65L Traveling Bag: Trekking और Long Trip के लिए Best Bag
लंबे सफर पर निकलते समय सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि आखिर अपना सारा सामान रखें तो रखें कहां। कुछ कपड़े, जैकेट, जूते, पानी की बोतल, टॉर्च, दवाइयां, खाने का सामान और अगर ट्रेकिंग पर जा रहे हैं, तो टेंट और स्लीपिंग बैग जैसी चीजें भी साथ रखनी पड़ती हैं। ऐसे में छोटा बैग जल्दी भर जाता है और सामान को ठूंस-ठूंसकर रखने की नौबत आ जाती है।
यहीं एक अच्छा Traveling Bag काफी काम आता है। अगर आप 5 से 7 दिन की यात्रा, लंबी ट्रेकिंग या ऐसी यात्रा पर जा रहे हैं, जहां आपको अपना काफी सामान खुद लेकर चलना है, तो 65 लीटर का रकसैक आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसकी बड़ी क्षमता की वजह से इसमें रोजमर्रा के कपड़ों से लेकर ट्रेकिंग का जरूरी सामान तक आसानी से रखा जा सकता है।
लेकिन केवल बड़ा बैग खरीद लेना ही काफी नहीं है। बैग का डिजाइन कैसा है, वजन शरीर पर किस तरह बैठता है, कंधों और कमर के लिए सहारा कैसा है, सामान रखने के लिए कितने हिस्से हैं और बारिश से बचाने की सुविधा मिलती है या नहीं, इन सभी चीजों को देखना जरूरी है। इसलिए अगर आप ऐसा Traveling Bag लेने की सोच रहे हैं, जिसे ट्रेकिंग और लंबी यात्रा, दोनों में इस्तेमाल किया जा सके, तो 65L रकसैक के बारे में ये बातें आपके लिए काफी काम की हो सकती हैं।
65L Traveling Bag किसके लिए सही है?
65 लीटर की क्षमता वाला Traveling Bag उन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी होता है, जिन्हें एक-दो दिन की छोटी यात्रा के बजाय कई दिनों की यात्रा पर जाना होता है। अगर आप केवल एक रात या दो दिन के लिए किसी शहर में घूमने जा रहे हैं, तो इतना बड़ा बैग शायद जरूरी न हो।
लेकिन जब यात्रा 5 से 7 दिन की हो जाती है, तब इसकी बड़ी जगह काफी काम आती है। ट्रेकिंग के दौरान स्थिति थोड़ी अलग होती है। वहां आपको केवल कपड़े नहीं रखने होते। टेंट, स्लीपिंग बैग, मैट, खाने-पीने का सामान, पानी, जैकेट और दूसरे जरूरी ट्रेकिंग सामान भी साथ रखने पड़ते हैं। ऐसे में 65L का Traveling Bag सामान को एक ही जगह रखने में मदद करता है।
इसका एक फायदा यह भी है कि आपको हर छोटी चीज के लिए अलग बैग लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ती। सही तरीके से पैक करने पर कपड़े, खाने का सामान और ट्रेकिंग की जरूरी चीजें अलग-अलग हिस्सों में रखी जा सकती हैं।
65L Traveling Bag की सबसे बड़ी खासियत
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किसी भी बड़े Traveling Bag को खरीदते समय सबसे पहले उसकी क्षमता देखी जाती है। 65L का मतलब है कि इसमें काफी ज्यादा सामान रखा जा सकता है। यही वजह है कि इस आकार के बैग लंबे ट्रेक और कई दिनों की यात्रा में काफी पसंद किए जाते हैं। आप इसमें कई जोड़ी कपड़े, गर्म कपड़े, जैकेट, जूते, टॉयलेटरी किट और दूसरी जरूरी चीजें रख सकते हैं।
अगर आप किसी ट्रेक पर जा रहे हैं, तो टेंट, स्लीपिंग बैग और खाने का सामान भी इसमें रखा जा सकता है। हालांकि बड़ी क्षमता का मतलब यह नहीं है कि बैग को जरूरत से ज्यादा भर दिया जाए। बैग जितना बड़ा होगा, उसमें उतना ही ज्यादा सामान डालने का मन करेगा।
लेकिन लंबी यात्रा में आराम से चलने के लिए सामान का वजन और पैकिंग, दोनों सही रखना जरूरी है। इसलिए 65L Traveling Bag का सबसे अच्छा इस्तेमाल तभी होगा, जब आप इसमें केवल जरूरी सामान रखें और हर चीज को उसकी सही जगह पर व्यवस्थित करें।
अंदर का फ्रेम बेहतर सहारा देता है
अच्छे ट्रेकिंग बैग में अक्सर अंदर का फ्रेम दिया जाता है। इसका काम केवल बैग को आकार देना नहीं है, बल्कि सामान के वजन को शरीर पर सही तरीके से संभालने में मदद करना भी है। जब आप कई किलो सामान लेकर पहाड़ी रास्ते पर चल रहे होते हैं, तो बैग का वजन एक तरफ खिंचने लगे, तो चलना मुश्किल हो सकता है।
अंदर का फ्रेम बैग को एक मजबूत ढांचा देता है। इससे सामान अंदर ज्यादा इधर-उधर नहीं होता। एक अच्छे Traveling Bag में यह सुविधा लंबी दूरी की ट्रेकिंग में खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। बैग को सही तरीके से व्यवस्थित और शरीर के अनुसार समायोजित करने के बाद चलने में ज्यादा सुविधा मिलती है और सामान भी अपनी जगह पर रहता है।
गद्देदार कंधे की पट्टियां क्यों जरूरी हैं?
