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काजीरंगा नेशनल पार्क घूमने का है प्लान तो जानिए टूर पैकेजों के इन ऑपशंस के बारे में

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असम के सोनितपुर जिले में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सिंग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया भर में जाना जाता है। असम का यह काजीरंगा नेशनल पार्क हमेशा से हीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और पूरे भारत में पाए जाने वाले 90% गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क इन गैंडों के अतिरिक्त अन्य कई जानवरों का आशियाना है। जिनमें मुख्यतः बाघ, हाथी, पैंथर, जंगली भैंसे, भालू और अन्य कई प्रकार की पक्षियाँ शामिल हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क में जंगल सफारी (Jungle Safari in Kaziranga National Park) काजीरंगा नेशनल पार्क के चार रेंज हैं। जिनमें सबसे पहला है वेस्टर्न रेंज, जिसे बागरी रेंज के नाम से भी जाना जाता है। सेंट्रल रेंज को कोहरा रेंज कहा जाता है। पूर्वी रेंज को अगरतोली रेंज के नाम से पुकारा जाता है। बुरापहाड़ रेंज का कोई दूसरा उपनाम नहीं है। अगर आप भी काजीरंगा नेशनल पार्क का टूर करना चाहते हैं तो इसके लिए यहां चार तरह के टूर पैकेज उपलब्ध हैं। 1. काजीरंगा फन टूर 1 जीप सफार:- टूर पैकेज 2 दिन और एक रात का है, जिसका टूर प्लानर कुछ इस प्रकार का होगा:- पहला दिन (गुवाहाटी से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान) यात्रा के पहले दिन आप गुवाहाटी पहुंचेंगे और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के लिए निकल जाएंगे। जहां पहुंचकर आप जंगल के रिजॉर्ट में चेक इन करेंगे। दोपहर के समय आपको भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। दोपहर का खाना खाकर आप काजीरंगा नेशनल पार्क के वेस्टर्न रेंज यानी बागोरी रेंज और केंद्रीय रेंज यानी कोर रेंज में जीप सफारी के लिए जाएंगे। आपको रात इसी रिसोर्ट में बितानी होगी। दूसरा दिन (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से गुवाहाटी) सुबह के समय काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के सेंट्रल रेंज यानी कोहरा रेंज और वेस्टर्न रेंज यानी बागोरी रेंज में हाथी की सफारी के लिए निकल जाएं। एलिफेंट सफारी के बाद आप काजीरंगा ऑर्किड पार्क घूमने के लिए चले जाएंं। यहां आपको ऑर्किड की 500 से भी अधिक अलग-अलग तरह की प्रजातियां देखने को मिलेगी। इसके अलावा भी आप यहां 132 अलग-अलग तरह की पत्तेदार सब्जियों की वैरायटी और बेत की 12 प्रजातियों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके बाद आप असम के खूबसूरत चाय के बागानों का दौरा करने जाएंगे। चाय के बागानों में घूमने के बाद आप गुवाहाटी हवाई अड्डा के लिए निकल जाएंगे। इसके बाद आपकी यात्रा समाप्त हो जाएगी। 2. जीप और हाथी सफारी के साथ काजीरानागा मनोरंजन यात्रा:- यह टूर पैकेज तीन दिनों और दो रातों का होगा। पहला दिन (गुवाहाटी से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान) पहले दिन आप गुवाहाटी हवाई अड्डे या फिर गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के लिए निकलेंगे। जहां पहुंचकर आप रिजॉर्ट में चेक इन करेंगे और शाम को इधर-उधर टहलने के बाद रात को रिजॉर्ट में हीं आराम करेंगे। दूसरा दिन (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान)दूसरे दिन सुबह के समय काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पश्चिमी और केंद्रीय रेंज में हाथी सफारी के लिए निकल जाएंगे। हाथी सफारी के बाद आप काजीरंगा ऑर्किड पार्क का दौरा करेंगे। जहां आप 500 से भी अधिक प्रकार की ऑर्किड के प्रजातियों का निरीक्षण करेंगे और इसके अलावा खट्टे फलों और पत्तेदार सब्जियों की कई प्रजातियों के बारे में भी जानेंगे और समझेंगे। ऑर्किड पार्क से लौट कर असम के चाय बागानों के दौरे के लिए निकल जाएंगे। इसके बाद आप दोपहर में लौट कर आएंगे और भोजन करके काजीरंगा के केंद्रीय रेंज में जीप सफारी के लिए चले जाएंगे। जीप सफारी के बाद वापस रिजॉर्ट लौट कर वहीं रात को आराम करेंगे। तीसरा दिन (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से गुवाहाटी) अगले दिन आप पहले सुबह नाश्ता करने के बाद गुवाहाटी हवाई अड्डा या रेलवे स्टेशन के लिए निकल जाएंगे। इसके बाद आपकी यात्रा समाप्त हो जाएगी। 