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भारत के 10 मशहूर Biryani शहर, जहां हर निवाला बना देगा आपका ट्रिप यादगार

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अगर आपको लगता है कि biryani सिर्फ एक डिश है, तो एक बार भारत के अलग-अलग शहरों की biryani टेस्ट करके देखिए। हर शहर की biryani का अपना अलग अंदाज़, अलग मसाले, अलग खुशबू और अलग किस्सा है। कहीं दम पर पकने वाली शाही biryani मिलती है, तो कहीं हल्के मसालों वाली नफ़ीस biryani दिल जीत लेती है। यही वजह है कि इंडिया में biryani सिर्फ खाने की चीज़ नहीं बल्कि हर शहर की तहज़ीब, इतिहास और कल्चर का हिस्सा बन चुकी है। अगर आप भी उन लोगों में हैं जो ट्रैवल के साथ नई-नई biryani एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं, तो ये सफर आपके लिए किसी फूड फेस्टिवल से कम नहीं होगा। 1. Hyderabad हैदराबाद का नाम आते ही सबसे पहले दिमाग में Hyderabadi biryani की तस्वीर बन जाती है। निज़ामों के दौर से चली आ रही यह biryani आज पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। लंबे बासमती चावल, केसर, देसी घी, केवड़ा, दम कुकिंग और मसालों का शानदार बैलेंस इसे बाकी सभी biryani से अलग बनाता है। चिकन और मटन दोनों ही वर्जन यहां बेहद मशहूर हैं और हर निवाले में शाही ज़ायका महसूस होता है। खासियत Hyderabad की biryani की सबसे बड़ी पहचान इसकी दम कुकिंग है। इसमें कच्चे मैरिनेट किए गए मटन या चिकन को चावल के साथ एक ही बर्तन में धीमी आंच पर पकाया जाता है। यही तरीका इसे बेहद जूसी, खुशबूदार और लज़ीज़ बनाता है। यहां की biryani के साथ मिलने वाली मिर्ची का सालन और रायता इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं। क्या देखें चारमीनार के आसपास की फूड स्ट्रीट। गोलकोंडा किला और उसकी शानदार वास्तुकला। हुसैन सागर झील और शाम का खूबसूरत नज़ारा। बेस्ट टाइम अक्टूबर से फरवरी तक का मौसम सबसे आरामदायक रहता है। शाम के समय पुराना Hyderabad घूमना और उसके बाद गर्मागर्म biryani खाना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है। कैसे पहुंचें Hyderabad एयरपोर्ट देश के लगभग हर बड़े शहर से जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे के जरिए भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। 2. Lucknow अगर आपको हल्के मसालों और नफ़ासत वाला स्वाद पसंद है, तो Lucknow की biryani आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। अवध के नवाबों की रसोई से निकली यह biryani अपने सॉफ्ट मटन, खुशबूदार चावल और कम मसालों की वजह से जानी जाती है। यहां हर प्लेट में रॉयल एहसास मिलता है। खासियत Lucknow की biryani में मसाले कम लेकिन फ्लेवर बहुत गहरा होता है। इसमें गुलाब जल, केवड़ा और केसर का इस्तेमाल स्वाद को बेहद ख़ास बना देता है। इसका हर दाना अलग रहता है और मटन इतना मुलायम होता है कि आसानी से टूट जाता है। क्या देखें बड़ा इमामबाड़ा। रूमी दरवाज़ा। चौक मार्केट और वहां की फूड गलियां। बेस्ट टाइम नवंबर से फरवरी तक का मौसम सबसे शानदार माना जाता है। शाम के वक्त पुरानी गलियों में घूमना और वहां की मशहूर biryani खाना सफर को यादगार बना देता है। कैसे पहुंचें Lucknow का एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और सड़क नेटवर्क पूरे देश से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। 