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भारत के 7 सबसे रंगीन Festivals जो आपकी Travel Bucket List में ज़रूर होने चाहिए

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India सिर्फ़ अलग-अलग Culture, Languages और Food के लिए ही Famous नहीं है, बल्कि यहां के Festivals भी दुनिया भर के Travellers को अपनी तरफ़ खींचते हैं। हर State का अपना एक अलग अंदाज़, अपनी एक अलग रौनक़ और अपनी एक अलग कहानी है। कहीं फूलों की बारिश होती है, कहीं ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं पूरा शहर रंगों में डूब जाता है। अगर आप सिर्फ़ Tourist नहीं बल्कि एक Real Traveller बनना चाहते हैं, तो इन Festivals को अपनी Bucket List में ज़रूर शामिल करें। क्योंकि यहां आपको सिर्फ़ Celebration नहीं, बल्कि Local Culture, Music, Food, Dance और लोगों की मेहमाननवाज़ी भी देखने को मिलेगी। 1. Pushkar Camel Fair, राजस्थान रेगिस्तान की सबसे रंगीन महफ़िल Pushkar Camel Fair दुनिया के सबसे बड़े Camel Festivals में से एक माना जाता है। हर साल राजस्थान के पुष्कर में लगने वाला यह Festival सिर्फ़ ऊंटों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Music, Folk Dance, Competitions, Handicrafts और Local Culture का शानदार संगम बन जाता है। क्या है इसकी खासियत? हजारों सजे-धजे ऊंट और घोड़े देखने का मौका मिलता है। Rajasthani Folk Dance और Live Music का शानदार माहौल होता है। Local Bazaar से Traditional Jewelry, Handicrafts और कपड़ों की Shopping की जा सकती है। क्या देखें? Camel Decoration Competition Hot Air Balloon Ride Pushkar Lake और Brahma Temple Sunset Photography घूमने का सबसे अच्छा समय October से November के बीच, खासकर Fair के दौरान। सुबह और Sunset का समय सबसे खूबसूरत माना जाता है। कैसे पहुंचे? सबसे नज़दीकी Airport – Jaipur Railway Station – Ajmer Ajmer से Taxi और Bus आसानी से मिल जाती है। 2. Hornbill Festival, नागालैंड North East का Cultural Powerhouse अगर आप North East India की असली Culture को करीब से देखना चाहते हैं, तो Hornbill Festival आपके लिए Perfect है। यहां नागालैंड की अलग-अलग Tribes अपनी Traditional Dress, Dance, Food और Music के साथ हिस्सा लेती हैं। क्या है इसकी खासियत? 16 से ज्यादा Tribal Communities एक साथ Celebrate करती हैं। Traditional Sports और Folk Performances देखने को मिलते हैं। Local Cuisine का असली स्वाद चखने का मौका मिलता है। क्या देखें? Tribal Dance Performances Bamboo Craft Market Indigenous Food Stalls Rock Concerts घूमने का सबसे अच्छा समय हर साल 1 से 10 December के बीच। कैसे पहुंचे? Airport – Dimapur Dimapur से Kohima तक Road Journey Kohima से Kisama Heritage Village 3. Onam Festival, केरल फूलों, खुशबू और Tradition का Celebration Onam सिर्फ़ Kerala का Festival नहीं बल्कि वहां की पहचान है। पूरा State रंग-बिरंगे फूलों, Traditional Dresses, Boat Races और शानदार Feast से भर जाता है। क्या है इसकी खासियत? Pookalam यानी Flower Rangoli हर घर के सामने बनाई जाती है। Vallam Kali यानी Snake Boat Race सबसे बड़ा Attraction होता है। Onam Sadya में 20 से ज्यादा Traditional Dishes परोसी जाती हैं। क्या देखें? Boat Race Kathakali Performance Flower Decoration Local Markets घूमने का सबसे अच्छा समय August से September। कैसे पहुंचे? Kochi International Airport Ernakulam Railway Station Kerala के सभी बड़े शहरों से अच्छी Connectivity 4. Hemis Festival, लद्दाख पहाड़ों के बीच Spiritual Vibes अगर आपको Mountains, Monasteries और Buddhist Culture पसंद है, तो Hemis Festival किसी Dream Experience से कम नहीं। क्या है इसकी खासियत? Mask Dance यानी Cham Dance सबसे बड़ा आकर्षण है। Monks Traditional Rituals करते हैं। Rare Buddhist Art और Culture देखने को मिलता है। क्या देखें? Hemis Monastery Traditional Mask Dance Prayer Ceremony Local Handicrafts घूमने का सबसे अच्छा समय June या July। कैसे पहुंचे? Leh Airport Leh से लगभग 45 KM की Road Journey 5. Goa Carnival, गोवा Beach, Music और Non-stop Party Vibes Goa Carnival India का सबसे Fun-filled Festival माना जाता है। यहां Portuguese Culture की झलक देखने को मिलती है। पूरा Goa Music, Dance, Parade और Lights से जगमगा उठता है। क्या है इसकी खासियत? Grand Street Parade Live Bands और DJ Performances Beach Parties Colorful Costumes क्या देखें? Panaji Carnival Parade Float Competition Local Food Festival Night Celebrations घूमने का सबसे अच्छा समय February। कैसे पहुंचे? Manohar International Airport या Dabolim Airport Madgaon Railway Station Taxi और Rental Scooters आसानी से मिल जाते हैं। 6. International Kite Festival, गुजरात जब पूरा आसमान रंगों से भर जाता है Ahmedabad में होने वाला International Kite Festival हर उम्र के लोगों के लिए एक शानदार Experience होता है। यहां India ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों से Kite Flyers हिस्सा लेते हैं। क्या है इसकी खासियत? हजारों रंग-बिरंगी Kites International Participants Local Food Stalls Traditional Music क्या देखें? Giant Designer Kites Night Kite Flying Cultural Performances Riverfront Events घूमने का सबसे अच्छा समय January। कैसे पहुंचे? Ahmedabad Airport Ahmedabad Junction City Transport आसानी से उपलब्ध है। 7. Holi Festival, मथुरा-वृंदावन (उत्तर प्रदेश) रंग, इश्क़ और कृष्ण भक्ति का सबसे खूबसूरत संगम अगर किसी Festival को India की पहचान कहा जाए, तो वो Holi है। लेकिन Mathura-Vrindavan की Holi का अंदाज़ बिल्कुल अलग है। यहां सिर्फ़ Colors नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपराएं, भक्ति और जश्न एक साथ देखने को मिलता है। क्या है इसकी खासियत? Lathmar Holi Phoolon Ki Holi Widow Holi Krishna Temple Celebrations क्या देखें? Banke Bihari Temple Barsana Holi Nandgaon Celebrations Evening Aarti घूमने का सबसे अच्छा समय February के आखिर से March तक। कैसे पहुंचे? सबसे नज़दीकी Airport – Agra और Delhi Railway Station – Mathura Junction वहां से Auto और Taxi आसानी से मिल जाती हैं। Fiveकलर्स ऑफ ट्रैवल की तरफ़ से कुछ सुझाव Festival Dates पहले से Check कर लें क्योंकि कई Festivals Lunar Calendar के हिसाब से होते हैं। Hotels और Flights की Booking Advance में कर लें, वरना Peak Season में Rates काफी बढ़ जाते हैं। Local Culture और Traditions की Respect करें। हर Festival की अपनी अलग अहमियत होती है। Comfortable Shoes और Light Clothing रखें ताकि पूरा दिन आसानी से घूम सकें। Camera या Phone Fully Charged रखें क्योंकि हर कोना Instagram-worthy होगा। Local Food ज़रूर Try करें, लेकिन साफ़-सफाई का ध्यान रखें। Cash और Digital Payment दोनों साथ रखें क्योंकि कई Local Stalls पर UPI हमेशा Available नहीं होता। अगर Photography कर रहे हैं तो पहले लोगों से Permission लेना

