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2 दिन में घूमिए Nainital, Bhimtal और Kainchi Dham

Nainital

अगर आप Delhi की गर्मी, ट्रैफिक और रोज़ की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का Nainital आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। पहाड़ों के बीच बसी खूबसूरत झील, ठंडी हवाएं, शाम की जगमगाती सड़कें और चारों तरफ दिखाई देने वाली हरियाली, यही सब मिलकर Nainital को एक ऐसी जगह बनाते हैं जहां लोग बार-बार जाना चाहते हैं।

Nainital के साथ अगर Bhimtal, Naukuchiatal और Kainchi Dham को भी अपने प्लान में जोड़ लिया जाए, तो सिर्फ दो दिनों में एक बेहद शानदार पहाड़ी ट्रिप पूरी हो सकती है। इस सफर में आपको कहीं झील के किनारे बैठने का सुकून मिलेगा, कहीं पहाड़ों पर ट्रैकिंग का मजा आएगा और कहीं मंदिर की शांति मन को बिल्कुल हल्का कर देगी।

सबसे अच्छी बात यह है कि Nainital Delhi से ज्यादा दूर भी नहीं है। सड़क मार्ग से इसकी दूरी लगभग 300 से 320 किलोमीटर है। इसलिए शुक्रवार रात या शनिवार सुबह निकलकर आप एक शानदार वीकेंड ट्रिप प्लान कर सकते हैं

Nainital कैसे पहुंचें?

Nainital पहुंचने के लिए आपके पास सड़क, ट्रेन और फ्लाइट तीनों विकल्प मौजूद हैं। अगर आप अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो Delhi से गाजियाबाद, हापुड़, गजरौला, मुरादाबाद, रामपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी और काठगोदाम होते हुए Nainital पहुंच सकते हैं। रास्ता काफी अच्छा है और जैसे-जैसे आप हल्द्वानी से आगे बढ़ते हैं, वैसे-वैसे पहाड़ों की शुरुआत हो जाती है।

Delhi से Nainital पहुंचने में आमतौर पर 7 से 8 घंटे लग सकते हैं। ट्रेन से जाने वालों के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। Delhi से नई दिल्ली-काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस एक अच्छा विकल्प है। इसके अलावा रानीखेत एक्सप्रेस जैसी ओवरनाइट ट्रेनें भी उपलब्ध हैं।

काठगोदाम पहुंचने के बाद स्टेशन के बाहर से Nainital के लिए शेयर्ड टैक्सी आसानी से मिल जाती है। करीब डेढ़ घंटे की पहाड़ी यात्रा के बाद आप Nainital पहुंच जाएंगे। अगर फ्लाइट से जाना चाहते हैं तो पंतनगर एयरपोर्ट सबसे नजदीक है। वहां से टैक्सी लेकर Nainital पहुंचा जा सकता है।

पहला दिन: Nainital की झील, मंदिर, पहाड़ और शाम की खूबसूरती

Nainital

सुबह पहुंचिए और थोड़ा आराम कीजिए

अगर आप सुबह काठगोदाम पहुंचते हैं, तो वहां से टैक्सी लेकर Nainital की ओर निकल सकते हैं। पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए Nainital पहुंचने का अनुभव ही अपने आप में काफी खूबसूरत होता है। Nainital समुद्र तल से करीब 1,938 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

यहां पहुंचते ही मौसम में बदलाव साफ महसूस होने लगता है। गर्मियों में भी यहां की हवा Delhi से काफी ठंडी लगती है। होटल पहुंचकर पहले चेक-इन कीजिए, थोड़ा आराम कीजिए और फिर तैयार होकर शहर घूमने निकल जाइए। कोशिश करें कि होटल मॉल रोड या झील के आसपास हो, ताकि आपको घूमने में आसानी रहे।

