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Hill Station: भारत की 5 शांत पहाड़ी जगहें

Hill Station

शिमला-मनाली की भीड़ और ट्रैफिक से अलग, भारत के इन शांत पहाड़ी ठिकानों पर मिलेगा प्रकृति, सुकून और गांव जैसी धीमी जिंदगी का असली मजा। जब भी पहाड़ों पर घूमने का प्लान बनता है, तो सबसे पहले शिमला, मनाली, मसूरी या नैनीताल जैसे नाम दिमाग में आते हैं। ये जगहें अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं, लेकिन छुट्टियों के दिनों में यहां पहुंचते ही कई बार लगता है कि हम सुकून लेने नहीं, बल्कि भीड़ का हिस्सा बनने आए हैं।

सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइन, बाजारों में लोगों की भीड़ और हर जगह शोर के बीच पहाड़ों की वह शांति कहीं पीछे छूट जाती है, जिसके लिए हम इतनी दूर आते हैं। लेकिन भारत में पहाड़ों की खूबसूरती सिर्फ इन्हीं मशहूर जगहों तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसे Hill Station भी हैं, जो अभी तक बड़े पर्यटन केंद्रों की भीड़ से काफी दूर हैं।

यहां आपको ऊंचे पहाड़, हरे जंगल, साफ पानी, झरने, बादलों से ढकी चोटियां और गांव की शांत जिंदगी देखने को मिल सकती है। अगर आप अगली बार किसी ऐसे Hill Station की तलाश में हैं जहां सुबह की शुरुआत गाड़ियों के हॉर्न से नहीं, बल्कि पक्षियों की आवाज और ठंडी हवा से हो, तो इन पांच जगहों को अपनी यात्रा सूची में जरूर शामिल कर सकते हैं

चटपाल: कश्मीर में एक ऐसा Hill Station जहां सुकून ही पहचान है

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित चटपाल उन जगहों में से है, जहां पहुंचने के बाद आपको महसूस होगा कि पहाड़ों की असली खूबसूरती शायद भीड़ से दूर ही मिलती है। यह Hill Station बड़े पर्यटन केंद्रों की तरह व्यावसायिक गतिविधियों से भरा हुआ नहीं है, इसलिए यहां का माहौल काफी शांत और प्राकृतिक महसूस होता है।

चटपाल तक पहुंचने का रास्ता भी अपने आप में खूबसूरत है। घुमावदार पहाड़ी सड़कें, चारों तरफ फैली हरियाली और रास्ते में दिखाई देने वाले प्राकृतिक नजारे सफर को खास बना देते हैं। यहां पहुंचकर आप कुछ समय सिर्फ आसपास की प्रकृति को देखते हुए भी बिता सकते हैं। हरे मैदान और साफ पानी बनाते हैं चटपाल को खास। चटपाल की खूबसूरती सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं है।

 

यहां हरे-भरे मैदान, साफ पानी की धाराएं और छिपे हुए झरने देखने को मिलते हैं। अगर आपको ऐसी जगह पसंद है जहां घूमने के लिए हर समय किसी खास गतिविधि की जरूरत न हो, तो यह Hill Station आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां का शांत वातावरण उन लोगों को खास तौर पर पसंद आ सकता है जो रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ दिन दूर रहना चाहते हैं। शाम के समय पहाड़ों के बीच डूबता सूरज और आसपास की खामोशी चटपाल को और भी खूबसूरत बना देती है।

चटपाल में नहीं दिखेगा बड़े पर्यटन शहर जैसा शोर। चटपाल की एक खास बात यह है कि यहां बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और लगातार चलने वाली पर्यटकों की भीड़ नहीं मिलती। यही वजह है कि इस Hill Station का प्राकृतिक माहौल काफी हद तक बना हुआ है। अगर आपकी यात्रा का मतलब सिर्फ फोटो खिंचवाना और एक जगह से दूसरी जगह भागना नहीं, बल्कि कुछ समय प्रकृति के बीच रहना है, तो चटपाल को जरूर देख सकते हैं। यहां यात्रा थोड़ी धीमी होगी, लेकिन शायद इसी धीमेपन में आपको वह सुकून मिले जिसकी तलाश में आप पहाड़ों तक पहुंचे हैं।

चकराता: देवदार के जंगलों के बीच शांत पहाड़ी ठिकाना

उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित चकराता एक शांत कैंटोनमेंट टाउन है। मसूरी जैसे मशहूर Hill Station की तुलना में यहां का माहौल ज्यादा शांत और कम भीड़ वाला महसूस होता है। चारों तरफ फैले देवदार के जंगल इस जगह की खूबसूरती को अलग पहचान देते हैं। चकराता उन यात्रियों के लिए अच्छा विकल्प है जो प्रकृति के साथ-साथ थोड़ा रोमांच भी चाहते हैं।

