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Delhi में मनाएं Onam, जानें पूरा कार्यक्रम

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अगर आपको केरल की संस्कृति, वहां का पारंपरिक खाना और त्योहारों का रंग पसंद है, तो 26 अगस्त को Delhi में आपके लिए एक खास मौका है। मयूर विहार फेज-1 स्थित उत्तरा गुरुवायुरप्पन मंदिर में Onam 2026 के मौके पर विशेष आयोजन होने वाला है। साझा की गई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम 26 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगा। कार्तिकायनी ऑडिटोरियम में सुबह 10:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें गणपति स्तुति समेत कई प्रस्तुतियां होने की जानकारी दी गई है। यानी इस दिन मंदिर पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ पूजा का माहौल ही नहीं, बल्कि केरल की संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल सकती है। कहां और कब होगा Onam का आयोजन? यह खास कार्यक्रम उत्तरा गुरुवायुरप्पन मंदिर, मयूर विहार फेज-1 में होगा। मंदिर का पता सहकारिता मार्ग, पॉकेट-3, मयूर विहार फेज-1, Delhi-110091 है।  मुख्य आयोजन 26 अगस्त को है और साझा की गई जानकारी के अनुसार इसकी शुरुआत सुबह 10 बजे से होगी। वहीं कार्तिकायनी ऑडिटोरियम में सुबह 10:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया गया है। अगर आप सांस्कृतिक कार्यक्रम खास तौर पर देखना चाहते हैं, तो 10 बजे से पहले या उसके आसपास पहुंचना बेहतर रहेगा। त्योहार वाले दिन सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ हो सकती है। इस साल के पूरे कार्यक्रम में कौन-सी प्रस्तुति किस समय होगी, इसकी विस्तृत आधिकारिक सूची उपलब्ध नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही हर समय-सारणी को अंतिम कार्यक्रम मानने के बजाय मंदिर से एक बार पुष्टि कर लेना सही रहेगा। उत्तरा गुरुवायुरप्पन मंदिर में Onam क्यों खास है? मयूर विहार का यह मंदिर Delhi में केरल की संस्कृति को महसूस करने वाली खास जगहों में से एक है। यहां मुख्य देवता श्री गुरुवायुरप्पन हैं, जिन्हें भगवान कृष्ण के रूप में पूजा जाता है। मंदिर की कहानी भी काफी दिलचस्प है। Delhi के भक्तों ने आर्ष धर्म परिषद नाम से एक संस्था बनाई थी। वर्ष 1975 में मंदिर के लिए जमीन मिली थी। बाद में मयूर विहार फेज-1 में मंदिर निर्माण का काम आगे बढ़ा। केरल से लाई गई गुरुवायुरप्पन की दिव्य प्रतिमा की प्रतिष्ठा नए मंदिर में 17 मई 1989 को कुंभाभिषेक के साथ हुई। मंदिर में गुरुवायुरप्पन के अलावा चोट्टानिक्करा भगवती, भगवान शिव, गणपति, अयप्पा और नाग देवता के भी मंदिर हैं। यही वजह है कि यहां होने वाला Onam का माहौल Delhi में रहते हुए केरल की याद दिलाता है। मंदिर की बनावट, पूजा की परंपरा और त्योहारों के दौरान होने वाली सजावट इसे बाकी जगहों से अलग बनाती है। आखिर क्या है Onam? Onam केरल का सबसे बड़ा और लोकप्रिय त्योहार माना जाता है। इसे फसल, खुशहाली, परिवार और लोगों के साथ मिलकर खुशी मनाने से जोड़ा जाता है। इस त्योहार की सबसे मशहूर कहानी राजा महाबली से जुड़ी है। मान्यता है कि महाबली के शासन में लोग खुशहाल