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National Rail Museum: दिल्ली में बच्चों के लिए शानदार जगह!

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दिल्ली में घूमने की जगहों की कोई कमी नहीं है। कहीं ऐतिहासिक किले हैं, कहीं पुराने बाजार और कहीं आधुनिक इमारतें। लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहाँ घूमने के साथ-साथ बच्चों को नई चीजें सीखने का मौका भी मिलता है। ऐसी ही एक खास जगह है National Rail Museum। यह सिर्फ ट्रेनों का संग्रहालय नहीं है, बल्कि भारतीय रेलवे के इतिहास को बेहद दिलचस्प तरीके से दिखाने वाली जगह है। यहाँ पुराने इंजन, शाही डिब्बे, toy train, रेलवे से जुड़ी दुर्लभ चीजें और बच्चों के लिए कई मजेदार अनुभव मौजूद हैं। यही वजह है कि यह जगह परिवारों और बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है। आज के समय में जब बच्चे मोबाइल और स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं, तब ऐसी जगहें उन्हें असली दुनिया से जोड़ने का काम करती हैं। यहाँ बच्चे सिर्फ चीजें देखते नहीं, बल्कि उन्हें करीब से महसूस भी करते हैं। पुराने इंजनों के सामने खड़े होकर उन्हें समझ आता है कि कई साल पहले ट्रेनें कैसी होती थीं और लोग कैसे सफर किया करते थे। यही कारण है कि यहाँ घूमना बच्चों के लिए fun के साथ-साथ learning experience भी बन जाता है। National Rail Museum इतना खास क्यों है? National Rail Museum भारतीय रेलवे की विरासत को संभालकर रखने वाला एक अनोखा संग्रहालय है। यहाँ रेलवे से जुड़ी कई ऐतिहासिक चीजें सुरक्षित रखी गई हैं। भारत में रेलवे सिर्फ यात्रा का साधन नहीं रही, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं और यादों का हिस्सा भी रही है। हर परिवार की कोई न कोई याद ट्रेन यात्रा से जरूर जुड़ी होती है। किसी को बचपन की पहली रेल यात्रा याद होती है, किसी को खिड़की के पास बैठकर बाहर के दृश्य देखना और किसी को स्टेशन की चाय की खुशबू। यही वजह है कि जब लोग यहाँ आते हैं, तो उन्हें सिर्फ इंजन और डिब्बे नहीं दिखाई देते बल्कि उनसे जुड़ी पुरानी यादें भी ताजा हो जाती हैं। National Rail Museum बच्चों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यहाँ चीजों को सिर्फ दूर से देखने के लिए नहीं रखा गया। खुला परिसर होने की वजह से बच्चे आराम से घूम सकते हैं, ट्रेनों को करीब से देख सकते हैं और तस्वीरें भी खिंचवा सकते हैं। यहाँ घूमते हुए ऐसा लगता है जैसे भारतीय रेलवे का पूरा इतिहास धीरे-धीरे आपकी आँखों के सामने जीवंत हो रहा हो। (National Rail Museum) पुराने इंजन यह दिखाते हैं कि रेलवे समय के साथ कितनी बदल चुकी है। भाप से चलने वाली ट्रेनों से लेकर आज की आधुनिक ट्रेनों तक का सफर यहाँ साफ दिखाई देता है। यही चीज बच्चों और बड़ों दोनों को आकर्षित करती है। अंदर जाते ही बदल जाता है माहौल जैसे ही आप National Rail Museum के अंदर प्रवेश करते हैं, सबसे पहले आपकी नजर विशाल पुराने इंजनों पर जाती है। कई इंजन इतने बड़े दिखाई देते हैं कि बच्चे उन्हें देखकर हैरान रह जाते हैं। खुले मैदान में रखी ट्रेनें और पुराने डिब्बे इस जगह को किसी पुराने रेलवे स्टेशन जैसा एहसास देते हैं। यहाँ का वातावरण बाकी संग्रहालयों की तरह शांत और बंद नहीं लगता, बल्कि काफी खुला और जीवंत महसूस होता है। हर थोड़ी दूरी पर कुछ नया देखने को मिल जाता है- कहीं पुराना इंजन, कहीं लकड़ी से बने डिब्बे और कहीं चमचमाती toy train। बच्चों के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई देता है। वे चीजों को देखकर सवाल पूछते हैं और नई बातें सीखते हैं। कई माता-पिता अपने बच्चों को यहाँ इसलिए लेकर आते हैं ताकि वे मोबाइल और टीवी से बाहर निकलकर कुछ अलग और असली अनुभव कर सकें। यह जगह photography के लिए भी काफी पसंद की जाती है। पुराने इंजन और heritage coaches के सामने लोग तस्वीरें खिंचवाना काफी पसंद करते हैं। खासकर बच्चों के लिए यह जगह किसी adventure park से कम नहीं लगती। Toy Train: बच्चों के लिए सबसे मजेदार अनुभव अगर यहाँ की सबसे लोकप्रिय चीज की बात करें, तो वह है toy train ride। छोटे बच्चों के लिए यह