3. Kolkata Kolkata की biryani बाकी सभी शहरों से थोड़ी अलग है क्योंकि इसमें मटन के साथ आलू भी डाला जाता है। पहली बार इसे देखकर लोग हैरान जरूर होते हैं, लेकिन एक बार खाने के बाद इसका स्वाद हमेशा याद रह जाता है। नवाब वाजिद अली शाह के Kolkata आने के बाद यहां की biryani ने अपनी अलग पहचान बनाई। खासियत यहां की biryani हल्के मसालों, खुशबूदार चावल, बड़े आलू और सॉफ्ट मटन के लिए मशहूर है। इसका स्वाद बहुत बैलेंस्ड होता है और ज्यादा तीखापन पसंद न करने वालों के लिए यह एक शानदार ऑप्शन है। क्या देखें विक्टोरिया मेमोरियल। हावड़ा ब्रिज। पार्क स्ट्रीट और न्यू मार्केट। बेस्ट टाइम अक्टूबर से फरवरी तक Kolkata घूमने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहाना रहता है और फूड वॉक का मज़ा दोगुना हो जाता है। कैसे पहुंचें Netaji Subhas Chandra Bose International Airport और Howrah Junction के जरिए Kolkata पूरे देश से आसानी से जुड़ा हुआ है। 4. Ambur तमिलनाडु का छोटा सा शहर Ambur अपने लेदर इंडस्ट्री के साथ-साथ शानदार biryani के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां की biryani का इतिहास करीब 100 साल से भी ज़्यादा पुराना माना जाता है। Ambur की गलियों में चलते ही मसालों और दम पर पकती biryani की खुशबू हर किसी को अपनी तरफ खींच लेती है। अगर आप South India की असली biryani का स्वाद लेना चाहते हैं, तो Ambur आपकी ट्रैवल लिस्ट में ज़रूर होना चाहिए। खासियत Ambur की biryani में लंबे बासमती चावल की जगह Seeraga Samba Rice इस्तेमाल किया जाता है। यही छोटा और खुशबूदार चावल इसकी सबसे बड़ी पहचान है। इसमें दही, लाल मिर्च, हल्के मसाले और नरम मटन या चिकन का शानदार मेल देखने को मिलता है। यहां की biryani के साथ बैंगन की ग्रेवी और रायता परोसा जाता है, जो इसके ज़ायके को और भी बेहतरीन बना देता है। क्या देखें Ambur Fort के आसपास का ऐतिहासिक इलाका। लोकल मार्केट जहां लेदर प्रोडक्ट्स काफी मशहूर हैं। शहर के पुराने biryani आउटलेट्स, जहां पीढ़ियों से वही पारंपरिक स्वाद बरकरार है। बेस्ट टाइम अक्टूबर से फरवरी तक का मौसम सबसे आरामदायक रहता है। शाम के समय लोकल फूड स्ट्रीट घूमने का अलग ही मज़ा आता है। कैसे पहुंचें Ambur, Chennai और Bengaluru के बीच स्थित है। यहां ट्रेन और सड़क दोनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है। 5. Dindigul Tamil Nadu का Dindigul शहर अपने अनोखे स्वाद वाली biryani के लिए जाना जाता है। यहां की biryani बाकी जगहों से बिल्कुल अलग होती है क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले और चावल दोनों का स्वाद अलग पहचान रखते हैं। जो लोग एक बार Dindigul की biryani खाते हैं, वे अक्सर दोबारा यहां आने का प्लान बना लेते हैं। खासियत यहां भी Seeraga Samba Rice का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका हल्का खट्टापन है। नींबू, दही और ताज़े मसालों की वजह से इसका स्वाद काफी फ्रेश लगता है। मटन और चिकन दोनों ही वर्जन बेहद मशहूर हैं और दम कुकिंग इसकी असली जान है। हर प्लेट में मसालों का