बड़ा बैग मतलब ज्यादा सामान और ज्यादा सामान मतलब ज्यादा वजन। ऐसे में कंधों पर पड़ने वाला दबाव काफी मायने रखता है। इसलिए किसी भी बड़े Traveling Bag में अच्छी गद्देदार कंधे की पट्टियां होना जरूरी है। गद्देदार पट्टियां कंधों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करती हैं।
इन्हें शरीर के अनुसार समायोजित भी किया जा सकता है, जिससे बैग शरीर पर सही तरीके से फिट रहता है। अगर आप कई घंटे तक बैग पहनकर चलने वाले हैं, तो केवल बैग की क्षमता देखकर खरीदने के बजाय उसकी पट्टियों और फिटिंग पर भी ध्यान दें।
कमर की पट्टी वजन संभालती है
65L का Traveling Bag भरने के बाद उसका वजन काफी बढ़ सकता है। इसलिए इसमें कमर की पट्टी होना बहुत उपयोगी सुविधा है। सही फिटिंग होने पर बैग का काफी वजन केवल कंधों पर नहीं रहता, बल्कि कूल्हों के आसपास भी बंट जाता है।
यही वजह है कि ट्रेकिंग बैग में कमर की पट्टी को काफी अहम माना जाता है। खासकर तब, जब आप कई घंटे लगातार चढ़ाई या लंबी दूरी पर चल रहे हों। बैग पहनते समय पहले कंधे की पट्टियों को समायोजित करें। इसके बाद कमर की पट्टी को अपनी कमर के अनुसार फिट करें। इससे बैग शरीर के साथ ज्यादा स्थिर रहता है और चलते समय ज्यादा हिलता-डुलता नहीं है।
बारिश में रेन कवर बहुत काम आता है
ट्रेकिंग और बाहर की यात्रा में मौसम कभी भी बदल सकता है। सुबह धूप हो सकती है और कुछ घंटे बाद बारिश शुरू हो सकती है। ऐसे समय में बैग के अंदर रखा सामान बचाना जरूरी होता है। एक अच्छे Traveling Bag के साथ रेन कवर मिलना काफी उपयोगी सुविधा है।
रेन कवर बैग को बारिश से बचाने में मदद करता है और अंदर रखे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा दूसरी जरूरी चीजों को सुरक्षित रखने में सहायक हो सकता है। अगर आप पहाड़ी इलाकों में ट्रेकिंग करते हैं, तो रेन कवर को बैग के सबसे नीचे दबाकर रखने के बजाय ऐसी जगह रखें, जहां जरूरत पड़ते ही उसे तुरंत निकाला जा सके।
हवादार पीठ वाला हिस्सा सफर आरामदायक बनाता है
लंबे समय तक बैग पीठ पर रखने से पसीना आना सामान्य बात है। खासकर गर्म मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती है। इसी वजह से कुछ ट्रेकिंग बैग में हवादार पीठ वाला हिस्सा दिया जाता है। यह डिजाइन पीठ और बैग के बीच थोड़ी हवा का प्रवाह बनाए रखने में मदद करता है।
अगर आप गर्म जगहों पर यात्रा कर रहे हैं या लंबी दूरी तक पैदल चल रहे हैं, तो यह सुविधा काफी काम आ सकती है। एक बड़े Traveling Bag में केवल ज्यादा सामान रखना ही जरूरी नहीं है। उसे लंबे समय तक आराम से लेकर चल पाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
65L Traveling Bag में क्या-क्या रखा जा सकता है?
