भारत के ऐसे गांव जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे
भारत विविधताओं(Diversity) का देश है। इसके हर भाग में अलग-अलग तरह की संस्कृतियों(cultural) और रहन-सहन वाले लोग निवास करते हैं। ऐसे में भारत के कुछ गांव ऐसे भी हैं जिनके बारे में जानकर आपको बहुत ही हैरानी होगी। भारत के उन प्रसिद्ध गांव(famous village) के बारे में जो किसी न किसी दृष्टि(Vision) से खास माने जाते हैं। माणा गांव को भारत का सबसे पहला गांव माना जाता है। ऐसा इसलिए नहीं है क्योंकि यह गांव सबसे पहले बसा था। बल्कि ऐसा इसलिए है क्योंकि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में माणा गांव का दौरा किया था। जिस दौरान उन्होंने कहा कि इस गांव को भारत का प्रथम गांव माना जाना चाहिए। और सिर्फ इसी गांव को नहीं, बल्कि भारत के सीमा से जुड़े सभी गांव को भारत का प्रथम गांव माना जाना चाहिए। उसी दिन के बाद से इस गांव को भारत का पहला गांव कहकर बुलाया जाने लगा। 2.लोंगवा विलेज नागालैंड(Longwa Village Nagaland) नागालैंड के मौन जिले में स्थित यह लोंगवा गांव अपने आप में ही बहुत अचंभित (astonished) करने वाला गांव है जहां आज के समय में एक देश से दूसरे देश जाने के लिए लोगों को वीजा और पासपोर्ट (Visa and Passport) और भी न जाने कई तरह के कागजातों की जरूरत पड़ती है। वहीं नागालैंड का यह लोंगवा गांव दो देशों की सीमा पर बसा हुआ है।भारत और म्यांमार का अंतरराष्ट्रीय सीमा(International border of India and Myanmar) इस गांव को दो टुकड़ों में विभाजित कर देती है। लेकिन इससे भी ज्यादा हैरानी करने वाली बात यह है कि इस गांव में किसी के घर के बीच से अंतरराष्ट्रीय सीमा गुजरती है। जी हां आपने सही पढ़ा इस गांव में किसी का बेडरूम भारत में है और किचन म्यांमार में। जहां लोग एक कदम आगे बढ़ते हीं भारत के हो जाते हैं और वहीं अगले हीं पल अपने कदम पीछे कर फिर से म्यांमार चले जाते हैं। इस गांव के लोगों के पास भारत और म्यांमार दोनों देश की नागरिकता(citizenship of both countries) है। इस गांव में घूमने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यह गांव सिर्फ इसलिए हीं मशहूर(famous) नहीं है, बल्कि इस गांव की प्रकृति खुबसूरती(nature beauty) भी बहुत ही बेहतरीन है। यहां के लोग बहुत हीं सदा जीवन जीने वाले लोग हैं और वे लोग एक साथ मिलजुल कर रहते है। 3.मधापुर गांव गुजरात(Madhapar Village Gujarat) जब भी हम गांव की परिकल्पना करते हैं या गांव के बारे में सोचते हैं तो हमें छोटे-छोटे मकान झुग्गियाँ और खेत खलिहान (huts and farm barns) नजर आते हैं। यह सब देखने के बाद ऐसा लगता है कि गांवों में कितनी गरीबी (poverty) है। लेकिन आज मैं आपको बताने जा रही हूं एक ऐसे गांव के बारे में जहां धन और दौलत (money and wealth) के मामले में बड़े शहरों के निवासियों (residents of cities) से भी ज्यादा अमीर लोग रहते हैं। यह भारत का सबसे अमीर गांव है। गुजरात के मधापुर गांव में 7600 घर है और इस गांव की आबादी (population) 92000 के आसपास है। अब आप सोचेंगे कि ऐसा क्या है इस गांव में जो इसे भारत के दूसरे गांव से अलग बनाती है। क्या है वह वजह जिसके कारण इस गांव में चारों ओर अमीरी ही अमीरी दिखती है।दरअसल यह है कि इस गांव के अधिकतर लोग विदेश में रहते हैं। यहां के लोग मुख्यतः कनाडा यूएई जैसे जगहों पर रहते हैं। इस गांव के कुछ लोग तो करोड़पति हैं। ऐसे में इस गांव में चारों तरफ रौनक दिखना तो लाज़िमी (mandatory) है।