जिंदगी- जिसे सब पसंद करते हैं पुष्कर की गलियाँ सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, कहानियों की पोटली हैं। चांदी के गहने, रंगीन कपड़े, हाथ से बनी कलाकृतियाँ—हर दुकान एक अलग दुनिया है। शाम को किसी रूफटॉप कैफ़े में बैठकर झील की ओर देखते हुए कॉफी की चुस्की लेना… यह पल आपकी यात्रा डायरी का सबसे शांत, सबसे सुंदर पन्ना बन सकता है। क्यों यादगार बन जाएगी यह ट्रिप? मार्च में राजस्थान की तेज़ गर्मी शुरू नहीं होती। हल्की धूप और ठंडी हवा के बीच घूमना आसान और आरामदायक रहता है। साइटसीइंग, फोटोग्राफी और वॉक के लिए यह बेस्ट समय है। क्योंकि मार्च का पुष्कर संतुलन सिखाता है—शांति और उत्सव का, आध्यात्मिकता और रोमांच का, रंग और रेत का। यहाँ आकर समझ आता है कि कुछ यात्राएँ सिर्फ देखी नहीं जातीं… वे भीतर उतर जाती हैं।

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पक्षियों की हजारों से अधिक प्रजातियां का निवास स्थल है केवलादेव पक्षी विहार

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केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo National Park) भारत के वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की सूची में शामिल, एक प्रसिद्ध बर्ड अभयारण्य है। इस नेशनल पार्क की प्रसिद्धि का कारण है सर्दियों के दौरान यहाँ आने वाले साइबेरियन सारस। यह नेशनल पार्क राजस्थान के भरतपुर में स्थित है जिसके कारण इस उद्यान को भरतपुर पक्षी विहार भी कहा जाता है। इस पक्षी विहार में हजारों की संख्या में लुप्तप्राय और दुर्लभ पक्षी पाए जाते है। केवलादेव नेशनल पार्क लगभग 28 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस राष्ट्रीय उद्यान को 1982 में नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। गंभीर और बाणगंगा नदी इस पार्क में बहती है। यह पक्षी विहार पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। फॉउना और फ्लोरा (Floras and Faunas in Keoladeo National Park) केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना निवास करते है जिनमे पक्षियों की 350 से अधिक प्रजातियां पायी जाती है। इनमे साइबेरियन सारस (Siberian Stork), घोमरा (Ghomra), उत्तरी शाह चकवा (Northern Shah Chakwa), जल पक्षी (Waterfowl), लाल सर बत्तख (Red-headed Duck) आदि शामिल है। इसके अलावा यहाँ स्तनधारियों की कुल 36 प्रजातियाँ रहती है जिनमे से कुछ प्रमुख ये है- (Sambar), हनुमान लंगूर (Hanuman Langur), चीतल हिरण (Chital Deer), नीलगाय (Nilgai) तथा धारीदार लकड़बग्घा (Striped Hyena)। यहां मछलियां की 43 प्रकार की प्रजातियाँ पाई जाती है। अगर बात की जाए फ्लोरा की तो, यहाँ के जंगलों में बबूल (Acacia nilotica), कदंब (Mitragyna parvifolia) और जामुन (Syzygium cuminii) के पेड़ बहुत अधिक संख्या में पाए जाते है। वही जलीय वनस्पतियों में यहाँ वाटर लिली (Nymphaea nouchali), लोटस (Nelumbo nucifera) तथा वॉटर फ़र्न (Azolla), पाए जाते हैं। बेस्ट टाइम टू विजिट केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Best time to visit Keoladeo National Park) यह राष्ट्रीय उद्यान साल के बारहों महीने खुला रहता है। आप यहाँ किसी भी महीने में आ सकते है। लेकिन अगर आप यहाँ माइग्रेटरी बर्ड्स (Migratory Birds) की ज्यादा प्रजातियाँ देखना चाहते है तो आप सर्दियों (अक्टूबर से फरवरी) में आने का कोशिश करें। वही यदि आप यहां के स्थानीय पक्षियों (Local Birds) के बारें में जानना चाहते है तो आप अगस्त से नवंबर के बीच कभी भी आ सकते है। कैसे पहुंचे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Keoladeo National Park)?

