हर साल भगवान जगन्नाथ की Rath Yatra में देशभर से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। इतनी भीड़ के कारण टिकट मिलना और यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस बार श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत है। भारतीय रेलवे ने Rath Yatra 2026 को देखते हुए 300 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। ये अतिरिक्त ट्रेनें पहले से चल रही 800+ नियमित ट्रेनों के साथ होंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आराम से पुरी पहुँच सकें। अगर आप शालीमार, राउरकेला, टाटानगर, संबलपुर या आसपास के इलाकों से जा रहे हैं, तो यह जानकारी आपके काम आएगी। नीचे आसान भाषा में बताया गया है कि कौन-कौन सी स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं, किन रूट्स पर सुविधा बढ़ाई गई है और यात्रा से पहले किन बातों का ध्यान रखें। रेलवे ने क्यों बढ़ाईं स्पेशल ट्रेनें? भगवान जगन्नाथ की Rath Yatra दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु पुरी जाते हैं। इतनी भारी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे हर साल अतिरिक्त ट्रेनें चलाता है, पर इस बार व्यवस्थाएँ और भी बड़े पैमाने पर की गई हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि Rath Yatra 2026 के दौरान 300+ स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी—मकसद साफ है: श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा देना। किन राज्यों के यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा? इस बार स्पेशल ट्रेनों का सबसे बड़ा लाभ ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को मिलेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और दूसरे पड़ोसी राज्यों से भी कई विशेष ट्रेनें चलायी जा रही हैं। रेलवे ने उन रूट्स को चुना है जहाँ साल-दर-साल सबसे ज्यादा श्रद्धालु पुरी आते हैं। इसलिए राउरकेला, टाटानगर, बड़बिल, शालीमार, संतरागाछी, विशाखापट्टनम जैसे स्टेशनों से अतिरिक्त ट्रेनें और कोच उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राउरकेला से पुरी जाने वालों के लिए खास व्यवस्था राउरकेला व आसपास के लोगों के लिए अच्छी खबर है — इस बार राउरकेला–पुरी–राउरकेला Rath Yatra Special चलाई जा रही है। यह ट्रेन रास्ते में झारसुगुड़ा, संबलपुर, अंगुल, ढेंकानाल, कटक, भुवनेश्वर और खुर्दा रोड जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर पुरी पहुंचेगी। इसमें एसी, स्लीपर और जनरल कोच होंगे, ताकि हर बजट के यात्री आराम से सफर कर सकें। टाटानगर और कोल्हान के यात्रियों के लिए क्या है? झारखंड के टाटानगर, गम्हरिया, सिनी और कोल्हान क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए भी रेलवे ने विशेष तैयारी की है। कुछ स्पेशल MEMU और एक्सप्रेस सेवाएँ इस तरह बनाई गई हैं कि छोटे स्टेशनों के लोग बार-बार ट्रेन बदलने की झंझट से बच सकें। इससे कई इलाकों के लोगों को पहली बार सीधे और आसान रेल कनेक्शन मिलेगा, जो पहले मुश्किल हुआ करता था। शालीमार से यात्रा करने वालों के लिए राहत कोलकाता/हावड़ा क्षेत्र से आने वालों के लिए भी सुविधाएँ बढ़ायी गई हैं। नई स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ कई नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त स्लीपर और एसी कोच जोड़े जा रहे हैं। खासकर शालीमार–संबलपुर एक्सप्रेस में जुलाई के दौरान अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक यात्री