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Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में 9 ट्रेनें रद्द, 29 प्रभावित

Cyclone Murasu

कभी-कभी हम ट्रेन का टिकट कई दिन पहले बुक कर लेते हैं और सफर की पूरी तैयारी भी हो जाती है, लेकिन अचानक खराब मौसम सारी योजना बदल देता है। इन दिनों आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में आए Cyclone Murasu की वजह से कुछ ऐसा ही देखने को मिला। तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। कुछ ट्रेनें रद्द की गईं, तो कुछ को रास्ते में ही नियंत्रित किया गया।

Cyclone Murasu के असर से विजयवाड़ा, ओंगोल और गुडूर के बीच रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। दक्षिण तटीय रेलवे ने एहतियात के तौर पर 29 ट्रेनों को नियंत्रित किया और 9 ट्रेनों को 2 और 3 नवंबर के लिए रद्द किया। ऐसे में अगर आप आंध्र प्रदेश या इस रूट से होकर कहीं और जाने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर देख लें। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि Cyclone Murasu के कारण रेलवे ने क्या बदलाव किए और यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Cyclone Murasu ने कैसे प्रभावित किया आंध्र प्रदेश का रेल नेटवर्क?

बंगाल की खाड़ी से उठा Cyclone Murasu 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास ओंगोल के आसपास पहुंचा। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान तटीय इलाकों में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कुछ जगहों पर हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण आम जनजीवन के साथ-साथ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा।

खराब मौसम को देखते हुए दक्षिण तटीय रेलवे ने विजयवाड़ा–ओंगोल–गुडूर रेलखंड पर कुछ समय के लिए ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। रेलवे के लिए इस समय सबसे जरूरी काम पटरियों, पुलों और सिग्नल सिस्टम की सुरक्षा जांच करना था। इसी वजह से Cyclone Murasu के दौरान कई ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशन या रास्ते के दूसरे स्टेशनों पर ही रोकना पड़ा।

रेलवे ने बताया कि विजयवाड़ा मंडल में कुल 29 ट्रेनों का संचालन नियंत्रित किया गया। इनमें 19 ट्रेनें अप दिशा में और 10 ट्रेनें डाउन दिशा में थीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन 29 ट्रेनों को नियंत्रित करने का मतलब यह नहीं है कि सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई थीं। कुछ ट्रेनों को रास्ते में रोका गया, कुछ के समय में बदलाव हुआ और कुछ को दूसरे रास्ते से चलाया गया।

Cyclone Murasu

कौन-सी 9 ट्रेनें की गई थीं रद्द?

Cyclone Murasu के कारण दक्षिण तटीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 9 पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किया था। यह रद्दीकरण 2 और 3 नवंबर 2026 की यात्रा के लिए था। अगर आपका टिकट इन्हीं तारीखों का था, तो नीचे दी गई सूची से ट्रेन नंबर और रूट का मिलान कर सकते हैं।

रद्द की गई ट्रेनों में विजयवाड़ा और गुडूर के बीच चलने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल थीं। इसके अलावा गुंटूर, तेनाली, रेपल्ले और मार्कापुर रोड के बीच चलने वाली कुछ पैसेंजर सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं।

ट्रेन नंबरट्रेन का रूटरद्द होने की तारीख
67225विजयवाड़ा–गुडूर पैसेंजर2 नवंबर
67226गुडूर–विजयवाड़ा पैसेंजर3 नवंबर
12744विजयवाड़ा–गुडूर एक्सप्रेस2 नवंबर
12743गुडूर–विजयवाड़ा एक्सप्रेस3 नवंबर
67235गुंटूर–तेनाली पैसेंजर2 नवंबर
67236तेनाली–गुंटूर पैसेंजर3 नवंबर
67237तेनाली–रेपल्ले पैसेंजर2 नवंबर
67238रेपल्ले–मार्कापुर रोड पैसेंजर3 नवंबर
67239मार्कापुर रोड–तेनाली पैसेंजर3 नवंबर

यहां एक बात खास तौर पर याद रखें। Cyclone Murasu के चलते जारी की गई यह सूची 2 और 3 नवंबर की रद्द ट्रेनों की है। अगर आपकी यात्रा 4 नवंबर या इसके बाद की है, तो केवल इस पुरानी सूची को देखकर टिकट रद्द न मानें। अपनी ट्रेन का मौजूदा स्टेटस रेलवे के आधिकारिक माध्यम से जरूर जांचें।

