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Top 5 National Parks in Madhya Pradesh

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मध्य प्रदेश भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है और वन क्षेत्र के आधार पर यह भारत का सबसे अधिक वन विस्तार वाला राज्य है। ऐसे में यहां नेशनल पार्क और वन्य जीव अभ्यरण्यों की संख्या भी बहुत अधिक है। वैसे तो मध्य प्रदेश में 11 नेशनल पार्क हैं, लेकिन कुछ नेशनल पार्क्स ऐसे हैं जो बहुत हीं खास और खूबसूरत हैं। फाइव कलर्स का ट्रेवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं मध्य प्रदेश के पांच प्रमुख नेशनल पार्क (5 National Parks of Madhya Pradesh) के बारे में जहां एक बार जाना तो बनता है। 1. कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क में से एक कूनो नेशनल पार्क हाल में ही काफी चर्चा का विषय रहा था। यहां कुछ दिनों पहले नामीबिया से 8 चीतों को ला कर रखा गया था। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित इस नेशनल पार्क में आकर आपको एक अलग ही अनुभूति होगी। चारों ओर घने जंगल और बेफिक्र घूम रहे जंगली जानवर किसी अलग ही दुनिया का आभास करा देते हैं। यह नेशनल पार्क कूनो नदी के तट पर स्थित है। यह कह सकते हैं कि कूनो नदी यहां की जीवन रेखा है। यहां के जंगली जानवरों को गर्मी के समय सिर्फ इसी नदी का सहारा होता है। बात करें अगर इस पार्क के फैलाव की तो यह नेशनल पार्क 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और हजारों जानवरों का आसरा है। कैसे पहुंचे कूनो राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Kuno National Park)? 2. सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान (Satpura National Park) सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसा हुआ एक नेशनल पार्क है जो मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित है। सतपुड़ा नेशनल पार्क लगभग 524 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1981 में हुई थी। यह नेशनल पार्क एक टाइगर रिजर्व भी है तथा बोरी और पंचमढ़ी अभ्यारण्य के साथ अपनी सीमा साझा करता हैं। इसी नेशनल पार्क में धूपगढ़ चोटी (1350 मीटर) अवस्थित हैं। सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना (Fauna) निवास करते है जिनमे बाघ, तेंदुआ, सांभर, चौसिंगा, भेडकी, नीलगाय, चीतल, चिंकारा, लोमड़ी, जंगली सुअर, साही, भालू, काला हिरण, गौर, जंगली कुत्ता, उड़न गिलहरी, मूषक मृग और भारतीय विशाल गिलहरी शामिल हैं। कैसे पहुंचे सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Satpura National Park)? 3. बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में इन बाघों को देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग कोने से साल भर में लगभग 50,000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं और जंगल सफारी के जरिए बाघों की खोज में निकल जाते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क लगभग 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस नेशनल पार्क में बाघ के अलावा कई अन्य प्रकार के स्तनधारी जीव भी पाए जाते हैं। जिनमें तेंदुआ, भेड़िया, सियार, हिरण, भालू, लंगूर, बंदर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, लोथल बीयर और चीतल जैसे जीव प्रमुख है। वर्तमान समय में बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 165 बाघ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। कैसे पहुंचे बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Bandhavgarh National Park)? 4. पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park) पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। यह राष्ट्रीय उद्यान 758 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस उद्यान की स्थापना 1975 में हुई थी। यहां पर पीफोल, कोपीजेन्ट, रेड जंगल फोल, रेड वेन्टेड बुलबुल, बेस्ट डबारबेट, क्रीमसन, मेंगपाई राबिन, रॉकेट टेल डोगों, व्हिस्टल टील, लेसर आदि पक्षियों की प्रजातियों के साथ, एक वन्यजीव हॉटस्पॉट है। पेंच नदी इस उद्यान को दो भागों में बाँटती है। पेंच टाइगर रिज़र्व को भारत का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिज़र्व होने का गौरव प्राप्त है। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध कहानियों में से एक ‘द जंगल बुक’ इसी पार्क पर आधारित है। कैसे पहुंचे पेंच राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Pench National Park)? 5. कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान (Kanha–Kisli National Park) कान्हा नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। यह नेशनल पार्क अपने बारहसिंगा (Reindeer) के लिए प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क लगभग 940 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। सर्वप्रथम कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1 जून 1955 को नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। इसके पश्चात 1973 में इसे टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया। कान्हा नेशनल पार्क में बारहसिंगा के अलावा भी कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बाघ, सारस, भेड़िया, छोटी बत्तख, चिन्कारा, भारतीय पेंगोलिन शामिल है। कैसे पहुंचे कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Kanha National Park)?