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7 Highway Dhabas जो Food Lovers के Favourite हैं

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अगर आपके लिए सफर सिर्फ मंज़िल तक पहुंचना नहीं बल्कि रास्ते का हर लम्हा जीना है, तो यकीन मानिए एक अच्छा Highway dhaba उस ट्रिप को यादगार बना देता है। India के Highway सिर्फ लंबी सड़कें नहीं हैं, बल्कि यहां आपको ऐसा देसी स्वाद मिलता है जो बड़े-बड़े Restaurants भी कई बार नहीं दे पाते। ताज़ा तंदूरी रोटियां, मक्खन से लबालब दाल, गरमा-गरम परांठे, लस्सी का बड़ा ग्लास और मिट्टी की खुशबू… यही तो असली Highway वाली फील है। अगर आप भी Road Trip के दौरान बढ़िया Food की तलाश में रहते हैं, तो ये लिस्ट आपके लिए है। यहां हम बात करेंगे India के उन 7 Highway dhabas की, जहां सिर्फ Truck Drivers ही नहीं बल्कि Families, Bikers, Travel Vloggers और Food Lovers भी बार-बार पहुंचते हैं। 1. Amrik Sukhdev Dhaba, Murthal (Haryana) Murthal का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में आता है Amrik Sukhdev Dhaba। Delhi से Chandigarh जाने वाले Highway पर मौजूद ये dhaba सालों से Food Lovers का Favourite बना हुआ है। सुबह हो या आधी रात, यहां हमेशा रौनक देखने को मिलती है। क्या खास है? यहां के Stuffed Parathas पूरी India में मशहूर हैं। White Butter, Curd और Pickle के साथ मिलने वाला Combination लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है। Family Seating, Parking और साफ-सफाई इसे Road Trips के लिए Perfect बनाती है। यहां क्या देखें? Live Tandoor Giant Lassi Glass Murthal का Highway Vibe घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह 6 बजे से 10 बजे तक या फिर Winter Season में यहां का मज़ा दोगुना हो जाता है। कैसे पहुंचे? Delhi-Chandigarh NH-44 पर Murthal पहुंचकर आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। 2. Cheetal Grand Dhaba, Khatauli (Uttar Pradesh) Delhi-Dehradun Highway पर मौजूद Cheetal Grand Dhaba सिर्फ खाने के लिए नहीं बल्कि पूरे Travel Experience के लिए जाना जाता है। यहां Food Court जैसा माहौल मिलता है लेकिन स्वाद पूरी तरह देसी है। क्या खास है? Crispy Jalebi और Kachori। South Indian से लेकर North Indian तक कई Options। Clean Washrooms और Family Friendly माहौल। यहां क्या देखें? Beautiful Garden Area Food Plaza Local Sweets Section घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह का Breakfast या शाम की Tea Break। कैसे पहुंचे? Delhi-Dehradun Highway पर Khatauli में स्थित है। 3. Pahalwan Dhaba, Murthal (Haryana) Murthal सिर्फ एक Dhaba के लिए नहीं जाना जाता। Pahalwan Dhaba भी उतना ही Famous है और खासकर उसके देसी खाने की वजह से लोगों की पहली पसंद है। क्या खास है? Paneer Paratha Dal Makhani Fresh Butter और Sweet Lassi यहां क्या देखें? Traditional Tandoor Open Seating Punjabi Hospitality घूमने का सबसे अच्छा समय October से March तक। कैसे पहुंचे? NH-44 पर Murthal के पास। 4. Karnal Haveli Dhaba, Karnal (Haryana) अगर आपको Punjabi Culture और Authentic Food दोनों एक साथ चाहिए तो Karnal Haveli Dhaba शानदार जगह है। यहां का पूरा Setup किसी पुराने Punjabi Village जैसा लगता है। क्या खास है? Sarson Ka Saag और Makki Ki Roti। Punjabi Theme। Traditional Music और Village Decor। यहां क्या देखें? Village Style Architecture Cultural Decor Local Food Counter घूमने का सबसे अच्छा समय Winter Season। कैसे पहुंचे? NH-44 पर Karnal के पास। 5. JhilMil Dhaba, Zirakpur (Punjab) Punjab की तरफ जाते वक्त अगर आपको Authentic Punjabi Food चाहिए तो JhilMil Dhaba जरूर ट्राय करें। यहां का स्वाद और Portion Size दोनों शानदार माने जाते हैं। क्या खास है? Butter Chicken Tandoori Roti Creamy Dal Makhani यहां क्या देखें? Open Dining Punjabi Decor Live Kitchen घूमने का सबसे अच्छा समय शाम के समय। कैसे पहुंचे? Zirakpur Highway से आसानी से पहुंच सकते हैं। 6. Hotel Shere Punjab Dhaba, Behror (Rajasthan) Delhi-Jaipur Highway पर सफर करने वालों के बीच Hotel Shere Punjab Dhaba काफी Popular है। यहां का खाना स्वाद के साथ Quantity के लिए भी जाना जाता है। क्या खास है? Tandoori Platter Butter Naan Special Paneer Curry यहां क्या देखें? Spacious Seating Highway View Family Dining Area घूमने का सबसे अच्छा समय Lunch Time या Evening। कैसे पहुंचे? NH-48 पर Behror के पास। 7. Sardar Ji Dhaba, Ambala (Haryana) अगर आपका Route Chandigarh या Himachal की तरफ है तो Sardar Ji Dhaba एक शानदार Stop बन सकता है। यहां का खाना पूरी तरह Punjabi Style में तैयार किया जाता है। क्या खास है? Chole Kulche Rajma Chawal Tandoori Chai यहां क्या देखें? Traditional Punjabi Ambience Fresh Food Counter Local Dessert Section घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह का Breakfast या Evening Snacks। कैसे पहुंचे? Ambala Highway पर आसानी से पहुंच सकते हैं। FIVE कलर्स ऑफ ट्रैवल की तरफ से कुछ सुझाव Highway Trip पर निकलने से पहले अपनी Car या Bike की Basic Checking जरूर कर लें। किसी भी dhaba पर हमेशा Fresh और Hot Food Order करें। ज्यादा Heavy Meal खाने के बाद तुरंत Driving करने से बचें। Cash के साथ UPI भी Ready रखें क्योंकि कुछ जगह Network थोड़ा Weak हो सकता है। अगर Weekend पर जा रहे हैं तो थोड़ा Extra Time लेकर निकलें क्योंकि Famous dhabas पर अच्छी-खासी भीड़ रहती है। Local Special Dish जरूर Try करें। हर dhaba की अपनी Signature Recipe होती है। सफर के दौरान Hydrated रहें और जरूरत पड़ने पर छोटे-छोटे Break लेते रहें। India के Highway dhabas सिर्फ खाने की जगह नहीं बल्कि सफर का एक अहम हिस्सा हैं। यहां मिलने वाला देसी स्वाद, लोगों की मेहमाननवाज़ी और Highway का खुला माहौल Road Trip को एक अलग ही याद बना देता है। अगली बार जब भी Delhi, Punjab, Rajasthan या Uttar Pradesh की तरफ निकलें, तो इन Famous dhabas में से किसी एक पर जरूर रुकिए। हो सकता है आपकी Trip की सबसे बेहतरीन Memory किसी Tourist Spot से नहीं, बल्कि एक गरमा-गरम परांठे और मिट्टी की खुशबू वाले dhaba से जुड़ जाए। तो अब अपनी Playlist Ready कीजिए, Tank Full कराइए और निकल पड़िए एक ऐसे सफर पर जहां मंज़िल से ज्यादा मज़ा रास्ते और Highway dhabas में मिलने वाला लज़ीज़ खाना देगा।