यहां जंगलों के बीच एडवेंचर ट्रेल्स और आसपास घूमने के लिए कई प्राकृतिक जगहें मौजूद हैं। टाइगर फॉल्स: चकराता की सबसे खास जगहों में से एक। चकराता से करीब पांच किलोमीटर दूर टाइगर फॉल्स स्थित है। यह झरना तीन सौ मीटर से ज्यादा ऊंचाई से गिरता है और आसपास का प्राकृतिक माहौल इसे और भी खास बनाता है। अगर आप किसी Hill Station पर जाकर सिर्फ बाजारों में घूमने के बजाय प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो टाइगर फॉल्स जैसी जगह आपकी यात्रा को यादगार बना सकती है।

यहां तक पहुंचने का रास्ता भी पहाड़ी वातावरण और हरियाली से भरा हुआ है। जंगल, पक्षी और पहाड़ों का खूबसूरत नजारा। चकराता की खूबसूरती का एक और हिस्सा इसके जंगल हैं। यहां आपको अलग-अलग तरह के पक्षी देखने का मौका मिल सकता है और प्रकृति को करीब से महसूस किया जा सकता है। यहां से यमुना घाटी का नजारा भी देखा जा सकता है। अगर आपको फोटोग्राफी पसंद है, तो पहाड़ों, जंगलों और घाटी के दृश्य इस Hill Station को आपके लिए और खास बना सकते हैं।

सर्दियों में चकराता का अलग ही रूप। सर्दियों के मौसम में चकराता का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। इस दौरान यहां बर्फबारी देखने को मिल सकती है और स्कीइंग जैसी गतिविधियों का भी मजा लिया जा सकता है। चकराता की एक खास बात यह भी है कि यह मसूरी की तुलना में ज्यादा शांत और अपेक्षाकृत कम खर्च वाला विकल्प हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी लोकप्रिय Hill Station की जगह कम भीड़ वाली जगह तलाश रहे हैं, तो चकराता पर विचार कर सकते हैं।

बरोट वैली: नदी की आवाज के साथ बिताएं कुछ शांत दिन

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित बरोट वैली उन जगहों में से है जो अभी भी मुख्य पर्यटन सर्किट से काफी दूर है। यही वजह है कि यहां पहुंचकर आपको हिमाचल के पहाड़ी गांवों वाली धीमी और शांत जिंदगी का अनुभव मिलता है। बरोट वैली का यह Hill Station उन लोगों के लिए खास है जिन्हें प्रकृति के बीच बिना किसी जल्दबाजी के समय बिताना पसंद है।

यहां ऊहल नदी आसपास के पूरे माहौल को और खूबसूरत बनाती है। ऊहल नदी और पहाड़ों के बीच सुकून। बरोट वैली में ऊहल नदी के किनारे बैठकर कुछ समय बिताना अपने आप में एक अच्छा अनुभव हो सकता है। बहते पानी की आवाज, आसपास के पहाड़ और गांव का शांत माहौल आपको रोजमर्रा की भागदौड़ से बिल्कुल अलग दुनिया में ले जाते हैं। यहां ट्राउट फिशिंग भी की जा सकती है।

इसके अलावा आसपास के रास्ते और प्राकृतिक इलाके उन लोगों को पसंद आ सकते हैं जिन्हें पहाड़ों में घूमना और ट्रेकिंग करना अच्छा लगता है। ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए भी अच्छा विकल्प। बरोट वैली से बड़ा ग्रान ट्रेक जैसे रास्ते भी जुड़े हुए हैं।

 

अगर आप अपने Hill Station ट्रिप में थोड़ा एडवेंचर जोड़ना चाहते हैं, तो यहां ट्रेकिंग का अनुभव ले सकते हैं। रात के समय खुले आसमान के नीचे कैंपिंग करना और आसपास सिर्फ नदी की आवाज सुनना इस जगह की खासियतों में से एक है। यहां घूमने का सबसे अच्छा तरीका यही हो सकता है कि आप हर जगह जल्दी-जल्दी पहुंचने के बजाय कुछ समय एक ही जगह रुकें और वातावरण को महसूस करें।

मुंसियारी: पंचाचूली की चोटियों का खूबसूरत नजारा

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित मुंसियारी को अक्सर “छोटा कश्मीर” भी कहा जाता है। बर्फ से ढकी चोटियां, झरने, हरे बुग्याल और चारों तरफ फैली पहाड़ी खूबसूरती इसे एक खास Hill Station बनाती है। मुंसियारी की सबसे बड़ी खासियतों में से एक यहां से दिखाई देने वाला पंचाचूली का नजारा है। कई जगहों से आपको पहाड़ों का लगभग 360 डिग्री दृश्य देखने को मिलता है, जो खासकर फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए बहुत अच्छा अनुभव हो सकता है।