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महाकालेश्वर की नगरी -उज्जैन

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उज्जैन~ इस शहर को महाकाल की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। मध्य प्रदेश के इस शहर को पहले पूरे भारतवर्ष में अवंतिका नगरी कहा जाता था। यह शहर महाकालेश्वर महादेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। भारत के कोने-कोने से लोग यहां महाकालेश्वर महादेव के दर्शन करने और उनकी पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। इस शहर में इसके अलावा और भी कई पर्यटन स्थल हैं, जिनमें काल भैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर प्रमुख हैं। जिनके बारे में हम आपको इस ब्लॉ में बताएंगे हम आपको यह भी बताएंगे कि इस शहर तक कैसे पहुंच जाए और आप इस शहर में कहां ठहर सकते हैं। महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन (Mahakaleshwara Temple Ujjain) इस मंदिर में देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा की जाती है। इस मंदिर में दर्शन के लिए आपको दो तरह की टिकटें मिल जाएंगी। पहला ₹250 का और दूसरा ₹750 का। ₹250 के टिकट से आप भगवान महाकाल के दूर से दर्शन कर सकते हैं। जबकि 750 के टिकट से आप महाकाल मंदिर के गर्भ गृह में जाकर शिवलिंग के नजदीक से पूजा अर्चना कर सकते हैं। इस मंदिर में आप फ्री में भी महाकालेश्वर महादेव के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर में फ्री एंट्री की टाइमिंग 1:00 से 4:00 बजे तक की होती है। हालांकि इस समय आपको भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अगर आप वीक डेज में 1:00 बजे से 4:00 बजे के बीच आएंगे तो आप बहुत हीं आसानी से महाकाल के दर्शन बिना किसी टिकट के कर पाएंगे। वीकेंड पर यहां बहुत ज्यादा भीड़ होती है। ऐसे में आप कोशिश करें कि आप वीक डेज में आए और अगर आपका बजट न अलाव करें तो आप 1:00 बजे से 4:00 बजे के बीच दर्शन करने के लिए जाए। 750 रुपए की टिकट लेकर मंदिर के गृह गर्भ गृह में जाने वाले पुरुषों को धोती पहनना पड़ता है। जो कि आपको मंदिर में हीं उपलब्ध हो जाएगा। वहीं गर्भ गृह में जाने वाली महिलाओं को साड़ी पहनना पड़ता है। तो अगर आप महिला हैं और गर्भ में जाकर महाकालेश्वर महादेव के दर्शन करना चाहती हैं तो आप घर से हीं साड़ी पहन कर जाएं। यह आपके लिए बेहतर होगा। काल भैरव मंदिर (Kaal Bhairav Temple) इस शहर में महाकालेश्वर मंदिर के अलावा और भी कई मंदिर हैं, जिनमें से एक प्रसिद्ध मंदिर काल भैरव मंदिर भी है। काल भैरव मंदिर पहुंचने के लिए आप महाकालेश्वर मंदिर से ₹200 से ₹250 रुपए में ऑटो ले सकते हैं। यह ऑटो महाकालेश्वर मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित काल भैरव मंदिर तक आपको पहुंचा देगा। काल भैरव मंदिर में वीक डेज पर आप बिना किसी भीड़ के बहुत ही आसानी से काल भैरव के दर्शन कर लेंगे। काल भैरव मंदिर (Kaal Bhairav Temple) के प्रांगण में तीन मंदिर हैं। जिनमें एक काल भैरव का मंदिर है, दूसरा शिव मंदिर (Shiva Temple) है और तीसरा दत्तात्रेय मंदिर (Dattatreya Temple) है। मंगलनाथ मंदिर (Mangal Nath Temple) महाकालेश्वर मंदिर से काल भैरव मंदिर के रास्ते में हीं मंगल नाथ मंदिर पड़ता है। जहां आप किसी भी प्रकार के दोष के निवारण के लिए पूजा अर्चना करवा सकते हैं। मंगलनाथ टेंपल में आप भगवान के दर्शन और भात पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा आप यहां अपने कुंडली के किसी भी दोष के निवारण के लिए पूजा अर्चना करवा सकते हैं। सस्ते में कैसे घूम उज्जैन (How to explore Ujjain in cheapest way)? अगर आप उज्जैन नगरी को पूरी तरह से एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो इसके