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रेलवे स्टेशन पर अपना Stall कैसे खोलें? जानें पूरा तरीका

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जब हम ट्रेन से सफर करते हैं तो स्टेशन पर कई तरह की दुकानें दिखाई देती हैं। कहीं चाय और नाश्ते का स्टॉल होता है, कहीं किताबें और पत्रिकाएं मिलती हैं, तो कहीं खाने-पीने की दूसरी चीजों की दुकान दिखाई देती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर रेलवे स्टेशन पर अपना Stall कैसे लिया जाता होगा? क्या कोई आम व्यक्ति भी रेलवे स्टेशन पर अपनी दुकान खोल सकता है? इसके लिए कितना पैसा चाहिए और आवेदन कहां करना होता है? असल में रेलवे स्टेशन पर दुकान खोलना सामान्य बाजार में दुकान किराए पर लेने जैसा नहीं है। अगर जगह रेलवे की जमीन या स्टेशन परिसर का हिस्सा है, तो उसके लिए रेलवे की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई तरह की इकाइयों का आवंटन टेंडर या दूसरी निर्धारित प्रक्रिया के जरिए होता है और नियम दुकान के प्रकार के हिसाब से बदल सकते हैं। खाने-पीने की दुकान खोलने वालों के लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम भी लागू होते हैं। FSSAI के अनुसार रेलवे परिसर में चलने वाले खाद्य कारोबार के लिए लाइसेंस या पंजीकरण जरूरी है और रेलवे परिसर के खाद्य कारोबार के लिए संबंधित रेलवे प्राधिकरणों को निर्धारित भूमिका दी गई है। इसलिए अगर आप भी रेलवे स्टेशन पर अपना Stall खोलने का सपना देख रहे हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रक्रिया क्या है, कौन-कौन से कागज चाहिए और पैसे का हिसाब किस तरह तय होता है। रेलवे स्टेशन पर दुकान लेने का पहला नियम समझिए सबसे पहले एक बात बिल्कुल साफ कर लेते हैं। रेलवे स्टेशन पर कोई खाली जगह देखकर वहां अपनी दुकान शुरू नहीं की जा सकती। रेलवे परिसर की जगह का इस्तेमाल रेलवे की अनुमति और संबंधित लाइसेंस या अनुबंध के तहत ही किया जाता है। आपको जिस तरह का Stall खोलना है, उसी के हिसाब से संबंधित टेंडर, लाइसेंस या आवंटन प्रक्रिया देखनी होगी। चाय-नाश्ते की छोटी इकाई, किताबों का स्टॉल, सामान्य सामान की दुकान, फूड यूनिट या कोई बड़ी कैटरिंग इकाई—इन सभी के नियम एक जैसे नहीं होते। रेलवे के दस्तावेजों में अलग-अलग प्रकार की कैटरिंग और वेंडिंग इकाइयों के लिए लाइसेंस फीस तय करने की व्यवस्था दी गई है। यानी हर स्टेशन के लिए एक ही रकम तय नहीं होती। रेलवे स्टेशन पर Stall लेने के रास्ते क्या हैं? अगर आप स्टेशन परिसर में Stall लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह देखना होगा कि उस स्टेशन पर किस तरह की इकाई के लिए अवसर निकला है। रेलवे की तरफ से अलग-अलग समय पर टेंडर या दूसरी आवंटन प्रक्रियाएं निकाली जाती हैं। कुछ इकाइयां टेंडर के जरिए दी जाती हैं, जबकि कुछ मामलों में संबंधित नीति के अनुसार दूसरी प्रक्रिया हो सकती है। इसलिए किसी पुराने वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट में बताई गई प्रक्रिया को देखकर सीधे आवेदन करना सही नहीं होगा। आपको हमेशा उस समय जारी किए गए टेंडर या आधिकारिक दस्तावेज को ही अंतिम मानना चाहिए। उसी में पात्रता, फीस, जमा राशि, अवधि, जरूरी कागज और बोली की शर्तें दी होती हैं। किस तरह का Stall खोल सकते हैं? रेलवे