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Solo Travel in India: महिलाओं के लिए बेस्ट और सेफ डेस्टिनेशन

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अकेले यात्रा करना आज कई महिलाओं की पसंद बन चुका है। नई जगहों को अपने हिसाब से एक्सप्लोर करने का मज़ा ही अलग होता है। लेकिन जब बात Solo Travel की आती है, तो सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का होता है। अच्छी बात यह है कि भारत में कई ऐसे खूबसूरत शहर और पर्यटन स्थल हैं, जहाँ महिलाएँ अपेक्षाकृत सुरक्षित माहौल में बेफिक्र होकर घूम सकती हैं। सही प्लानिंग और थोड़ी सावधानी के साथ आपकी Solo Trip यादगार और शानदार अनुभव बन सकती है। साउथ इंडिया की बेस्ट Solo Travel गाइड  अगर आप भीड़भाड़ से दूर कहीं समंदर की लहरों और शांति के बीच अपना टाइम बिताना चाहती हैं, तो साउथ इंडिया से बेहतर कोई जगह नहीं है। यहाँ न सिर्फ कुदरत की खूबसूरती है, बल्कि महिलाओं के लिए सम्मान और सुरक्षा का माहौल भी इसे खास बनाता है। (Solo Travel) पुडुचेरी: जहाँ आपको मिलेगी ‘फ्रेंच वाइब‘ (Solo Travel) पुडुचेरी या पांडिचेरी उन लड़कियों के लिए स्वर्ग है जो अकेले घूमना पसंद करती हैं। यहाँ की चौड़ी सड़कें, पीले रंग की फ्रेंच स्टाइल की इमारतें और समंदर के किनारे की शांति आपको मदहोश कर देगी। कहाँ घूमें: यहाँ आप ऑरोविले (Auroville) जा सकती हैं, जो शांति और मेडिटेशन के लिए मशहूर है। इसके अलावा श्री अरबिंदो आश्रम, फ्रेंच क्वार्टर की रंगीन गलियाँ और रॉक बीच पर शाम की वॉक मिस न करें। जाने की सुविधा: यहाँ घूमने का सबसे बेस्ट तरीका स्कूटी रेंट पर लेना है, जिसे लड़कियाँ बेझिझक चलाती हैं। यहाँ का बीच रोड पैदल चलने के लिए भी पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। केरल: ‘गॉड्स ओन कंट्री‘ में कुदरत का जादू केरल अपनी हाई लिटरेसी रेट और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार के लिए जाना जाता है, जो इसे सोलो महिला यात्रियों के लिए बहुत भरोसेमंद बनाता है। यहाँ हर मोड़ पर आपको कुछ नया मिलेगा।(Solo Travel) मुन्नार: अगर आपको पहाड़ों और चाय के बागानों से प्यार है, तो मुन्नार की धुंधली पहाड़ियाँ और गिरते झरने आपको सुकून देंगे। अलेप्पी: यहाँ आप हाउसबोट (Houseboat) की सवारी कर सकती हैं और नारियल के बागानों के बीच बैकवाटर्स का लुत्फ उठा सकती हैं। यहाँ का लोकल टूरिज्म महिलाओं की सुरक्षा पर बहुत ध्यान देता है। वर्कला: समंदर के किनारे बसे इस शहर में क्लिफ-साइड कैफे और आयुर्वेदिक मसाज का अनुभव लाजवाब है। यहाँ का क्लिफ वॉक रात के समय भी सोलो यात्रियों के लिए सुरक्षित रहता है। सफर की तैयारी और जरूरी सुविधाएँ (Solo Travel) इन जगहों पर पहुँचने और सुरक्षित रहने के लिए सरकार और इंफ्रास्ट्रक्चर ने कई सुविधाएँ दी हैं: ट्रेन का सफर: लंबी दूरी के लिए 2AC या 3AC में अपर बर्थ (Upper Berth) बुक करना सबसे सेफ रहता है। ऐप्स का इस्तेमाल: स्टेशन या एयरपोर्ट से अपनी मंजिल