लिए आप उज्जैन दर्शन बस का भी उपयोग कर सकते हैं। जो आपको सिर्फ ₹100 में उज्जैन के सभी प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाएगी। कैसे पहुंचे उज्जैन (How to reach Ujjain)? उज्जैन पहुंचाना बहुत हीं आसान है, क्योंकि शहर का अपना रेलवे स्टेशन भी है। जहां देश के अलग-अलग राज्यों से ट्रेनें आती हैं। इसके अलावा अगर आप फ्लाइट से उज्जैन पहुंचाना चाहते हैं तो आप इंदौर एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। इंदौर उज्जैन से लगभग 50 किलोमीटर की ही दूरी पर स्थित है। इसलिए आप बहुत ही आसानी से इंदौर से उज्जैन पहुंच सकते हैं। उज्जैन शहर सड़क मार्ग के द्वारा भी देश के अन्य राज्यों से बहुत अच्छे से जुड़ा हुआ है। आप उज्जैन अपनी गाड़ी से भी आ सकते हैं। उज्जैन में कहां ठहरे (Where to stay in Ujjain)? उज्जैन में ठहरने के लिए आपको हर तरह के होटल अवेलेबल हो जाएंगे। सिंगल ऑक्युपेंसी के लिए यहां आपको 700 से 1000 के बीच अच्छे होटल मिल जाएंगे। वहीं अगर आप डबल बेड ऑक्युपेंसी वाला होटल लेंगे तो आपको इसके लिए लगभग 1200 से ₹1500 का खर्च आएगा। अगर आप धर्मशाला में रुकना चाहते हैं तो वह भी यहां एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। उसके लिए आपको लगभग 400 से 500 के भीतर धर्मशालाएं भी मिल जाएंगी। उज्जैन किस समय आए (Best time to visit Ujjain)? अगर आप उज्जैन आना चाहते हैं तो आप साल के किसी भी समय उज्जैन का रुख कर सकते हैं। लेकिन उज्जैन आने का सबसे सही समय मॉनसून या उसके बाद का माना जाता है। क्योंकि गर्मी के समय इस शहर में गर्मी ज्यादा होती है। ऐसे में शायद आप इस शहर को अच्छे से एक्सप्लोर नहीं कर पाएं। मॉनसून के समय में इस शहर में काफी ग्रीनरी भी देखने को मिलती है। साथ ही साथ मॉनसून में यहाँ का टेंपरेचर भी सामान्य हो जाता है। जिससे घूमने में भी बहुत ही आसानी होती है और इस समय आप पूरे इंटरेस्ट के साथ इस शहर को बहुत हीं अच्छे से एक्सप्लोर भी कर पाएंगे।

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MP के इन जगहों पर भारतीय स्थापत्य कला और प्राकृतिक खूबसूरती की दिखती है झलक

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मध्य प्रदेश में भारत के कई ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं जो न सिर्फ आर्कियोलॉजिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, बल्कि सामान्य पर्यटकों का भी ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। सबसे अधिक क्षेत्रफल पर वन होने के कारण मध्य प्रदेश में कई सारे नेशनल पार्क्स भी हैं। इसी वजह से यह राज्य प्राकृतिक रूप से भी सुंदर और मनमोहक है। अगर आप भी मध्य प्रदेश घूमना चाहते हैं तो हम आपको बताने वाले हैं मध्य प्रदेश के कुछ ऐसे जगहों के बारे में जहाँ एक बार जाना तो बनता है। 1. उज्जैन (Ujjain) इस शहर को महाकाल की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। मध्य प्रदेश के इस शहर को पहले पूरे भारतवर्ष में अवंतिका नगरी कहा जाता था। यह शहर महाकालेश्वर महादेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। भारत के कोने-कोने से लोग यहां महाकालेश्वर महादेव के दर्शन करने और उनकी पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। इस शहर में इसके अलावा और भी कई पर्यटन स्थल हैं। जिनमें रामघाट, काल भैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर प्रमुख हैं। कैसे पहुंचे उज्जैन (How to reach Ujjain) : उज्जैन पहुंचाना बहुत हीं आसान है, क्योंकि शहर का अपना रेलवे स्टेशन भी है। जहां देश के अलग-अलग राज्यों से ट्रेनें आती हैं। इसके अलावा अगर आप फ्लाइट से उज्जैन पहुंचाना चाहते हैं तो आप इंदौर एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। इंदौर उज्जैन से लगभग 50 किलोमीटर की ही दूरी पर स्थित है। इसलिए आप बहुत ही आसानी से इंदौर से उज्जैन पहुंच सकते हैं। उज्जैन शहर सड़क मार्ग के द्वारा भी देश के अन्य राज्यों से बहुत अच्छे से जुड़ा हुआ है। आप उज्जैन अपनी गाड़ी से भी आ सकते हैं। 