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भारतीय इतिहास की महानता के गवाह हैं बिहार के ये पाँच शहर

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बिहार के प्रमुख शहर (Famous cities of Bihar) बिहार भारत का एक ऐसा राज्य है जिसका भारत के इतिहास में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रहा है। अगर आप भारत के इतिहास को समझना चाहते हैं तो बिना बिहार घूमे इसे समझना संभव नहीं है। अगर आप भी ऐतिहासिक स्थलों पर घूमने जाना और इतिहास को कुरेदना पसंद करते हैं तो बिहार आपके लिए एक पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। चाहे वह नालंदा विश्वविद्यालय हो या फिर पटना स्थित सम्राट अशोक द्वारा निर्मित अगम कुआं। यहां के हर एक धरोहर आपको भारत के इतिहास की झलक दिखाएंगे। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं बिहार के प्रमुख पांच शहरों के बारे में जहां घूमने जाना मस्ट विजिट है। 1. नालंदा (Nalanda) अगर आप भी ऐतिहासिक धरोहरों (Historical monuments) को देखने और नके इतिहास के बारे में समझने की चाहत रखते हैं तो, आपको बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय को देखना और समझना भी काफी पसंद आएगा। यह विश्वविद्यालय ना सिर्फ भारत बल्कि संपूर्ण संसार के प्राचीनतम विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता है। इस विश्वविद्यालय का निर्माण गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त ने पांचवी सदी में करवाया गया था। बाद में कुमारगुप्त के उत्तराधिकारियों (successors) ने इसे सहेज कर रखा। गुप्त वंश के पतन (Downfall) के बाद आने वाले दूसरे शासकों ने भी इसके विकास में सहयोग दिया। इसे महान सम्राट हर्षवर्धन और पाल शासकों का भी संरक्षण (Protection) मिला। 19वीं शताब्दी में एक अंग्रेज (Englishman) को नालंदा में पढ़ रहे एक चीनी यात्री की डायरी मिली। जब वह उस डायरी (diary) में लिखे पते पर पहुंचा तो वह चारों ओर वीरान खंडहर (deserted ruins) थे। वहाँ टहलते हुए अंग्रेज ने देखा कि वहां कुछ चौथी शताब्दी के बने ईट के अवशेष हैं। फिर उसने हल्के हाथों से उस जगह को कुरेद (scrape) कर देखा तो उसे एक के बाद एक सजी हुई ईटों की श्रंखला (series) दिखाई दिया। उसके बाद उसने हीं वहां की खुदाई (digging) प्रारंभ करवाई और इस प्रकार खोज हुआ विश्व के प्राचीनतम विश्वविद्यालय, नालंदा विश्वविद्यालय की। नालंदा विश्वविद्यालय में 1500 से अधिक शिक्षक थे और 10,000 से अधिक छात्र पढाई किया करते थे। यहां विश्व के कोने-कोने से विद्यार्थी पढ़ने आते थे। यहां छात्रों के रहने के लिए 300 से अधिक कमरे बने हुए थे। सभी कमरे में रोशनी की व्यवस्था थी। विद्यालय के परिसर में जगह जगह पढ़ने का स्थान, प्रार्थना का प्रांगण (prayer hall) और स्टडी हॉल (study hall) बने हुए थे। एक कमरे में एक या एक से अधिक छात्रों के रहने की व्यवस्था थी। कैसे पहुंचे नालंदा (How to reach Nalanda)? अगर आप नालंदा आना चाहते हैं तो नालंदा का सबसे करीबी हवाई अड्डा पटना में स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Jaiprakash Narayan International Airport) है। जहां से नालंदा शहर की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। आपको बता दें कि पटना का जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, अहमदाबाद और कोयंबटूर के साथ-साथ देश के काफी सारे अन्य हवाई अड्डों से जुड़ा हुआ है। जिसकी वजह से आपको फ्लाइट (Flight) से पटना पहुंचने में कोई भी तकलीफ नहीं होगी।