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एक दिन में Amritsar कैसे घूमें? 10 शानदार जगहें, Complete Travel Guide

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अगर आपके पास सिर्फ एक दिन है और दिल चाहता है कि Amritsar को पूरी तरह महसूस किया जाए, तो घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं। सही प्लानिंग के साथ आप इस खूबसूरत शहर की रूहानियत, इतिहास, लज़ीज़ खाने, रंग-बिरंगे बाज़ार और देशभक्ति का जज़्बा एक ही दिन में देख सकते हैं। Amritsar पंजाब का ऐसा शहर है जहाँ हर मोड़ पर कोई नई कहानी आपका इंतज़ार करती है। कहीं गुरबानी की सुकून देने वाली आवाज़ सुनाई देती है, कहीं आज़ादी की लड़ाई की दास्तानें दिल को छू जाती हैं और कहीं देसी खाने की खुशबू आपको अपनी तरफ खींच लेती है। अगर आप पहली बार Amritsar आ रहे हैं तो कोशिश करें कि सुबह जल्दी अपनी यात्रा शुरू करें। इससे आप भीड़ से भी बच जाएंगे और ज़्यादा जगह आराम से घूम पाएंगे। इस ट्रैवल गाइड में हमने सुबह से रात तक का ऐसा रूट तैयार किया है जिससे आपका पूरा दिन यादगार बन जाएगा और आपको बार-बार यह महसूस नहीं होगा कि “यार, यह जगह तो छूट गई।” 1. Golden Temple Amritsar की शुरुआत हमेशा Golden Temple से ही करनी चाहिए। यह सिर्फ सिख धर्म का सबसे पवित्र गुरुद्वारा नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अमन, मोहब्बत और इंसानियत की मिसाल माना जाता है। सुबह-सुबह जब सूरज की पहली किरण मंदिर के सुनहरे गुंबद पर पड़ती है तो पूरा नज़ारा बेहद ख़ूबसूरत दिखाई देता है। सरोवर के किनारे बैठकर कुछ पल गुज़ारना अपने आप में एक अलग ही तजुर्बा है। यहाँ आने वाला हर इंसान बिना किसी धर्म या जाति के भेदभाव के लंगर में बैठकर खाना खाता है। यही बात Amritsar को बाकी शहरों से अलग बनाती है। क्या देखें? हरमंदिर साहिब। अमृत सरोवर। दुनिया का सबसे बड़ा लंगर। अकाल तख्त। सुबह की गुरबानी। सबसे अच्छा समय सुबह 4:30 बजे से 7:00 बजे तक। कैसे पहुँचें? Amritsar Railway Station से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। ऑटो और ई-रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं। 2. Jallianwala Bagh Golden Temple से पैदल कुछ ही मिनट की दूरी पर Jallianwala Bagh मौजूद है। यह वही ऐतिहासिक जगह है जहाँ 13 अप्रैल 1919 को निहत्थे लोगों पर गोलियाँ चलाई गई थीं। आज भी यहाँ मौजूद दीवारों पर गोलियों के निशान और शहीद कुआँ उस दर्दनाक हादसे की कहानी सुनाते हैं। यह जगह सिर्फ घूमने की नहीं बल्कि महसूस करने की है। यहाँ कुछ देर शांति से बैठकर इतिहास को याद करना हर भारतीय के लिए एक खास अनुभव होता है। क्या देखें? शहीद कुआँ। गोली के निशान। अमर ज्योति। संग्रहालय। स्मारक। सबसे अच्छा समय सुबह 8 बजे से 10 बजे। कैसे पहुँचें? Golden Temple से पैदल 5 मिनट। 3. Partition Museum Amritsar की सैर सिर्फ खूबसूरत जगहों तक सीमित नहीं है। अगर आप इस शहर की असली कहानी समझना चाहते हैं, तो Partition Museum ज़रूर जाएँ। यह म्यूज़ियम भारत और पाकिस्तान के बँटवारे की उन यादों को संजोकर रखता है, जिन्हें सुनकर आज भी आँखें नम हो जाती हैं। लाखों लोगों ने अपना घर, अपना कारोबार और अपने अपनों को खो दिया था। यहाँ रखी तस्वीरें, पुराने दस्तावेज़, चिट्ठियाँ, कपड़े और लोगों की रिकॉर्ड की गई कहानियाँ उस दौर की सच्चाई से आपका रूबरू कराती हैं। इस जगह पर घूमते हुए आपको एहसास होगा कि आज़ादी सिर्फ एक जश्न नहीं थी, बल्कि उसके पीछे अनगिनत कुर्बानियाँ भी थीं। अगर आपको इतिहास में दिलचस्पी है, तो यह जगह आपके लिए किसी ख़ज़ाने से कम नहीं। क्या देखें? विभाजन से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें। पुराने अख़बार और दस्तावेज़। शरणार्थियों की असली कहानियाँ। ऑडियो और वीडियो गैलरी। आज़ादी से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुएँ। सबसे अच्छा समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक। कैसे पहुँचें? यह Town Hall परिसर में स्थित है और Jallianwala Bagh से पैदल लगभग 8–10 मिनट की दूरी पर है। 