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Sariska Bala Quila Jungle Safari

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अलवर फोर्ट सफारी – दिल्ली के नजदीक लीजिये जंगल सफ़ारी का मजा –प्रदीप कुमार – दोस्तों हम जब भी मानसून में  घूमने के लिए प्लानिंग करते हैं हम हमेशा हिल्स एरियाज में जाने से बचते हैं क्योंकि बरसात के समय हिल स्टेशन्स पर लैंड स्लाइडिंग का जोखिम हमेशा बना रहता है। ऐसे में हम आज आपको रूबरू करवाएंगे एक ऐसी ही खूबसूरत जगह जो न केवल हिल स्टेशन की कमी को पूरा करेगी बल्कि आप यहाँ आकर जंगल सफारी का भी आनंद ले सकते हैं।  दरअसल हम बात कर रहे हैं दिल्ली से मात्र ढाई घंटे की दूरी पर स्थित राजस्थान के अलवर की। मानसून के समय जब सभी टाइगर रिज़र्व आम पब्लिक के लिए बंद कर दिए जाते हैं ऐसे में आप अलवर आकर सरिस्का के बफर  ज़ोन की सफारी का आनंद ले सकते हैं। दोस्तों इन दिनों में मौसम इतना खूबसूरत होता है की यहाँ आकर आप न केवल नेचर को एन्जॉय कर सकते हैं बल्कि अलवर की दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्स्प्लोर कर सकते हैं।(Alwar Fort) अलवर, दिल्ली से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह शहर कभी राजपूतों का गढ़ हुआ करता था और यहां आज भी उनकी भव्यता के अवशेष देखे जा सकते हैं। (Alwar Fort) (Click the link and watch this beautiful vlog at Five Colors of Travel YouTube Channel) दोस्तों हमने शुरुआत करनी चाही अलवर के फेमस बाला फोर्ट से। लेकिन हमें टिकट खिड़की पर पता चला कि अभी फिलहाल अलवर का यह किला रेनोवेशन के कारन पिछले एक साल से बंद है। और इस साल रेनोवेशन का कार्य कंटिन्यू रहेगा।  लेकिन आप निराश न हों यहाँ आपके पास एक बेहतरीन विकल्प है और वो है सरिस्का के नार्थ ज़ोन की जंगल के बफर जोन की सफारी का।(Alwar Fort) बाला किला बफर जोन यहां पर करीब 15 जिप्सयां लगाई गई हैं जो कि पर्यटक को बालाकिला के अंदर 25 किलोमीटर की सैर करवाती हैं। इसमें सलीम सागर, बाला किला, जयविलास, सूरज कुंड आदि शामिल है। शनिवार व रविवार को भीड़ बहुत अधिक रहती हैं। पर्यटकों को जिप्सी का करीब 1440 रुपए का भुगतान करना पड़ता है। एक जिप्सी में नेचर गाइड के साथ करीब 6 पर्यटकों के बैठने की सुविधा रहती है। बफर जोन में कई बार पर्यटकों को जंगली जीव बारह सिंहा, सेही, जंगली सुअर,जंगली गाय, बाघ आदि भी दिख जाते हैं।(Alwar Fort) एक समय था जब अलवर के सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र में पर्यटकों की भीड़ रहती थी , लेकिन अब दो सालों से अलवर में बाला किला बफर जोन ने सरिस्का को पीछे छोड़ दिया है। हरी भरी अरावली की पहाडिय़ों के बीच स्थित बाला किला बफर जोन बनने के बाद यहां पर पर्यटकों के लिए सफारी की सुविधा शुरु की गई है। पहले केवल सरिस्का में ही यह सुविधा मिलती थी, जिससे पर्यटक वहां जाते थे। अब बाला किला हर पर्यटक की फर्स्ट चॉइस बन गया है। जब इन दिनों मानसून में तीन