नालंदा का सबसे करीबी रेलवे स्टेशन नालंदा जिला में ही स्थित है। लेकिन नालंदा रेलवे स्टेशन के लिए आपको सिर्फ नालंदा के नजदीकी रेलवे स्टेशन पटना, दानापुर, गया, बिहार शरीफ और राजगीर से ही ट्रेन की सुविधा मिल पाएगी। अगर आप इन शहरों से जुड़े हुए हैं, तो आप आसानी से अपने शहर से ट्रेन पकड़ कर नालंदा पहुंच सकते हैं और नालंदा शहर को विजिट कर सकते हैं। लेकिन अगर आपके शहर से नालंदा के लिए डायरेक्ट (Direct) ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो आपको अपने शहर से गया या पटना जंक्शन के लिए ट्रेन पकड़नी होगी। 2. पटना (Patna) जब बात भारत के इतिहास की हो तो इस शहर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हम बात कर रहे हैं पटना शहर की। यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। अगर बात किया जाए इस शहर के वर्तमान की तो यह काफी विकसित हो चुका है। शहर के बड़े-बड़े बिल्डिंग्स, बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल और यहां की सड़कें यह बताने के लिए काफी हैं कि यह शहर भी किसी अन्य शहर से पीछे नहीं है। पटना पर्यटन के लिए भी काफी मशहूर है। जिन लोगों को इतिहास में रुचि है, यह शहर उनका बाहें फैलाकर स्वागत करता है। इस शहर के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल, जो इस शहर की शान माने जाते है निम्नलिखित है- गोलघर (Golghar), श्री कृष्ण साइंस सेंटर पटना (Shri Krishna Science Center Patna), बिस्कोमान भवन (Biscomaun Bhawan), गांधी मैदान (Gandhi maidan), बुद्धा स्मृति पार्क (Buddha smriti park), महावीर मंदिर (Mahaveer mandir), तारामंडल (Patna Planetarium – Taramandal), बिहार म्यूजियम (Bihar museum), गांधी म्यूजियम (Gandhi museum), पटना म्यूजियम (Patna museum), संजय गांधी जैविक उद्यान पटना (Sanjay Gandhi Biological Park), पटना साहिब (Patna sahib), इको पार्क (Eco park), गंगा घाट (Ganga Ghat), अगम कुआं (Agam Kuan) तथा कुम्हरार (Kumhrar)। कैसे पहुंचे पटना (How to reach Patna)? यदि आप पटना आना चाह रहे है तो आप तीनों मार्गों से यहाँ आसानी से आ सकते हैं। पटना सड़क मार्ग द्वारा भारत के सभी शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता तथा सिलीगुड़ी से यहाँ के लिए बस सर्विस उपलब्ध है। भारत के किसी भी प्रमुख शहर से पटना के डायरेक्ट ट्रेन है। पटना के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारत के किसी प्रमुख शहर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट उपलब्ध है। 3. वाल्मीकि नगर (Valmiki nagar) वाल्मीकि नेशनल पार्क जो बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित है। यह नेशनल पार्क वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) का हिस्सा है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लगभग 900 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1978 हुई थी। यह टाइगर रिजर्व भारत का अठारहवाँ टाइगर रिजर्व है। 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में 54 बाघ है। 1950 से पहले यह संरक्षित क्षेत्र, बेतिया महाराज के राज में आता था। सर्वप्रथम, 1978 में इस संरक्षित क्षेत्र को वन्य जीव अभ्यारण घोषित कर दिया गया। इसके पश्चात, 1990 में वाल्मीकि वन्य जीव अभ्यारण्य को नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया।

