Tambaram Railway Station: 9 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर की योजना
चेन्नई जैसे बड़े शहर में रोज़ Train से सफर करने वाले लोगों के लिए रेलवे स्टेशन सिर्फ आने-जाने की जगह नहीं, बल्कि उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा होता है। सुबह ऑफिस जाने की जल्दी हो या शाम को घर लौटने की भीड़, स्टेशन पर बिताया गया हर मिनट मायने रखता है। ऐसे में जब एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए भारी सामान लेकर सीढ़ियां चढ़नी पड़ें, तो सफर शुरू होने से पहले ही थकान होने लगती है। दक्षिण चेन्नई का Tambaram Railway Station भी लंबे समय से ऐसी ही चुनौतियों का सामना कर रहा है। यहां रोज़ बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ के मुकाबले सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी। Tambaram Railway Station अब इस स्टेशन पर यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए नए फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, यहां 9 नई लिफ्ट और 10 नए एस्केलेटर लगाए जाने हैं। इसके अलावा, आने वाले समय में स्टेशन को बड़े स्तर पर आधुनिक बनाने की योजना भी है। यानी Tambaram Railway Station सिर्फ कुछ नई सुविधाओं तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि चेन्नई के यातायात नेटवर्क में इसकी भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है। आइए जानते हैं कि स्टेशन पर क्या बदलाव किए जा रहे हैं और यात्रियों के लिए इनका क्या मतलब है। तांबरम रेलवे स्टेशन इतना खास क्यों है? चेन्नई के व्यस्त रेलवे नेटवर्क में तांबरम एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से लोकल ट्रेनें चलती हैं और लंबी दूरी की कई ट्रेनों से भी यात्रियों को सफर करने का मौका मिलता है। दक्षिण चेन्नई और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्टेशन रोज़ाना की आवाजाही का एक बड़ा केंद्र है। नौकरी, पढ़ाई, व्यापार या दूसरे शहरों की यात्रा के लिए बड़ी संख्या में लोग इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं। यही वजह है कि Tambaram Railway Station पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ सुविधाओं को बेहतर बनाना जरूरी हो गया है। स्टेशन की अहमियत तब और बढ़ जाती है, जब चेन्नई के दूसरे प्रमुख स्टेशनों पर निर्माण या पुनर्विकास का काम चल रहा हो। ऐसे समय में कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन तांबरम से किए जाने पर यहां भीड़ बढ़ सकती है। इससे लोकल ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों और दूर के शहरों की यात्रा करने वालों, दोनों को एक ही स्टेशन पर बेहतर व्यवस्था की जरूरत होती है। इसलिए यहां नए रास्ते, चौड़े फुट ओवरब्रिज और यात्रियों के आने-जाने की सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही, इसलिए बदलाव जरूरी तांबरम स्टेशन पर यात्रियों की संख्या इसकी अहमियत को साफ दिखाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यहां रोजाना औसतन करीब 1.5 लाख से 1.78 लाख यात्रियों की आवाजाही होती है। व्यस्त दिनों में यह संख्या लगभग 2 लाख तक पहुंच सकती है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एक ही स्टेशन से गुजरना अपने आप में बड़ी चुनौती है। यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने, भीड़ को संभालने और ट्रेनों के समय के हिसाब से आवाजाही बनाए रखने के लिए मजबूत बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं। Tambaram Railway Station वर्ष 2025-26 के लिए उपलब्ध आंकड़ों में स्टेशन का सालाना यात्री फुटफॉल करीब 6.11 करोड़ बताया गया है। वहीं, यहां से अपनी यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 3.64 करोड़ दर्ज की गई। इन आंकड़ों से समझ आता है कि Tambaram Railway Station सिर्फ लोकल ट्रेन पकड़ने की जगह नहीं, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा शुरू करने वाले लोगों के लिए भी एक अहम केंद्र है। इतनी बड़ी भीड़ के बीच अगर लिफ्ट या एस्केलेटर जैसी सुविधाएं कम हों, तो यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में काफी परेशानी हो सकती है। चेन्नई सेंट्रल से भी आगे बढ़ती तांबरम की भूमिका चेन्नई का एमजीआर सेंट्रल स्टेशन लंबे समय से शहर के सबसे प्रमुख रेलवे केंद्रों में गिना जाता है। लेकिन तांबरम की बढ़ती यात्री संख्या ने इसकी भूमिका को भी काफी महत्वपूर्ण बना दिया है। मीडिया रिपोर्टों में स्टेशन से यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों की संख्या के मामले में तांबरम के चेन्नई सेंट्रल से आगे निकलने की बात कही गई है। इस तुलना को समझने के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग आंकड़े कुल यात्रियों, स्टेशन से यात्रा शुरू करने वालों और ट्रेनों के संचालन के आधार पर अलग हो सकते हैं। Tambaram Railway Station तांबरम की बढ़ती अहमियत का असर स्टेशन की कमाई पर भी दिखाई देता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इसका राजस्व वर्ष 2021-22 में करीब 100 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में फरवरी तक बढ़कर लगभग 184 करोड़ रुपये बताया गया। बढ़ती यात्री संख्या और रेलवे की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यहां सुविधाओं का विस्तार करना स्वाभाविक है। Tambaram Railway Station पर नए लिफ्ट और एस्केलेटर इसी जरूरत को ध्यान में रखकर लगाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को भीड़ के बीच कम परेशानी हो। 9 नई लिफ्ट और 10 एस्केलेटर से क्या बदलेगा? इस परियोजना का सबसे अहम हिस्सा यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के लिए बेहतर सुविधा देना है। इसके तहत करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से नए फुट ओवरब्रिज और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। नए पुल की चौड़ाई लगभग 8 मीटर बताई गई है। इस पुल के साथ 9 नई लिफ्ट और 10 नए एस्केलेटर लगाए जाने की योजना है। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों की भीड़ को बेहतर तरीके से संभालना और एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचना आसान बनाना है। अभी तक कई यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता था। बुजुर्गों, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों, दिव्यांग यात्रियों और भारी सामान लेकर चलने वाले लोगों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती थी। नई सुविधाएं शुरू होने के बाद इन यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। Tambaram Railway Station पर पहले से मौजूद सुविधाओं को मिलाकर कुल 10 लिफ्ट और 16 एस्केलेटर चालू करने का लक्ष्य बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग हिस्सों में काम पूरा होने और निरीक्षण के बाद ही सभी सुविधाओं का इस्तेमाल संभव होगा। नई