दोपहर में नैनी झील की सैर

Nainital की पहचान उसकी खूबसूरत नैनी झील से है। यह झील शहर के बिल्कुल बीच में स्थित है और चारों तरफ पहाड़ियों से घिरी हुई है। Nainital पहुंचकर सबसे पहले नैनी झील में बोटिंग का अनुभव जरूर लेना चाहिए। यहां पैडल बोट और रोइंग बोट दोनों विकल्प मिलते हैं। झील के शांत पानी में नाव चलते हुए चारों तरफ पहाड़ों को देखना काफी सुकून भरा अनुभव होता है।

जब झील के पानी में आसपास की पहाड़ियों और इमारतों का प्रतिबिंब दिखाई देता है, तो वह नजारा कैमरे से ज्यादा आंखों में कैद करने का मन करता है। बोटिंग के लिए हमेशा आधिकारिक टिकट काउंटर से ही टिकट लें।

लाइफ जैकेट पहनना न भूलें और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। Nainital की यात्रा में नैनी झील सिर्फ एक घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यह उस शहर का असली माहौल महसूस करने का सबसे अच्छा तरीका है।

नैना देवी मंदिर के दर्शन

नैनी झील के किनारे स्थित नैना देवी मंदिर Nainital के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर देवी सती से जुड़ी मान्यताओं के कारण बेहद पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि जब भगवान शिव देवी सती के पार्थिव शरीर को लेकर तांडव कर रहे थे, तब उनके शरीर के अलग-अलग अंग पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों पर गिरे थे।

मान्यता के अनुसार Nainital में माता की आंखें गिरी थीं, जिसके कारण इस जगह का नाम नैनीताल पड़ा। मंदिर के अंदर का माहौल काफी शांत रहता है। झील के किनारे बने इस मंदिर में दर्शन करने के बाद कुछ समय बैठना अच्छा अनुभव हो सकता है। अगर आपका समय शाम तक का है, तो यहां की आरती में शामिल होना भी एक अच्छा अनुभव रहेगा।

टिफिन टॉप की तरफ निकलें

दोपहर के बाद अगर आप थोड़ा एडवेंचर करना चाहते हैं, तो टिफिन टॉप जा सकते हैं। इसे डोरोथी सीट के नाम से भी जाना जाता है। टिफिन टॉप तक पहुंचने के लिए लगभग 4 किलोमीटर का रास्ता है। रास्ते में देवदार, ओक और चीड़ के पेड़ मिलते हैं।

जो लोग पैदल चलना पसंद करते हैं, उनके लिए यह सफर काफी अच्छा हो सकता है। अगर ट्रैकिंग नहीं करनी है तो घोड़े की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। टिफिन टॉप करीब 2,292 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से Nainital शहर और आसपास की पहाड़ियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है।

साफ मौसम में हिमालय की कुछ बर्फीली चोटियां भी नजर आ सकती हैं। शाम के समय यहां बैठकर गर्म चाय पीते हुए पहाड़ों का नजारा देखना अपने आप में एक अलग अनुभव है।

Nainital

बच्चों के साथ हैं तो हाई एल्टीट्यूड जू भी जा सकते हैं

अगर आपके साथ बच्चे हैं या आपको वन्यजीव देखना पसंद है, तो Pt. G.B. Pant High Altitude Zoo भी प्लान में शामिल किया जा सकता है। यह भारत के ऊंचाई पर बने प्रमुख चिड़ियाघरों में शामिल है।

यहां स्नो लेपर्ड, हिमालयी काला भालू, बार्किंग डियर और कई तरह के पक्षी देखे जा सकते हैं। हालांकि दो दिन की यात्रा में हर जगह जाना संभव नहीं होता, इसलिए टिफिन टॉप और जू में से अपनी पसंद के अनुसार किसी एक को चुनना बेहतर रहेगा।

शाम को मॉल रोड का असली माहौल

शाम होते ही Nainital की मॉल रोड पूरी तरह बदल जाती है। दिन में शांत दिखने वाली यह सड़क शाम को लोगों से भर जाती है। एक तरफ झील होती है और दूसरी तरफ दुकानें, कैफे और खाने-पीने के छोटे स्टॉल। मॉल रोड पर आराम से टहलना Nainital की यात्रा का जरूरी हिस्सा है।