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जन्नत से कम नहीं हैं बिहार के राजगीर शहर की खूबसूरत पहाड़ियां

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अगर आप भी नेचर को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो बिहार की राजधानी पटना से लगभग 100 किलोमीटर के दूरी पर स्थित राजगीर आपके लिए एक परफैक्ट हॉलीडे डेस्टिनेशन (Perfect holiday destination) हो सकता है। राजगीर आजकल प्रकृति प्रेमियों के लिए एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट (Famous tourist spot) बनकर उभर रहा है। सिर्फ बिहार से ही नहीं बल्कि पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग कोने से लोग यहां घूमने आ रहे हैं। यहां आप कई तरह के एडवेंचर एक्टिविटीज (Adventure activities) भी ट्राई कर सकते हैं। शहरों के शोर-शराबे से दूर और पॉल्यूशन फ्री (Pollution free) इस जगह पर आप बेहद ही शांति से खुद के या किसी अपने के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड (Quality time spend) कर सकते हैं। आइए जानते हैं राजगीर के टॉप टेन विजिटिंग प्लेसेस (Top ten Visiting Places) के बारे में : 1. राजगीर जंगल सफारी (Rajgir jungle safari) राजगीर शहर का सबसे मुख्य आकर्षण राजगीर जंगल सफारी है। राजगीर जंगल सफारी में आप कई तरह के एक्टिविटीज (Activities) का आनंद उठा सकते हैं। साथ ही यहां पूर्वोत्तर भारत के सबसे पहले ग्लास ब्रिज (Glass bridge) का भी आनंद लिया जा सकता है।राजगीर जंगल सफारी में सबसे पहले आपको एक थिएटर (Theatre) में एंट्री (Entry) मिलेगा। जहाँ आप पर्यावरण पर बने शॉर्ट फिल्म (Short film) और डॉक्युमेंट्री (Documentry) देखेंगे। इसके बाद आप जंगल सफारी के लिए निकलेंगे।इसी जंगल सफारी में उत्तर पूर्वी भारत का सबसे पहला ग्लास ब्रिज भी है। ग्लास ब्रिज जाने के लिए लोगों को अपने जूते उतारने पड़ते हैं। यहां से दिखने वाला नजारा इतना खूबसूरत होता है कि उसे शब्दों में बयां किया जाना मुमकिन ही नहीं है। इसे जानने के लिए आपको यहां आकर खुद से उस फीलिंग को फील (Feel the feeling) करना होगा। ग्लास ब्रिज को एक्सप्लोर (Explore) करने के बाद आप बढ़ जाएंगे सस्पेंशन ब्रिज (Suspension bridge) की ओर।सस्पेंशन ब्रिज पर भी आप को बिल्कुल ग्लास ब्रिज के जैसा ही चारों ओर का नैचुरल व्यू (natural veiw) मिलेगा। यहां आपको डर भी लग सकता है। लेकिन ट्रस्ट मी (Trust me)! यह बहुत ही एडवेंचरस (Adventurous) है। इसके अलावा आप यहां जिपलाइनिंग (Ziplining), आर्चरी (Archery), राइफल शूटिंग (Rifle Shooting) और स्काई साइकिलिंग (Sky Cycling) का भी मजा ले सकते हैं। 2. राजगीर जू सफारी (Rajgir zoo safari) जंगल सफारी के अलावा राजगीर में एक जू सफारी भी है। जू सफारी विजिट (Visit) के करने के लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन (Online or Offline) किसी भी मोड में टिकट ले सकते हैं। जो सफारी में आपको एक एयर कंडीशनिंग (Air conditioning) वाले बस में पूरे जंगल में विजिट करवाया जाएगा और अगर आप लकी हुए तो आप यहां हर तरह के जानवरों को देख पाएंगे। राजगीर जू सफारी में घने जंगलों के बीच जंगली जानवरों को देखना अपने आप में एक बहुत ही खूबसूरत एहसास होता है। साथ ही साथ यह काफी एडवेंचरस भी होता है। क्योंकि कई बार वहीं जंगली जानवर आपके बस के बहुत हीं नजदीक आ जाते हैं। 