अब सबसे बड़ा सवाल आता है कि आखिर 65L के Traveling Bag में कितना सामान आ सकता है। अगर आप 5 से 7 दिन की यात्रा पर जा रहे हैं, तो इसमें कई जोड़ी कपड़े, गर्म जैकेट, ट्रैक पैंट, टी-शर्ट, मोजे, अंतर्वस्त्र, टॉयलेटरी किट, चप्पल या जूते और दूसरी जरूरी चीजें रखी जा सकती हैं।
ट्रेकिंग के लिए इसमें स्लीपिंग बैग, टेंट का हिस्सा, मैट, खाना, पानी और जरूरी ट्रेकिंग सामान भी रखा जा सकता है। अगर टेंट साझा किया जा रहा है, तो उसका वजन यात्रियों के बीच बांटा जा सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को 65L का बैग हमेशा पूरी तरह भरकर ही ले जाना चाहिए। असल फायदा इसकी अतिरिक्त जगह का है, जिससे आपको सामान को जबरदस्ती ठूंसने की जरूरत नहीं पड़ती।
सामान पैक करने का सही तरीका
बड़े Traveling Bag को सही तरीके से पैक करना भी एक कला है। अगर भारी सामान सबसे ऊपर या बैग के बाहर की तरफ रख दिया जाए, तो चलते समय बैग पीछे की ओर खिंच सकता है। टेंट, पानी की बोतल और खाने जैसी भारी चीजों को बैग के बीच वाले हिस्से में और पीठ के करीब रखना बेहतर माना जाता है।
इससे बैग का संतुलन बना रहता है। ऊपर वाले हिस्से में ऐसी चीजें रखें, जिनकी आपको बार-बार जरूरत पड़ सकती है। जैसे रेन जैकेट, पानी की बोतल, हल्का नाश्ता, टॉर्च या जरूरी दवाइयां। कपड़ों को अलग-अलग छोटे पैक में रखने से भी काफी फायदा होता है। इससे जरूरत पड़ने पर पूरे बैग को खोलने की जरूरत नहीं पड़ती और सामान आसानी से मिल जाता है।
भारी सामान को पीठ के करीब क्यों रखें?
लंबी ट्रेकिंग के दौरान बैग का वजन केवल कम होना ही जरूरी नहीं है। उसका सही जगह पर होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आमतौर पर भारी सामान को पीठ के करीब और बैग के बीच वाले हिस्से में रखने से बैग का संतुलन बेहतर रहता है। बहुत भारी चीज को सबसे नीचे या बहुत ऊपर रखने से बैग का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए अपने Traveling Bag को पैक करते समय वजन को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर रखें। इससे चलते समय बैग ज्यादा स्थिर महसूस हो सकता है और शरीर पर अनावश्यक दबाव कम पड़ सकता है।
5 से 7 दिन की यात्रा के लिए उपयोगी
अगर आपकी यात्रा लंबी है, तो कपड़े और जरूरी सामान भी ज्यादा होगा। यही वह जगह है, जहां 65L का Traveling Bag छोटे बैग की तुलना में ज्यादा उपयोगी साबित होता है। मान लीजिए आप केदारनाथ, रूपकुंड, Valley of Flowers या Hampta Pass जैसी ट्रेकिंग पर जा रहे हैं।
ऐसी यात्राओं में आपको सामान्य शहर वाली यात्रा से ज्यादा सामान लेकर चलना पड़ सकता है। गर्म और ठंडे दोनों तरह के कपड़े, खाने का सामान और ट्रेकिंग गियर साथ रखने के लिए अतिरिक्त जगह चाहिए होती है। 65L की क्षमता इस जरूरत को पूरा कर सकती है।
65L Traveling Bag और छोटी यात्रा का बैग
छोटी यात्रा के लिए 20 से 30L का बैग काफी हो सकता है। लेकिन जैसे-जैसे यात्रा की अवधि बढ़ती है, वैसे-वैसे ज्यादा जगह की जरूरत पड़ती है। अगर आप 5 से 7 दिन की यात्रा की योजना बना रहे हैं और होटल से होटल जाने के बजाय ट्रेकिंग या कैंपिंग करने वाले हैं, तो 65L का Traveling Bag अधिक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। यह खासकर उन यात्रियों के लिए उपयोगी है, जो अपना सामान खुद लेकर चलना पसंद करते हैं और अलग-अलग छोटे बैग लेकर नहीं चलना चाहते।
कीमत कितनी हो सकती है?
भारत में 50 से 65L के रकसैक की कीमत ब्रांड, सामग्री, डिजाइन और सुविधाओं के अनुसार काफी अलग हो सकती है। बजट श्रेणी में लगभग ₹3,500 से ₹4,500 के आसपास विकल्प मिल सकते हैं। मध्यम श्रेणी में लगभग ₹5,500 से ₹7,500 तक के बैग देखे जा सकते हैं।
वहीं Osprey और Deuter जैसे प्रीमियम ब्रांड के बैग ₹8,000 से ₹16,000 या उससे अधिक कीमत में भी मिल सकते हैं। इसलिए Traveling Bag खरीदते समय केवल कीमत देखकर फैसला न करें। अपनी यात्रा की जरूरत और बैग में मिलने वाली सुविधाओं को देखकर बजट तय करना ज्यादा सही रहेगा।
बैग खरीदने से पहले किन चीजों को देखें?