ट्रेकिंग पसंद है तो मुंसियारी जरूर देखें। मुंसियारी सिर्फ शांत बैठकर पहाड़ देखने वाली जगह नहीं है। यह कई हिमालयी ट्रेक के लिए आधार क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। यहां से मिलम, रालम और नामिक ग्लेशियर की तरफ जाने वाले ट्रेक किए जाते हैं। यानी अगर आप ऐसे Hill Station की तलाश में हैं जहां आराम के साथ-साथ एडवेंचर का विकल्प भी मिले, तो मुंसियारी आपके लिए अच्छा चुनाव हो सकता है।

अकेले या परिवार के साथ, दोनों तरह की यात्रा के लिए ठीक। मुंसियारी की खूबसूरती ऐसी है कि यहां अकेले घूमने वाले यात्री, परिवार के साथ आने वाले लोग और फोटोग्राफी पसंद करने वाले यात्री सभी अपना समय अच्छे से बिता सकते हैं। यहां स्थानीय होमस्टे में रुकने का विकल्प भी मिलता है। इससे आपको सिर्फ एक कमरे में ठहरने के बजाय स्थानीय जीवन को थोड़ा करीब से समझने का मौका मिलता है।

साफ आसमान और बर्फीली चोटियों का नजारा। अक्टूबर और सर्दियों के आसपास मौसम साफ होने पर दूर की बर्फीली चोटियां ज्यादा साफ दिखाई दे सकती हैं। ऐसे समय में मुंसियारी का Hill Station रूप और भी खूबसूरत नजर आता है। अगर आपका मकसद किसी लोकप्रिय जगह पर जाकर सिर्फ भीड़ में घूमना नहीं, बल्कि पहाड़ों के बीच कुछ दिन शांति से बिताना है, तो मुंसियारी आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए।

मेघमलाई: बादलों से ढके पहाड़ों का खूबसूरत ठिकाना

अब बात करते हैं दक्षिण भारत के एक ऐसे Hill Station की, जो बाकी चार जगहों से बिल्कुल अलग अनुभव देता है। तमिलनाडु के पश्चिमी घाट में स्थित मेघमलाई को “बादलों से ढका पहाड़” कहा जाता है। नाम की तरह ही यहां का वातावरण भी बादलों और धुंध से घिरा हुआ नजर आ सकता है।

पहाड़ों पर फैले चाय और इलायची के बागान इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। चाय और इलायची के बागानों के बीच सफर। मेघमलाई की यात्रा के दौरान आपको पहाड़ी रास्तों के साथ-साथ चाय और इलायची के बागान देखने को मिलते हैं। हरे पहाड़ों के बीच फैले ये बागान इस Hill Station को बाकी पहाड़ी जगहों से अलग पहचान देते हैं।

अगर आपको ऐसी जगहें पसंद हैं जहां प्रकृति का रंग हर तरफ दिखाई दे, तो मेघमलाई आपको काफी पसंद आ सकता है। झरने, बांध और धुंध से ढके पहाड़। मेघमलाई में सिर्फ पहाड़ और बागान ही नहीं हैं। यहां बांध, झरने और प्राकृतिक रास्ते भी देखने को मिलते हैं। सुबह के समय पहाड़ों पर छाई धुंध और आसपास दिखाई देने वाली हरियाली माहौल को और खूबसूरत बना देती है। यह जगह उन लोगों के लिए भी अच्छी हो सकती है जिन्हें सुबह-सुबह प्रकृति के बीच घूमना और पक्षियों को देखना पसंद है।

वन्यजीव और ट्रेकिंग का अनुभव। मेघमलाई वन्यजीव अभयारण्य और आसपास के ट्रेकिंग रास्ते इसे सिर्फ एक सामान्य Hill Station नहीं रहने देते, बल्कि प्रकृति को करीब से समझने का मौका भी देते हैं। यहां यात्रा करते समय प्रकृति और स्थानीय वातावरण का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी जगहों की खूबसूरती तभी लंबे समय तक बनी रह सकती है, जब घूमने वाले लोग इसे साफ रखने और स्थानीय संस्कृति का सम्मान करने की जिम्मेदारी भी समझें।

आखिर इन हिडन Hill Stations में क्या खास है?

