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नवंबर में घूमने के लिए भारत के 5 ऑफबीट डेस्टिनेशन भीड़ से दूर और सुकून के बेहद करीब..

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क्यों नवंबर ऑफबीट ट्रैवल के लिए सबसे बेहतरीन महीना है? नवंबर का महीना भारत में यात्रा करने के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता। मौसम एकदम सुहावना, हवा में हल्की ठंडक, और आकाश बिल्कुल साफ। ये तीन चीजें हर यात्री को पहाड़ों, घाटियों और अनजाने कोनों में खींच ले जाती हैं। इस समय न ज्यादा गर्मी है, न भारी सर्दी न ही बरसात की परेशानी और न ही भीड़ की मारामारी। यही वजह है कि नवंबर उन यात्रियों के लिए सबसे सही महीना है, जिनका मन भीड़ से दूर कहीं शांत, सुंदर और अनोखी जगहों पर जाने का होता है। भारत में कई ऐसे ऑफबीट डेस्टिनेशन हैं जो अभी तक आम पर्यटकों की नज़र से बचे हुए हैं, लेकिन अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, सांस्कृतिक गहराई और शांत वातावरण के कारण आज के समय में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं। माजुली, असम दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप अगर आप सच में एक अनोखी जगह देखना चाहते हैं, तो ब्रह्मपुत्र नदी में बसे माजुली द्वीप से बेहतर विकल्प नहीं। यह दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है और नवंबर में इसका मौसम बिलकुल परफेक्ट होता है। धूप हल्की रहती है, हवा में ठंडक होती है और नदी के किनारे फैला हरा-भरा मैदान मन को तृप्त कर देता है। माजुली सिर्फ एक प्राकृतिक स्थल नहीं, बल्कि एक जीवित संस्कृति का घर है। यहां सत्र कहलाने वाले वैष्णव मठ हैं, जहां असम की लोक कला, नृत्य, संगीत और हस्तशिल्प आज भी अपनी असली पहचान के साथ जीवित हैं। द्वीप के लोग बेहद सरल, मिलनसार और प्रकृति से जुड़े हुए हैं। उनकी जीवनशैली आपको एक नए नजरिए से जीना सिखाती है। नवंबर में ब्रह्मपुत्र नदी शांत रहती है और नाव की यात्रा बेहद रोमांचक हो सकती है। धान के खेत, गांव की कच्ची पगडंडियां, बांस के घर और शाम को जलते चूल्हों की महक एक सुखद अनुभव देती है। अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो माजुली आपके लिए बहुत अच्छी जगह है। जुक्तिन, पश्चिम बंगाल हिमालय की गोद में छिपा एक ठिकाना दार्जिलिंग और कलिम्पोंग की भीड़ से दूर एक छोटी-सी, खूबसूरत और बेहद शांत जगह है जुक्तिन। यह पश्चिम बंगाल का ऐसा ऑफबीट डेस्टिनेशनहै। जहां पहुंचकर आपको ऐसा महसूस होगा कि आप किसी शांत हिमालयी गांव में खो गए हैं। जुक्तिन के आसपास चीड़ के जंगल, धुंध से ढकी पहाड़ियां, छोटी-छोटी नदियां और लकड़ी के घर एक अलग ही दुनिया रचते हैं। नवंबर में यहां से कंचनजंगा का नज़ारा एकदम साफ दिखाई देता है। सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरण पहाड़ियों पर पड़ती है, पूरा आसमान सुनहरे रंग में चमक उठता है। यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है शांति। न शोर, न भीड़, न ट्रैफिक। सिर्फ हवा की आवाज़ और प्रकृति का संगीत।