Train Ticket Latest Travel Travel News & Information

Train Ticket के बिना सफर पर अब ₹500 जुर्माना, जानें नियम

  • 0 Comments

फेस्टिव सीजन में बढ़ती भीड़ के बीच रेलवे का बड़ा चेकिंग अभियान, पांच महीनों में 140.8 करोड़ रुपये की वसूली और बिना टिकट सफर पर अब न्यूनतम ₹500 का जुर्माना। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही घर जाने की तैयारी तेज हो जाती है। दुर्गा पूजा हो, दिवाली हो या फिर छठ पूजा, इन दिनों बड़ी संख्या में लोग अपने घर और परिवार के पास जाने के लिए ट्रेन से सफर करते हैं। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ जाती है और Train Ticket की मांग भी अचानक काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में कई यात्रियों को कन्फर्म Train Ticket नहीं मिल पाता और कुछ लोग जल्दबाजी में बिना वैध टिकट के ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस फेस्टिव सीजन में ऐसा करना जेब पर भारी पड़ सकता है। सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच सेंट्रल रेलवे ने करीब 18 लाख यात्रियों को बिना वैध टिकट या अनधिकृत यात्रा प्राधिकार के पकड़ा और 140.81 करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूली। इतना ही नहीं, 20 जून 2026 से बिना टिकट यात्रा पर लगने वाला न्यूनतम एक्सेस चार्ज भी ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है। ऐसे में फेस्टिव सीजन में ट्रेन से सफर करने वाले हर यात्री के लिए Train Ticket से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है। त्योहारों में रेलवे पर बढ़ जाता है दबाव त्योहारों के समय रेलवे स्टेशनों पर सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। लोग अपने शहरों और गांवों की तरफ जाने के लिए ट्रेनों का सहारा लेते हैं। खासकर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों पर बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इस दौरान कन्फर्म Train Ticket मिलना भी मुश्किल हो जाता है। जिन यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता, उनमें से कुछ लोग बिना सही टिकट के ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं। रेलवे के लिए यह सिर्फ टिकट का मामला नहीं है। जब बिना वैध टिकट यात्री ट्रेन में पहुंच जाते हैं, तो पहले से भरी ट्रेन में भीड़ और बढ़ जाती है। इससे सही Train Ticket लेकर सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है। इसी वजह से फेस्टिव सीजन में रेलवे ने टिकट चेकिंग को और तेज कर दिया है। प्रमुख स्टेशनों के अलावा लोकल, पैसेंजर, एक्सप्रेस और फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों में भी जांच की जा रही है। पांच महीने में 140.8 करोड़ रुपये की वसूली सेंट्रल रेलवे ने अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इन पांच महीनों में करीब 18.03 लाख यात्रियों को बिना वैध टिकट या अनधिकृत यात्रा प्राधिकार के पकड़ा गया। इनसे रेलवे ने करीब 140.81 करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूली। पिछले साल इसी अवधि यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान करीब 17.19 लाख मामलों में 100.50 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इस बार पेनल्टी कलेक्शन में 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी बताई गई है। सेंट्रल रेलवे नेटवर्क पर रोजाना औसतन करीब 11 हजार पेनल्टी लगाई गईं और हर दिन लगभग 92 लाख रुपये की वसूली हुई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे ने टिकट चेकिंग को कितनी गंभीरता से लिया है। इसलिए अगर आप फेस्टिव सीजन में सफर करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपना Train Ticket जरूर जांच लें। मुंबई डिविजन से सबसे ज्यादा वसूली सेंट्रल रेलवे के अलग-अलग डिविजन में भी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इनमें मुंबई डिविजन सबसे आगे रहा। मुंबई डिविजन में करीब 8.8 लाख मामले पकड़े गए और लगभग 58.46 करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूली गई। भुसावल डिविजन में करीब 3.4 लाख मामलों में 35.52 करोड़ रुपये की वसूली हुई। पुणे डिविजन में 1.86 लाख मामलों से 16.29 करोड़ रुपये और नागपुर डिविजन में करीब 2.11 लाख मामलों से 15.83 करोड़ रुपये वसूले गए। सोलापुर डिविजन में करीब 95 हजार मामलों से 6.13 करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूली गई। वहीं सेंट्रल रेलवे मुख्यालय से करीब 8.6 करोड़ रुपये की वसूली हुई। अगर अप्रैल से जुलाई 2026 तक के चार महीनों की बात करें तो सेंट्रल रेलवे ने 15.46 लाख यात्रियों से 121.31 करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूली थी। इसमें मुंबई डिविजन ने अकेले 7.40 लाख मामलों में 49.50 करोड़ रुपये वसूले थे। इन आंकड़ों को देखते हुए फेस्टिव सीजन में Train Ticket के बिना सफर करना काफी महंगा पड़ सकता है। अब न्यूनतम जुर्माना ₹500 फेस्टिव सीजन में ट्रेन से सफर करने वालों के लिए सबसे जरूरी बदलाव जुर्माने की राशि से जुड़ा है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 137 और 138 में जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत बदलाव किए गए हैं। यह नया नियम 20 जून 2026 से पूरे देश में प्रभावी बताया गया है। इसके बाद बिना टिकट यात्रा करने पर लगने वाला न्यूनतम एक्सेस चार्ज ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है। यानी अगर कोई यात्री बिना वैध Train Ticket के ट्रेन में यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे तय किराए के साथ न्यूनतम ₹500 का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। इसलिए सिर्फ यह सोचकर ट्रेन में चढ़ जाना कि रास्ते में टिकट बनवा लेंगे या चेकिंग नहीं होगी, अब जेब पर भारी पड़ सकता है। अगर कोई व्यक्ति धोखाधड़ी के इरादे से बिना टिकट यात्रा करता है और दोषी पाया जाता है, तो उसे 1,000 रुपये तक का जुर्माना, छह महीने तक की जेल या दोनों की सजा हो सकती है। ऐसे में सफर शुरू करने से पहले Train Ticket लेना ही सबसे जरूरी तैयारी है। रेलवे ने चेकिंग का तरीका भी बदला सेंट्रल रेलवे सिर्फ सामान्य टिकट जांच पर निर्भर नहीं है। टिकट चेकिंग के लिए कई तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें Fortress Checks शामिल हैं। इसके तहत स्टेशन के प्रवेश और निकास रास्तों को कवर करके सघन जांच की जाती है। इसके अलावा Ambush Inspections भी की जा रही हैं। इसमें बिना किसी पूर्व सूचना के बीच के स्टेशनों या चलती ट्रेन में अचानक टिकट जांच की जाती है। प्रमुख स्टेशनों और जंक्शनों पर Station Sweeps और Mega Drives भी चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के दौरान टिकट