3. काजीरंगा हॉलिडे टूर:- यह टूर पैकेज तीन रातों और चार दिनों का है। पहला दिन (गुवाहाटी से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान)यात्रा के पहले दिन आप गुवाहाटी रेलवे स्टेशन या फिर हवाई अड्डा से काजीरंगा नेशनल पार्क के लिए आगे बढ़ेंगे। नेशनल पार्क पहुंचकर आप वहीं के जंगल रिजॉर्ट में चेक इन करेंगे और रात को यहीं आराम करेंगे। दूसरा दिन (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान)अगले दिन आप सुबह नाश्ता करने के बाद काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पश्चिमी क्षेत्र यानी बागोरी और केंद्रीय क्षेत्र यानी कोहरा रेंज में हाथी की सफारी का आनंद लेंगे। इस दिन आप भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों को जानने और समझने के लिए काजीरंगा नेशनल पार्क को एक्सप्लोर करेंगे। यहां आप ऑर्किड पार्क के विजिट के लिए भी जा सकते हैं। जहां आपको 500 से अधिक तरह की और किट की प्रजातियां देखने को मिलेगी। इसके अलावा आप काजीरंगा में 132 प्रकार की पत्तेदार सब्जियों की प्रजातियां और 46 प्रकार के बँसो की प्रजातियां को करीब से देखेंगे और उनके बारे में जानेंगे। तीसरा दिन (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान) सुबह नाश्ता करने के बाद आप काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पूर्वी रेंज में जीप सफारी के लिए जाएंगे इसके बाद आप काजीरंगा नेशनल पार्क के पास बसे हुए आदिवासी गांव कार्बी का दौरा करेंगे और कार्बी के लोगों की ग्रामीण जीवन शैली के बारे में जानने और समझने का प्रयास करेंगे। कार्बी गांव से लौटकर आप दोपहर का भोजन करेंगे और फिर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के केंद्रीय रेंज में जीप सफारी के तीसरे दौर के लिए चले जाएंगे। फिर रात में जंगल रिजॉर्ट में आराम करेंगे चौथा दिन (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से गुवाहाटी) यह आपके इस सफर का आखिरी दिन होगा। जहां आप सुबह नाश्ता करने के बाद नेशनल पार्क से गुवाहाटी हवाई अड्डा या फिर रेलवे स्टेशन के लिए निकल जाएंगे। आपकी यात्रा यहीं समाप्त हो जाएगी। 4. काजीरंगा शिलांग यात्रा:- यह टूर पैकेज चार रातों और पाँच दोनों का होगा। पहला दिन (गुवाहाटी से काजीरंगा नेशनल पार्क) इस टूर पैकेज का पहला दिन भी बाकी के टूर पैकेज की तरह ही होगा। जिसमें आप गुवाहाटी से काजीरंगा नेशनल पार्क की ओर आएंगे और जंगल रिसॉर्ट में चेकिंग करके वही रात को आराम करेंगे। दूसरा दिन काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान सुबह के समय आप काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बागोरी और कोहरा रेंज में हाथी के सफारी के लिए जाएंगे। हाथी के सफारी से लौट

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भारत के 90% से अधिक एक सींग वाले गैंडों का आशियाना है काजीरंगा नेशनल पार्क

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असम के सोनितपुर जिले में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सिंग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया भर में जाना जाता है। असम का यह काजीरंगा नेशनल पार्क हमेशा से हीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। यह नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और पूरे भारत में पाए जाने वाले 90% गैंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में ही पाए जाते हैं। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क इन गैंडों के अतिरिक्त अन्य कई जानवरों का आशियाना है। जिनमें मुख्यतः बाघ, हाथी, पैंथर, जंगली भैंसे, भालू और अन्य कई प्रकार की पक्षियाँ शामिल हैं। काजीरंगा का नेशनल पार्क इतिहास (History of Kaziranga National Park) काजीरंगा नेशनल पार्क की स्थापना 1905 ईस्वी में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्जन के द्वारा की गई थी। बताया जाता है कि लॉर्ड कर्जन की पत्नी मैरी विक्टोरिया लिटर कर्जन ने गैंडों की घटती संख्या की समस्या से चिंतित होकर अपने पति से उनके संरक्षण के लिए कार्रवाई करने के लिए कहा। इसके बाद लॉर्ड कर्जन द्वारा 1904 में काजीरंगा को एक रिजर्व बनाने का प्रस्ताव रखा गया और यह प्रस्ताव 1905 में पारित हुआ।