महिने सरिस्का बंद रहता है तो उस दौरान डेली  बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पर आते हैं। बारिश के सुहावने मौसम में तो पर्यटकों को घ्ंाटों इंतजार के बाद भी यहां सैर करने का मौका नहीं मिलता है। लेकिन हमने टिकट लेकर एक जीप सफारी के लिए बुक की और निकल पड़े अरावली की खूबसूरत वादियों में। …. अपने जंगल सफारी के दौरान हमें ड्राइवर के अलावा एक गाइड भी मिले शिवराम। जिन्होंने हमारी ढाई तीन घंटे की सफारी को यादगार बना दिया।(Alwar Fort) सफारी के दौरान हमारा पहला पड़ाव था यहाँ की बेहद खूबसूरत बाउल वैली। सच में इन दिनों इस घाटी की हरियाली को देखकर एक बार तो आपको लगेगा की आप शिमला की कुफरी वैली में आ गए हों।  अद्भुत और सच में देखने लायक घंटों निहारने लायक। मानसून में यहाँ आकर सच में आप हिल स्टेशन जैसा फील करेंगे। इस घाटी के बाद हमारा अगला पड़ाव था करनी माता का प्रसिद्ध मंदिर। करणी माता का यह मंदिर दुनिया के सबसे अनोखे मंदिरों में से एक है। यहाँ की खासियत यह कि यह मंदिर “कब्बा” नामक लगभग 20,000 काले चूहों का घर है जो यहाँ रहते हैं और उनकी पूजा की जाती है। इन चूहों को करणी माता के नर वंशज माना जाता है। बाला किला जिसे अलवर किले के नाम से भी जाना जाता है, अलवर शहर में एक पहाड़ी पर स्थित है। इस किले को 1550 में हसन खान मेवाती ने बनवाया था। वैसे इस किले के छह प्रमुख द्वार हैं -जय पोल, लक्ष्मण पोल, सूरत पोल, चाँद पोल, अंधेरी द्वार और कृष्णा द्वार जो किले की ओर जाते हैं। लेकिन इस किले में आने जाने के लिए जय पोल द्वार का ही प्रयोग किया जाता है। इस किले में 15 बड़े टॉवर और 51 छोटे टॉवर हैं। यह किला जो अपनी वास्तुकला के डिज़ाइन के लिए प्रसिद्द है, मुगल काल में बनाया गया था और बाद में इस पर कछवाहा राजपूतों ने कब्ज़ा कर लिया।  किले के पास ही एक परकोटे से आप अलवर शहर और दूर दूर तक फैली अरावली की खूबसूरत वादियों का दीदार कर सकते हैं। यहाँ सफारी के दौरान आपको सांभर, जंगली सूअर और नाचते हुए मोर दिखाई देंगे।(Alwar Fort) हमें गाइड ने बताया की यहाँ पर लेपर्ड भी दिखाई देते हैं लेकिन यह पूरी तरह आपकी किस्मत पर निर्भर करता है।  लेकिन इस किले के अंदर फैले इस जंगल में कुछ पॉइंट्स इतने सुन्दर हैं की वो आपकी यात्रा को मेमोरेबल बनाने के लिए काफी है। इन्ही पॉइंट्स में  से एक हैं जयविलास पैलेस। बताते हैं किसी ज़माने में यह दुनिया के सबसे खूबसूरत महलों में से एक था। सूरजकुंड यही जंगल के अंदर हम यहाँ की एक और पुराणी और सुन्दर जगह सूरजकुंड पहुंचे जो कि किसी समय इस बाला किले की पानी की पूर्ति करता था। आप इसकी अद्भुत बनावट के कायल हुए बिना नहीं रह सकते। यहीं हमें दिखाई दिए ढाक के पेड़। वही फेमस कहावत ढाक के तीन पात वाला पेड़।  हम लगभग तीन घंटे जंगल सफारी करने के बाद निकल पड़े अलवर की एक और शानदार जगह सिलीसेढ़ झील की और। सिलीसेढ़ झील 7 किलोमीटर के क्षेत्र में फेली हुई सिलीसेढ़ झील राजस्थान की सबसे खुबसूरत झीलो और