(अगर आप सच में एक अनोखी जगह देखना चाहते हैं, तो ब्रह्मपुत्र नदी में बसे माजुली द्वीप से बेहतर विकल्प नहीं।) बेमटी, उत्तराखंड बादलों के देश में बसा एक स्वर्ग अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां पहाड़ आपकी खिड़की तक आकर झांकते हों, और जहां बादल आपके गालों को छूकर निकल जाते हों, तो उत्तराखंड का बेमटी सबसे शानदार जगह है। यह अभी भी आम यात्रियों की नजरों से दूर है और इसलिए इसका असली रूप सुरक्षित है। नवंबर में बेमटी की घाटियां हरे-भरे घास के मैदानों में बदल जाती हैं और हवा में हल्की सी ठंड सुकून देती है। यहां की सबसे बड़ी खूबसूरती है रात का आसमान। बेमटी को भारत के सबसे अच्छे स्टारगेज़िंग डेस्टिनेशन में गिना जाता है। साफ आसमान में अनगिनत तारे, आकाशगंगा का हॉलीवुड जैसा दृश्य और चारों तरफ सन्नाटा यह अनुभव किसी फिल्म से कम नहीं लगता। सूर्योदय के समय बेमटी की पहाड़ियों पर पड़ने वाली सुनहरी रोशनी देखने लायक होती है। यहां गांव के लोग प्राकृतिक खेती करते हैं और ताज़ा भोजन इतना स्वादिष्ट होता है कि आपको लगता है कि आप प्रकृति का शुद्ध स्वाद चख रहे हैं। थेकाड़ी, केरल जंगल, मसाले और रोमांच का परफेक्ट ठिकाना अगर आप पहाड़ों और जंगल दोनों का आनंद लेना चाहते हैं, तो केरल का थेकाड़ी नवंबर में सबसे खूबसूरत हो जाता है। पेरीयार टाइगर रिज़र्व यहां का मुख्य आकर्षण है, जहां हाथी, हिरण, बाइसन और कई दुर्लभ पक्षी भी देखने को मिलते हैं। नवंबर में जंगल की हरियाली अपने चरम पर रहती है, और पेरीयार झील में बोट सफारी एक अच्छा अनुभव बन जाती है। झील के बीच से जाते हुए अचानक किनारे खड़े हाथियों का झुंड दिखाई दे जाना किसी डॉक्यूमेंट्री जैसा लगता है। थेकाड़ी अपने मसालों के बागानों के लिए भी मशहूर है इलायची, काली मिर्च, दालचीनी और जायफल की खुशबू हवा में हमेशा घुली रहती है। तवांग, अरुणाचल प्रदेश बादलों का शहर अगर आप नवंबर में बर्फ की हल्की परत देखना चाहते हैं और एक ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां बादल जमीन को छूते हों, तो तवांग आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। यह नॉर्थ ईस्ट की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। तवांग का मठ भारत के सबसे पुराने बौद्ध मठों में से है और इसकी शांति आत्मा को छू जाती है। नवंबर में यहां का मौसम साफ-सुथरा होता है और बर्फ की हल्की परत पहाड़ियों को और मनमोहक बना देती है। सेला पास, बुमला पास, झीलें और तवांग शहर का रंगीन बाज़ार ये सब मिलकर यात्रा को खास बना देते हैं। यहां की तिब्बती संस्कृति, भोजन और लोक कला बहुत ही अनोखी और देखने लायक है। नवंबर में ऑफबीट यात्रा क्यों जरूरी है? नवंबर में ऑफबीट जगहों पर जाना सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि एक अंदरूनी सफर भी होता है। यहां के शांत पहाड़, अनछुई झीलें, सुंदर गांव और धीमी रफ्तार वाला जीवन तनाव को मिटा देता है। आप खुद को शहर की भागदौड़ से बाहर, प्रकृति की गोद में पाते हैं। ऑफबीट डेस्टिनेशन न सिर्फ सस्ते होते हैं, बल्कि आपको एक अलग तरह की आज़ादी देते हैं अपना समय खुद तय करने की, सुकून से टहलने की, और एक पवित्र तरह से सांस लेने की। नवंबर का मौसम इस अनुभव को और भी सुंदर बना देता है। फाइव कलर्स ऑफ ट्रैवल की तरफ़ से 5 यात्रा सुझाव 1 भीड़ से बचने के लिए सुबह-सुबह यात्रा शुरू करें। 2 ऑफबीट जगहों पर

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सर्दियों में घूमने के लिए 5 बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन, ठंड का मज़ा और जेब पर बोझ नहीं!