हजारों जीव जंतुओं का यह आशियाना यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भी शामिल है। यूनेस्को ने इसे 1985 ईस्वी में वैश्विक धरोहर स्थल के रूप में अपने सूची में स्थान दिया। काजीरंगा नेशनल पार्क कैसे पहुंचे (How to reach Kaziranga National Park) काजीरंगा नेशनल पार्क 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अगर इसके भौगोलिक परिस्थितियों की बात की जाए तो यह ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे कार्बी की पहाड़ियों तक फैला हुआ है। काजीरंगा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले असम के गुवाहाटी शहर तक पहुंचना होगा। काजीरंगा नेशनल पार्क असम की राजधानी गुवाहाटी से लगभग 194 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप यहां फ्लाइट से आना चाहते हैं तो आप गुवाहाटी हवाई अड्डे तक की फ्लाइट ले सकते हैं। जहां देश के मुख्य हवाई अड्डों से आपको डायरेक्ट फ्लाइट की सुविधा मिल जाएगी। अगर आपके निकटतम हवाई अड्डे से डायरेक्ट फ्लाइट की सुविधा न हो तो आप कनेक्टिंग फ्लाइट भी ले सकते हैं। गुवाहाटी शहर से काजीरंगा नेशनल पार्क जाने के लिए आप बस या फिर कैब की सुविधा ले सकते हैं। नेशनल हाईवे 37 काजीरंगा नेशनल पार्क के पास से ही गुजरती है। अगर आप रेल मार्ग के द्वारा काजीरंगा नेशनल पार्क पहुंचाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हेलेम रेलवे स्टेशन पड़ेगा, जो काजीरंगा नेशनल पार्क से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नजदीक के शहरों से आप बस के जरिए भी काजीरंगा नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क में जंगल सफारी (Jungle Safari in Kaziranga National Park) काजीरंगा नेशनल पार्क के चार रेंज हैं। जिनमें सबसे पहला है वेस्टर्न रेंज, जिसे बागरी रेंज के नाम से भी जाना जाता है। सेंट्रल रेंज को कोहरा रेंज कहा जाता है। पूर्वी रेंज को अगरतोली रेंज के नाम से पुकारा जाता है। बुरापहाड़ रेंज का कोई दूसरा उपनाम नहीं है। अगर आप यहां जंगल सफारी करना चाहते हैं तो जंगल सफारी में अलग-अलग रेंज के लिए अलग-अलग चार्ज लगते हैं।काजीरंगा नेशनल पार्क में जंगल सफारी के दो ऑप्शंस देखने को मिलते हैं। पहला जीप सफारी और दूसरा एलिफेंट सफारी! जीप सफारी की सुविधा तो लगभग सभी नेशनल पार्क में अवेलेबल हो जाती है, लेकिन एलिफेंट सफारी की सुविधा कहीं-कहीं उपलब्ध है। काजीरंगा के नेशनल पार्क में भी आप एलिफेंट सफारी कर सकते हैं। एलिफेंट सफारी के लिए उपयोग में ले जाने वाले हाथी वाइल्ड एलिफेंट से काफी अलग होते हैं। बड़े से गजराज पर बैठकर जंगल की सैर करते समय आपको बिल्कुल राजा महाराजाओं वाली फीलिंग आएगी। अगर आप कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो आप जंगल सफारी के लिए एलिफेंट सफारी का उपयोग कर सकते हैं। यह सच में एडवेंचरस होता है। काजीरंगा नेशनल पार्क में जंगल सफारी के खर्च (Charges of Jungle Safari in Kaziranga National Park) जीप सफारी (Jeep Safari) सेंट्रल यानी कोहरा रेंज के जंगल सफारी के टिकट की कीमत भारतीयों के लिए ₹3700 और विदेशियों के लिए ₹6800 है। वेस्टर्न रेंज जिसे बागोरी रेंज भी कहा जाता है, में जंगल सफारी के टिकट की कीमत ₹3800 भारतीयों के लिए और ₹6900 विदेशियों के लिए है। पूर्वी रेंज यानी अगरतोली रेंज में जंगल सफारी के लिए विदेशियों को ₹10,300 की टिकट लेना पड़ता है, वहीं भारतीयों के लिए इस टिकट की कीमत ₹4400 होती है। अगर बात करें बुरापहाड़ रेंज के सफारी के टिकट की तो इसके लिए विदेशियों को ₹10,800 की टिकट लेनी होती है। वहीं भारतीयों को ₹4900 की टिकट लेना होता है। एलिफेंट सफारी (Elephant Safari) काजीरंगा में एलिफेंट सफारी की सुविधा वेस्टर्न यानी बागोरी रेंज और सेंट्रल यानी कोहरा रेंज में उपलब्ध है। वेस्टर्न रेंज की एलिफेंट सफारी सिर्फ भारतीय पर्यटकों के लिए उपलब्ध है। जिसके टिकट की कीमत ‘₹900 प्लस सर्विस चार्ज’ प्रति व्यक्ति है।वहीं सेंट्रल रेंज की एलिफेंट सफारी सिर्फ विदेशी पर्यटकों के लिए उपलब्ध है। जिसके टिकट की कीमत ₹3500 पर पर्सन है।