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Rajasthan की 7 सबसे Photogenic Street जहाँ हर Click बन जाता है Masterpiece

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Rajasthan का नाम आते ही सबसे पहले Fort, Palace और Desert याद आते हैं, लेकिन इस Royal State की खूबसूरती सिर्फ़ वहीं तक सीमित नहीं है। यहां की कई street ऐसी हैं जो अपने रंग, Heritage, Architecture और Local Culture की वजह से हर Traveller का दिल जीत लेती हैं। कहीं Blue City की नीली गलियां हैं, कहीं Pink City की Royal street, तो कहीं झील के किनारे बसी शांत गलियां। अगर आप Photography के शौकीन हैं या Instagram के लिए शानदार Pictures क्लिक करना चाहते हैं, तो Rajasthan की ये 7 Photogenic Street आपकी Bucket List में ज़रूर होनी चाहिए.। 1. Clock Tower Street, Jodhpur Jodhpur की Clock Tower Street Blue City की सबसे मशहूर street में से एक है। पुराने Clock Tower के आसपास बसी यह street Heritage, Local Culture और रंग-बिरंगे Market का शानदार मेल है। यहां की पुरानी इमारतें, Traditional Shops और हर वक्त रहने वाली रौनक इसे Photography Lovers और Travellers की Favourite Destination बनाती हैं। अगर आप Rajasthan की असली Lifestyle को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो यह जगह ज़रूर Explore करें। क्या खास है? ऐतिहासिक Clock Tower और Heritage Architecture। Sardar Market की रंग-बिरंगी दुकानें और Local Handicrafts। Street Photography, Shopping और Local Food का शानदार Experience। यहां क्या देखें? Clock Tower Sardar Market Traditional Handicraft Shops Local Spice Market और Famous Food Stalls घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह 8 से 10 बजे या शाम 5 बजे के बाद यहां का माहौल सबसे खूबसूरत लगता है। Golden Hour में Photos भी काफी शानदार आती हैं। कैसे पहुंचे? Jodhpur Railway Station से यह street लगभग 2 किलोमीटर दूर है। Auto, Cab और E-Rickshaw आसानी से मिल जाते हैं। 2. Navchowkiya Street, Jodhpur अगर आपने Blue City की Viral Photos देखी हैं, तो उनमें से ज़्यादातर Navchowkiya Street की ही होती हैं। पूरी street नीले रंग के घरों, खूबसूरत दरवाज़ों और शांत माहौल से घिरी हुई है। यहां हर मोड़ पर ऐसा Frame मिलता है जिसे देखकर Camera अपने आप बाहर आ जाता है। यह जगह उन लोगों के लिए बिल्कुल Perfect है जो भीड़ से दूर Heritage Photography का मज़ा लेना चाहते हैं। क्या खास है? Blue Houses की अनोखी खूबसूरती। Heritage Doors और पुरानी Architecture। Instagram Worthy Photography Spots। यहां क्या देखें? Blue Houses Traditional Doorways Local Art Mehrangarh Fort का नज़दीकी View घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह जल्दी या शाम के समय यहां की Lighting सबसे बेहतर रहती है। कैसे पहुंचे? Mehrangarh Fort से पैदल कुछ ही मिनटों में यहां पहुंचा जा सकता है। 3. Purohit Ji Ka Katla Street, Jaipur Jaipur की Pink City के बीचों-बीच स्थित Purohit Ji Ka Katla Street Heritage और Shopping का शानदार Combination है। यहां की गुलाबी इमारतें, पुरानी हवेलियां और Traditional Jewellery Shops हर Visitor को अपनी तरफ खींच लेती हैं। अगर आपको Architecture और Local Markets पसंद हैं, तो यह street आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगी। क्या खास है? Pink City का असली Heritage Look। Traditional Jewellery और Local Shopping। Heritage Photography के शानदार Spots। यहां क्या देखें? Pink Buildings Jewellery Shops Local Handicrafts Traditional Market घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह और शाम दोनों समय घूमने के लिए बेहतरीन हैं। कैसे पहुंचे? Hawa Mahal से यह street कुछ ही मिनट की दूरी पर स्थित है। 4. Hawa Mahal Street, Jaipur Hawa Mahal के सामने वाली street Jaipur की सबसे Famous Photography Locations में शामिल है। यहां से Hawa Mahal का Front View बेहद शानदार दिखाई देता है। सुबह के समय जब सूरज की रोशनी Palace पर पड़ती है, तब यहां का नज़ारा किसी Postcard जैसा लगता है। आसपास मौजूद Cafes और Local Shops भी इस जगह की रौनक बढ़ा देते हैं। क्या खास है? Hawa Mahal का शानदार View। Pink City की Royal Vibe। Rooftop Cafes और Local Shopping। यहां क्या देखें? Hawa Mahal Local Bazaar Souvenir Shops Rooftop Viewpoints घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह 7 से 9 बजे के बीच Photography के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। कैसे पहुंचे? Jaipur Railway Station से लगभग 5 किलोमीटर दूर है। Cab और Auto आसानी से मिल जाते हैं। 5. Patwon Ki Haveli Street, Jaisalmer Jaisalmer की Patwon Ki Haveli Street Golden City की सबसे खूबसूरत Heritage street में से एक है। पीले पत्थरों से बनी हवेलियां, संकरी गलियां और बारीक नक्काशी इस जगह को बेहद खास बनाती हैं। यहां घूमते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे आप Rajasthan के पुराने दौर में पहुंच गए हों। क्या खास है? Golden Sandstone Architecture। शानदार Heritage Havelis। Historic Street Photography। यहां क्या देखें? Patwon Ki Haveli Traditional Craft Shops Heritage Buildings Local Souvenir Stores घूमने का सबसे अच्छा समय सुबह और Sunset से पहले यहां का मौसम और Lighting सबसे अच्छी रहती है। कैसे पहुंचे? Jaisalmer Fort से पैदल या Auto द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं। 6. Gangaur Ghat Street, Udaipur Lake Pichola के किनारे बनी Gangaur Ghat Street Udaipur की सबसे सुकूनभरी और Photogenic जगहों में गिनी जाती है। यहां White Buildings, झील का शांत पानी और शाम का Sunset मिलकर ऐसा नज़ारा बनाते हैं जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। Couples, Solo Travellers और Photography Lovers के लिए यह जगह किसी Dream Destination से कम नहीं। क्या खास है? Lake Pichola का शानदार View। White Heritage Buildings। Sunset Photography और Boat Views। यहां क्या देखें? Gangaur Ghat Lake Pichola Street Cafes City Palace का आसपास का इलाका घूमने का सबसे अच्छा समय शाम के समय Sunset के दौरान यहां का नज़ारा सबसे खूबसूरत होता है। कैसे पहुंचे? City Palace से Walking Distance पर स्थित है। 7. Chandpole Bazaar Street, Jaipur Jaipur की Chandpole Bazaar Street रंगों, कला और Traditional Shopping के लिए मशहूर है। यहां Blue Pottery, Handicrafts, Textile और Handmade Products की भरमार देखने को मिलती है। अगर आप Rajasthan की Local Culture को करीब से महसूस करना चाहते हैं और साथ ही शानदार Photos भी लेना चाहते हैं, तो यह street आपके लिए Perfect है। क्या खास है? Blue Pottery और Traditional Handicrafts। Heritage Market की रौनक। Local Shopping और Street Photography। यहां क्या देखें? Blue Pottery Shops Textile Market Handicraft Stores Traditional

