निर्जला एकादशी पर यात्रियों को राहत, भिवानी-खाटू श्यामजी व रेवाड़ी-रींगस स्पेशल ट्रेनें इस दिन से चलेंगी
निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं और यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने विशेष रेल सेवाओं के संचालन और विस्तार का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन की ओर से भिवानी–खाटू श्यामजी बालाजी–भिवानी अनारक्षित स्पेशल रेलसेवा चलाई जाएगी। इसके साथ ही रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी के बीच संचालित दो जोड़ी अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि भी बढ़ाई गई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे हरियाणा और राजस्थान के हजारों श्रद्धालुओं को खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
वाड़ी–रींगस–रेवाड़ी स्पेशल का संचालन:
रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 09633/09634 रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी स्पेशल का संचालन रेवाड़ी से 26 जून तथा रींगस से 27 जून तक बढ़ाया गया है। वहीं 09637/09638 रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी स्पेशल का संचालन 24, 26 और 29 जून को दोनों दिशाओं में जारी रहेगा।
इसके अलावा गाड़ी संख्या 04737/04738 भिवानी–खाटू श्यामजी बालाजी–भिवानी अनारक्षित स्पेशल रेलसेवा का संचालन 25 जून से 28 जून 2026 तक किया जाएगा। ट्रेन भिवानी से रात 12:15 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7:05 बजे खाटू श्यामजी बालाजी पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन सुबह 10:25 बजे खाटू श्यामजी बालाजी से रवाना होकर शाम 6:00 बजे भिवानी पहुंचेगी।
यह विशेष रेलसेवा चरखी दादरी, झाड़ली, कोसली, जाटूसाना, रेवाड़ी, कुंड, अटेली, नारनौल, निजामपुर, डाबला, मानोता, नीमकाथाना, कांवट, श्रीमाधोपुर और रींगस सहित विभिन्न स्टेशनों पर ठहरेगी। इससे रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन में 10 सामान्य श्रेणी के डिब्बे और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 12 कोच लगेंगे:
रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्पेशल ट्रेन में 10 सामान्य श्रेणी के डिब्बे और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 12 कोच लगाए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी और नियमित ट्रेनों पर दबाव भी कम होगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन के समय और स्टॉपेज की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा स्टेशन पर समय से पहुंचें। निर्जला एकादशी और धार्मिक आयोजनों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह विशेष रेलसेवा क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।





