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दिल्ली से गुवाहाटी Bullet Train: 8 घंटे से कम में पूरा सफर?

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दिल्ली से गुवाहाटी जाने का प्लान बनाते समय सबसे पहले दिमाग में एक लंबा सफर आता है। ट्रेन से जाना हो तो करीब एक दिन या उससे भी ज्यादा समय निकालना पड़ता है। ऐसे में अगर कोई कहे कि यही सफर अब 8 घंटे से भी कम समय में पूरा हो सकता है, तो शायद आप भी एक बार जरूर पूछेंगे कि आखिर यह कैसे होगा? दरअसल, भारतीय रेलवे के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। 31 अक्टूबर 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से गुवाहाटी तक प्रस्तावित Northern Bullet Train Corridor की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इसकी लंबाई करीब 1,500 किलोमीटर बताई गई है और यह उत्तर भारत के कई बड़े शहरों को जोड़ते हुए पूर्वोत्तर तक पहुंचेगा। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि दिल्ली से गुवाहाटी का सफर 8 घंटे से भी कम समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, अभी यह ट्रेन चलना शुरू नहीं हुई है और न ही इसके निर्माण की पूरी समय-सीमा सामने आई है।  दिल्ली से गुवाहाटी तक पहुंचेगी भारत की नई Bullet Train दिल्ली से पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वालों के लिए यह खबर काफी अहम है। अभी ट्रेन से गुवाहाटी पहुंचने में लंबा समय लगता है। राजधानी एक्सप्रेस जैसी तेज ट्रेनों से भी इस सफर में लगभग 27 से 28 घंटे लग सकते हैं। वहीं, फ्लाइट से समय तो कम लगता है, लेकिन टिकट की कीमत हर यात्री के बजट में हो, यह जरूरी नहीं। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। इसी नेटवर्क का हिस्सा होगा दिल्ली से गुवाहाटी तक जाने वाला नया Bullet Train Corridor। इस प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई करीब 1,500 किलोमीटर होगी। यह दिल्ली से शुरू होकर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के प्रमुख शहरों से गुजरते हुए असम के गुवाहाटी तक पहुंचेगा। रेल मंत्री के मुताबिक, इस रूट पर दिल्ली से सिलिगुड़ी का सफर करीब 6 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, गुवाहाटी तक पहुंचने में 8 घंटे से भी कम समय लग सकता है। अभी यह अनुमानित यात्रा समय है, वास्तविक समय का पता प्रोजेक्ट की विस्तृत योजना और ट्रेन संचालन शुरू होने के बाद ही चलेगा। पहले सिलिगुड़ी तक था प्लान, फिर गुवाहाटी तक कैसे पहुंचा रूट? इस पूरे प्रोजेक्ट में असम को शामिल करने की मांग भी काफी अहम रही है। शुरुआत में Northern High-Speed Rail Corridor को दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी तक ले जाने की योजना थी। लेकिन असम सरकार चाहती थी कि इसे आगे बढ़ाकर गुवाहाटी तक पहुंचाया जाए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 जून 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस मांग को रखा था। उनका कहना था कि गुवाहाटी पूर्वोत्तर का एक बड़ा व्यापारिक और परिवहन केंद्र है। ऐसे में अगर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को पूर्वोत्तर तक पहुंचाना है, तो गुवाहाटी को इससे जोड़ना जरूरी है। इसके बाद जुलाई में रेल मंत्री के साथ हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया पर इस फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि पहले कॉरिडोर को सिलिगुड़ी तक ले जाने की योजना थी, लेकिन अब इसे गुवाहाटी तक बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के बाद Bullet Train Corridor का महत्व और बढ़ गया है। अब यह केवल दिल्ली और उत्तर भारत के शहरों को जोड़ने वाली योजना नहीं रहेगी, बल्कि पूर्वोत्तर भारत को भी देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। दिल्ली से गुवाहाटी तक किन 10 शहरों से गुजरेगी Bullet Train? इस प्रस्तावित रूट में उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक के कई बड़े शहरों को शामिल किया गया है। इससे यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने में काफी कम समय लग सकता है। अभी सामने आई जानकारी के अनुसार, इस कॉरिडोर में कुल 10 प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित रूट के प्रमुख शहर: दिल्ली: इस कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन होगा। यहां से यात्री उत्तर और पूर्वी भारत के कई शहरों की ओर सफर कर सकेंगे। आगरा: ताजमहल के लिए मशहूर आगरा को इस रूट से जोड़ने की योजना है। इससे दिल्ली और आगरा के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। कानपुर: उत्तर प्रदेश का बड़ा औद्योगिक शहर होने के कारण कानपुर इस रूट के लिए अहम रहेगा। लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को भी इस हाई-स्पीड नेटवर्क में शामिल किया गया है। अयोध्या: राम मंदिर के बाद अयोध्या में आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इस शहर को तेज रेल कनेक्टिविटी से जोड़ना पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है। वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों के लिए मशहूर वाराणसी इस रूट का एक प्रमुख पड़ाव होगा। प्रयागराज: धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला प्रयागराज भी प्रस्तावित रूट में शामिल है। पटना: बिहार की राजधानी पटना को इस कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है। इससे बिहार और उत्तर भारत के बीच तेज रेल संपर्क का रास्ता खुलेगा। सिलिगुड़ी: पश्चिम बंगाल का यह शहर पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां से दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों तक पहुंचा जा सकता है। गुवाहाटी: असम का सबसे बड़ा शहर और पूर्वोत्तर का प्रमुख परिवहन केंद्र इस कॉरिडोर का अंतिम पड़ाव होगा। इन शहरों को जोड़ने वाला Bullet Train Corridor पर्यटन, व्यापार और आम यात्रियों के लिए काफी उपयोगी हो सकता है। हालांकि, अभी इन शहरों के स्टेशन की सही जगह, स्टेशन के बीच की दूरी और पूरे रूट का विस्तृत नक्शा सामने आना बाकी है। दिल्ली से गुवाहाटी का सफर 8 घंटे से भी कम में कैसे होगा? इस प्रोजेक्ट की सबसे ज्यादा चर्चा इसकी रफ्तार और यात्रा समय को लेकर हो रही है। अभी दिल्ली से गुवाहाटी जाने में ट्रेन से लगभग 27 से 28 घंटे लग जाते हैं। लेकिन नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के पूरा होने पर यही सफर 8 घंटे से भी कम समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेल मंत्री की ओर