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140 करोड़ की Heritage Makeover के बाद बदल गया jaisalmer Railway Station, अब सफर होगा और भी Royal

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अगर आप Desert City jaisalmer घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार अपडेट है। Rajasthan के सबसे फेमस Tourist Destination jaisalmer Railway Station को Amrit Bharat Station Scheme के तहत लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह नया लुक दिया गया है। अब ये स्टेशन सिर्फ ट्रेन पकड़ने की जगह नहीं, बल्कि शहर की Heritage पहचान का हिस्सा बन चुका है। यहां Traditional Rajputana Architecture और Modern Passenger Facilities का ऐसा कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा जो हर Traveller को इंप्रेस कर देगा। 1. Heritage Look के साथ मिला Modern Touch नए jaisalmer Railway Station का डिज़ाइन शहर की मशहूर Golden Sandstone Architecture से इंस्पायर्ड है। पीले पत्थरों वाली शानदार Heritage Facade तैयार की गई है। Rajputana Style की झलक पूरे स्टेशन में नज़र आती है। स्टेशन का Exterior अब Tourist Attraction जैसा दिखाई देता है। पहली नज़र में ही Desert City का Royal Vibe महसूस होता है। 2. Travellers के लिए World-Class Facilities Makeover सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Passenger Experience को भी काफी बेहतर बनाया गया है। Spacious Waiting Hall बनाए गए हैं। बेहतर Seating Arrangement की सुविधा मिलेगी। Escalator और Lift जैसी Modern सुविधाएं जोड़ी गई हैं। Digital Information Display और बेहतर Lighting सिस्टम लगाया गया है। साफ-सफाई और Passenger Convenience पर खास ध्यान दिया गया है। 3. दिव्यांग यात्रियों का भी रखा गया पूरा ख्याल अब jaisalmer Railway Station पहले से कहीं ज्यादा Accessible बन चुका है। Wheelchair Friendly Ramps तैयार किए गए हैं। Special Toilets बनाए गए हैं। आसान Movement के लिए बेहतर Layout तैयार किया गया है। सभी यात्रियों के लिए Comfortable Travel Experience देने की कोशिश की गई है। 4. Tourism को मिलेगा बड़ा Boost इस Redevelopment का फायदा सिर्फ Railway को नहीं बल्कि पूरे jaisalmer Tourism को मिलने वाला है। Domestic और International Tourists को बेहतर पहला Impression मिलेगा। Local Economy और Tourism Business को बढ़ावा मिलेगा। Desert Safari, Fort और Haveli घूमने आने वाले Visitors की Journey और आसान होगी। स्टेशन अब शहर की Heritage Identity का हिस्सा बन गया है। 5. Amrit Bharat Station Scheme क्या है? Indian Railways की Amrit Bharat Station Scheme का मकसद देशभर के रेलवे स्टेशनों को Modern और Future Ready बनाना है। Heritage को सुरक्षित रखते हुए Redevelopment किया जाता है। Passenger Amenities को World-Class बनाया जाता है। Smart Infrastructure और Sustainable Development पर फोकस रहता है। jaisalmer Railway Station इस योजना का एक शानदार उदाहरण बनकर सामने आया है। Five Colors of Travel की तरफ़ से कुछ Travel Tips अगर आप jaisalmer जा रहे हैं, तो सुबह या शाम स्टेशन की Architecture ज़रूर देखें, Golden Stone उस वक्त सबसे खूबसूरत लगती है। Station से निकलते ही Fort, Gadisar Lake और Local Market का Day Plan बना सकते हैं। Camera या Smartphone पूरी तरह चार्ज रखें, क्योंकि स्टेशन खुद भी एक शानदार Photo Spot बन चुका है। Desert Safari की Booking पहले से कर लें ताकि Peak Season में परेशानी न हो। Local Rajasthani Snacks और Handicrafts को Explore करना बिल्कुल मिस न करें। jaisalmer Railway Station का ये Heritage Makeover सिर्फ Infrastructure Upgrade नहीं, बल्कि Rajasthan की तहज़ीब और Modern India का खूबसूरत संगम है। अगर आपकी अगली Trip jaisalmer की है, तो अब आपका सफर स्टेशन पर कदम रखते ही Royal Feel के साथ शुरू होगा। नई सुविधाएं, शानदार Architecture और Heritage Charm इसे India के सबसे खूबसूरत Railway Stations में शामिल करने की तरफ़ एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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Rajasthan की 10 ऐसी जगहें जो हर Traveller की Bucket List में होनी चाहिए