4. Hall Bazaar इतिहास देखने के बाद अब वक्त है Amritsar की असली रौनक देखने का। Hall Bazaar शहर का सबसे मशहूर मार्केट है, जहाँ लोकल कल्चर पूरी शान के साथ दिखाई देता है। अगर आप शॉपिंग के शौकीन हैं तो यहाँ से बढ़िया पंजाबी जुत्तियाँ, फुलकारी दुपट्टे, सूट, ड्राई फ्रूट्स, मसाले, अचार और यादगार गिफ्ट्स खरीद सकते हैं। यह बाज़ार सिर्फ खरीदारी के लिए नहीं बल्कि लोकल लाइफ को महसूस करने के लिए भी जाना जाता है। छोटी-छोटी दुकानों से आती खुशबू, दुकानदारों की आवाज़ें और लोगों की चहल-पहल इस जगह को ज़िंदा बना देती है। यहाँ की गलियों में घूमते हुए आपको असली Amritsar का एहसास होगा। अगर आपको स्ट्रीट फूड पसंद है तो यहीं पर छोले-कुलचे, लस्सी, कुल्फी और कई मशहूर पंजाबी स्नैक्स भी मिल जाएंगे। क्या देखें? Hall Gate। पंजाबी जुत्तियाँ। फुलकारी कपड़े। मसाले और अचार। लोकल स्ट्रीट फूड। सबसे अच्छा समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे या शाम 5 बजे के बाद। कैसे पहुँचें? Golden Temple से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पैदल या ई-रिक्शा से आसानी से पहुँचा जा सकता है। 5. Durgiana Temple अगर आपके पास थोड़ा समय है, तो Durgiana Temple ज़रूर जाएँ। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसकी बनावट काफी हद तक Golden Temple जैसी दिखाई देती है। मंदिर एक बड़े सरोवर के बीच बना हुआ है और चारों तरफ का शांत माहौल मन को सुकून देता है। यह मंदिर देवी दुर्गा, भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी को समर्पित है। शाम के समय जब रोशनी सरोवर में पड़ती है, तब पूरा दृश्य बेहद दिलकश लगता है। अगर आपको फोटोग्राफी पसंद है, तो यह जगह आपकी ट्रैवल गैलरी में चार चाँद लगा देगी। क्या देखें? सरोवर। मंदिर की सुंदर वास्तुकला। शाम की रोशनी। धार्मिक अनुष्ठान। शांत वातावरण। सबसे अच्छा समय सुबह या सूर्यास्त के समय। कैसे पहुँचें? Hall Bazaar से लगभग 1 किलोमीटर दूर है। ऑटो या पैदल पहुँचा जा सकता है। 6. Gobindgarh Fort अगर आप Amritsar के इतिहास को और करीब से देखना चाहते हैं, तो Gobindgarh Fort आपकी लिस्ट में ज़रूर होना चाहिए। लगभग ढाई सौ साल पुराना यह किला कभी महाराजा रणजीत सिंह के शासन का अहम हिस्सा था। आज इसे एक हेरिटेज कॉम्प्लेक्स में बदल दिया गया है, जहाँ इतिहास और मनोरंजन दोनों का शानदार मेल देखने को मिलता है। दिन के समय आप यहाँ संग्रहालय, पुराने हथियार, सिक्के और ऐतिहासिक

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अमृतसर के बेस्ट टूरिस्ट प्लेस

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अमृतसर– इस शहर का नाम सुनते हीं हमारे मन में कई तरह की भावनाएं जन्म लेती हैं। इस शहर के मायने सभी के लिए अलग-अलग हैं। किसी के लिए यह सिख धर्म का सबसे पवित्र स्थान है, तो किसी के लिए यह स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सबसे दर्दनाक आहुति देने वाला शहर है। नजरिया भले हीं अलग हो इस शहर के लिए सम्मान सभी के दिलों में एक बराबर हीं है। आज के युग में हम आपको पंजाब के इस पवित्र शहर की सैर करवाने वाले हैं और बताने वाले हैं इस शहर से जुड़े मुख्य पर्यटन स्थलों के बारे में। 1. पार्टीशन म्यूजियम (Partition Museum) पंजाब के अमृतसर शहर में पार्टीशन म्यूजियम के नाम का एक बहुत बड़ा संग्रहालय है। जो भारत-पाकिस्तान के विभाजन के कहानी को बखूबी बयां करता है। आप यहां जाकर उस समय के हालातों और फैसलों के बारे में बहुत हीं डिटेल (detail) से जान सकते हैं। अगर आपको भी भारत पाकिस्तान के बंटवारे को जानने में रुचि है या फिर इतिहास में रुचि है तो आप इस जगह पर एक बार जरूर विजिट करें।इस म्यूजियम में विभाजन के समय की कुछ नायाब तस्वीरें और आर्टिकल्स (articles) भी रखी गई है। जिसे देखकर यहां आने वाले पर्यटक उसे समय के हालातों को और भी ज्यादा करीब से महसूस कर सकते हैं। यह जगह अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट (heritage street) का भी हिस्सा है। अगर आप भी कभी अमृतसर आएं तो इस म्यूजियम को एक बार जरूर एक्सप्लोर (explore) करें। इससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। 