किसी छोटे adventure से कम नहीं होती। जैसे ही toy train चलना शुरू करती है, बच्चे खुशी से बाहर देखने लगते हैं। National Rail Museum का चक्कर ट्रेन से लगाना बच्चों को बहुत पसंद आता है। सफर भले ही छोटा हो, लेकिन बच्चों के लिए यही पूरे दिन का सबसे यादगार अनुभव बन जाता है। कई बच्चे तो ride खत्म होने के बाद दोबारा बैठने की जिद करने लगते हैं। माता-पिता भी इस ride का खूब आनंद लेते हैं क्योंकि यह उन्हें अपने बचपन की याद दिला देती है। यही वजह है कि toy train सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए एक खूबसूरत अनुभव बन जाती है। कई परिवार यहाँ सिर्फ toy train का अनुभव लेने और बच्चों को खुश करने के लिए भी आते हैं। बच्चों की खुशी देखकर माता-पिता का दिन भी खास बन जाता है। (National Rail Museum) पुराने इंजन और शाही डिब्बे यहाँ कई ऐसे पुराने इंजन मौजूद हैं जिन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहले की ट्रेनें कितनी अलग हुआ करती थीं। कुछ इंजन इतने विशाल दिखाई देते हैं कि बच्चे लंबे समय तक उन्हें देखते ही रह जाते हैं। National Rail Museum में पुराने शाही डिब्बे भी रखे गए हैं, जिनमें कभी राजा-महाराजा सफर किया करते थे। इन डिब्बों की सजावट और डिजाइन देखकर समझ आता है कि उस समय रेल यात्रा कितनी खास मानी जाती थी। लकड़ी की खूबसूरत बनावट, पुराने दरवाजे और अंदर का शाही अंदाज बच्चों और बड़ों दोनों को आकर्षित करता है। यहाँ घूमते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे आप किसी पुराने दौर की कहानी के बीच चल रहे हों। कुछ डिब्बों को देखकर यह एहसास होता है कि पुराने समय में रेल यात्रा सिर्फ सफर नहीं बल्कि एक शानदार अनुभव हुआ करती थी। यही चीज National Rail Museum को बाकी जगहों से अलग बनाती है। बच्चों के लिए सीखने की शानदार जगह यह जगह सिर्फ घूमने के लिए नहीं बल्कि सीखने के लिए भी शानदार मानी जाती है। यहाँ बच्चे रेलवे के इतिहास, पुराने इंजनों और ट्रेनों के विकास के बारे में काफी कुछ जान पाते हैं। कई स्कूल भी बच्चों को educational

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इतिहास में रुचि रखने वाले हर व्यक्ति की खोज म्यूजियम पर आकर ठहर जाती है, क्योंकि म्यूजियम एक ऐसा जगह होता है जहां सालों के सभ्यताओं और इतिहास को एक ही बार में समझा और जिया जा सकता है। अगर आपकी भी रुचि इतिहास में है और आप भी म्यूजियम जाना पसंद करते हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है। क्योंकि यहां हम आपको बताने वाले हैं देश के कुछ बेहतरीन म्यूजियम्स के बारे में। आइए जानते हैं देश के उन म्यूजियम के बारे में जहां ना सिर्फ भारत के बल्कि संसार के इतिहास से जुड़े हुए वस्तुओं को भी देखा और समझा जा सकता है। 1. राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली (National Museum Delhi) : राजधानी दिल्ली में स्थित इस संग्रहालय के स्थापना की नींव आजादी से पहले ही रखी गई थी। इस म्यूजियम का उद्घाटन 15 अगस्त 1949 को भारत के गवर्नर जनरल श्री आरसी राजगोपालाचारी ने राष्ट्रपति भवन में किया था। 12 मई 1955 को भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसके नए भवन की आधारशिला रखी। इस संग्रहालय में आकर भारत के समृद्धि इतिहास को बहुत अच्छे तरीके से समझा जा सकता है। यहां कई तरह की ऐतिहासिक वस्तुओं का संग्रह किया गया है। जिनमें कुछ भारतीय तो कुछ विदेशों से लाई गयी वस्तुएँ हैं। यहां लगभग 2,00,000 एंटीक चीजों का कलेक्शन किया गया है। जो अपने आप में हीं एक बहुत बड़ी संख्या है। https://fivecolorsoftravel.com/know-about-cultural-heritage-best-places-of-jaipur/ 2. नेशनल रेल म्यूजियम दिल्ली (National rail museum Delhi) : यह म्यूजियम दिल्ली में स्थित है और पूरी तरह से भारतीय रेलवे को समर्पित है। इस म्यूजियम की खास बात यह है कि यहां जाकर आप भारतीय रेलवे के इतिहास को बहुत ही अच्छी तरीके से समझ पाएंगे। यह रेल म्यूजियम करीब 11 एकड़ से अधिक जगह पर फैला हुआ है और भारत के 166 वर्षों के गौरवशाली यात्रा को अपने आप में सहेजे हुए है। इस म्यूजियम में भाप से चलने वाले इंजन से लेकर अत्याधुनिक इंजन तक की यात्रा को सहेज कर रखा गया है।