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सर्दियों की सैर ठंड में घूमने का सबसे सही वक्त सर्दियां भारत में ऐसी ऋतु है जब हर किसी का मन पहाड़ों की ओर भागता है। बर्फ से ढके पहाड़, धुंध से लिपटी सुबहें, गरम चाय की चुस्की और सर्द हवा का स्पर्श इन सब में दिल मचल जाता है। यह माना जाए की इस मौसम में घूमने का मज़ा दोगुना हो जाता है तो ज्यादा नहीं होगा। लेकिन बहुत लोग सोचते हैं कि हिल स्टेशन की ट्रिप जेब पर भारी पड़ती है। जबकि सच्चाई यह है कि अगर आप थोड़ी समझदारी से ट्रिप प्लान करें, तो सर्दियों की खूबसूरत ट्रिप बेहद सस्ते में हो सकती है। भारत में कई ऐसे हिल स्टेशन हैं जो खूबसूरती के साथ-साथ बजट में भी फिट बैठते हैं। यहां आप न सिर्फ नेचर का असली रंग देख सकते हैं, बल्कि लोकल लोगों की संस्कृति, खानपान और सादगी का आनंद भी उठा सकते हैं। सर्दियों की ठंड में पहाड़ों पर घूमना शरीर को तरोताजा कर देता है। ऐसे में अगर आप सर्दियों की छुट्टियों में कम खर्च में यादगार ट्रिप का मज़ा लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए ये 5 बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। कसौली, शांति और सादगी का ठिकाना हिमाचल प्रदेश की गोद में बसा कसौली एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह उन लोगों के लिए परफेक्ट जगह है जो शोर-शराबे से दूर, शांति में कुछ दिन बिताना चाहते हैं। सर्दियों में कसौली का तापमान 5 से 10 डिग्री के बीच रहता है, जिससे यहां की ठंड रोमांचक लगती है। सुबह की धुंध और शाम की ठंडी हवा यहां के माहौल को एकदम जादुई बना देती है। कसौली में घूमने के लिए बहुत कुछ है जैसे गिल्बर्ट ट्रेल, क्राइस्ट चर्च, मंकी पॉइंट, और सनसेट व्यू पॉइंट जैसी जगहें यहां की पहचान हैं। इन जगहों पर जाने के लिए किसी बड़े खर्च की जरूरत नहीं पड़ती। लोकल बस से या पैदल घूमना ही यहां का असली आनंद है। अगर बात बजट की करें तो कसौली में ₹700 से ₹1000 तक के अच्छे गेस्टहाउस या छोटे होटल आसानी से मिल जाते हैं। खाना भी काफी सस्ता और स्वादिष्ट है। लोकल ढाबों में राजमा-चावल, परांठे और गरम सूप का स्वाद आपकी ठंड को और मीठा बना देता है। दिल्ली या चंडीगढ़ से बस लेकर कुछ घंटों में यहां पहुंचा जा सकता है। सर्दियों की ठंड में कसौली के पहाड़ों पर टहलना और धुंध के बीच खो जाना, जिंदगी की सबसे सुकून भरी यादों में से एक हो सकती है।(5 बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए।) लैंसडाउन, सस्ता, शांत और बेहद खूबसूरत अगर आप भीड़भाड़ से दूर, नेचर की गोद में कुछ दिन बसना चाहते हैं, तो लैंसडाउन आपके लिए सबसे सही जगह है। यह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में बसा छोटा हिल स्टेशन है, जिसे ब्रिटिश काल में बनाया गया था। यहां की हवा में सादगी है और पहाड़ों में अपनापन। सर्दियों में लैंसडाउन का तापमान 3 से 8 डिग्री के बीच रहता है। कभी-कभी हल्की बर्फबारी भी होती है जो इस जगह को और मनमोहक बना देती है। घूमने के लिए यहां भुल्ला झील, टिप-इन-टॉप व्यू पॉइंट, सेंट मेरी चर्च, और गढ़वाल रेजीमेंट म्यूजियम हैं।