थे और उनके बीच भेदभाव बहुत कम था। अपनी प्रजा के बीच राजा महाबली बहुत लोकप्रिय थे। कहानी के अनुसार भगवान विष्णु ने वामन रूप में महाबली से तीन पग जमीन मांगी। वामन ने दो कदमों में धरती और आकाश नाप लिया और तीसरे कदम के लिए महाबली ने अपना सिर आगे कर दिया। उनकी भक्ति और त्याग से प्रसन्न होकर उन्हें हर साल अपनी प्रजा से मिलने आने का अवसर मिला। इसी मान्यता के कारण Onam के दिनों में घरों को सजाया जाता है, फूलों से पुक्कलम बनाया जाता है, नए कपड़े पहने जाते हैं और परिवार के लोग साथ बैठकर खाना खाते हैं। 2026 में 26 अगस्त को थिरुवोनम इस साल 26 अगस्त 2026 को थिरुवोनम मनाया जाएगा। यह Onam के दस दिनों के उत्सव का सबसे खास दिन माना जाता है।  केरल में इस त्योहार की शुरुआत अथम् से होती है और थिरुवोनम तक हर दिन उत्सव का रंग बढ़ता जाता है। घरों के सामने फूलों की सजावट बड़ी होती जाती है और लोग त्योहार के मुख्य दिन परिवार के साथ समय बिताते हैं। Delhi में भी 26 अगस्त को मयूर विहार का यह आयोजन इसी उत्सव का हिस्सा है। खास बात यह है कि यहां रहने वाले मलयाली परिवारों के लिए यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और घर से जुड़ी यादों को फिर से जीने का मौका भी है। Onam में फूलों से बनेगा पुक्कलम Onam की सबसे खूबसूरत पहचान फूलों से बनाई जाने वाली पुक्कलम है। इसे आप फूलों वाली रंगोली भी कह सकते हैं। अलग-अलग रंगों के फूलों और उनकी पंखुड़ियों से जमीन पर गोल डिजाइन बनाई जाती है। शुरुआत में यह छोटी होती है और त्योहार के दिनों के साथ-साथ इसका आकार और डिजाइन भी बड़ा होता जाता है। पुक्कलम सिर्फ सजावट नहीं है। यह राजा महाबली के स्वागत की तैयारी का हिस्सा माना जाता है। केरल में परिवार और मोहल्ले के लोग मिलकर इसे बनाते हैं। उत्तरा गुरुवायुरप्पन मंदिर में भी पहले पुक्कलम से जुड़े आयोजन और प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं। इसलिए 26 अगस्त को मंदिर की सजावट में फूलों की खूबसूरत डिजाइन देखने को मिल सकती है। दीयों और फूलों से बदलेगा मंदिर का माहौल त्योहार के दौरान मंदिरों में फूलों और दीपों से सजावट की जाती है। उत्तरा गुरुवायुरप्पन मंदिर में भी ऐसे मौकों पर रोशनी और सजावट पूरे परिसर को अलग रूप दे सकती है। अगर आप तस्वीरें या वीडियो बनाना चाहते हैं, तो मंदिर के नियम जरूर देखें। पूजा के दौरान लोगों की निजता और धार्मिक माहौल का सम्मान करना सबसे जरूरी है। फूलों की सजावट, दीये और पारंपरिक माहौल फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए अच्छा अनुभव हो सकता है। लेकिन फोटो लेते समय लोगों के रास्ते में खड़े होने या पूजा में बाधा डालने से बचें। Onam का सबसे खास हिस्सा है सद्या Onam की बात हो और खाने की बात न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। केरल का पारंपरिक शाकाहारी भोजन सद्या इस त्योहार का सबसे खास हिस्सा माना जाता है। सद्या आमतौर पर केले के पत्ते पर परोसी जाती है। इसमें चावल के साथ कई तरह की सब्जियां, दाल, अचार, पापड़, चटनी और पायसम जैसी चीजें शामिल होती हैं। अवियल, सांभर, परिप्पु, थोरन, ओलन, कालन, पचड़ी और पायसम जैसे व्यंजन अलग-अलग जगहों की सद्या में