रात में झील के पानी पर पड़ती स्ट्रीट लाइट्स की रोशनी देखने लायक होती है। यहां घूमते हुए आप तिब्बती और भूटिया मार्केट की तरफ भी जा सकते हैं। मोमोज, थुकपा और दूसरे तिब्बती खाने यहां काफी पसंद किए जाते हैं। अगर आप मोमोज पसंद करते हैं तो गर्मागर्म वेज या नॉन-वेज मोमोज और तीखी चटनी का स्वाद जरूर लें।

मॉल रोड पर गाड़ी लेकर जाने से पहले नियम जान लें

Nainital में ट्रैफिक नियम काफी सख्त हैं। खासतौर पर मॉल रोड पर बाहरी गाड़ियों की आवाजाही सीमित रहती है। पीक सीजन में शाम के समय कई हिस्सों में वाहनों की एंट्री बंद हो सकती है। इसलिए अपनी गाड़ी लेकर Nainital जाने से पहले पार्किंग की जानकारी जरूर कर लें।

शहर में प्रवेश के दौरान इको टैक्स भी लिया जाता है। गाड़ियों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में खड़ा करना पड़ता है। बेहतर होगा कि होटल पहुंचने के बाद शहर के अंदर घूमने के लिए पैदल चलें या स्थानीय टैक्सी का इस्तेमाल करें।

दूसरा दिन: Bhimtal, Naukuchiatal और Kainchi Dham

सुबह Bhimtal की ओर निकलें

दूसरे दिन सुबह जल्दी होटल से चेक-आउट करके Bhimtal की तरफ निकल सकते हैं। Nainital से Bhimtal की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। Bhimtal, Nainital की तुलना में काफी शांत और कम भीड़भाड़ वाला है। यहां की सबसे बड़ी खासियत इसकी विशाल झील है। Bhimtal झील के बीच में एक छोटा सा द्वीप भी है, जो इस जगह को और खास बनाता है।

नाव से इस द्वीप तक पहुंचा जा सकता है। द्वीप पर बना एक्वेरियम पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां कुछ समय बिताने के बाद आप झील के किनारे बैठकर पहाड़ों की शांति का आनंद ले सकते हैं। अगर Nainital आपको चहल-पहल वाला पहाड़ी शहर लगता है, तो Bhimtal उसका शांत और आरामदायक रूप दिखाई देता है।

भीमेश्वर महादेव मंदिर

Bhimtal घूमते समय भीमेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन भी किए जा सकते हैं। यह प्राचीन मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव पुत्र भीम से जोड़ा जाता है। मंदिर के आसपास का वातावरण शांत रहता है और यहां कुछ देर बैठकर पहाड़ी माहौल को महसूस करना अच्छा लगता है।

अब चलिए नौकुचियाताल

Bhimtal से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित Naukuchiatal एक बेहद खूबसूरत झील है। इसका नाम इसके नौ कोनों की वजह से पड़ा है। यह जगह उन लोगों के लिए खास है जो भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं। Naukuchiatal में आप कयाकिंग और बोटिंग कर सकते हैं।

झील के आसपास की हरियाली और शांत वातावरण इसे काफी खूबसूरत बनाते हैं। एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए यहां पैराग्लाइडिंग और जिपलाइन जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध हो सकती हैं। Nainital की भीड़ से निकलकर Naukuchiatal पहुंचने पर आपको महसूस होगा कि कुमाऊं की असली शांति शायद ऐसी ही जगहों पर छिपी हुई है।

