Lucknow घूमने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
अगर आप किसी ऐसे शहर की तलाश में हैं, जहां घूमने के साथ इतिहास, पुरानी इमारतें, स्वादिष्ट खाना और एक अलग तरह की तहजीब देखने को मिले, तो Lucknow आपके लिए अच्छी जगह हो सकती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow को आमतौर पर नवाबों का शहर कहा जाता है। इसकी पहचान केवल पुरानी इमारतों से नहीं, बल्कि यहां की नफासत, मेहमाननवाजी और खाने के स्वाद से भी होती है। Lucknow की खास बात यह है कि यहां पुराना और नया, दोनों साथ-साथ दिखाई देते हैं। एक तरफ पुराने शहर की गलियों में आपको चिकनकारी, इत्र और अवधी खाने की खुशबू मिलती है, तो दूसरी तरफ गोमती नगर और आधुनिक इलाकों में शहर का नया रूप नजर आता है। यही वजह है कि Lucknow घूमने आने वाला हर व्यक्ति अपनी पसंद के अनुसार कुछ न कुछ जरूर ढूंढ लेता है। अगर आपको इतिहास पसंद है, तो Lucknow की पुरानी इमारतें आपका ध्यान खींचेंगी। अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो कबाब, बिरयानी, निहारी, चाट और मक्खन मलाई आपका इंतजार कर रहे हैं। वहीं खरीदारी पसंद करने वालों के लिए चिकनकारी और जरदोजी के बाजार अलग ही आकर्षण रखते हैं। इसलिए अगर आप Lucknow घूमने की योजना बना रहे हैं, तो केवल एक-दो जगह देखकर वापस आने की गलती न करें। इस शहर को सही तरीके से समझने के लिए इसकी पुरानी गलियों, बाजारों और खान-पान तक जाना जरूरी है। Lucknow कैसे पहुंचें? Lucknow देश के कई बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। इसलिए यहां पहुंचना ज्यादा मुश्किल नहीं है। अगर आप हवाई यात्रा करना चाहते हैं, तो चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर के भीतर ही स्थित है। Delhi, Mumbai और Bengaluru जैसे बड़े शहरों से Lucknow के लिए नियमित उड़ानें मिल सकती हैं। ट्रेन से Lucknow आने वालों के लिए लखनऊ जंक्शन और चारबाग रेलवे स्टेशन सबसे बड़े रेलवे केंद्र हैं। खासकर चारबाग रेलवे स्टेशन खुद देखने लायक जगह है। इसकी इमारत में मुगल, राजपूत और अवधी वास्तुकला का सुंदर मेल दिखाई देता है।mकरीब सौ साल पुरानी यह इमारत Lucknow की पहचान का हिस्सा बन चुकी है। अगर आप सड़क मार्ग से लखनऊ आ रहे हैं, तो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी अच्छा विकल्प हो सकता है। इस रास्ते से आगरा और Lucknow के बीच की यात्रा काफी आसान हो जाती है। सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए यह रास्ता सुविधाजनक माना जाता है। Lucknow की पहचान हैं ये ऐतिहासिक स्थल Lucknow को करीब से समझना है, तो अपनी यात्रा की शुरुआत पुराने शहर से करनी चाहिए। यहां की इमारतें केवल घूमने की जगह नहीं हैं, बल्कि Lucknow के इतिहास की कहानी भी बताती हैं। रूमी दरवाजा Lucknow की सबसे पहचान वाली इमारतों में से एक है। करीब 60 फीट ऊंचा यह दरवाजा अपनी सुंदर बनावट के लिए जाना जाता है। यहां पहुंचकर आपको अंदाजा हो जाता है कि पुराने लखनऊ की वास्तुकला कितनी शानदार रही होगी। रूमी दरवाजे के पास ही बड़ा इमामबाड़ा स्थित है। इसे नवाब आसफ-उद-दौला ने अकाल के समय लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से बनवाया था। आज यह लखनऊ आने वाले यात्रियों के लिए सबसे खास जगहों में शामिल है। बड़ा इमामबाड़ा अपनी भूल-भुलैया के लिए भी प्रसिद्ध है। इसके अंदर बने रास्ते इतने उलझे हुए हैं कि पहली बार जाने वाला व्यक्ति आसानी से रास्ता भूल सकता है। इसी वजह से यहां गाइड के साथ घूमना बेहतर रहता है। इसके बाद आप छोटा इमामबाड़ा जा सकते हैं। इसे ‘पैलेस ऑफ लाइट्स’ भी कहा जाता है। अंदर की सजावट, झूमर और पूरी इमारत की खूबसूरती इसे लखनऊ की खास ऐतिहासिक जगहों में शामिल करती है। हुसैनाबाद क्लॉक टावर भी पुराने Lucknow की पहचान है। इसकी ऊंचाई और बनावट इसे दूर से ही अलग पहचान देती है। अगर आप पुराने Lucknow की सैर कर रहे हैं, तो इन सभी जगहों को एक साथ देखना अच्छा अनुभव हो सकता है। 1857 की कहानी भी बताता है Lucknow Lucknow की कहानी केवल नवाबों और इमामबाड़ों तक सीमित नहीं है। शहर का इतिहास 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ब्रिटिश रेजीडेंसी आज भले ही खंडहर जैसी दिखाई देती हो, लेकिन इसकी दीवारों में उस दौर की कई कहानियां छिपी हैं। यहां आज भी गोलियों के निशान देखे जा सकते हैं। परिसर के आसपास का शांत वातावरण और संग्रहालय इस जगह को इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए खास बनाते हैं। अगर आप Lucknow के इतिहास को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय जमीन पर महसूस करना चाहते हैं, तो ब्रिटिश रेजीडेंसी की यात्रा जरूर करें। यहां घूमते हुए आपको 1857 के दौर की घटनाओं को समझने का अवसर मिलता है। Lucknow का आधुनिक रूप भी देखें पुरानी इमारतों के अलावा लखनऊ का एक आधुनिक चेहरा भी है। डॉ. अंबेडकर स्मारक पार्क इसका अच्छा उदाहरण है। लाल पत्थरों से बनी इसकी इमारतें और हाथियों की मूर्तियां इसे बाकी जगहों से अलग बनाती हैं। खासकर शाम के समय रोशनी में इसका रूप काफी आकर्षक दिखाई देता है। जनेश्वर मिश्र पार्क भी शहर की आधुनिक पहचान का हिस्सा है। वहीं गोमती रिवरफ्रंट शाम के समय घूमने के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां टहलते हुए आप शहर की भागदौड़ से कुछ समय के लिए दूर हो सकते हैं। अगर आप लखनऊ में इतिहास के साथ थोड़ा खुला और शांत वातावरण भी देखना चाहते हैं, तो इन जगहों को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं। Lucknow की पुरानी गलियों में छिपा है असली शहर अगर आप लखनऊ को स्थानीय व्यक्ति की नजर से देखना चाहते हैं, तो केवल बड़े पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहें। पुराने शहर की गलियों में थोड़ा समय जरूर बिताएं। दिलकुशा कोठी ऐसी ही जगहों में से एक है। अंग्रेजों के समय की यह इमारत अब खंडहर में बदल चुकी है, लेकिन इसकी वास्तुकला और आसपास का शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं। बेगम हजरत महल पार्क भी हरियाली और खुले वातावरण के लिए अच्छा विकल्प है। वहीं पुराने Lucknow का चौक इलाका आपको शहर की असली रफ्तार दिखाता है। चौक की गलियों में आज भी कई कारीगर चिकनकारी और जरदोजी जैसे पारंपरिक काम को आगे बढ़ा रहे हैं। यहां घूमते हुए आपको समझ