₹800 से ₹1200 के बजट में यहां बढ़िया होटल और होमस्टे मिल जाते हैं। यहां का लोकल खाना बहुत स्वादिष्ट और सस्ता होता है। ₹100 से ₹150 में आप पेटभर पहाड़ी खाना खा सकते हैं। दिल्ली से यह जगह सिर्फ 250 किलोमीटर दूर है और बस या कार से पहुंचना बहुत आसान है। लैंसडाउन उन यात्रियों के लिए परफेक्ट है जो शांत जगह पर बैठकर पहाड़ों की ठंडी हवा के साथ अपने विचारों में खो जाना चाहते हैं। माउंट आबू, राजस्थान की ठंडी गोद में एक अनोखी सैर राजस्थान अपने रेगिस्तानों और गर्म मौसम के लिए मशहूर है, लेकिन माउंट आबू इस सोच को पूरी तरह बदल देता है। अरावली की पहाड़ियों में बसा यह हिल स्टेशन सर्दियों में बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां दिन में हल्की धूप और रात में ठंडी हवाएं सर्दियों का असली एहसास कराती हैं। घूमने के लिए नक्की लेक, दिलवाड़ामंदिर, टॉड रॉक, और सूर्यास्त पॉइंट देखने लायक हैं। झील के किनारे शाम को टहलना या बोटिंग करना बहुत सुकून देता है। दिसंबर से फरवरी तक यहां का तापमान 8 से 15 डिग्री तक रहता है। ₹900 से ₹1300 तक के होटल आराम से मिल जाते हैं। अगर आप ग्रुप में जाते हैं, तो होमस्टे या हॉस्टल में रुकना और सस्ता पड़ सकता है। लोकल फूड बहुत ही स्वादिष्ट और जेब पर हल्का है। राजस्थान की पारंपरिक डिशेज़ जैसे दाल-बाटी और मिर्ची वड़ा यहां के ढाबों में खूब मिलते हैं। माउंट आबू रोड स्टेशन तक ट्रेन से पहुंचना आसान है, वहां से टैक्सी या बस लेकर 30 मिनट में आप इस खूबसूरत जगह पर पहुंच सकते हैं। यकीनन सर्दियों में माउंट आबू आपको ठंड के साथ-साथ गर्मजोशी का अनुभव भी कराएगा। बर्फ, बौद्ध और बजट ट्रैवल का संगम, मैकलोडगंज हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला के पास बसा मैकलोडगंज एक ऐसा हिल स्टेशन है जहां संस्कृति और नेचर को एक साथ लुत्फ उठाया जा सकता है। इसे लिटिल ल्हासा भी कहा जाता है क्योंकि यहां तिब्बती संस्कृति का असर हर कोने में है। सर्दियों में यहां का तापमान 2 से 8 डिग्री तक रहता है। दिसंबर और जनवरी में बर्फबारी से पूरा शहर सफेद चादर में ढक जाता है। घूमने के लिए नामग्याल मठ, भागसू वाटरफॉल, तिब्बतन मार्केट, और दलाई लामा मंदिर हैं। ₹600 से ₹1000 के बजट में होटल और होमस्टे आसानी से मिल जाते हैं। खाने के लिए यहां तिब्बती व्यंजन जैसे मोमोज, थुकपा और बटर टी का स्वाद लाजवाब होता है। लोकल कैफे और छोटी दुकानों में खाना बहुत सस्ता और स्वादिष्ट मिलता है। दिल्ली या चंडीगढ़ से धर्मशाला तक बसें और वहां से टैक्सी या लोकल बस लेकर मैकलोडगंज पहुंच सकते हैं। यहां के लोग बहुत मेहमाननवाज़ हैं और जगह का माहौल दिल को शांति देता है। अगर आप ठंड में बर्फ का मज़ा लेना चाहते हैं तो यह जगह एकदम परफेक्ट है। येरकौड, दक्षिण भारत का ठंडा और सस्ता हिल स्टेशन अगर आप साउथ इंडिया में