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Western Railway Train Update: Heavy Rain से कई Trains Late

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मानसून का मौसम जहां एक तरफ देश के कई हिस्सों में हरियाली और खूबसूरत नजारे लेकर आता है, वहीं दूसरी तरफ कई बार लगातार होने वाली भारी बारिश जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर देती है। इन दिनों गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और इसका सीधा असर सड़क और रेलवे यातायात पर पड़ा है। खास तौर पर Western Railway Train  की बात करें तो वापी और उदवाड़ा के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भरने और लगातार भारी बारिश के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है और कुछ ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त करना पड़ा है। अगर आप भी आने वाले दिनों में मुंबई, गुजरात या दिल्ली की तरफ ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं, तो यह Train Update आपके लिए बेहद जरूरी है। दक्षिण गुजरात में मानसून का कहर: वलसाड और वापी में रिकॉर्ड बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें दक्षिण गुजरात में मानसून ने इस बार अपना बेहद तेज रूप दिखाया है। वलसाड जिले के कई इलाकों में कुछ ही घंटों के अंदर इतनी भारी बारिश हुई कि नदियां और नाले उफान पर आ गए। (Western Railway Train) सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कपराडा तालुका में 24 घंटे के दौरान 15 इंच से भी ज्यादा यानी लगभग 397 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा वापी में भी करीब 7.28 इंच और वलसाड तालुका में लगभग 8.31 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इतनी ज्यादा बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। (Western Railway Train) सड़क यातायात के साथ-साथ रेलवे ट्रैक पर भी पानी जमा होने लगा, जिसके बाद रेलवे प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की रफ्तार और संचालन को नियंत्रित करना पड़ा। बारिश के कारण कई जगहों पर रेलवे ट्रैक के आसपास जलभराव की स्थिति बन गई थी। ऐसे में ट्रेनों को सामान्य रफ्तार से चलाना जोखिम भरा हो सकता था। इसी वजह से रेलवे ने कई रूटों पर ट्रेनों को धीमी गति से चलाने और जरूरत पड़ने पर रोकने का फैसला लिया। (Western Railway Train) वापी-उदवाड़ा रेलवे सेक्शन में ट्रेनों का संचालन क्यों किया गया प्रभावित? वापी और उदवाड़ा के बीच का रेलवे सेक्शन पश्चिमी रेलवे के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यह रूट मुंबई और गुजरात को जोड़ने वाले व्यस्त रेलवे कॉरिडोर का हिस्सा है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनें और लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। भारी बारिश के कारण इस सेक्शन में कई जगह पानी भरने की स्थिति बनी। इसके बाद Western Railway Train के संचालन को रेगुलेट करना शुरू किया। इसका मतलब है कि ट्रेनों को उनकी सामान्य गति और समय के अनुसार चलाने के बजाय परिस्थितियों को देखते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है। विशेष रूप से डाउन दिशा में चलने वाली कई ट्रेनों को रोक-रोककर चलाया गया। इसका सीधा असर ट्रेन के समय पर पड़ा और यात्रियों को कई घंटों की देरी का सामना करना पड़ा। रेलवे की ओर से यात्रियों से अपील की गई कि वे स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर चेक करें। बारिश के दौरान रेलवे प्रशासन का सबसे बड़ा उद्देश्य ट्रेनों को समय पर चलाना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। इसलिए ऐसी परिस्थितियों में ट्रेन की देरी को लेकर यात्रियों को धैर्य बनाए रखना जरूरी है। (Western Railway Train) मुंबई-दिल्ली राजधानी, वंदे भारत समेत कई बड़ी ट्रेनें हुईं प्रभावित इस भारी बारिश का असर केवल छोटी दूरी की ट्रेनों पर नहीं पड़ा, बल्कि कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। मुंबई और दिल्ली के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी कई घंटों की देरी से चलती नजर आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ ट्रेनों को 14 घंटे से भी ज्यादा की देरी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कई ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया, जबकि कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त कर दिया गया। कई अन्य ट्रेनों के रूट और समय में भी बदलाव किया गया। इसका असर उन यात्रियों पर सबसे ज्यादा पड़ा जिनकी कनेक्टिंग ट्रेन, फ्लाइट या होटल की बुकिंग पहले से थी। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि ट्रेन की देरी कई बार पूरे यात्रा प्लान को प्रभावित कर देती है। वापी और आसपास के स्टेशनों पर आने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें भी देरी से चलीं। इनमें लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ Vande Bharat Express जैसी तेज रफ्तार ट्रेनें भी शामिल थीं। (Western Railway Train) मुंबई लोकल ट्रेन सेवा पर भी पड़ा भारी बारिश का असर दक्षिण गुजरात के साथ-साथ मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश ने रेलवे यातायात की रफ्तार धीमी कर दी। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें भी कई जगहों पर देरी से चलीं। चर्चगेट से डहाणू रोड के बीच चलने वाली वेस्टर्न लाइन की ट्रेनों पर भी बारिश का असर देखने को मिला। कुछ ट्रेनें 10 से 15 मिनट की देरी से चल रही थीं, जबकि वसई, नालासोपारा और विरार के बीच जलभराव के कारण कई ट्रेनों को 25 से 30 मिनट तक की देरी का सामना करना पड़ा। (Western Railway Train) वसई-विरार क्षेत्र में जलभराव के कारण कई जगहों पर सीमित संख्या में ट्रेनों का संचालन किया गया। इसका मतलब यह हुआ कि यात्रियों को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा इंतजार करना पड़ा और स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई। ऐसे मौसम में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि अगर उन्हें किसी जरूरी काम के लिए ट्रेन पकड़नी है, तो घर से सामान्य समय से कम से कम एक से दो घंटे पहले निकलें। भारी बारिश के दौरान ट्रेन कैंसिल हो जाए तो क्या मिलेगा पूरा रिफंड? बारिश या किसी प्राकृतिक आपदा के कारण अगर रेलवे खुद आपकी ट्रेन को कैंसिल करता है, तो यात्रियों को राहत मिलती है। ऐसे मामलों