स्टेशन पर अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई तरह की व्यावसायिक इकाइयां हो सकती हैं। इनमें खाने-पीने की छोटी इकाइयां, चाय या नाश्ते के स्टॉल, किताबों और पत्रिकाओं से जुड़ी दुकानें, सामान्य सामान की इकाइयां और दूसरी अनुमत दुकानें शामिल हो सकती हैं। बड़ी खाद्य इकाइयों जैसे फूड प्लाजा के लिए अलग व्यवस्था हो सकती है। रेलवे के उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज में फूड प्लाजा के लिए 9 साल की अवधि और संतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में 3 साल के विस्तार का प्रावधान दिया गया है। वहीं कुछ विशेष छोटी इकाइयों के लिए 5 साल की अवधि और नवीनीकरण की अलग व्यवस्था दी गई है। इसलिए आप जिस Stall के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसकी अवधि को लेकर अनुमान न लगाएं। टेंडर दस्तावेज में दी गई अवधि ही मान्य होगी। टेंडर कहां और कैसे देखना है? रेलवे से जुड़े कई ई-टेंडर आधिकारिक ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए जारी किए जाते हैं। सबसे पहले आपको यह पता करना होगा कि आपके पसंदीदा स्टेशन का मामला किस रेलवे जोन और किस मंडल के अंतर्गत आता है। इसके बाद संबंधित रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और रेलवे के ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर उपलब्ध टेंडर देखे जा सकते हैं। टेंडर में आपको यह जानकारी मिलेगी कि किस स्टेशन पर कौन-सी इकाई के लिए आवेदन मांगे गए हैं, आवेदन की अंतिम तारीख क्या है, कौन पात्र है और कितनी जमा राशि मांगी गई है। अगर आपको कोई Stall पसंद आता है तो सिर्फ उसका नाम देखकर आवेदन न करें। पूरा टेंडर दस्तावेज पढ़ना जरूरी है। टेंडर डॉक्यूमेंट सबसे ध्यान से पढ़ें बहुत से लोग यहीं गलती कर देते हैं। उन्हें लगता है कि बस आवेदन करना है और ज्यादा बोली लगाने पर दुकान मिल जाएगी। लेकिन रेलवे का टेंडर सिर्फ बोली की रकम पर निर्भर नहीं करता। टेंडर दस्तावेज में पात्रता की शर्तें, जरूरी कागजात, अनुभव की आवश्यकता, जमा राशि, लाइसेंस अवधि, दुकान की जगह, काम का दायरा और नियमों का पूरा विवरण दिया हो सकता है। इसलिए किसी भी Stall के लिए आवेदन करने से पहले दस्तावेज को शुरुआत से अंत तक पढ़ें। खासकर पात्रता, ईएमडी, तकनीकी बोली और वित्तीय बोली से जुड़े हिस्से ध्यान से देखें। कौन-कौन से कागज तैयार रखने चाहिए? कागजात आपकी फर्म और कारोबार के प्रकार पर निर्भर करेंगे। सामान्य तौर पर पहचान और व्यवसाय से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। अगर आप अकेले कारोबार कर रहे हैं तो पैन, पहचान पत्र और व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज तैयार रखें। अगर साझेदारी फर्म है तो साझेदारी से जुड़े दस्तावेज और सभी संबंधित साझेदारों की जानकारी मांगी जा सकती है। कंपनी के मामले में कंपनी का पैन, गठन से जुड़े दस्तावेज और अधिकृत व्यक्ति की जानकारी की जरूरत पड़ सकती है। खाद्य कारोबार के लिए FSSAI से जुड़ा दस्तावेज भी जरूरी हो सकता है। हर Stall के लिए एक ही कागजों की सूची मान लेना सही नहीं है। अंतिम सूची संबंधित टेंडर दस्तावेज में ही देखें। खाने का Stall खोलना है तो FSSAI जरूरी है अगर आपका Stall खाने-पीने की चीजें बेचता है तो सिर्फ रेलवे से लाइसेंस