Daryaganj Sunday Book Market In Delhi
Daryaganj Book Market: दरियागंज – बुक लवर्स का बरसों पुराना ठिकाना कहते हैं किताबों की दुनिया में एक ऐसी कशिश होती है जो आँखों से होते हुए लबों की मुंडेर पार कर हमारी रगों में बहने लगती है और धीरे–धीरे हमारा मिज़ाज उसके अक्स का गवाह बन जाता है। किताब और पाठक का रिश्ता दुनिया के सबसे अटूट रिश्तों में से एक है। जिसे और मजबूत बनाती है देश के सबसे बड़ी पुस्तक मार्किट में से एक दरियागंज बुक मार्किट(Dariya ganj Book Market)। दिल्ली में स्थित दरियागंज मार्किट के बारे में तो आपने सुना ही होगा, जो देश विदेश के फेमस पब्लिशर्स का जाना पहचाना ठिकाना है। लेकिन क्या आपको पता है कि दरियागंज मार्किट में अलग-अलग विषयों पर आधारित किताबें भी मिलती है? जी हाँ, वही सारी किताबें जिनके बारे में हम सुनते और पढ़ते हैं। चाहे फिर वो किताब भारत के किसी भी कोने से प्रकाशित क्यों न हो। पुरानी दिल्ली का प्रसिद्ध इलाका दरियागंज विभिन्न कारणों से फेमस है जिसमें से एक बड़ा कारण वहां किताबों का भंडार होना भी है, जो पाठकों और बुक लवर्स के लिए एक अलग ही दुनिया का आभास कराता है। Daryaganj Book Market दरियागंज बुक मार्किट हाल-फ़िलहाल दरियागंज बुक मार्किट खूब चर्चा में रही, कारण था पिछले 50 वर्ष से भी अधिक समय से लगते आ रहे फेमस संडे बुक बाजार का हटना। संडे बुक बाजार का पूरे उत्तर भारत में नाम है। खासियत ये कि यहां पुस्तकें काफी कम दाम पर मिलती हैं। इसमें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय लेखकों के साहित्य से लेकर विज्ञान, धर्म, संगीत व पाक कला की पुस्तकें मिल जाती हैं। इसी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं तथा पाठ्यक्रमों की पुस्तकें भी सस्ती दर पर उपलब्ध होती हैं। लेकिन देखा जाए तो दरियागंज में किताबें केवल संडे को ही नहीं मिलती, बल्कि देश विदेश से किताबों का मार्किट में आना और पाठकों का इन किताबों को ले जाना पूरे सप्ताह भर लगा रहता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें दरियागंज की संडे बुक मार्किट अब चांदनी चौक में ब्रॉडवे होटल के सामने महिला हाट मैदान में लगती है। कोरोना के कारण फ़िलहाल यहाँ नियम थोड़े सख्त हैं। लेकिन सप्ताह के बाकी 6 दिन दरियागंज में ही किताबें मिलती हैं। वैसे दिल्ली गेट से थोड़ी ही दूरी पर दरियागंज शुरू हो जाता है। दुकानों के बाहर तक लगी पुस्तकें बुक लवर्स को खूब भाती हैं। जो पुस्तकें कहीं और नहीं मिलेगी वह यहां मिल जाएंगी। यहाँ लगभग पांच सौ बुक सेलर्स हैं। चाहे साहित्य प्रेमी हों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थी हों या फिर स्कूल-कालेजों में पढ़ने वाले छात्र यहाँ सभी बुक्स खरीदने आते हैं। जैसे आप यहाँ की किसी दुकान में घुसते हैं, पुस्तकों के आकर्षित कवर लुभाने लगते हैं। जैसे-जैसे आप अपने मतलब की किताबें ढूंढोगे यहाँ मौजूद हर रेक में कुछ अलग और बढ़िया मिलेगा। आप यकीन नहीं करेंगे यहाँ चार किताबों की क्या कीमत होगी? सिर्फ 200 रुपए। हाँ, सही पढ़ा सिर्फ 200 रुपए। प्रेमचंद, सूरदास, और महादेवी वर्मा से लेकर एलन मस्क, चार्ल्स