2. मैहर माता मंदिर सतना (Maihar Mata Temple Satna) त्रिकूट पर्वत की ऊंचाइयों पर स्थित मैहर मंदिर की कहानी आदिशक्ति सती के आत्मदाह से जुड़ी हुई है। देश के 108 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ (Shaktipeeth) त्रिकूट पर्वत के इस पहाड़ी पर भी स्थित है। जिस स्थान पर इस मंदिर का निर्माण करवाया गया है। बताया जाता है कि इस स्थान पर माता का हार टूट कर गिरा था, इसलिए इस जगह को मैहर का नाम दिया गया। यह मंदिर मध्य प्रदेश के सतना जिला के त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। जहां तक पहुंचाने के लिए भक्तों को पहाड़ी पर चढ़ाई करनी होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरे भारत में माता शारदा का यह इकलौता मंदिर है। इस मंदिर में माता शारदा के साथ ही अन्य देवी देवताओं की पूजा भी की जाती है। 3. खजुराहो (Khajuraho) इस स्थान को मध्य प्रदेश का सम्मान माना जाता है। यह वही स्थान है जहां आपको विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों से समृद्ध मंदिरों का समूह देखने को मिलता है। मध्य प्रदेश का खजुराहो भारत के प्राचीन कालीन इतिहास को बखूबी बयां करता है। खजुराहो के मंदिरों के समूह का निर्माण आज से लगभग 1300 साल पहले हुआ था। मंदिरों पर बनाई गई कलाकृतियां यह दर्शाती हैं कि हमारा भारत आज से हजार साल पहले भी कितना मॉडर्न (modern) था।खजुराहो में आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम (Archaeological Museum) है, जहां आपको कई सारे छोटे बड़े मंदिरों का समूह देखने को मिलेंगे। आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम के इस एरिया को पश्चिमी मंदिर समूह के नाम से भी जाना जाता है। आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम में जैसे ही आप इंटर करेंगे आपको बहुत ही खूबसूरत से गार्डन से होकर गुजर कर जाना होगा। यहाँ के मंदिरों में कंदरिया मंदिर, मतंगेश्वर मंदिर, लक्ष्मण मन्दिर, विश्वनाथ मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर और विष्णु गुप्त मंदिर प्रमुख हैं। 4. भोपाल (Bhopal) इस शहर को महाराजा भोज की नगरी के नाम से जाना जाता है। यह शहर आज के समय में मध्य प्रदेश की राजधानी है और इस शहर को एक अच्छा टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। क्योंकि यहां के टूरिस्ट प्लेसेस इतने बेहतरीन हैं कि यहां आने वाले लोगों को यही का हो कर रह जाने का मन करने लगता है। अगर आपको भी कभी मौका मिले मध्य प्रदेश जाने का तो आप एक बार भोपाल जरुर विजिट करें। (Visiting places of Bhopal) भोपाल की घूमने लायक जगहों की सूची में अपर लेक (Upper Lake), वन विहार (Van Vihar), सैर सपाटा (Sair Sapata), गौहर महल (Gauhar Mahal), मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम (Madhya Pradesh Tribal Museum), पीपल्स मॉल (People’s Mall), भीमबेटका की गुफ़ाएँ (Bhimvetka caves), ताज उल मस्जिद (Taj ul Masjid) और सांची स्तूप (Sanchi Stupa) का नाम आता है। 5. कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्क में से एक कूनो नेशनल पार्क हाल में ही काफी चर्चा का विषय रहा था। यहां कुछ दिनों पहले नामीबिया से 8 चीतों को ला कर रखा गया था। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित इस नेशनल पार्क में आकर आपको एक अलग ही अनुभूति होगी। चारों ओर घने जंगल और बेफिक्र घूम रहे जंगली जानवर किसी अलग ही दुनिया का आभास करा देते हैं। यह नेशनल पार्क कूनो नदी के तट पर स्थित है। यह कह सकते हैं कि कूनो नदी यहां की जीवन रेखा है। यहां के जंगली जानवरों को गर्मी के समय सिर्फ इसी नदी का सहारा होता है। बात करें अगर इस पार्क के फैलाव की तो यह नेशनल पार्क 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और हजारों जानवरों का आसरा है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान कैसे पहुंचे (How to reach Kuno National Park) ग्वालियर एयरपोर्ट कूनो नेशनल पार्क के सबसे नजदीक स्थित एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट देश के अन्य शहरों जैसे दिल्ली, कोटा, पटना, जयपुर आदि से भली भांति जुड़ा हुआ है। दिल्ली एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए फ्लाइट लगभग ₹2000 से ₹3000 तक की आती है। आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से भी ग्वालियर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप बाय रोड भी कूनो नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं।

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भोपाल में घूमने की सबसे बेहतरीन 10 जगह

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भोपाल– इस शहर को महाराजा भोज की नगरी के नाम से जाना जाता है। यह शहर आज के समय में मध्य प्रदेश की राजधानी है और इस शहर को एक अच्छा टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। क्योंकि यहां के टूरिस्ट प्लेसेस इतने बेहतरीन हैं कि यहां आने वाले लोगों को यही का हो कर रह जाने का मन करने लगता है। अगर आपको भी कभी मौका मिले मध्य प्रदेश जाने का तो आप एक बार भोपाल जरुर विजिट करें। आज हम आपको बताने वाले भोपाल के बेस्ट टूरिस्ट अट्रैक्शंस के बारे में जो इस शहर की शोभा को कई गुना बढ़ा देते हैं। (Visiting places of Bhopal) 1. अपर लेक (Upper Lake) अगर आप फैमिली और फ्रेंड्स के साथ हॉलीडे (holiday) बिताना चाहते हैं या वीकेंड प्लेन करना चाहते हैं तो भोपाल का अपर लेक आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन (perfect destination) हो सकता है। यह जगह आपको वाकई बहुत पसंद आएगी। यहां आप वोटिंग भी कर सकते हैं। अलग-अलग टाइप के वोटिंग (boating) के लिए टिकट की प्राइस वैरी करती है। नॉरमल डेज में आप यहां क्रूज़ का भी मजा ले सकते हैं। यहां का माहौल बहुत ही शांत और रिफ्रेशिंग (refreshing) है। जोकि फैमिली टाइम बिताने के लिए बेस्ट है। 2. वन विहार (Van Vihar) भोपाल में अपर लेक से कुछ दूरी पर स्थित है वन विहार। वन विहार के एंट्री टिकट की कीमत ₹20 से स्टार्ट होती है। अगर आप अपने व्हीकल (own vehicle) के साथ जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक्स्ट्रा चार्ज लगेंगे। वन विहार फ्राइडे को बंद रहता है और सप्ताह के बाकी के दिनों में खुला रहता है। यहां आपको कई तरह के बड़े जंगली जानवर देखने को मिलेंगे। जिनमें बाघ, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ आदि शामिल है। हां यह आपके लक पर निर्भर करता है कि आप इनमें से कितने जानवरों को देख पाते हैं। वन विहार में काफी ग्रीनरी (greenery) है। अगर आप नेचर को पसंद करते हैं तो यह आपको बहुत हीं पसंद आने वाला है। साथ हीं यह आपके लिए एक तरह से जंगल सफारी (jungle safari on own vehicle) की तरह होगा। जिसे आप अपने खुद के गाड़ी से भी इंजॉय कर सकते हैं। यहीं बात इसे दूसरे जंगल सफारी से अलग बनाती है। 