सिर्फ ट्रेनें रद्द नहीं हुईं, कई लंबी दूरी की गाड़ियों पर भी पड़ा असर

Cyclone Murasu के कारण परेशानी केवल विजयवाड़ा–गुडूर के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनों तक सीमित नहीं रही। खराब मौसम के चलते लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों के समय और रास्ते में भी बदलाव करना पड़ा। इसका असर उन यात्रियों पर भी पड़ा जो आंध्र प्रदेश से दूसरे राज्यों की ओर जा रहे थे या वहां से आ रहे थे।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, तिरुपति से सिकंदराबाद, चेन्नई सेंट्रल से जोधपुर और जयपुर, तांबरम से हैदराबाद डेक्कन और काकीनाडा टाउन से तिरुपति जाने वाली कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को दूसरे रास्तों से चलाने की व्यवस्था भी की गई।

ऐसे हालात में केवल ट्रेन के पुराने टाइम-टेबल पर भरोसा करना ठीक नहीं है। कई बार ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन से समय पर चलती है, लेकिन आगे मौसम या ट्रैक की स्थिति के कारण उसे रोकना पड़ सकता है। इसलिए Cyclone Murasu से प्रभावित रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को ट्रेन के नंबर के साथ-साथ उसके अगले स्टेशनों की जानकारी भी देखते रहना चाहिए।

रेलवे ने सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम किए?

चक्रवात के समय रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों को सुरक्षित रखना और पटरियों को किसी भी नुकसान से बचाना होता है। तेज हवाओं में पेड़ की डालियां या दूसरी चीजें रेलवे ट्रैक पर गिर सकती हैं। भारी बारिश से पटरियों के आसपास पानी भर सकता है और पुलों पर भी खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से Cyclone Murasu के दौरान दक्षिण तटीय रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया।

रेलवे ने अपने जोनल और मंडल मुख्यालयों में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए। इन कंट्रोल रूम के जरिए मौसम विभाग और राज्य प्रशासन से लगातार जानकारी ली जा रही थी, ताकि जरूरत पड़ने पर ट्रेनों के संचालन में तुरंत बदलाव किया जा सके।

संवेदनशील रेलवे पुलों, पटरियों, यार्ड और सिग्नलिंग सिस्टम पर कर्मचारियों की निगरानी बढ़ाई गई। पेट्रोलमैन और वॉचमैन को जरूरी जगहों पर तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की परेशानी का समय रहते पता चल सके। इसके अलावा पटरियों के आसपास पानी जमा न हो, इसके लिए नालों और पानी की निकासी वाली जगहों की सफाई भी की गई।

Cyclone Murasu के दौरान यात्रियों की मदद के लिए प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क और अतिरिक्त टिकट रिफंड काउंटर की व्यवस्था भी की गई। रेलवे ने मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार की सुविधा को तैयार रखा। जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई।

Cyclone Murasu

ट्रेन रद्द होने पर टिकट का पैसा कैसे मिलेगा?

अगर रेलवे की ओर से आपकी ट्रेन पूरी तरह रद्द कर दी जाती है, तो टिकट के रिफंड के नियम लागू होते हैं। ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को आम तौर पर तय रेलवे नियमों के अनुसार रिफंड मिलता है। वहीं काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों को रिफंड के लिए रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर जाना पड़ सकता है।

हालांकि, हर स्थिति में रिफंड की प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती। ट्रेन पूरी तरह रद्द हुई है, रास्ता बदला गया है या ट्रेन सिर्फ कुछ समय के लिए रोकी गई है—इन सभी परिस्थितियों के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए Cyclone Murasu के कारण आपकी ट्रेन प्रभावित हुई है, तो पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना देखें और उसके बाद टिकट रिफंड से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करें।

अगर आपने IRCTC से ई-टिकट बुक किया है, तो अपने खाते में टिकट की स्थिति और रिफंड अपडेट देखते रहें। काउंटर टिकट के मामले में टिकट और पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें। किसी अनजान व्यक्ति को टिकट या बैंक से जुड़ी जानकारी न दें।

सफर से पहले ट्रेन का लाइव स्टेटस कैसे चेक करें?

