Vande Bharat Freight Train: अब सामान पहुंचेगा और भी तेज
भारत में रेलवे का नाम आते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में यात्री ट्रेनों की तस्वीर आती है। अब रेलवे यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर कराने के साथ-साथ सामान को भी कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। इसी दिशा में Vande Bharat Freight Train का सफल ट्रायल एक बड़ी शुरुआत माना जा रहा है। अब तक मालगाड़ियों को लेकर आम धारणा रही है कि ये ट्रेनें लंबी दूरी तय करने में काफी समय लेती हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि रेलवे ट्रैक पर यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे में कई बार मालगाड़ियों को लूप लाइन या साइडिंग पर रोकना पड़ता है। इससे सामान पहुंचने में देरी होती है और कंपनियों का खर्च भी बढ़ जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे Vande Bharat की तकनीक पर आधारित तेज माल परिवहन व्यवस्था तैयार कर रहा है। इसका मकसद ऐसे सामान को कम समय में पहुंचाना है, जिनकी डिलीवरी में समय का बहुत महत्व होता है। ई-कॉमर्स पार्सल, दवाइयां, दूध, फल, सब्जियां और दूसरे जल्दी खराब होने वाले सामान इसके प्रमुख उदाहरण हैं। Vande Bharat मालगाड़ी क्यों है खास? Vande Bharat Freight Train को सामान्य मालगाड़ियों से काफी अलग तरीके से तैयार किया गया है। पारंपरिक मालगाड़ी में एक अलग लोकोमोटिव पूरी ट्रेन को खींचता है। इसके विपरीत, इस नई ट्रेन में अलग इंजन लगाने के बजाय डिब्बों के नीचे ही मोटर लगाई गई हैं। इस ट्रेन को FEMU यानी Freight Electric Multiple Unit तकनीक के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें Distributed Traction Motors का इस्तेमाल किया गया है। आसान भाषा में समझें तो ट्रेन के कई डिब्बों में ही चलने की ताकत बांट दी गई है। इस तकनीक का फायदा यह है कि ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ सकती है और जरूरत पड़ने पर जल्दी धीमी भी हो सकती है। यही तकनीक यात्री सेवा वाली Vande Bharat ट्रेनों में भी इस्तेमाल होती है। इसलिए Vande Bharat Freight Train को आधुनिक तकनीक पर आधारित माल परिवहन का रूप कहा जा सकता है। कहां हुआ Vande Bharat Freight Train का ट्रायल? इस ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप चेन्नई स्थित Integral Coach Factory यानी ICF में तैयार किया गया था। इसके बाद इसकी तकनीक और सुरक्षा की जांच के लिए इसे West Central Railway के Kota Division में भेजा गया। जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान यहां ट्रेन के कई तरह के ट्रायल किए गए। RDSO और Integral Coach Factory की टीमों की निगरानी में ट्रेन को अलग-अलग परिस्थितियों में चलाकर देखा गया। कोटा–नागदा–सवाई माधोपुर और चौमहला–शामगढ़–गुरला जैसे सेक्शन का इस्तेमाल हाई-स्पीड टेस्टिंग के लिए किया गया। इन ट्रायल्स का उद्देश्य केवल ट्रेन की अधिकतम रफ्तार देखना नहीं था। यह भी जांचा गया कि तेज गति पर ट्रेन कितनी सुरक्षित और स्थिर रहती है। 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची रफ्तार Vande Bharat Freight Train के ट्रायल में सबसे ज्यादा ध्यान इसकी रफ्तार पर रहा। ट्रायल के दौरान इस कार्गो रैक ने 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। शुरुआत में ट्रेन कोटा से चली और महिद्पुर रोड सेक्शन पर करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। इसके बाद महिद्पुर रोड से भवानी मंडी के बीच इसकी स्पीड 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाई गई। वापसी के दौरान ट्रेन ने 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का आंकड़ा छुआ। यह रफ्तार इसलिए खास है क्योंकि सामान्य मालगाड़ियां आमतौर पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती हैं। वहीं, Vande Bharat मालगाड़ी की औसत ऑपरेटिंग स्पीड 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की उम्मीद है। इस ट्रेन को अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में यह ट्रेन भारत के माल परिवहन को पहले के मुकाबले काफी तेज बना सकती है। स्पीड के साथ सुरक्षा की भी जांच ट्रायल के दौरान Vande Bharat Freight Train की रफ्तार के साथ-साथ उसकी सुरक्षा और स्थिरता की भी जांच की गई। ट्रेन को खाली और पूरी तरह लोड, दोनों स्थितियों में चलाया गया। इस दौरान इलेक्ट्रिक सिस्टम, प्रोपल्शन सिस्टम और ब्रेकिंग सिस्टम से जुड़े अलग-अलग हिस्सों की जांच हुई। इंजीनियरों ने यह भी देखा कि तेज रफ्तार पर ट्रेन कितनी स्थिर रहती है और भारी सामान लोड होने पर ट्रेन के अंदर कितना झटका महसूस होता है। ट्रेन की Regenerative Energy System का भी परीक्षण किया गया। इसका मतलब यह है कि ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली ऊर्जा का कितना हिस्सा वापस बिजली के ग्रिड में भेजा जा सकता है। इसके अलावा Thermal Capacity की भी जांच की गई। इससे यह पता लगाने की कोशिश की गई कि तेज रफ्तार और भारी लोड की स्थिति में मोटर और इलेक्ट्रिकल उपकरण कितनी अच्छी तरह काम करते हैं। 16 कोच की है यह खास ट्रेन Vande Bharat Freight Train के प्रोटोटाइप में कुल 16 कोच हैं। इसके आगे और पीछे Driving Trailer Coach लगाए गए हैं। इनके अलावा ट्रेन में Non-Driving Trailer Coach और 12 पार्सल कोच शामिल हैं। इस ट्रेन की कुल पेलोड क्षमता करीब 395 से 397 टन बताई गई है। इसके 14 कोच लगभग 25-25 टन सामान ले जाने में सक्षम हैं। वहीं, दोनों Driving Trailer Coach की क्षमता करीब 20-20 टन है। भारी सामान के साथ तेज रफ्तार में ट्रेन को स्थिर रखने के लिए इसके बोगी में 20.32 टन का एक्सल लोड रखा गया है। यानी ट्रेन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि तेज गति के साथ भारी सामान भी सुरक्षित रूप से ले जाया जा सके। सामान चढ़ाने और उतारने में होगी आसानी Vande Bharat Freight Train की खासियत केवल इसकी रफ्तार नहीं है। इसमें सामान को जल्दी लोड और अनलोड करने के लिए भी आधुनिक व्यवस्था की गई है। ट्रेन में Pneumatic Retractable Roller Floor System लगाया गया है। इसकी मदद से भारी पैलेट्स को डिब्बे के अंदर आसानी से खिसकाया जा सकता है। सामान को सही जगह पहुंचाने के बाद उसे लॉक भी किया जा सकता है। इस तकनीक से सामान लोड करने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रेन