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Train टिकट बुकिंग के नए नियम, जानें क्या बदला

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भारत में train से सफर करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। किसी को घर जाना हो, किसी को नौकरी के सिलसिले में दूसरे शहर जाना हो या फिर परिवार के साथ घूमने निकलना हो, train आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। लेकिन train की टिकट बुक करना, खासकर त्योहारों के समय, किसी परीक्षा से कम नहीं लगता। सुबह टिकट खुलते ही वेबसाइट पर भीड़, सीटों के लिए मारामारी और कभी-कभी पैसे कट जाने के बाद भी टिकट कन्फर्म न होने जैसी परेशानियां यात्रियों को अक्सर झेलनी पड़ती हैं। साल 2026 में रेलवे की टिकट बुकिंग व्यवस्था में कई बदलाव और डिजिटल सुविधाएं चर्चा में हैं। इनमें कुछ नियम पहले से लागू हैं, जबकि कुछ सुविधाएं धीरे-धीरे यात्रियों तक पहुंचाई जा रही हैं। अगर आप आने वाले दिनों में train की टिकट बुक करने वाले हैं या त्योहार के समय यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार इन नियमों को जरूर समझ लें। इससे टिकट बुक करते समय होने वाली परेशानी काफी कम हो सकती है। 120 दिन नहीं, अब 60 दिन पहले बुक होगी टिकट सबसे बड़ा बदलाव एडवांस टिकट बुकिंग को लेकर है। पहले यात्री अपनी यात्रा की तारीख से 120 दिन पहले तक train की टिकट बुक कर सकते थे। अब एडवांस रिजर्वेशन पीरियड 60 दिन का है। इसका मतलब है कि अब आप यात्रा की तारीख से करीब दो महीने पहले तक ही मेल या एक्सप्रेस train में टिकट बुक कर पाएंगे। यह नियम 1 नवंबर 2024 से लागू हुआ था और 2026 में भी यही व्यवस्था जारी है। इस बदलाव के पीछे टिकटों की कालाबाजारी और बहुत पहले से सीटें भर जाने जैसी समस्याओं को कम करने का उद्देश्य बताया गया है। अब यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख पर ज्यादा ध्यान रखना होगा। अगर आप दिवाली, छठ, होली या किसी बड़े त्योहार पर train से सफर करने वाले हैं, तो 60 दिन की बुकिंग अवधि खुलते ही टिकट बुक करने की तैयारी कर लें। एक जरूरी बात यह भी है कि यात्रा की तारीख को आमतौर पर 60 दिनों की गिनती में शामिल नहीं किया जाता। इसलिए सही बुकिंग तारीख पहले से जांच लेना बेहतर रहेगा। पहले दिन की बुकिंग में आधार सत्यापन जरूरी 2026 में ऑनलाइन टिकट बुकिंग से जुड़ा एक अहम नियम आधार सत्यापन से भी जुड़ा है। जब किसी train की टिकट बुकिंग पहली बार खुलती है, तो उस दिन ऑनलाइन आरक्षित टिकट बुक करने के लिए आधार से सत्यापित IRCTC खाता जरूरी हो सकता है। इस नियम का उद्देश्य बॉट, फर्जी खाते और गलत तरीके से टिकट बुक करने वालों पर रोक लगाना है। अगर आप त्योहारों के लिए टिकट लेने वाले हैं, तो आखिरी समय तक इंतजार न करें। IRCTC खाते में पहले ही आधार सत्यापन पूरा कर लें। बुकिंग खुलने के दिन आधार सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करने पर समय खराब हो सकता है और आपकी पसंद की सीटें भर सकती हैं। IRCTC की बुकिंग क्षमता बढ़ाई जा रही है train की टिकट बुक करते समय सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब वेबसाइट या ऐप धीमा पड़ जाए। खासकर टिकट खुलने के समय हजारों लोग एक साथ टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं। इसी परेशानी को देखते हुए रेलवे और IRCTC टिकट बुकिंग सिस्टम की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। नई तकनीक और सर्वर क्षमता बढ़ने से टिकट बुकिंग की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। इसका फायदा train यात्रियों को मिल सकता है। टिकट बुक करते समय वेबसाइट अटकने, भुगतान के दौरान परेशानी होने और सर्वर धीमा पड़ने जैसी दिक्कतें कम हो सकती हैं। हालांकि तेज सिस्टम होने के बाद भी त्योहारों और तत्काल बुकिंग के समय सीटें बहुत तेजी से भर सकती हैं। इसलिए सिर्फ वेबसाइट तेज होने पर भरोसा करने के बजाय यात्रियों की जानकारी पहले से तैयार रहनी चाहिए। सीट चुनने की सुविधा को समझें टिकट बुक करते समय यात्री लोअर, मिडिल या अपर बर्थ जैसी पसंद दर्ज कर सकते हैं। लेकिन पसंद देने का मतलब यह नहीं होता कि वही सीट निश्चित रूप से मिलेगी। नई डिजिटल व्यवस्था में कोच का लेआउट और सीट की जानकारी अधिक साफ तरीके से दिखाने की दिशा में काम किया जा रहा है। अगर किसी train और श्रेणी में सीट चुनने या लेआउट देखने की सुविधा उपलब्ध होती है, तो परिवार के साथ यात्रा करने वालों को फायदा हो सकता है। लेकिन हर train, हर कोच और हर बुकिंग में अपनी पसंद की सीट चुनना संभव हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए टिकट बुक करने के बाद कोच नंबर और बर्थ नंबर जरूर जांच लें। यात्रा के समय सीट बदलने की उम्मीद करके न जाएं। टिकट कैंसिल करने से पहले समय जरूर देखें 2026 में टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियम काफी महत्वपूर्ण हैं। अगर आपने train की कन्फर्म टिकट बुक कर ली है और बाद में यात्रा कैंसिल करनी पड़ती है, तो टिकट रद्द करने का समय बहुत मायने रखता है। नई व्यवस्था के अनुसार 72 घंटे से ज्यादा पहले टिकट कैंसिल करने पर तय फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज काटा जा सकता है। अगर टिकट train के रवाना होने से 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल की जाती है, तो कुल किराये का 25 प्रतिशत काटा जा सकता है। वहीं 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराये का 50 प्रतिशत काटा जा सकता है। अगर train के रवाना होने में 8 घंटे से कम समय बचा है और आपने टिकट कैंसिल नहीं की, तो सामान्य स्थिति में रिफंड नहीं मिलने की संभावना रहती है। इसलिए अगर आपकी यात्रा का प्लान बदल गया है, तो आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय समय रहते टिकट कैंसिल करना बेहतर रहेगा। कन्फर्म टिकट का रिफंड समझें कन्फर्म टिकट कैंसिल करते समय एक बात हमेशा ध्यान रखें कि रिफंड पूरा नहीं मिलता। 72 घंटे से ज्यादा पहले टिकट कैंसिल करने पर भी श्रेणी के अनुसार तय कैंसिलेशन चार्ज काटा जा सकता है। AC फर्स्ट क्लास और एग्जीक्यूटिव क्लास में यह शुल्क ज्यादा होता है। AC 2-टियर, AC 3-टियर, स्लीपर और सेकेंड क्लास में शुल्क अलग-अलग हो सकता है। अगर आपने महंगी AC टिकट