तक जाने के लिए अनजान ऑटो के बजाय Uber या Ola जैसे भरोसेमंद ऐप्स का इस्तेमाल करें। हेल्पलाइन नंबर: किसी भी परेशानी में आप 1800-111-363 या 1363 (मल्टी-लिंगुअल टूरिस्ट हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकती हैं, जो 12 भाषाओं में मदद देती है। इसके अलावा 112 (पुलिस) और 181 (विमेंस हेल्पलाइन) नंबर हमेशा फोन में सेव रखें। नॉर्थ-ईस्ट की खूबसूरती और सेफ्टी: सोलो महिला यात्रियों के लिए एक ‘हिडन ट्रेजर‘ भारत का उत्तर-पूर्व (Northeast) हिस्सा, जिसमें सिक्किम, मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं, सोलो महिला यात्रियों के लिए सबसे आरामदायक और सुरक्षित क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यहाँ का सामाजिक ढांचा बाकी देश से थोड़ा अलग है; यहाँ महिलाएँ रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुत स्वतंत्र रूप से घूमती हैं और जेंडर इक्विटी (महिला-पुरुष समानता) यहाँ की संस्कृति का हिस्सा है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ ‘मेल-गेज़’ (पुरुषों का घूरना) बहुत कम है, जो इसे अकेले घूमने वाली लड़कियों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाता है। (Solo Travel) सिक्किम (गंगटोक): शांति और बेमिसाल कुदरत  सिक्किम को भारत का ‘ऑर्गेनिक राज्य’ कहा जाता है और यह अपनी सफाई और मेहमाननवाजी के लिए मशहूर है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर पहाड़ों की शांति चाहती हैं, तो यह जगह आपके लिए ही है। (Solo Travel) कहाँ घूमें: यहाँ आप त्सोमगो झील (Tsomgo Lake) और गुरुडोंगमार झील की बेमिसाल खूबसूरती देख सकती हैं। अगर आपको एडवेंचर पसंद है, तो यहाँ के मशहूर ट्रेक्स जैसे द्ज़ोंगरी ला और गोइचा ला ट्रेक पर जा सकती हैं। माउंट कंचनजंगा की बर्फ से ढकी चोटियाँ यहाँ का मुख्य आकर्षण हैं। सुरक्षा और माहौल: गंगटोक को देश के सबसे सुरक्षित शहरों की लिस्ट में ऊँचा स्थान दिया गया है, जहाँ पुलिसिंग और लोगों की भागीदारी बहुत अच्छी है। मेघालय (शिलॉन्ग): ‘ईस्ट का स्कॉटलैंड‘ शिलॉन्ग अपनी साफ सड़कों, शानदार मौसम और म्यूजिक कल्चर के लिए जाना जाता है। यहाँ के लोग बहुत ही फ्रेंडली माने जाते हैं, जिससे महिला यात्री खुद को काफी सुरक्षित महसूस करती हैं। (Solo Travel) कहाँ घूमें: यहाँ ढेरों झरने, नीला आसमान और दूर-दूर तक फैले पहाड़ आपका स्वागत करेंगे। आप यहाँ के मशहूर गोल्फ कोर्स देख सकती हैं या चेरापूंजी की वादियों में खो सकती हैं। सुविधा: यहाँ घूमना काफी आसान है क्योंकि यहाँ का कल्चर महिलाओं की आज़ादी का सम्मान करता है। कोहिमा और विशाखापत्तनम (विजाग): सेफ्टी रैंकिंग में टॉप NARI (National Annual Report and Index on Women’s Safety) 2025 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, कोहिमा (नागालैंड) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) भारत के सबसे सुरक्षित शहरों में टॉप पर हैं। (Solo Travel) इन शहरों की सुरक्षा रैंकिंग अच्छी होने का कारण यहाँ की बेहतर पुलिसिंग, बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाई जेंडर इक्विटी है। विजाग में समुद्र किनारे की खूबसूरती