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जब भी Royal Heritage, विशाल Forts, सुनहरे Desert, रंग-बिरंगी Culture और शानदार Hospitality की बात होती है, तो सबसे पहले Rajasthan का नाम ज़हन में आता है। ये State सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी दास्तानों, लाजवाब Architecture और दिलकश माहौल के लिए भी मशहूर है। यहां हर शहर की अपनी अलग पहचान है। कहीं झीलों का सुकून है, कहीं रेगिस्तान का रोमांच, तो कहीं ऐसे Palace हैं जिन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी Royal Movie के Set पर आ गए हों। अगर आप History Lover हैं, Adventure पसंद करते हैं, Photography का शौक रखते हैं या सिर्फ Family के साथ यादगार Vacation बिताना चाहते हैं, तो Rajasthan हर तरह के Traveller को निराश नहीं करता। आइए जानते हैं Rajasthan की 10 ऐसी शानदार जगहों के बारे में जिन्हें आपको अपनी Travel Bucket List में ज़रूर शामिल करना चाहिए। 1. Jaipur – The Pink City Royal Rajasthan का दिल Rajasthan की राजधानी Jaipur अपनी गुलाबी इमारतों, शानदार Forts और Royal Heritage के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यह शहर पुराने ज़माने की शान और आज की Modern Lifestyle का शानदार मेल है। UNESCO World Heritage City का दर्जा पाने वाला Jaipur हर Traveller को पहली नज़र में अपना दीवाना बना देता है। पूरा Old City गुलाबी रंग की इमारतों से सजा हुआ है। Heritage, Shopping और Street Food का शानदार Combination मिलता है। Photography और Culture Lovers के लिए Perfect Destination है। यहां क्या देखें? Amber Fort Hawa Mahal City Palace Jantar Mantar Nahargarh Fort Johari Bazaar घूमने का सबसे अच्छा समय October से March तक का मौसम सबसे बेहतरीन रहता है। Sunrise और Sunset दोनों समय शहर बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। कैसे पहुंचे? Jaipur International Airport, Railway Station और National Highway से आसानी से पहुंचा जा सकता है। 2. Udaipur – City of Lakes झीलों के बीच बसा Royal City अगर Rajasthan का सबसे Romantic शहर चुनना हो तो Udaipur का नाम सबसे पहले आएगा। यहां की खूबसूरत Lakes, Palace और Sunset Views हर किसी का दिल जीत लेते हैं। Destination Wedding के लिए भी यह शहर दुनिया भर में मशहूर है। इसे East का Venice भी कहा जाता है। यहां की शामें बेहद सुकूनभरी होती हैं। Boat Ride यहां का सबसे खास Experience है। यहां क्या देखें? City Palace Lake Pichola Jag Mandir Fateh Sagar Lake Sajjangarh Palace घूमने का सबसे अच्छा समय October से February तक का मौसम सबसे अच्छा रहता है। कैसे पहुंचे? Maharana Pratap Airport और Udaipur Railway Station शहर को अच्छी तरह जोड़ते हैं। 3. Jaisalmer – The Golden City Golden Desert का जादू Rajasthan का Jaisalmer अपनी Golden Sandstone Buildings और Thar Desert के लिए जाना जाता है। यहां Sunset के समय पूरा शहर सोने जैसा चमकता दिखाई देता है। Desert Safari यहां की सबसे लोकप्रिय Activity है। रात में Desert Camp का Experience यादगार रहता है। Folk Music और Cultural Program सफर को और खास बना देते हैं। यहां क्या देखें? Jaisalmer Fort Sam Sand Dunes Patwon Ki Haveli Gadisar Lake Desert Camp घूमने का सबसे अच्छा समय November से February सबसे बेहतर मौसम माना जाता है। कैसे पहुंचे? Jaisalmer Railway Station और Jodhpur Airport के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। 4. Jodhpur – The Blue City नीले घरों वाला शानदार शहर Jodhpur अपने Blue Houses और विशाल Mehrangarh Fort की वजह से दुनियाभर में मशहूर है। यहां की गलियां, पुराने बाजार और Heritage Buildings एक अलग ही एहसास कराते हैं। Blue City View बेहद Iconic है। History और Culture का शानदार मेल देखने को मिलता है। Street Photography के लिए Best Place है। यहां क्या देखें? Mehrangarh Fort Jaswant Thada Umaid Bhawan Palace Clock Tower Market घूमने का सबसे अच्छा समय October से March तक। कैसे पहुंचे? Jodhpur Airport और Railway Station दोनों उपलब्ध हैं। 5. Mount Abu – Rajasthan का Hill Station Desert State का Cool Surprise बहुत कम लोग जानते हैं कि Rajasthan का इकलौता Hill Station Mount Abu है। यहां की हरियाली, ठंडी हवा और शांत माहौल आपको रेगिस्तान से बिल्कुल अलग दुनिया में ले जाते हैं। Summer Vacation के लिए शानदार जगह। Couples और Families दोनों के लिए Perfect। Nature Lovers को यहां खूब मज़ा आता है। यहां क्या देखें? Nakki Lake Guru Shikhar Dilwara Temples Sunset Point घूमने का सबसे अच्छा समय March से June और September से February। कैसे पहुंचे? Abu Road Railway Station सबसे नज़दीक है। 6. Pushkar Spiritual Vibes और Peaceful माहौल Pushkar अपनी Holy Lake और Brahma Temple के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां Spirituality और Modern Cafe Culture दोनों साथ देखने को मिलते हैं। Pushkar Camel Fair दुनियाभर में प्रसिद्ध है। Foreign Travellers की Favourite Destination है। Sunset के समय Lake का नज़ारा बेहद दिलकश लगता है। यहां क्या देखें? Pushkar Lake Brahma Temple Savitri Temple Pushkar Market घूमने का सबसे अच्छा समय October से March। कैसे पहुंचे? Ajmer Railway Station से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। 7. Bikaner Culture और स्वाद का शानदार संगम Bikaner अपनी Heritage Buildings, Camel Festival और मशहूर Snacks के लिए जाना जाता है। यहां का Local Food हर Food Lover को पसंद आता है। Junagarh Fort यहां का मुख्य आकर्षण है। Camel Safari का अलग ही मज़ा है। Local Bazaar Shopping के लिए बेहतरीन हैं। यहां क्या देखें? Junagarh Fort Karni Mata Temple Lalgarh Palace National Camel Research Centre घूमने का सबसे अच्छा समय November से February। कैसे पहुंचे? Bikaner Railway Station और Airport उपलब्ध हैं। 8. Chittorgarh शौर्य और इतिहास की मिसाल Chittorgarh भारत के सबसे बड़े Fort Complex में से एक है। यहां की दीवारें वीरता, त्याग और सम्मान की अनगिनत कहानियां सुनाती हैं। Maharana Pratap और Rani Padmini से जुड़ा इतिहास। UNESCO World Heritage Site का हिस्सा। History Lovers के लिए Dream Destination। यहां क्या देखें? Chittorgarh Fort Vijay Stambh Kirti Stambh Padmini Palace घूमने का सबसे अच्छा समय October से March। कैसे पहुंचे? Railway Station और Road दोनों से अच्छी Connectivity है। 9. Ranthambore National Park Wildlife Adventure का असली मज़ा अगर आप Rajasthan में Wildlife Experience लेना चाहते हैं तो Ranthambore National Park ज़रूर जाएं। यहां Tiger

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राजस्थान के इस गाँव में कैंपिंग और बर्ड वॉचिंग का बढ़ा क्रेज, Badopal बना सर्दियों का नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन

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हनुमानगढ़ के बड़ोपल गांव में बने 30 से ज्यादा अस्थायी टापू, कैंपिंग और बर्ड वॉचिंग का बढ़ा क्रेज हनुमानगढ़, राजस्थान की पहचान अब सिर्फ रेगिस्तान तक सीमित नहीं रही। हनुमानगढ़ जिले का बड़ोपल गांव इन दिनों प्रकृति के एक अनोखे नज़ारे के कारण चर्चा में है। बरसात के बाद जब क्षेत्र में जमा पानी धीरे-धीरे सूखता है, तो रेत और पानी के मेल से कई अस्थायी टापू उभर आते हैं। यही टापू अब पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन चुके हैं। Badopal Lake बरसात के बाद उभरे प्राकृतिक टापू स्थानीय जानकारी के अनुसार, बड़ोपल और उसके आसपास के इलाके में अब तक 30 से अधिक प्राकृतिक टापू बन चुके हैं। चारों ओर पानी से घिरे ये टापू देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं। सर्दियों के मौसम में यहां का नज़ारा और भी मनमोहक हो जाता है, जिसके चलते पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। Badopal Lake-कैंपिंग और बोटिंग के लिए उमड़ रही भीड़ इन दिनों बड़ोपल गांव कैंपिंग, बोटिंग और नेचर टूरिज्म के लिए उभरता हुआ हॉटस्पॉट बन गया है। खासकर सर्द मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं और टापुओं पर कैंप लगाकर प्रकृति का आनंद ले रहे हैं। 250 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का बसेरा पानी की भरपूर उपलब्धता के कारण यह इलाका प्रवासी पक्षियों के लिए भी सुरक्षित ठिकाना बन गया है। बताया जा रहा है कि यहां 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षी देखे जा चुके हैं। सर्दियों में साइबेरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से पक्षियों के झुंड बड़ोपल पहुंचते हैं, जिससे यह क्षेत्र बर्ड वॉचिंग के लिए भी मशहूर हो रहा है। स्थानीय लोगों को मिल रहा रोज़गार पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से गांव के लोगों को भी फायदा हो रहा है। नाव संचालन, कैंपिंग सुविधाएं, गाइड और स्थानीय सेवाओं के जरिए ग्रामीणों को रोज़गार के नए अवसर मिल रहे हैं। पर्यटन मानचित्र पर उभरता बड़ोपल प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और पक्षियों की चहचहाहट के कारण बड़ोपल अब धीरे-धीरे राजस्थान के नए पर्यटन स्थलों में अपनी जगह बना रहा है। यह इलाका साबित करता है कि राजस्थान की धरती पर कुदरत के रंग हर मौसम में अलग कहानी कहते हैं।

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भानगढ़ किला- अलवर की शान, देखिए सुंदर फोटो ब्लॉग के माध्यम से

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राजस्थान के अलवर ज़िले की अरावली पहाड़ियों में बसा भानगढ़ किला, सुनने में जितना भव्य लगता है, देखने में उतना ही रहस्यमय और सिहरन पैदा करने वाला है। पत्थरों से बनी विशाल दीवारें, टूटी-फूटी हवेलियाँ और वीरान गलियारे। असल में भी इतने ही सुन्दर लगते हैं। अरावली की हरी-भरी वादियों में, सरिस्का अभयारण्य से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर बसा है भानगढ़ किला – राजस्थान की विरासत का अनमोल हिस्सा है। जयपुर और अलवर के बीच स्थित यह किला न केवल अपनी भव्य वास्तुकला बल्कि रहस्यमयी कहानियों के लिए भी मशहूर है। इतिहासकारों के अनुसार, किले का निर्माण 17वीं शताब्दी में आमेर के राजा मान सिंह प्रथम के छोटे भाई, राजा माधो सिंह ने करवाया था। कभी यहाँ 9,000 से अधिक घर, भीड़-भाड़ वाले बाज़ार, और सात मंज़िला शाही महल रहे होंगे। और आज भले ही यह खंडहर बन चुका हो, लेकिन पत्थरों की नक्काशी, विशाल द्वार और मंदिर अब भी इसके सुनहरे अतीत की गवाही देते हैं। भानगढ़ किला तीन परकोटों और पाँच बड़े द्वारों से घिरा है। चार मुख्य प्रवेश द्वार – लाहौरी गेट, अजमेरी गेट, फूलबाड़ी गेट और दिल्ली गेट से होकर अंदर पहुँचते ही हवेलियों, प्राचीन मंदिरों और बाज़ार के अवशेष नज़र आते हैं। गोपीनाथ, सोमेश्वर, केशव राय, मंगला देवी और गणेश मंदिर यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं। इनमें से गोपीनाथ मंदिर 14 फीट ऊँचे चबूतरे पर बना है और इसकी नक्काशी अद्भुत है। पुरोहितजी की हवेली और नर्तकियों की हवेली भी देखने लायक हैं। भानगढ़ किला- रहस्यमयी कहानियां यह किला भारत के प्रसिद्ध ‘भूतिया’ स्थलों में गिना जाता है। स्थानीय कथाओं में दो कहानियाँ सबसे ज्यादा चर्चित हैं। पहली, बाबा बलाऊ नाथ नामक साधु ने किले की ऊँचाई अपने आश्रम से अधिक न होने की शर्त रखी थी, लेकिन बाद में इस नियम का उल्लंघन हुआ और कहा जाता है, शहर का विनाश हो गया।दूसरी कथा, राजकुमारी रत्नावती और एक तांत्रिक जादूगर की है, जो उनके प्रेम में पागल था। उसकी काली जादू की चाल नाकाम होने पर, मरने से पहले उसने पूरे शहर को बर्बादी का श्राप दे दिया। आज का भानगढ़ दिन में यह स्थान इतिहास प्रेमियों, फोटोग्राफरों और रोमांच के शौकीनों के लिए एकदम परफेक्ट है। खंडहरों के बीच खड़े होकर जब आप दूर तक फैली अरावली पर्वतमाला को देखते हैं, तो यह जगह आपको रहस्य और सौंदर्य – दोनों का अनोखा अनुभव देती है।

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राजस्थान की संस्कृति को वैश्विक पटल पर रखता है घूमर