सबसे पहले बैग की क्षमता देखें। अगर आप नियमित रूप से लंबे ट्रेक करते हैं, तो 60 से 65L का बैग उपयोगी हो सकता है। इसके बाद कंधे की पट्टियों, कमर की पट्टी और पीठ वाले हिस्से की फिटिंग देखें। बैग पहनकर देखना सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि हर व्यक्ति के शरीर की बनावट अलग होती है।
इसके अलावा रेन कवर, जेब, अलग-अलग हिस्से और जिप की गुणवत्ता भी देखना जरूरी है। अगर बैग में अलग-अलग हिस्से हैं, तो सामान को व्यवस्थित रखना आसान हो जाता है। यह भी जांचें कि बैग का वजन खाली होने पर बहुत ज्यादा तो नहीं है।
Traveling Bag को साफ कैसे रखें?
ट्रेकिंग के बाद बैग में मिट्टी, धूल और पसीना जमा होना सामान्य है। लेकिन इसे साफ करते समय थोड़ा ध्यान रखना चाहिए। रकसैक को वॉशिंग मशीन में डालना सही तरीका नहीं है। हल्के साबुन और गुनगुने पानी की मदद से इसे हाथ से साफ करना बेहतर रहता है।
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सफाई के बाद बैग को अच्छी तरह हवा में सुखाएं। इसे तेज धूप में लंबे समय तक रखने से बचें, खासकर अगर उसमें ऐसी परत है, जो लगातार तेज धूप से प्रभावित हो सकती है। अगर आप अपने Traveling Bag को सही तरीके से साफ और सुरक्षित रखेंगे, तो उसकी उम्र भी अच्छी बनी रह सकती है।
क्या 65L Traveling Bag आपके लिए सही है?
अगर आप अक्सर 5 से 7 दिन की यात्रा करते हैं, ट्रेकिंग या कैंपिंग पसंद करते हैं और अपने साथ काफी सामान लेकर चलते हैं, तो 65L का Traveling Bag आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
इसमें बड़ी जगह के साथ अंदर का फ्रेम, गद्देदार कंधे की पट्टियां, कमर की पट्टी, कई हिस्से और रेन कवर जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। लेकिन अगर आप ज्यादातर छोटी और हल्की यात्राएं करते हैं, तो इतना बड़ा बैग लेने की जरूरत नहीं है। आपके लिए छोटा और हल्का बैग ज्यादा सुविधाजनक रहेगा।
Five Colors of Travel की ओर से खास सुझाव
- 65L की जगह देखकर हर चीज डालने की कोशिश न करें। केवल वही सामान रखें, जिसकी यात्रा में सच में जरूरत है।
- टेंट, पानी और खाने जैसी भारी चीजों को पीठ के करीब और बैग के बीच वाले हिस्से में रखें। इससे चलते समय बैग का संतुलन बना रहेगा।
- अगर आपके Traveling Bag के साथ रेन कवर मिलता है, तो उसे सबसे नीचे न रखें। ऐसी जगह रखें, जहां बारिश शुरू होते ही उसे तुरंत निकाला जा सके।
- खरीदने से पहले कंधे की पट्टियों और कमर की पट्टी को समायोजित करके देखें। लंबे ट्रेक में सही फिटिंग बहुत फर्क डालती है।
- सफर से लौटने के बाद मिट्टी और धूल साफ करें। बैग को पूरी तरह सुखाकर ही रखें। इससे आपका Traveling Bag लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रहेगा।
एक लंबी यात्रा में अच्छा बैग केवल सामान रखने का जरिया नहीं होता। अगर बैग सही फिट है और सामान सही तरीके से रखा गया है, तो पूरी यात्रा काफी आसान हो सकती है। 65L का Traveling Bag खासकर उन यात्रियों के लिए उपयोगी है, जो 5 से 7 दिन की यात्रा, ट्रेकिंग या कैंपिंग की तैयारी कर रहे हैं। इसकी बड़ी जगह में कपड़ों से लेकर टेंट, स्लीपिंग बैग, खाना और दूसरे जरूरी सामान तक रखा जा सकता है।
अगर आप ऐसा बैग खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल लीटर क्षमता देखकर फैसला न करें। बैग की फिटिंग, कमर की पट्टी, गद्देदार सुरक्षा, पीठ का सहारा, जेब और रेन कवर जैसी सुविधाओं को भी जरूर देखें। सही Traveling Bag वही है, जिसमें आपका सामान आसानी से आ जाए, बैग पहनने के बाद शरीर पर ज्यादा दबाव महसूस न हो और लंबी यात्रा में आपको इसे लेकर बार-बार परेशानी न हो।