3. पावापुरी जल मंदिर (Pawapuri Jal Mandir) पावापुरी का जल मंदिर बिहार हीं नहीं बल्कि पूरे देश में फेमस (Famous) है। यहां दूर-दूर से लोग विजिट करने आते हैं। पावापुरी का जल मंदिर एक जैन मंदिर है। जो जैनों के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के लिए बनवाया गया है। भगवान महावीर ने इसी जगह पर समाधि लिया था। भगवान महावीर के बड़े भाई राजा नंदीवर्धन ने इस मंदिर को बनवाया था। यह मंदिर लेक के बीचों बीच बना हुआ है और काफी शांत वातावरण वाला जगह है। यहां लेक में चारों ओर कमल के फूल खिले हुए हैं। जो इस मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। अगर आप इस जगह पर घूमना चाहते हैं तो यह जगह मेन राजगीर सिटी से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है और जैन धर्म के लोगों के के लिए यह विशेष आस्था का केंद्र है। 4. राजगीर गंगा वॉटर लिफ्टिंग प्रोजेक्ट (Rajgir Ganga Water lifting project) वैसे तो यह जगह पर्यटकों के बीच ज्यादा फेमस नहीं है क्योंकि यह एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं है। लेकिन अगर आप नेचर की खूबसूरती को शांति से एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो आप इस जगह का विजिट कर सकते हैं। क्योंकि यहां दूर-दूर तक आपको इक्के दुक्के लोग हीं दिखाई देंगे। असल में यहां पाइप लाइन के जरिए गंगा नदी के पानी को लाया जाता है और यह चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है। इसीलिए नेचर को एक्सप्लोर करने के लिए यह जगह परफेक्ट है। इस जगह पर आपको मिलने वाले व्यूज़ इतने खूबसूरत होते हैं कि यहां से जाने का आपका मन ही नहीं करेगा। 5. घोरा कटोरा लेक (Ghora katora lake) इस लेक को इंसानों के द्वारा नहीं बनवाया गया है। यह एक नेचुरल लेक है। जिसके कारण इस लेक की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इस लेक के बीचों बीच लगभग 70 फीट ऊंची भगवान बुद्ध की प्रतिमा है। जो इस लेक की खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ा देती है। इस लेक के चारों ओर ग्रीनरी हीं ग्रीनरी (Only greenry) है। जिसके कारण यहां आने वाले पर्यटकों का मन पूरी तरह से शांत हो जाता है।इस लेक में ढेर सारे बत्तख भी मौजूद हैं जो आपके वोटिंग के एक्सपीरियंस (Experience of boating) को और ज्यादा खूबसूरत बना देते हैं।आप इस लेक में वोटिंग भी कर सकते हैं। यहां पेडल (Paddle) वाली वोटिंग की सुविधा है। भगवान बुद्ध से जुड़ होने के कारण और अपने प्राकृतिक खूबसूरती के वजह से यह जगह काफी फेमस है। 6. विश्व शांति स्तूप (vishwa shanti stupa) विश्व शांति स्तूप एक पहाड़ी पर स्थित है। जहां तक जाने के लिए आपको ट्रैकिंग (Tracking) करनी होगी या फिर आप रोपवे (Ropeway) का भी सहारा ले सकते हैं। मोस्टली लोग यहां एडवेंचर एक्सपीरियंस करने के लिए रोपवे के जरिए ही इस पहाड़ी पर जाते हैं। अगर आप भी कुछ अलग एक्सपीरियंस करना चाहते हैं तो आप भी रोपवे ट्राई कर सकते हैं। विश्व शांति स्तूप के पहाड़ी पर पहुंचने के बाद आपको बहुत हीं शांति और पॉजिटिविटी (Positivity) का एहसास होगा। साथ हीं यहां से मिलने वाले नजारे भी बहुत खूबसूरत होते हैं। 7. गिरियक स्तूप (Giriyak stupa) गिरियक स्तूप तक