डिकीन तक सब कुछ जब हम किसी दुकान पर पुस्तकें लेने जाते हैं, तब सबसे बड़ी परेशानी ये आती है कि हमें सारी पुस्तकें एक जगह नहीं मिलती। किताबों के लिए कितने मोहल्ले नापने पड़ते हैं। लेकिन दरियागंज की ये बुक शॉप्स आपको कहीं और नहीं जाने देंगी। सारा किताबी संसार दरियागंज की पुस्तकों की दुकानों में समाया हुआ लगता है, चाहे फिर आपको कुछ भी पढ़ना हो। आप इतिहास, समाजशास्त्र, रचनात्मक, पत्रकारिता विषय से संबंधित कुछ भी पढ़ना चाहें वो सब कुछ यहाँ मिलेगा। प्रेमचंद, सूरदास, और महादेवी वर्मा से लेकर एलन मस्क, चार्ल्स डिकीन तक सब कुछ। 200 रुपए की एक किलो किताबें आपकी जहाँ तक नज़र जाएगी आपको दुकानों के बाहर लगे रंग-बिरंगे बोर्ड दिखाई देंगे, जिन पर लिखा होगा 20 रुपए , 50 या ज्यादा से ज्यादा 100 रुपए। फिर फर्क नहीं पड़ता आप कितनी मोटी और किस लेखक की पुस्तक खरीदें। कई बार यहाँ आने वाले नए नवेले बुक लवर्स असमंजस में पड़ जाते हैं कि हजारों किताबों में से क्या खरीदा जाए और क्या छोड़ा जाए। और हाँ , सस्ती किताबों के अलावा दरियागंज में आपको किलो के भाव से भी किताबें मिल जाएँगी। 200 रुपए की एक किलो किताबें। निर्भर करता है की आपकी पसंद की किताब आपको कितना ढूंढने पर मिलती है। लेकिन फिर भी जो किताबें पढ़ने के लिए अपना बेस बनाना चाहते हैं खासकर नॉवेल पढ़ कर, उनके लिए तो यह जगह जन्नत है। किताबों के अलावा यहाँ आपको स्टेशनरी में भी बहुत साड़ी वैरायटी मिल जाएँगी। चाहे मोटे-मोटे रजिस्टर हों या डायरी जिनकी आमतौर पर कीमत 150 रुपए से भी ज्यादा होती है लेकिन दरियागंज पुस्तक मार्किट में वही आपको 50-70 रुपए में मिल जाएगा। चाहे आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो या आपको साहित्य पढ़ना अच्छा लगता हो, दरियागंज पुस्तक मार्किट में आपको न केवल पुस्तकें बल्कि पढ़ने-लिखने से जुड़ी हर सामग्री मिलेगी, चाहे फिर वो पेन-पेंसिल हो, स्टडी टेबल या परीक्षा का बोर्ड। (Dariya ganj Book Market)। गुलाब के सूखे फूल अब किताबों में नहीं मिलते क्योंकि आज शायद तेजी से भागते वक़्त के साथ किताब पढ़ने वालों का अंदाज़ बदल गया है, उनकी दुनिया बदल गई है। भले ही नए ज़माने की नई तकनीकों के कारण लोग किताबों को अब ऊपर की दराज़ में रखने लगे हैं लेकिन उन्हें पढ़ने वालों की चाहत और मोहब्बत आज भी कम नहीं हुई है। शायद इसलिए दरियागंज में आज भी हज़ारों बुक लवर्स किताबें खरीदने के लिए जाते हैं। Daryaganj Book Market Delhi क्यों जाएँ दरियागंज बुक हब ? Five Reasons to visit this place- 1.यहाँ लगभग पांच सौ बुक सेलर्स हैं। चाहे साहित्य प्रेमी हों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थी हों या फिर स्कूल-कालेजों में पढ़ने वाले छात्र यह जगह सभी के लिए माकूल है। 2.यह देश विदेश के फेमस पब्लिशर्स का जाना पहचाना ठिकाना है। 3.किताबों के अलावा यहाँ आपको स्टेशनरी में भी बहुत साड़ी वैरायटी मिल जाएँगी। 4.जो किताबें पढ़ने के लिए अपना बेस बनाना चाहते हैं खासकर नॉवेल पढ़ कर, उनके लिए तो यह जगह जन्नत है। 5.आप इतिहास, समाजशास्त्र, रचनात्मक, पत्रकारिता विषय से संबंधित कुछ भी पढ़ना चाहें वो सब