और कोहिमा का शांत माहौल सोलो ट्रिप के लिए बेस्ट है। कैसे पहुँचें और क्या हैं सुविधाएँ? इन जगहों पर जाने के लिए आजकल कनेक्टिविटी बहुत बेहतर हो गई है। (Solo Travel) फ्लाइट और होटल: हाल के सालों में महिलाओं द्वारा फ्लाइट और होटल बुकिंग में 30% से 40% तक की बढ़त देखी गई है, जिससे टूरिज्म इंडस्ट्री अब महिलाओं की जरूरतों के हिसाब से काफी बदल गई है। हेल्पलाइन: किसी भी मुश्किल या जानकारी के लिए सरकार ने 24×7 मल्टी-लिंगुअल टूरिस्ट हेल्पलाइन (1800111363 या 1363) शुरू की है, जो हिंदी और अंग्रेजी समेत 12 भाषाओं में मदद देती है। ट्रांसपोर्ट: लंबी दूरी के लिए ट्रेन में अपर बर्थ (Upper Berth) बुक करना सबसे सेफ रहता है। शहर के अंदर घूमने

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Ayodhya: करोड़ों श्रद्धालुओं की पसंद बना भारत का यह स्थल!

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क्या आप यकीन करेंगे कि भारत में एक ऐसा शहर भी है, जहाँ एक ही साल में करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक पहुँच रहे हैं? कुछ साल पहले तक जिसे मुख्य रूप से एक धार्मिक नगरी के रूप में जाना जाता था, आज वह देश के सबसे बड़े पर्यटन केंद्रों में गिना जाने लगा है। हम बात कर रहे हैं Ayodhya की, जो भगवान श्रीराम की जन्मभूमि होने के कारण सदियों से आस्था का केंद्र रही है। लेकिन हाल के वर्षों में यहाँ हुए बड़े विकास कार्यों, भव्य राम मंदिर के निर्माण और आधुनिक सुविधाओं ने इस शहर की तस्वीर ही बदल दी है। आज Ayodhya सिर्फ एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि भारत के सबसे चर्चित पर्यटन स्थलों में से एक बन चुकी है। आखिर क्यों हर दिन हजारों लोग यहाँ पहुँच रहे हैं, कौन-कौन सी जगहें देखने लायक हैं, यात्रा का सही समय क्या है और यहाँ कैसे पहुँचा जा सकता है? आइए, Ayodhya की पूरी यात्रा गाइड और इसके रिकॉर्ड तोड़ पर्यटन आंकड़ों के बारे में विस्तार से जानते हैं। कब और कैसे हुआ मंदिर का कायाकल्प? Ayodhya में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा जनवरी 2024 में हुई थी। मंदिर खुलने के बाद Ayodhya में पर्यटकों की संख्या में जो उछाल आया है, उसने सबको हैरान कर दिया है। IIM लखनऊ की एक स्टडी बताती है कि जहाँ पहले यहाँ साल भर में औसतन सिर्फ 1.7 लाख लोग आते थे, वहीं मंदिर खुलने के पहले 6 महीनों में ही करीब 11 करोड़ लोग दर्शन के लिए पहुँच चुके हैं। सिर्फ जनवरी 2024 के अकेले महीने में ही 2.5 करोड़ से ज्यादा लोग यहाँ आए थे। Ayodhya में हुए नए निर्माण और बदलाव अगर आप कुछ साल बाद Ayodhya जा रहे हैं, तो आपको यह शहर बिल्कुल नया लगेगा। यहाँ हुए कुछ बड़े बदलाव इस प्रकार हैं: 2020 में यहाँ सिर्फ 3,500-4,000 होटल रूम थे, जो 2025 तक 5,000 से ज्यादा हो चुके हैं। साथ ही, अब यहाँ 1,136 से ज्यादा होमस्टे की सुविधा भी उपलब्ध है, जो 2021 में शून्य थी।  