कन्फर्म सीट पा सकें। संतरागाछी और पश्चिम बंगाल के अन्य रूटों को भी इस साल प्राथमिकता दी गई है। किस-किस रूट पर अतिरिक्त सुविधाएँ बढ़ायी गई हैं? रेलवे ने केवल स्पेशल ट्रेनें ही नहीं चलाईं, बल्कि कई लोकप्रिय ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े हैं। इनमें प्रमुख रूप से ओडिशा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, प्रशांति एक्सप्रेस, हिराखंड एक्सप्रेस, तिरुपति एक्सप्रेस, पुरी–गुनुपुर एक्सप्रेस और शालीमार–संबलपुर एक्सप्रेस शामिल हैं। इससे अधिक यात्रियों को सीट मिल सकेगी और ट्रेनों में भीड़ कम होगी। बड़बिल और दूर-दराज के इलाकों के लिए भी व्यवस्था बड़बिल से भी पुरी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है, जो नोआमुंडी, बंसपानी, जखपुरा, कटक और भुवनेश्वर से होकर पहुंचेगी। इसके अलावा विशाखापट्टनम, जगदलपुर, पलासा, रायगढ़ा जैसे शहरों से भी विशेष ट्रेनें चलायी जा रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु बिना परेशानी के पुरी पहुंच सकें। पुरी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली नई सुविधाएँ हर साल Rath Yatra के दौरान पुरी स्टेशन पर भारी भीड़ रहती है। इस बार स्टेशन पर कई नई सुविधाएँ और व्यवस्थाएँ तैयार की गई हैं। रेल मंत्री ने खुद तैयारियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। 30 हजार लोगों के लिए होल्डिंग एरिया स्टेशन के बाहर एक विशाल होल्डिंग एरिया बनाया गया है जहां लगभग 30,000 श्रद्धालु एक साथ रुक सकते हैं। इससे भीड़ प्लेटफॉर्म पर सीधे नहीं पहुँचेगी और यात्रियों को आराम से अपनी ट्रेन का इंतजार करने की जगह मिल जाएगी। डिजिटल स्क्रीन से मिलेगी हर जानकारी स्टेशन पर कई डिजिटल LED स्क्रीन लगाई गई हैं जिन पर ट्रेन की जानकारी, प्लेटफॉर्म नंबर, भीड़ की स्थिति और जरूरी घोषणाएँ दिखाई जाएंगी। कुछ स्क्रीन पर मंदिर के कार्यक्रमों की जानकारी भी दिखेगी ताकि श्रद्धालुओं को अलग-अलग जगह पूछताछ न करनी पड़े। सुरक्षा व्यवस्था और भी सुदृढ़ इतनी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा को खास प्राथमिकता दी गई है। स्टेशन पर अतिरिक्त RPF और GRP जवान तैनात किए जाएंगे। CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाई गयी है और कंट्रोल रूम से पूरे स्टेशन पर नजर रखी जाएगी। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट गेट बनाए गए हैं। टिकट काउंटर और खाने-पीने की सुविधा टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ायी गई है। साथ ही पीने का पानी, मेडिकल हेल्प, फूड स्टॉल और हेल्प डेस्क जैसी सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं। रास्ता पूछने या मदद के लिए स्टेशन पर अलग-अलग सहायता केंद्र बनाए गए हैं। IRCTC के धार्मिक टूर पैकेज अगर आप ट्रेन और होटल अलग से बुक नहीं करना चाहते, तो IRCTC के धार्मिक टूर पैकेज अच्छे विकल्प हैं। इन पैकेजों में सामान्यतः ट्रेन टिकट, होटल में ठहराव, लोकल ट्रांसपोर्ट, कुछ दर्शनों के पैकेज और भोजन शामिल होते हैं। कई पैकेज पुरी के साथ कोणार्क और भुवनेश्वर का भी भ्रमण कराते हैं। यात्रा से पहले किन बातों का ध्यान रखें टिकट पहले से बुक कर लें—रथ यात्रा के समय टिकट कब का मिलना मुश्किल हो सकता है। रिजर्व टिकट होने पर भी स्टेशन समय से पहले पहुँचना बेहतर रहेगा। जुलाई में मौसम गर्म और उमस भरा रहता है—हल्के सूती कपड़े और पानी की बोतल साथ रखें। मोबाइल, पर्स और जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखें। क्यों