3. सैर सपाटा (Sair Sapata) यह भोपाल के सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट (tourist spot) में से एक है। जहां बच्चे बहुत ज्यादा एंजॉय करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ बच्चों के लिए है। यहां हर उम्र के लोग इंजॉय कर सकते हैं। सैर सपाटा की एंट्री फीस ₹30 है। इसका निर्माण मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा किया गया था। भोपाल का यह खूबसूरत स्थान लगभग 25 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। जहां पर पर्यटक म्यूजिकल फाउंटेन, चिल्ड्रन प्ले एरिया और स्विंग ब्रिज (swing bridge) देख सकते हैं। सैर सपाटा में आप टॉय ट्रेन (toy train) और बोट राइडिंग (boat riding) का भी मजा ले सकते हैं। 4. गौहर महल (Gohar Mahal) गौहर महल को भोपाल की पहली महिला शासक गौहर बेगम ने 1820 ईसवी में बनवाया था। गौहर महल इस शहर के सबसे भव्य महलों (palace) में से एक है। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग जाते हैं। भोपाल की यह ऐतिहासिक इमारत (Historical place) हिंदू और मुगल स्थापत्य कला के मिश्रण का एक बेहतरीन नमूना पेश करती है। इतिहास को पसंद करने वाले लोगों के घूमने के लिए यह जगह परफेक्ट है। 5. मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम (Madhya Pradesh Tribal Museum) मध्य प्रदेश ट्राईबल म्यूजियम एक ऐसा म्यूजियम है, जहां लोग जनजाति समूह के लोगों के जीवन (learn about tribal life) को बहुत अच्छे से समझ सकते हैं और जनजाति वर्ग को और ज्यादा करीब से जान सकते हैं। यह भोपाल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। जहां आपको जनजाति समूह के जीवन शैली (tribal lifestyle) को दर्शाने वाले शोपीसों का कलेक्शन (collection) देखने को मिलेगा। यहां पर रखा गया हर एक शो पीस आदिवासियों के कला, जीवन और संस्कृति को बहुत हीं बेहतरीन तरीके से दर्शाता है। यहां पर रखे गए वस्तुओं के संग्रह के मदद से यहां आने वाले टूरिस्ट जनजातियों के समूह के जीवन को और नजदीक से समझ पाते हैं। 6. पीपल्स मॉल (Peopel’s Mall) पीपल्स मॉल भोपाल शहर के उत्तरी छोर पर मौजूद है। जहां पर दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृति बनाई गई है। घूमने के अलावा यहां पर खाने-पीने की कैंटींस (canteens) और बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया (childrens play area) और वाटर पार्क (water park) भी मौजूद है। यह भोपाल शहर में स्थित फैमिली और फ्रेंड्स के साथ बिताने के लिए यह एक आदर्श पिकनिक का स्पॉट (picnic spot) है। जहां आप परफेक्ट फैमिली टाइम (spend family time) बिता सकते हैं। 7. भोजपुर शिव मंदिर (Bhojpur Shiva temple) भोपाल शहर से करीब 27 किलोमीटर की दूरी पर भोजपुर नामक स्थान पर एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसके बारे में बताया जाता है कि इसका निर्माण महाराजा भोजराज प्रथम ने 1010 ई से 1055 ई के बीच करवाया था। अगर आप इस मंदिर में सुबह-सुबह आ जाएंगे तो यहां की सुबह की आरती देखकर आपका मन बहुत हीं प्रसन्न हो जाएगा। यह मंदिर इतनी खूबसूरत लोकेशन (beautiful location) पर है कि यहां आने के बाद आपको चारों ओर बस ग्रीनरी हीं ग्रीनरी देखने को मिलेगी। यह मंदिर पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां भारत के कोने-कोने से लोग भोजेश्वर महादेव का दर्शन करने आते हैं। अगर आप भी भोपाल जा रहे हैं तो आप भी इस मंदिर को एक बार जरुर विजिट (Must visit) करें। यहां के हवाओं में घुली हुई पॉजिटिविटी (positivity and divinity) आपको बहुत हीं बेहतरीन एहसास दिलाएगा। 8. भीमबेटका की गुफ़ाएँ (Bhimvetka caves) भीमबेटका की खोज डॉ विष्णु श्रीधर वकाडकर ने 1957-1958 के बीच की थी। यहां के पत्थरों पर प्राचीन मानव सभ्यता के चित्रकारी का दृश्य देखने को मिलता है। माना जाता है कि यह चित्रकारी (paintings) करीब 1 लाख साल पुरानी है। अगर आप इसे अच्छे से समझ कर घूमना चाहते हैं तो भीमबेटका में घूमने के लिए आपको लगभग 1 घंटे का समय लग सकता है। यह जगह इतिहास प्रेमियों के लिए एक मस्ट विजिट विजिटिंग प्लेस है। यहां