इन पांचों जगहों की अपनी अलग पहचान है। चटपाल आपको कश्मीर की शांति और प्राकृतिक खूबसूरती देता है, चकराता देवदार के जंगलों और एडवेंचर के लिए जाना जाता है, बरोट वैली नदी और गांव की धीमी जिंदगी के करीब ले जाती है, मुंसियारी बर्फीली चोटियों और ट्रेकिंग का अनुभव देती है, जबकि मेघमलाई आपको दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटों की हरियाली और बादलों से ढके पहाड़ दिखाता है।

इन सभी जगहों में एक चीज समान है—यहां आप लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों जैसी लगातार भीड़ से कुछ दूरी महसूस कर सकते हैं। यही वजह है कि अगली बार अगर आपका मन किसी ऐसे Hill Station पर जाने का हो जहां कुछ दिन बिना जल्दबाजी के बिताए जा सकें, तो इन जगहों को जरूर याद रखें।

हिडन जगहों पर घूमते समय जिम्मेदारी भी जरूरी है

कम भीड़ वाली जगहों पर जाना अच्छा लगता है, लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि पर्यटन बढ़ने के साथ इन जगहों पर दबाव भी बढ़ सकता है। इसलिए यात्रा के दौरान प्लास्टिक का कचरा फैलाने से बचना चाहिए और स्थानीय लोगों की संस्कृति और उनके शांत वातावरण का सम्मान करना चाहिए।

जहां संभव हो, स्थानीय होमस्टे, छोटी दुकानें और स्थानीय कारोबारियों को प्राथमिकता देना भी अच्छा तरीका है। इससे आपकी यात्रा का पैसा सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचता है और इन छोटे पर्यटन स्थलों को भी फायदा मिलता है। अगर आप किसी Hill Station पर जा रहे हैं, तो सिर्फ यह मत सोचिए कि वहां क्या देखना है। यह भी सोचिए कि वहां से लौटते समय उस जगह के लिए क्या अच्छा छोड़कर आना है।

अगली यात्रा के लिए कौन सा Hill Station चुनें?

अगर आपको बिल्कुल शांत और प्राकृतिक जगह चाहिए, तो चटपाल अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर जंगल, झरने और थोड़ा रोमांच पसंद है, तो चकराता बेहतर रहेगा। नदी के किनारे धीमी जिंदगी और कैंपिंग पसंद करने वालों के लिए बरोट वैली खास हो सकती है। वहीं बर्फीली चोटियों, ट्रेकिंग और हिमालयी नजारों के लिए मुंसियारी को चुना जा सकता है।

 

अगर दक्षिण भारत में बादलों, चाय के बागानों और पश्चिमी घाट की हरियाली के बीच घूमना चाहते हैं, तो मेघमलाई आपकी पसंद बन सकती है। यानी हर Hill Station का अपना अलग अनुभव है। बस जरूरत इस बात की है कि आप अपनी पसंद के हिसाब से जगह चुनें और वहां घूमने की बजाय कुछ समय वहां जीने की कोशिश करें।

Five Colors of Travel की ओर से 5 खास सुझाव

  • पहाड़ों की खूबसूरती बनाए रखने के लिए बोतल, पैकेट या दूसरा कचरा रास्ते में न फेंकें और सही जगह पर ही डालें।
  • वहां के लोगों, रीति-रिवाजों और शांत माहौल का ध्यान रखें। तेज म्यूजिक और बेवजह के शोर से बचें।
  • पहाड़ों पर मौसम जल्दी बदल सकता है, इसलिए निकलने से पहले मौसम की जानकारी लें और जरूरी गर्म कपड़े व सामान साथ रखें।
  •  एक साथ बहुत सारी जगहें देखने के बजाय कम जगह चुनें और वहां आराम से समय बिताएं, तभी यात्रा का असली मजा आएगा।
  • बड़े होटल और बाजारों के साथ स्थानीय होमस्टे, दुकानों और छोटे कारोबारियों को भी मौका दें, इससे स्थानीय लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

भारत के पहाड़ों की खूबसूरती सिर्फ उन जगहों में नहीं है, जिनके नाम हर कोई जानता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में आज भी ऐसे कई Hill Station मौजूद हैं जहां प्रकृति, शांति और स्थानीय जीवन को करीब से महसूस किया जा सकता है।

तो अगली बार अगर शिमला या मनाली की भीड़ देखकर आपका मन थोड़ा बदल जाए, तो इन पांच हिडन पहाड़ी जगहों के बारे में जरूर सोचिए। हो सकता है आपकी अगली यात्रा किसी ऐसी सड़क से शुरू हो, जहां ट्रैफिक कम हो, आसपास सिर्फ पहाड़ हों और मंजिल से ज्यादा खूबसूरत खुद रास्ता लगे।

Shivani Pal

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