शहर में रेस्टोरेंट्स की संख्या 200 से बढ़कर 2,000 हो गई है। शहर में रिक्शा चलाने वालों की संख्या 500 से बढ़कर 17,000 पहुँच गई है। बैंकों की संख्या भी 15 से बढ़कर 60 हो गई है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो। भारत सरकार ने ‘स्वदेश दर्शन’ योजना के तहत ‘रामायण सर्किट’ में Ayodhya के विकास के लिए 127.21 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। Ayodhya कैसे पहुँचें? Ayodhya पहुँचना अब बहुत आसान हो गया है: हवाई जहाज़ (Air): अयोध्या में नया ‘महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ बन चुका है, जो देश के बड़े शहरों से जुड़ा है। ट्रेन (Rail): ‘अयोध्या धाम’ रेलवे स्टेशन को बहुत ही भव्य और आधुनिक बनाया गया है। यहाँ के लिए देश भर से कई ‘आस्था स्पेशल’ ट्रेनें भी चलती हैं। सड़क (Road): अयोध्या नेशनल हाईवे-27 पर स्थित है और लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर से बस या टैक्सी से आसानी से यहाँ पहुँचा जा सकता है। Ayodhya जाना कब सही रहेगा? सबसे अच्छा मौसम वैसे तो Ayodhya में साल भर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन अगर आरामदायक यात्रा और दर्शनों का पूरा आनंद लेना चाहते हैं, तो अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इस दौरान मौसम ठंडा और सुहावना रहता है, जिससे मंदिरों, घाटों और शहर के अन्य दर्शनीय स्थलों को आराम से देखा जा सकता है। वहीं, रामनवमी, दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान Ayodhya की रौनक कई गुना बढ़ जाती है। खासकर दीपावली के अवसर पर लाखों दीपकों से जगमगाती Ayodhya का नज़ारा दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। हालांकि, इन त्योहारों के समय श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होती है, जिसके कारण होटल और परिवहन सेवाओं की मांग भी बढ़ जाती है। इसलिए यदि आप त्योहारों के दौरान यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो होटल और टिकट की बुकिंग पहले से कर लेना बेहतर रहेगा। अगर आप कम भीड़ के बीच शांत और सुकून भरा अनुभव चाहते हैं, तो सर्दियों के सामान्य दिनों में Ayodhya घूमना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। Five Colors of Travel की ओर से  खास सुझाव पहले से बुकिंग करें: अगर आप रात को रुकना चाहते हैं, तो होटल या होमस्टे की बुकिंग कम से कम 15 दिन पहले कर लें। होमस्टे का अनुभव लें: अगर आप स्थानीय संस्कृति और खाने का स्वाद चखना चाहते हैं, तो होटलों के बजाय होमस्टे में रुकें। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग: मंदिर के पास की गलियाँ पतली हो सकती हैं, इसलिए ई-रिक्शा का उपयोग करना सबसे सुविधाजनक रहता है। सरयू आरती न भूलें: राम मंदिर के दर्शन के साथ-साथ शाम को सरयू घाट पर होने वाली आरती का अनुभव ज़रूर लें। भीड़ से बचें: अगर संभव हो तो दर्शन के लिए वीकडेज़ (सोमवार से गुरुवार) चुनें, ताकि आपको कम भीड़ मिले। Ayodhya का यह बदलाव सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ‘आर्थिक क्रांति‘ (Economic Renaissance) है। रिपोर्टों के अनुसार, यहाँ के एक आम दुकानदार की कमाई 5 गुना तक बढ़ गई है। अनुमान है कि आने वाले समय में Ayodhya से हर साल 10,000 करोड़ रुपये की कमाई होगी। इसलिए, यदि आप भारत की बदलती तस्वीर देखना चाहते हैं, तो Ayodhya की यात्रा ज़रूर करें।