Delhi में लगा Teej Utsav, जानिए यहां की Location और Timing
राजस्थान अपनी रंग-बिरंगी पोशाकों, पारंपरिक गहनों, हस्तशिल्प, लोक संगीत और स्वादिष्ट खान-पान के लिए जाना जाता है। अगर आप राजस्थान की इन परंपराओं को करीब से देखना चाहते हैं, लेकिन इस समय राजस्थान जाने का मौका नहीं मिल पा रहा है, तो दिल्ली में आपके लिए एक अच्छा विकल्प मौजूद है। Teej Utsav 2026 का आयोजन 15 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक दिल्ली के बीकानेर हाउस में किया जा रहा है। इस आयोजन में राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कारीगर अपने हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। यहां आपको खरीदारी के साथ लोक संगीत, नृत्य, मेहंदी, झूले और राजस्थानी व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर भी मिलेगा। Teej Utsav इस आयोजन का एक खास उद्देश्य राजस्थान के ग्रामीण कारीगरों को बड़े बाजार तक पहुंचाना और उनके पारंपरिक काम को ग्राहकों तक सीधे पहुंचाना है। ग्रामीण गैर-कृषि विकास एजेंसी यानी आरयूडीए के माध्यम से कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। अगर आपको हाथ से बनी चीजें खरीदना पसंद है या राजस्थान की संस्कृति में रुचि है, तो अगस्त में बीकानेर हाउस का यह आयोजन आपकी यात्रा सूची में शामिल हो सकता है। Teej Utsav 2026 कब और कहां होगा? इस वर्ष Teej Utsav 15 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में होगा। बीकानेर हाउस इंडिया गेट के पास स्थित है और दिल्ली के प्रमुख इलाकों से यहां पहुंचना आसान है। आयोजन में प्रवेश निःशुल्क रखा गया है। यानी केवल उत्सव देखने के लिए आपको कोई प्रवेश शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, अगर आप यहां से कपड़े, गहने, हस्तशिल्प या दूसरी चीजें खरीदते हैं, तो उसका भुगतान अलग से करना होगा। परिवार के साथ घूमने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि यहां खरीदारी के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम और राजस्थानी भोजन भी देखने और चखने को मिल सकता है। Teej Utsav राजस्थान के कारीगरों से सीधे खरीदारी इस आयोजन में राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से कारीगर और उनके समूह अपने उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। राजस्थान के कई परिवार पीढ़ियों से हस्तशिल्प का काम करते आ रहे हैं। कोई कपड़ों पर हाथ से छपाई करता है, कोई कढ़ाई करता है, तो कोई मिट्टी, लाख या दूसरी प्राकृतिक सामग्री से वस्तुएं तैयार करता है। यहां खरीदारी करते समय आप कारीगर से सीधे बात कर सकते हैं और उसके काम के बारे में जानकारी ले सकते हैं। किसी सामान को बनाने में कितना समय लगता है, उसमें कौन-सी तकनीक इस्तेमाल होती है और वह किस क्षेत्र की कला से जुड़ा है, यह जानना खरीदारी को और उपयोगी बना सकता है। इस तरह आपको केवल तैयार सामान नहीं मिलता, बल्कि उसके पीछे की मेहनत और कला को समझने का मौका भी मिलता है। ब्लॉक प्रिंट वाले कपड़े राजस्थान की ब्लॉक प्रिंटिंग यहां की प्रसिद्ध पारंपरिक कलाओं में शामिल है। इसमें लकड़ी के बने ब्लॉक पर डिजाइन तैयार किया जाता है। इसके बाद रंग की मदद से उस डिजाइन को कपड़े पर छापा जाता