Cyclone Murasu के बाद मौसम और रेलवे ट्रैक की स्थिति के हिसाब से ट्रेन सेवाओं में बदलाव हो सकता है। इसलिए स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की ताजा जानकारी लेना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम यानी NTES ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

NTES पर ट्रेन नंबर डालकर आप जान सकते हैं कि ट्रेन समय पर चल रही है, देरी से है, रद्द हुई है या उसका रास्ता बदला गया है। इसके अलावा रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 से भी ट्रेन से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है।

सफर से पहले ये तीन काम जरूर करें

  • अपनी ट्रेन का नंबर डालकर उसकी मौजूदा स्थिति देखें।
  • ट्रेन के शुरुआती स्टेशन के साथ अपने बोर्डिंग स्टेशन का अपडेट भी जांचें।
  • अगर ट्रेन रद्द या डायवर्ट हुई है, तो रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पढ़ें।

ध्यान रखें कि सोशल मीडिया पर कई बार पुरानी ट्रेन लिस्ट दोबारा शेयर होने लगती हैं। Cyclone Murasu से जुड़ी कोई भी पुरानी खबर देखकर तुरंत अपनी यात्रा रद्द न करें। पहले रेलवे के आधिकारिक अपडेट से जानकारी की पुष्टि करें।

Cyclone Murasu के बाद यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

चक्रवात का असर कम होने के बाद भी कुछ इलाकों में बारिश, जलभराव और तेज हवाओं की परेशानी बनी रह सकती है। ऐसे में रेलवे सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो सकती हैं। यात्रियों को यह समझना जरूरी है कि मौसम साफ होने का मतलब यह नहीं कि हर ट्रेन तुरंत अपने पुराने समय पर चलने लगेगी।

अगर आप आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से यात्रा कर रहे हैं, तो स्टेशन के लिए निकलने से पहले मौसम का हाल देख लें। अपने परिवार को ट्रेन की जानकारी और यात्रा का समय बता दें। स्टेशन पर पहुंचने के बाद अनाउंसमेंट और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर नजर रखें। अगर रेलवे कर्मचारी किसी प्लेटफॉर्म या रास्ते पर जाने से मना करते हैं, तो उनकी बात मानें।

Cyclone Murasu

Cyclone Murasu जैसी प्राकृतिक आपदा के समय जल्दबाजी में लिया गया फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। अगर यात्रा बहुत जरूरी नहीं है और आपके इलाके में मौसम खराब है, तो यात्रा कुछ समय के लिए टालने पर भी विचार करें।

Five Colors of Travel की ओर से खास यात्रा सुझाव

  • स्टेशन निकलने से पहले ट्रेन चेक करें। NTES ऐप या 139 पर अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर देखें। केवल टिकट पर लिखे पुराने समय के भरोसे स्टेशन न पहुंचें।
  • टिकट और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें। मोबाइल में ई-टिकट का स्क्रीनशॉट और जरूरी पहचान पत्र रखें। नेटवर्क की परेशानी होने पर भी टिकट दिखाने में आसानी होगी।
  • फोन और पावर बैंक चार्ज रखें। मौसम खराब होने पर ट्रेन की जानकारी बार-बार चेक करनी पड़ सकती है। इसलिए फोन की बैटरी और पावर बैंक पहले से चार्ज रखें।
  • खाने-पीने का जरूरी सामान साथ रखें। ट्रेन रास्ते में रुक जाए या देरी से चले, तो पानी की बोतल और कुछ सूखे स्नैक्स आपके काम आ सकते हैं।
  • अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी मानें। सोशल मीडिया पर मिली रद्द ट्रेनों की सूची को सही मानने से पहले रेलवे की वेबसाइट, NTES या 139 से उसकी पुष्टि करें।

Cyclone Murasu के कारण आंध्र प्रदेश में रेल सेवाओं पर असर जरूर पड़ा, लेकिन रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए। ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि आप धैर्य रखें, अपनी ट्रेन की सही जानकारी लें और बिना पुष्टि किए स्टेशन के लिए न निकलें। आपकी सुरक्षित यात्रा सबसे ज्यादा जरूरी है।

Shivani Pal

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