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घूमर सिर्फ एक नृत्य नहीं बल्कि समर्पण का एहसास है। यह नृत्य की एक ऐसी विद्या है जो वर्षों से राजस्थान में पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित होती चली आ रही है। राजस्थान हमेशा से ही अपने सांस्कृतिक विविधताओं और राजसी ठाठ बाट के लिए दुनिया भर में जाना जाता रहा है। यहां के ऐतिहासिक इमारत, पहनावे, रहन-सहन, बोलचाल और नृत्य के कारण यह राज्य भारत के सबसे समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों वाला राज्य माना जाता है। राजस्थान का इतिहास इसलिए भी इतना खास है क्योंकि यहां निभाई जाने वाली परंपराओं का इतिहास बेहद हीं समृद्ध रहा है। यह सांस्कृतिक विरासत हीं है जो राजस्थान को पूरे भारत में सबसे अनोखा बनाता है और इसी सांस्कृतिक विरासत का एक हिस्सा है यहां का सबसे प्रमुख लोकनृत्य “घूमर” (Ghoomar Dance) आज के ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं राजस्थानी नृत्य घूमर के इतिहास के बारे में और इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में। भारी भरकम घेर वाला घाघरा पहनकर और माथे पर घूंघट डालकर किया जाने वाला यह नृत्य आज के समय में दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया है।इस नृत्य में महिलाएं बड़ा घेरा बनाकर नृत्य प्रस्तुत करती हैं। इस नृत्य के दौरान पहने जाने वाले पोशाक इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। हालांकि राजस्थान के अलग-अलग भागों में घूमर नृत्य की शैली तथा इस नृत्य के दौरान पहने जाने वाले पहनावे में थोड़ा बहुत अंतर देखने को मिलता है, लेकिन इस नृत्य को प्रस्तुत करने वाले लोगों के भावनाओं में कोई अंतर नहीं होता।आपको बता दें कि घूमर राजस्थान का राजकीय नृत्य है और राजस्थान में होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों में आपको इसकी झलक देखने को मिल जाएगी। ट्रेड फेयर जैसे मौके पर भी घूमर नृत्य की झलकियां देखने को मिल जाती हैं। घूमर नृत्य की शुरुआत राजस्थान के भील जनजातियों के द्वारा किया गया था। भील जनजाति के लोग माता सरस्वती की आराधना में यह नृत्य प्रस्तुत किया करते थे। राजा-रजवाड़ों के समय यह नृत्य बहुत ही प्रसिद्ध हो गया। जिसके बाद राज्यसभाओं में इस नृत्य की प्रस्तुति होने लगी और वहीं परंपरा आज तक चली आ रही है। आज भी राजस्थान में अक्सर किसी भी शुभ अवसर पर घूमर की झलकी देखने को मिल जाती है। घूमर सिर्फ नृत्य नहीं राजस्थान की संस्कृति का एक अमूल्य धरोहर है। अक्सर नर्तकों द्वारा नृत्य के सभी विधाओं में घूमर को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इतना हीं नहीं आपको यह जानकर हैरानी होगी कि घूमर राजस्थान का सबसे प्राचीनतम लोक नृत्य है और सिर्फ महिलाओं के द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। घूमर सिर्फ एक नृत्य नहीं एक परंपरा है, जिसे वर्षों से राजस्थान में निभाया जाता रहा है। जब भी राजस्थान में कोई नव विवाहिता अपने ससुराल आती है तो वह घूमर नृत्य करके अपने वैवाहिक जीवन में कदम रखती है।इसके अलावा शादियों, त्योहारों और अलग-अलग सामाजिक तथा धार्मिक अवसरों पर घूमर नृत्य प्रस्तुत किया जाता है। इतना हीं नहीं समय-समय पर इस नृत्य की झलकियां फिल्मों में भी हमें देखने को मिलती रहती है।राजस्थान सरकार भी इस नृत्य को बढ़ावा देने का प्रयास करती रहती है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले जैसे जगहों पर भी इस नृत्य की प्रस्तुति हमें देखने को मिलती है।

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राजस्थानी आत्मसम्मान का प्रतीक है साफा

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जब भी कभी साफा का जिक्र होता है हमारे ध्यान में सबसे पहले राजस्थान का नाम आता है। और आए भी क्यों ना साफा का इतिहास कहीं न कहीं राजस्थान से हीं जुड़ा हुआ है। सर पर बड़े-बड़े पगड़ी बांधे राजस्थानी लोग अपने राजसी संस्कृति को पूरे विश्व के सामने प्रस्तुत करते हैं। यह साफा न सिर्फ उनके लिए एक श्रृंगार है बल्कि उनका आत्मसम्मान भी है। राजस्थान में साफ़ा का बहुत हीं ऐतिहासिक और नैतिक महत्व है। लोग इसे आत्म सम्मान से जोड़कर देखते हैं।आपको बता दें की राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरीके से साफा बांधने का प्रचलन रहा है। इतना हीं नहीं सफा के रंग में भी एक कहानी छुपी हुई होती है जो साफा के मूल्य से हमें अवगत करवाती है। जैसे सफेद साफा का राजस्थान में अपना ही एक महत्व है, वहीं केसरिया साफा के पीछे एक अलग ही कहानी छुपी हुई होती है। अगर रंगों के आधार पर साफा को विभाजित किया जाए तो वह विभाजन कुछ इस प्रकार का होगा। :- केसरिया साफा :यह सफा शौर्य और वीरता की निशानी है। यह सफा एक राजस्थानी तब अपने सिर पर बांधता है जब वह युद्ध के लिए अग्रसर होता है। अक्सर जब राजा महाराजा युद्ध के लिए जाया करते थे तो वह अपने सिर पर केसरिया साफा बांधकर जाते थे। क्योंकि केसरिया रंग का अर्थ शौर्य और वीरता से परिपूर्ण होता है। अधिकतर राजपूतानराजपूतानों में केसरिया रंग के साफा को बांधने का प्रचलन था। सफेद साफा :राजस्थान में सफेद रंग के साफे का अर्थ होता है शोक! अगर आपको कोई भी राजस्थानी व्यक्ति सफेद रंग का साफा पहना दिख जाए तो इसका मतलब है कि वह शोक में है। हालांकि राजस्थान में कुछ ऐसे समुदाय भी हैं जहां सफेद रंग का साफा आम दिनों में भी पहना जाता है। ऐसे समुदाय में बिश्नोई समुदाय का नाम सबसे पहले आता है बिश्नोई समुराई के लोग सामान्य दिनों में भी सिर पर सफेद साफा बांधा करते हैं। लेकिन अधिकतर जगहों पर सफेद रंग के साफे को शोक से जोड़कर देखा जाता है। खाकी साफा :खाकी साफा राजस्थान में अक्सर बुजुर्ग लोगों द्वारा बांधा जाता है। आम दिनों में राजस्थानी बुजुर्ग खाकी शाखा बांधा करते हैं। आप आम दिनों में कभी भी राजस्थान में ऐसे बुजुर्गों को देख लेंगे जो अपने सिर पर खाकी साफा बांधकर घूमते हैं। नीला और मरून साफा :राजस्थान में साफा के रंगों का बहुत हीं महत्व होता है। अगर कोई राजस्थानी व्यक्ति किसी के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने जाता है तो वह नीले या फिर मेहरून रंग के साफ़ा को पहन कर जाता है। इसलिए नीला और मेहरून रंगों के साफों को सहानुभूति सभा से जोड़कर देखा जाता है। बहुरंगा साफा :बहुरंगे साफों का उपयोग अधिकतर अलग-अलग समारोहों में किया जाता है। हालांकि कुछ समुदाय ऐसे भी हैं जो बहुरंगे साफे को सामान्य दिनों में भी पहनते हैं, लेकिन अधिकतर इसका उपयोग किसी कार्यक्रम में ही किया जाता है। क्यों पहना जाता है साफा (Why is Safa worn)? अगर राजस्थान के जलवायु के बारे में बात की जाए तो यह भारत का सबसे गर्म प्रदेश है और यहां लगभग 9 महीने तक गर्मी पड़ती है। ऐसे में लंबे समय तक यहां लू की आंधी चलती रहती है। साफा का इतिहास भी कहीं ना कहीं गर्मी और लू से जुड़ा हुआ है। राजस्थानी लोग अपने आप को लू के थपेड़ों से बचाने के लिए कई परतों वाला साफा अपने सिर पर बांधते हैं। यह साफा लोगों को डिहाइड्रेशन से बचता है। इसके अलावा राजस्थान राजा रजवाड़ों का गढ़ रहा है। ऐसे में वहां अक्सर युद्ध जैसी परिस्थितियों आती रहतीं थी। सफा युद्ध के समय पर सिर पर किए गए अकस्मात आघात से योद्धाओं को बचता था। आज साफा राजस्थान के संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन चुका है। रंग है अलग-अलग समुदाय की निशानी (Color is a symbol of different communities): पूरे राजस्थान में अलग-अलग समुदाय के लोग अलग-अलग तरह के साफा का उपयोग करते हैं। राजस्थान के लोगों के साफा के रंग और उसे बांधने के स्टाइल को देखकर काफी हद तक आप उनके समुदाय का पता लगा सकते हैं। जैसे बिश्नोई समुदाय के लोग हमेशा सफेद साफा बांधते हैं। वहीं रेवाड़ी और राईका समुदाय के लोग लाल रंग का साफा बांधते हैं। कलबेलिया, लंगा- मांगणियार लोग रंग बिरंगे छापों वाला साफा बांधते हैं, जबकि व्यापारी समुदाय गुलाबी केसरिया और लाल रंग का पगड़ी बांधते हैं।