2. वाघा बॉर्डर (Wagah Border) वाघा बॉर्डर को अगर भारत का सबसे चर्चित इंडो पाकिस्तान बॉर्डर कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। इसका एक कारण यह भी है कि वाघा बॉर्डर भारत-पाकिस्तान के बीच की एकमात्र सड़क सीमा रेखा है। हम कह सकते हैं कि जमीन के रास्ते भारत से पाकिस्तान जाने के लिए एकमात्र रास्ता वाघा बॉर्डर हीं है। इसे अटारी वाघा बॉर्डर के नाम से भी जाना जाता है। यह बॉर्डर पंजाब के अमृतसर और पाकिस्तान के लाहौर के बीच एक सैनिकों की चौकी की तरह स्थित है। अमृतसर शहर से इस बॉर्डर की दूरी तकरीबन 28 किलोमीटर और लाहौर से इसकी दूरी लगभग 22 किलोमीटर है। अटारी वाघा बॉर्डर पर हर रोज “लोवेरिंग ऑफ़ द फ्लैग सेरेमनी” (Lowering of the Flag Ceremony) आयोजित किया जाता है जहां दोनों देशों की सेनाओं का बहुत हीं बेहतरीन कोलैबरेशन (collaboration) देखने को मिलता है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। वाघा बॉर्डर पर स्थित सीमा चौकी के प्रवेश द्वार को स्वर्ण जयंती गेट कहते हैं। अगर आप भी कभी अमृतसर जाए या फिर आप अमृतसर के ही निवासी हैं तो वाघा बॉर्डर जरुर विजिट (visit) करें। यह एक्सपीरियंस (experience) आपके लिए कुछ अलग होगा। 3. जलियांवाला बाग (Jallianwala Bagh) इस बाग की कहानी किसे नहीं पता? जिसने भी इस बाग की कहानी को सुना, वो रो पड़ा है और जिसने समझा है, वह एक बार के लिए जरूर भावुक हो जाता है। यह वहीं बाग है जहां भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की सबसे बड़ी आहुति दी गई थी। जिसके निशानियां को आज भी इस बाग में संजोकर रखा गया है। अगर बात करें इस बाग के इतिहास की तो 13 अप्रैल 1919 को इस बाग में एक शांतिपूर्ण सभा बुलाई गई थी। जो रॉलेट एक्ट के विरोध में थी। जलियांवाला बाग से निकलने का सिर्फ एक रास्ता था। जनरल डायर ने उसे रास्ते को ब्लॉक (block) करते हुए हजारों की भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलाने का आदेश दे दिया। जिन गोलियों के निशान आज भी यहां की दीवारों में देखे जा सकते हैं। आज के समय में इस बाग को एक स्मारक के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। जहां दूर-दूर से पर्यटक घूमने आते हैं और भारत के इतिहास को जानने और समझने का प्रयास करते है। 4. स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) गोल्डन टेंपल अमृतसर हीं नहीं बल्कि पूरे देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में माना जाता है। सिख समुदाय के लोगों के लिए यह गुरुद्वारा बहुत ही विशेष महत्व रखने वाला गुरुद्वारा है। लेकिन यहां हर धर्म के लोग घूमने के लिए आते हैं और हर साल यहां के पर्यटकों की संख्या लाखों में होती है। इस गुरुद्वारे का निर्माण 16वीं शताब्दी में सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव सिंह जी ने करवाया था। बाद में 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह जी ने इस गुरुद्वारे के छत को 400 किलो सोने से जड़ दिया था। तब से यह स्वर्ण मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस गुरुद्वारे की बनावट जितनी खूबसूरत है, यहां का माहौल भी उतना ही ज्यादा शांत और सुकून देने वाला है। स्वर्ण मंदिर को सफेद संगमरमर से बनाया गया है और इसे हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है। 5. महाराजा रणजीत सिंह म्यूजियम (Maharaja Ranjit Singh Museum) महाराजा रंजित सिंह म्यूजियम अमृतसर के रामबाग में मौजूद है। जहां पर गर्मियों के समय में महाराज और उनका परिवार अपना वक्त बिताया करते थे। वर्तमान में इस ऐतिहासिक स्थल को एक म्यूजियम में परिवर्तित कर दिया गया है। पर्यटक यहां पर कई ऐतिहासिक चित्रों, सिक्कों और युद्ध के शस्त्रों को देख सकते हैं और उनके बारे में जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में कोहिनूर हीरा का एक प्रतिरूप भी है। जिसे इसी म्यूजियम में संजोकर रखा गया है। इस हीरे का नाम परीक परवाना है। जो इस जगह का सेंटर आफ अट्रैक्शन (centre of attraction) माना जाता है।