है। फूलों, पत्तियों और पारंपरिक आकृतियों वाले डिजाइन कपड़ों को अलग पहचान देते हैं। Teej Utsav यहां आपको ब्लॉक प्रिंट वाली साड़ियां, दुपट्टे, कुर्ते और दूसरे कपड़े देखने को मिल सकते हैं। अगर आप रोजाना पहनावे में पारंपरिक डिजाइन पसंद करते हैं, तो ऐसे कपड़े आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। खरीदारी करते समय कपड़े की गुणवत्ता, रंग और छपाई को ध्यान से जरूर देखें। ब्लू पॉटरी भी खरीद सकते हैं राजस्थान की एक और प्रसिद्ध कला ब्लू पॉटरी है। इस कला में नीले रंग और अलग-अलग सजावटी डिजाइनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत सजावटी प्लेट, कटोरे, छोटे बर्तन और घर में रखने वाली दूसरी वस्तुएं बनाई जाती हैं। अगर आप घर की सजावट के लिए कुछ पारंपरिक सामान खरीदना चाहते हैं, तो यहां ब्लू पॉटरी के उत्पादों को जरूर देखें। खरीदते समय वस्तु को ध्यान से जांच लें, ताकि उसमें कोई दरार या टूट-फूट न हो। लाख की चूड़ियों की खरीदारी तीज के त्योहार के साथ पारंपरिक श्रृंगार का खास संबंध है। इसमें चूड़ियां और गहने महिलाओं की खरीदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। राजस्थान की लाख की चूड़ियां अलग-अलग रंगों और डिजाइनों में बनाई जाती हैं। कई चूड़ियों पर हाथ से सजावट की जाती है, जिससे हर डिजाइन थोड़ा अलग दिखाई दे सकता है। अगर आप त्योहार के लिए खरीदारी कर रहे हैं, तो लाख की चूड़ियां आपके लिए अच्छी पसंद हो सकती हैं। खरीदारी से पहले चूड़ियों का आकार और उनकी मजबूती जरूर जांच लें। अगर आप इन्हें लंबे समय तक पहनना चाहते हैं, तो सजावट और रंग की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें। Teej Utsav राजस्थानी मोजरी भी देखें राजस्थान की पारंपरिक मोजरी भी यहां की पहचान है। हाथ से तैयार की गई मोजरी कई रंगों और डिजाइनों में मिलती है। इसे पारंपरिक कपड़ों के साथ पहनने के अलावा आजकल सामान्य कुर्ते और दूसरे कपड़ों के साथ भी पहना जाता है। अगर आप अपने पहनावे में राजस्थानी अंदाज जोड़ना चाहते हैं, तो मोजरी खरीद सकते हैं। खरीदारी से पहले मोजरी पहनकर उसका आकार और आराम जरूर जांच लें। मोजरी सुंदर होने के साथ-साथ चलने में आरामदायक भी होनी चाहिए। कशीदाकारी और हाथ से तैयार कपड़े राजस्थान के कई इलाकों में कपड़ों पर हाथ से कढ़ाई और कशीदाकारी की जाती है। धागों और अलग-अलग रंगों की मदद से कपड़े पर छोटे-बड़े डिजाइन तैयार किए जाते हैं। दुपट्टे, कपड़े, सजावटी सामान और घर में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुओं पर यह काम देखने को मिल सकता है। हाथ से की गई कढ़ाई में मशीन से बने सामान की तुलना में अलग डिजाइन और छोटी असमानताएं दिखाई दे सकती हैं। यही असमानताएं कई बार इस बात की पहचान होती हैं कि सामान हाथ से तैयार किया गया है। अगर आपको कोई कढ़ाई वाला उत्पाद पसंद आता है, तो उसे बनाने वाले कारीगर से उसके काम के बारे में जरूर पूछें। Teej Utsav मेहंदी और तीज की परंपरा तीज के अवसर पर मेहंदी लगाने की परंपरा काफी पुरानी है। इसलिए उत्सव में मेहंदी के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का हिस्सा हो सकते हैं। महिलाएं और लड़कियां यहां अलग-अलग डिजाइन की मेहंदी लगवा सकती हैं। अगर आप परिवार के साथ जा रहे