भारत में ट्रेन से सफर करना हमारे जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। किसी के लिए ट्रेन घर जाने का सबसे आसान तरीका है, किसी के लिए रोज ऑफिस या कॉलेज जाने का साधन, तो किसी के लिए ट्रेन की खिड़की से बाहर बदलते हुए नजारे देखने का एक खूबसूरत अनुभव। भारत में हर दिन लाखों लोग Railway से सफर करते हैं। लेकिन इस सफर के दौरान आपने रेलवे स्टेशनों के नाम के आगे कुछ खास शब्द जरूर देखे होंगे। जैसे मथुरा Junction, आनंद विहार Terminal, Mumbai Central, Delhi Cantt और कई दूसरे स्टेशन। क्या आपने कभी सोचा है कि इन स्टेशनों के नाम के आगे Junction, Terminal, Central या Cantt क्यों लिखा होता है? क्या इन शब्दों का कोई खास मतलब होता है या फिर ये सिर्फ स्टेशन के नाम का हिस्सा हैं? दरअसल, इन सभी शब्दों के पीछे Railway का एक पूरा सिस्टम छिपा हुआ है। हर शब्द किसी स्टेशन की खासियत और उसकी भूमिका के बारे में बताता है। किसी स्टेशन को Junction इसलिए कहा जाता है क्योंकि वहां से Railway की लाइनें अलग-अलग दिशाओं में जाती हैं। किसी स्टेशन को Terminal इसलिए कहा जाता है क्योंकि वहां जाकर Railway की लाइन खत्म हो जाती है। Central आमतौर पर किसी शहर के बड़े और महत्वपूर्ण स्टेशन को कहा जाता है, जबकि Cantt का संबंध सेना की छावनी से होता है। तो अगली बार जब आप ट्रेन से सफर करें और स्टेशन के बोर्ड पर इन शब्दों को देखें, तो आपको पता होगा कि इनका मतलब क्या है। Junction का क्या मतलब होता है? सबसे पहले बात करते हैं Junction की। Railway में Junction उस स्टेशन को कहा जाता है जहां से ट्रेनें अलग-अलग दिशाओं में जा सकती हैं। आसान भाषा में समझें तो अगर किसी स्टेशन से Railway की लाइन कम से कम तीन अलग-अलग दिशाओं में जाती है, तो उसे Junction कहा जा सकता है। मान लीजिए कोई ट्रेन एक स्टेशन पर पहुंचती है और वहां से उसके पास तीन अलग-अलग रास्ते हैं। एक रास्ता दिल्ली की तरफ जाता है, दूसरा मुंबई की तरफ और तीसरा किसी दूसरे शहर की ओर। ऐसे स्टेशन को Railway Junction कहा जा सकता है। इसी वजह से Junction स्टेशन Railway नेटवर्क के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। यहां से कई शहरों के लिए ट्रेनें मिलती हैं और कई यात्री अपनी ट्रेन भी बदलते हैं। अगर आपके शहर से किसी जगह के लिए सीधी ट्रेन नहीं मिलती, तो आप किसी बड़े Junction तक जाकर वहां से दूसरी ट्रेन पकड़ सकते हैं। मथुरा Junction, इटारसी Junction, प्रयागराज Junction और विजयवाड़ा Junction देश के प्रसिद्ध Junction स्टेशनों में शामिल हैं। इन स्टेशनों से कई दिशाओं में Railway लाइनें जाती हैं और यहां रोज बड़ी संख्या में ट्रेनों का आना-जाना होता है। Junction स्टेशन यात्रियों के लिए इसलिए भी खास होते हैं क्योंकि यहां ट्रेन बदलने के ज्यादा विकल्प मिलते हैं। लेकिन यही वजह है कि इन स्टेशनों पर भीड़ भी काफी ज्यादा हो सकती है। अगर आपकी ट्रेन किसी बड़े Junction से चल रही है, तो आपको थोड़ा समय लेकर स्टेशन पहुंचना चाहिए। कई बार Junction स्टेशन इतने बड़े होते हैं कि एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में भी काफी समय लग जाता है। इसलिए Railway यात्रा के दौरान सिर्फ ट्रेन का समय देखना काफी नहीं है। आपको स्टेशन का आकार और प्लेटफॉर्म की दूरी भी ध्यान में रखनी चाहिए। Terminal और Terminus का क्या मतलब होता है? अब बात करते हैं Terminal या Terminus की। आपने आनंद विहार Terminal, बांद्रा Terminus और छत्रपति शिवाजी महाराज Terminus जैसे नाम जरूर सुने होंगे। Terminal का सीधा मतलब होता है किसी रास्ते का अंतिम बिंदु। Railway में Terminal वह स्टेशन होता है जहां Railway लाइन एक दिशा में जाकर खत्म हो जाती है। यानी ट्रेन जिस रास्ते से स्टेशन पर पहुंचती है, उसे वापस उसी दिशा में लौटना पड़ता है। टर्मिनल स्टेशन पर ट्रेन आगे सीधे नहीं जा सकती क्योंकि उस दिशा में Railway ट्रैक मौजूद नहीं होता। इसलिए ट्रेन की दिशा बदलकर उसे वापस भेजा जाता है। आनंद विहार Terminal इसका एक अच्छा उदाहरण है। दिल्ली में रहने वाले बहुत से यात्री लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह बांद्रा Terminus भी मुंबई के महत्वपूर्ण Railway स्टेशनों में से एक है। Terminal स्टेशन के बारे में यात्रियों को एक जरूरी बात समझनी चाहिए। बड़े शहरों में कई Railway स्टेशन होते हैं और सभी स्टेशन एक-दूसरे के पास नहीं होते। उदाहरण के लिए दिल्ली में नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार Terminal और दिल्ली Cantt अलग-अलग जगहों पर हैं। अगर आपके टिकट पर सिर्फ शहर का नाम देखकर आप घर से निकलेंगे, तो गलत स्टेशन पहुंचने की संभावना हो सकती है। इसलिए Railway टिकट पर दिए गए स्टेशन का पूरा नाम और स्टेशन कोड जरूर देखना चाहिए। कई यात्रियों को आखिरी समय पर पता चलता है कि उनकी ट्रेन नई दिल्ली से नहीं बल्कि आनंद विहार Terminal से चल रही है। ऐसे में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इसलिए Railway यात्रा से पहले स्टेशन की लोकेशन चेक करना बहुत जरूरी है। Central स्टेशन का क्या मतलब होता है? अब बात करते हैं Central की। जब किसी Railway स्टेशन के नाम के साथ Central लिखा होता है, तो आमतौर पर वह किसी शहर का प्रमुख और महत्वपूर्ण स्टेशन होता है। Central स्टेशन अक्सर बड़े शहरों के Railway नेटवर्क का मुख्य हिस्सा होते हैं। यहां से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए कई ट्रेनें चलती हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए कई सुविधाएं भी होती हैं। Mumbai Central और Chennai Central इसके सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हैं। इन स्टेशनों से रोज बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और कई लंबी दूरी की ट्रेनें यहां से चलती हैं। हालांकि Central का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वह स्टेशन उस शहर का सबसे बड़ा स्टेशन ही होगा। कई बार Railway के इतिहास और पुराने महत्व के आधार पर भी किसी स्टेशन के नाम के साथ Central लगाया जाता है। Central स्टेशन आमतौर पर शहर के प्रमुख इलाकों में स्थित होते हैं और यहां से दूसरे परिवहन साधनों की