Nainital

कुमाऊं के स्थानीय खाने का स्वाद जरूर लें

पहाड़ों की यात्रा बिना स्थानीय खाना खाए अधूरी लगती है। Bhimtal और Naukuchiatal के आसपास आपको कुमाऊं का पारंपरिक भोजन मिल सकता है। आलू के गुटके, भट्ट की चुरकानी और मंडुआ की रोटी जरूर ट्राई करें।

आलू के गुटके मसालों के साथ तैयार किए गए सूखे आलू होते हैं, जो पहाड़ों में काफी पसंद किए जाते हैं। भट्ट की चुरकानी भी कुमाऊं के पारंपरिक व्यंजनों में शामिल है। स्थानीय खाना खाने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आप सिर्फ किसी जगह को देखते नहीं, बल्कि उसके स्वाद को भी महसूस करते हैं।

दोपहर के बाद पहुंचिए Kainchi Dham

Nainital और आसपास की यात्रा में Kainchi Dham को शामिल करना एक अलग अनुभव हो सकता है। पहाड़ों और नदी घाटी के बीच स्थित यह आश्रम नीम करोली बाबा से जुड़ा हुआ है। 1962 में स्थापित इस धाम में देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर से लोग पहुंचते हैं।

Kainchi Dham का वातावरण काफी शांत है। यहां पहुंचकर आपको शहरों की भागदौड़ से बिल्कुल अलग दुनिया महसूस होती है। आश्रम परिसर में दर्शन करने के बाद कुछ समय शांति से बैठना अच्छा अनुभव हो सकता है। यहां आने वाले बहुत से लोग सिर्फ धार्मिक कारणों से नहीं, बल्कि मन की शांति के लिए भी आते हैं।

Nainital घूमने आए हैं और आपकी यात्रा में थोड़ा आध्यात्मिक अनुभव भी चाहिए, तो Kainchi Dham को अपने दूसरे दिन के प्लान में जरूर शामिल कर सकते हैं। मंदिर परिसर में नियमों का पालन करना जरूरी है। शालीन कपड़े पहनें और वहां की व्यवस्था का सम्मान करें।

Kainchi Dham से काठगोदाम की वापसी

Kainchi Dham घूमने के बाद आप भवाली और रानीबाग के रास्ते काठगोदाम की तरफ निकल सकते हैं। अगर आपने वापसी की ट्रेन पहले से बुक की है, तो समय का ध्यान रखें। पहाड़ों में ट्रैफिक और मौसम की वजह से कई बार यात्रा का समय बढ़ सकता है।

शाम तक काठगोदाम पहुंचकर आप अपनी ट्रेन पकड़ सकते हैं और अगले दिन वापस Delhi पहुंच सकते हैं। इस तरह सिर्फ दो दिनों में Nainital, Bhimtal, Naukuchiatal और Kainchi Dham की यात्रा पूरी की जा सकती है।

अगर समय मिले तो इन जगहों को भी देख सकते हैं

पंगोट

Nainital से करीब 16 किलोमीटर दूर स्थित पंगोट प्रकृति प्रेमियों के लिए शानदार जगह है। यह खासतौर पर बर्ड वॉचिंग के लिए जाना जाता है। घने जंगल और शांत माहौल इसे Nainital की भीड़ से दूर एक अच्छा विकल्प बनाते हैं।

सातताल

सातताल अपने नाम की तरह कई झीलों का समूह है। जंगलों के बीच बसी यह जगह कयाकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए काफी अच्छी है। अगर आपके पास Nainital में एक अतिरिक्त दिन है, तो सातताल को अपने प्लान में शामिल किया जा सकता है।

किलबरी फॉरेस्ट

घने ओक के पेड़ों और शांत वातावरण के बीच स्थित किलबरी फॉरेस्ट उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो शहर की भीड़ से दूर जाना चाहते हैं। यह जगह खासतौर पर नेचर वॉक और फोटोग्राफी के लिए अच्छी मानी जाती है।