यहां आपको भाप, डीजल और इलेक्ट्रिक इंजनों के साथ-साथ वैगन, गाड़ियां, बख्तरबंद ट्रेनें आदि का संग्रह देखने को मिल जाएगा।यहां आप टॉय ट्रेन की सवारी भी कर सकते हैं। साथ ही 3D वर्चुअल कोच, डीजल और स्टीम इंजन के कोच में सैर करने के साथ-साथ हाल ही में बने रेल रेस्टोरेंट में लंच का भी आनंद ले सकते हैं। 3. सालार जंग म्यूजियम हैदराबाद (Salar jung museum Hyderabad) :सालार जंग म्युजियम एक कला संग्रहालय (Art Museum) है जो कि हैदराबाद में स्थित है। इस म्यूजियम का उद्घाटन 16 दिसंबर 1951 को हुआ था।यह भारत के सबसे समृद्ध संग्रहालय में से एक है और यहां मुख्यतः सालारजंग परिवार का एक निजी कला संग्रह किया गया है। इसमें फारसी, जापानी, नेपाली, चीनी, एवं उत्तरी अमेरिका और यूरोप से लाई गई मूर्तियों, पेंटिंग्स, नक्काशी किए गए वस्तुओं और पांडुलिपियों का संग्रह किया गया है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह म्यूजियम दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयओं की सूची में भी शामिल है। 4. गवर्नमेंट म्यूजियम चेन्नई (Government Museum Chennai) : चेन्नई का यह गवर्नमेंट म्यूजियम एक आर्ट म्यूजियम है और यह भारत का दूसरा सबसे पुराना म्यूजियम है। इसकी शुरुआत 1851 ईसवी में हुई थी। इस म्यूजियम का मुख्य आकर्षण यहाँ की पुरातत्विक और शास्त्रीय वस्तुओं का कलेक्शन है। बताया जाता है कि यूरोप के बाहर यह दुनिया का सबसे बड़ा पुरातात्विक अवशेषों का संग्रह है। इस म्यूजियम में जाकर आप मनुष्यों के इतिहास और उनके विकास के बारे में काफी कुछ जान सकते हैं। यहां कई सारी दुर्लभ पेंटिंग्स भी रखी गई हैं। जिन्हें ना सिर्फ़ एशिया बल्कि यूरोप के देशों से भी लाया गया है। इस म्यूजियम को फिलहाल भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है। यहां कई सारी मूर्तियां ऐसी भी हैं जो 500 से 1000 ईसा पूर्व की हैं। इसी बात से पता चलता है कि यह म्यूजियम कितना विशाल और ज्ञानवर्धक है। अगर आपको भी कभी चेन्नई जाने का मौका मिले तो आप इस म्यूजियम को एक बार विजिट कर सकते हैं। यह आपके लिए टोटली वर्थ इट होगा। 5. द कैलिको म्यूजियम आफ टैक्सटाइल्स अहमदाबाद ( The Calico museum of textiles Ahmedabad) : आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि हमारे भारत में कपड़ों का भी एक म्यूजियम है, जोकि अहमदाबाद में स्थित है। म्यूजियम का नाम द कैलिको म्यूजियम ऑफ टैक्सटाइल्स है, जोकि साराभाई फाउंडेशन के द्वारा चलाया जाता है। यह भारत का सबसे प्रमुख टैक्सटाइल म्यूजियम है। यहां के भारतीय कपड़ों के संग्रह को दुनिया में बेहतरीन और वाइड माना जाता है। यहां आपको कपड़ों के साथ-साथ साराभाई फाउंडेशन के दक्षिण भारतीय कला और जैन कलाओं के लघु चित्रों के संग्रहों के बारे में भी जानने को मिलेगा। इस संग्रहालय की स्थापना गौतम साराभाई और गिरा साराभाई द्वारा किया गया था। उस समय अहमदाबाद कपड़ा उद्योग का केंद्र था। यह संग्रहालय मूल रूप से कपड़ा उद्योग के एक कैलिको मिल्स में लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह संग्रह बढ़ता गया। वर्ष 1983 में शाहीबाग के साराभाई हाउस में इस म्यूजियम को ट्रांसफर कर दिया गया। 6. छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय मुंबई ( Chhatrapati shivaji maharaj Museum Mumbai) :छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय का पुराना नाम प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय है। जो कि मुंबई में स्थित है। इसमें प्राचीन से लेकर आधुनिक भारत तक की यात्रा को बहुत ही आसानी से देखा और समझा जा सकता है। इसकी स्थापना ब्रिटिश शासन के दौरान ही हुई थी। बताया जाता है कि इसे प्रिंस ऑफ वेल्स के भारत यात्रा के याद में बनवाया गया था। यह संग्रहालय गेटवे ऑफ इंडिया के पास ही है और यहां लगभग 50000 से भी ज्यादा कलाकृतियों को सहेज कर रखा गया है। 1998 में इस म्यूजियम का नाम बदलकर मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रख दिया गया था। यहां आपको मुगल, मराठा और जैन शैली की वास्तुकलाओं (architecture) का संग्रह देखने को मिल जायेगा।