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Top 5 National Parks of Rajasthan

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बरसात का सीजन खत्म हो गया है और धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगा है, ऐसे में नेशनल पार्क्स भी जंगल सफारी और टूर के लिए खुल गए हैं। अगर आप अभी किसी अच्छे से वीकेंड टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो जंगल सफारी और टूर आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज के फाइव कलर्स आफ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताने वाले हैं राजस्थान के नेशनल पार्क्स (National Parks of Rajasthan) के बारे में, जहां आप अच्छे से बायोडायवर्सिटी को एक्सप्लोर कर सकते हैं और अपना वीकेंड एंजॉय कर सकते हैं। 1. रणथम्भोर नेशनल पार्क (Ranthambore National Park) रणथम्भोर राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िला में अवस्थित है। यह नेशनल पार्क लगभग 1334 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। सर्वप्रथम रणथम्भोर राष्ट्रीय उद्यान को 1955 में सवाई माधोपुर खेल अभयारण्य के रूप में जाना जाता था। इसके पश्चात 1973 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। 1 नवंबर 1980 को इस टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय उद्यान बना दिया गया। रणथम्भोर नेशनल पार्क में कई प्रकार के वन्य जीव निवास करते है जिनमे बाघ (Tiger), सांभर हिरण (Sambhar Deer), नर मोर (Male Peacock) और चित्तीदार हिरण (Spotted Deer) शामिल है। इसके अलावा यहाँ तेंदुए (Leopards) भी पाए जाते है। कैसे पहुंचे रणथम्भोर राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Ranthambore National Park)? 2. मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (Mukundara Hills National Park) मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान जिसे दर्राह नेशनल पार्क भी कहा जाता है राजस्थान के कोटा जिले के पास स्थित है। मुकुंदरा हिल्स नेशनल पार्क लगभग 760 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 2004 में हुई थी। इस नेशनल पार्क में तीन वन्य जीव अभ्यारण्य सम्मलित हैं दर्रा वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य और जवाहर सागर वन्यजीव अभयारण्य। इस राष्ट्रीय उद्यान में जंगलों का बहुत बड़ा भाग शामिल है जो पहले राजाओं का शिकारगाहों का हिस्सा था। यह नेशनल पार्क राजस्थान का तीसरा टाइगर रिजर्व है। एक समय इस राष्ट्रीय उद्यान को एशियाई शेर के पुनः उत्पादन के लिए माना जाता था। मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना (Fauna) निवास करते है जिनमे बंगाल टाइगर, भारतीय भेड़िया, भारतीय तेंदुआ, स्लॉथ भालू, सांभर, चिंकारा, हिरण, चीतल, नीलगाय और जंगली सूअर शामिल हैं। इसके अलावा यहाँ मगरमच्छ और घड़ियाल भी पाए जाते हैं । कैसे पहुंचे मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Mukundra Hills National Park)? 3. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo National Park) केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भारत के वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की सूची में शामिल, एक प्रसिद्ध बर्ड अभयारण्य है। इस नेशनल पार्क की प्रसिद्धि का कारण है सर्दियों के दौरान यहाँ आने वाले साइबेरियन सारस। यह नेशनल पार्क राजस्थान के भरतपुर में स्थित है जिसके कारण इस उद्यान को भरतपुर पक्षी विहार भी कहा जाता है। इस पक्षी विहार में हजारों की संख्या में लुप्तप्राय और दुर्लभ पक्षी पाए जाते है। केवलादेव नेशनल पार्क लगभग 28 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस राष्ट्रीय उद्यान को 1982 में नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। गंभीर और बाणगंगा नदी इस पार्क में बहती है। यह पक्षी विहार पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना निवास करते है जिनमे पक्षियों की 350 से अधिक प्रजातियां, स्तनधारियों की कुल 36 प्रजातियां और मछलियों की 43 प्रकार की प्रजातियां पाई जाती है। कैसे पहुंचे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Keoladeo National Park)? 4. अलवर सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान (Alwar Sariska National Park) दिल्ली के नजदीक स्थित अलवर सरिस्का सफारी अन्य जंगल सफारियों से काफी अलग है। क्योंकि आप यहां मानसून में भी जंगल सफारी का आनंद उठा सकते हैं। सरिस्का जंगल सफारी दिल्ली से मात्र ढाई घंटे की दूरी पर स्थित है और नेचर को एक्सप्लोर करने के लिए एक बेहतरीन जगह है। सरिस्का जंगल सफारी के पास हीं स्थित है, अलवर फोर्ट और बाला फोर्ट बफर जोन (buffer zone)। आप इन दोनों जगह पर जाकर भी घूम सकते हैं। अलवर के किले पर खड़े होकर आप पूरे सरिस्का नेशनल पार्क को देख सकते हैं। चारों ओर बड़े-बड़े पेड़, घना जंगल और जंगलों में बिना डरे चहल कदमी कर रहे हिरन आपका मन मोह लेंगे। खड़े होकर आसपास के सीनरी को निहारना भी सुकून दायक होता है। कैसे पहुंचे अलवर सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Alwar Sariska National Park)? 5. डेजर्ट राष्ट्रीय उद्यान (Desert National Park) डेजर्ट राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान में एक नेशनल पार्क है जो, जैसलमेर और बाड़मेर जिले के पास स्थित है। डेजर्ट नेशनल पार्क लगभग 3162 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1981 में हुई थी। यह नेशनल पार्क भारत के सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह नेशनल पार्क यहाँ पाए जाने वाले ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard) के कारण प्रसिद्ध है जो इस उद्यान में अच्छी-खासी संख्या में पाया जाता है। इस उद्यान में डायनासोर के अवशेष भी प्राप्त हुए है। डेजर्ट राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना (Fauna) निवास करते है जिनमे रेगिस्तानी लोमड़ी, भेड़िया, बंगाल लोमड़ी, स्पाइनी-टेल्ड छिपकली, मॉनिटर छिपकली, चिंकारा, हाथी, छोटे पंजे वाले ईगल, टैनी ईगल और रेगिस्तानी बिल्ली शामिल है। कैसे पहुंचे डेजर्ट राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Desert National Park)?