घोराखाल

घोराखाल भी आसपास की खूबसूरत जगहों में शामिल है। पहाड़ों के बीच स्थित यह इलाका शांत वातावरण और सुंदर दृश्यों के लिए जाना जाता है। अगर आप धार्मिक और प्राकृतिक दोनों तरह की जगहों को पसंद करते हैं, तो इसे अपने प्लान में शामिल कर सकते हैं।

खुरपाताल झील

Nainital से करीब 11 किलोमीटर दूर स्थित खुरपाताल एक शांत झील है। यह जगह फोटोग्राफी और प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए अच्छी है। अगर आपको Nainital की मुख्य झील के अलावा कुछ शांत जगह देखनी है, तो खुरपाताल एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

Nainital ट्रिप में पैसे कैसे बचाएं?

पहाड़ों में यात्रा करते समय टैक्सी का खर्च काफी बढ़ सकता है। इसलिए जहां तक संभव हो, शहर के अंदर पैदल घूमने की कोशिश करें। व्यू पॉइंट तक जाने के लिए हर बार प्राइवेट कैब लेने की बजाय शेयर्ड टैक्सी की जानकारी लें। Nainital की स्थानीय बेकरियों का स्वाद लेना भी एक अच्छा अनुभव है। यहां क्रीम बन और दूसरी बेकरी आइटम काफी लोकप्रिय हैं।

Nainital

कुमाऊं की मशहूर बाल मिठाई भी जरूर ट्राई करें। यह पहाड़ों से घर ले जाने के लिए अच्छा तोहफा भी हो सकती है। एक जरूरी बात यह भी है कि पहाड़ों में इंटरनेट नेटवर्क हर जगह एक जैसा नहीं मिलता। छोटे दुकानदारों और टैक्सी वालों के यहां कई बार डिजिटल पेमेंट में परेशानी हो सकती है।

इसलिए अपने पास कुछ कैश जरूर रखें। पीक सीजन या वीकेंड पर यात्रा कर रहे हैं तो सुबह जल्दी निकलें। देर से निकलने पर पहाड़ी रास्तों में ट्रैफिक मिल सकता है।

Nainital की यात्रा क्यों है खास?

Nainital सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं है। यहां हर तरह के यात्री के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। अगर आपको झील पसंद है तो नैनी झील और Bhimtal है। अगर आपको एडवेंचर चाहिए तो टिफिन टॉप और Naukuchiatal में गतिविधियां हैं। अगर शांति चाहिए तो सातताल और पंगोट जैसे विकल्प हैं।

और अगर आध्यात्मिक अनुभव चाहिए तो Kainchi Dham मौजूद है। यही वजह है कि Nainital की दो दिन की यात्रा छोटी जरूर है, लेकिन अनुभवों से भरी हुई हो सकती है। पहाड़ों की यात्रा में जरूरी नहीं कि आप हर जगह पहुंचें।

कई बार किसी झील के किनारे बैठकर आधा घंटा बिताना भी किसी दस जगहों की भागदौड़ से ज्यादा यादगार बन जाता है। तो अगर अगला वीकेंड खाली है और आप शहर की भागदौड़ से थोड़ा दूर जाना चाहते हैं, तो अपना बैग पैक कीजिए और Nainital की ओर निकल पड़िए।

Five Colors of Travel की ओर से कुछ खास सुझाव

  • Nainital में वीकेंड पर ट्रैफिक से बचने के लिए सुबह जल्दी घूमने निकलें।
  • नैनी झील में बोटिंग करते समय हमेशा लाइफ जैकेट पहनें और आधिकारिक काउंटर से टिकट लें।
  • Bhimtal और Naukuchiatal को जल्दबाजी में न घूमें, वहां थोड़ा समय निकालकर झील के किनारे बैठें।
  • Kainchi Dham जाते समय मंदिर के नियमों और ड्रेस की मर्यादा का ध्यान रखें।
  • पहाड़ों में रात के समय अनजान और सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें।
  • यात्रा के दौरान कुछ कैश, गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां अपने बैग में जरूर रखें।
Shivani Pal

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