Mumbai Local Train Disruption: 80 लोकल ट्रेनें रद्द
मुंबई में सुबह की लोकल ट्रेन छूट जाए, तो कई लोगों का पूरा दिन बिगड़ जाता है। यहां लाखों लोग रोज नौकरी, कॉलेज और दूसरे जरूरी कामों के लिए लोकल ट्रेन से सफर करते हैं। लेकिन 26 अक्टूबर 2026 की सुबह मध्य रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए काफी मुश्किल भरी रही। ठाणे और मुलुंड के बीच ओवरहेड वायर में खराबी आई, वहीं कांजूरमार्ग स्टेशन के सिग्नलिंग रिले रूम में आग लगने से सिग्नल व्यवस्था भी ठप हो गई। देखते ही देखते ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई, स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने लगी और कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस Mumbai Local Train Disruption ने एक बार फिर दिखा दिया कि मुंबई की तेज रफ्तार जिंदगी लोकल ट्रेन पर कितनी निर्भर है। कुछ यात्री ट्रेनों के अंदर फंसे रहे, तो कुछ ने जल्दी पहुंचने के लिए पटरियों पर पैदल चलने का जोखिम उठाया। कई लोगों को ऑटो, बस और मेट्रो का सहारा लेना पड़ा। आखिर एक ही सुबह में ऐसा क्या हुआ, कितनी ट्रेनें रद्द हुईं और यात्रियों के पास दूसरे रास्ते क्या थे? 26 अक्टूबर की सुबह अचानक क्यों रुक गई मुंबई की लोकल? सोमवार की सुबह आमतौर पर मुंबई की लोकल ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। लोग समय पर ऑफिस पहुंचने के लिए घर से निकलते हैं और स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने की जल्दी में रहते हैं। 26 अक्टूबर को भी कुछ ऐसा ही था, लेकिन सुबह करीब साढ़े नौ बजे से मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर परेशानी बढ़ने लगी। ठाणे, मुलुंड, कांजूरमार्ग, भांडुप और विक्रोली के आसपास ट्रेनें देरी से चलने लगीं। कुछ ट्रेनें स्टेशनों के बीच काफी देर तक खड़ी रहीं। यात्रियों को यह समझ नहीं आ रहा था कि ट्रेन कब चलेगी और उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। इस Mumbai Local Train Disruption के कारण कुछ यात्रियों को अपने सामान्य सफर से कहीं ज्यादा समय लगा और कई लोगों की ऑफिस या दूसरी जरूरी मुलाकातें छूट गईं। शुरुआत में यात्रियों को ओवरहेड वायर में खराबी की जानकारी मिली, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद कांजूरमार्ग में सिग्नल व्यवस्था ठप होने की खबर ने परेशानी और बढ़ा दी। दो अलग-अलग जगहों पर हुई इन घटनाओं का असर मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर दूर तक दिखाई दिया। इस घटना की जानकारी 26 अक्टूबर को प्रकाशित खबरों में भी दी गई। ठाणे-मुलुंड के बीच ओवरहेड वायर में क्या खराबी आई? इस Mumbai Local Train Disruption की पहली बड़ी वजह ठाणे और मुलुंड स्टेशन के बीच डाउन स्लो लाइन पर ओवरहेड वायर में आई खराबी थी। रेलवे के मुताबिक, सुबह करीब 9:23 बजे वहां एक बाहरी तार लटकता हुआ मिला, जो ओवरहेड उपकरण के संपर्क में आ गया था। इस वजह से उस हिस्से में ट्रेन चलाने में परेशानी होने लगी। Mumbai Local Train Disruption ओवरहेड वायर लोकल ट्रेन को बिजली पहुंचाने वाली व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसमें कोई बाहरी तार फंस जाए या कोई खराबी आ जाए, तो सुरक्षा के लिए बिजली की आपूर्ति रोकनी पड़ सकती है। रेलवे ने तार हटाने और व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए सुबह करीब 10 बजे इमरजेंसी पावर ब्लॉक लिया। तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर काम किया और करीब 10:48 से 10:50 बजे के बीच इस समस्या को दूर करने के बाद बिजली की आपूर्ति बहाल की गई। हालांकि, इस लाइन पर आई खराबी के कारण पहले से ही ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो चुकी थी। कई ट्रेनें देरी से चल रही थीं और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई थी। कांजूरमार्ग के रिले रूम में आग से सिग्नल कैसे बंद हुए? ओवरहेड वायर की समस्या के बीच ही सुबह करीब 9:30 से 9:33 बजे कांजूरमार्ग स्टेशन के सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम से जुड़े रिले रूम में आग लगने की खबर आई। इस घटना ने Mumbai Local Train Disruption को और गंभीर बना दिया। रेलवे में सिग्नल का काम ट्रेन के ड्राइवर को यह बताना होता है कि आगे बढ़ना सुरक्षित है या नहीं। रिले रूम में मौजूद उपकरण सिग्नल व्यवस्था को चलाने में मदद करते हैं। आग लगने से इस व्यवस्था को नुकसान पहुंचा और कांजूरमार्ग के साथ विक्रोली और भांडुप के बीच ट्रेन चलाने में दिक्कत आने लगी। कई सिग्नल बंद हो गए और कुछ जगहों पर वे पूरी तरह खाली दिखाई देने लगे। रिपोर्टों के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर छह रेल लाइनों तक पहुंचा और करीब 24 सिग्नल प्रभावित हुए। ऐसे में रेलवे के लिए सामान्य तरीके से ट्रेन चलाना संभव नहीं था। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों को खास नियमों के तहत चलाया गया और तकनीकी टीमों ने सिग्नल व्यवस्था ठीक करने का काम शुरू किया। Mumbai Local Train Disruption रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रिले रूम में आग लगने की वजह की जांच की जाएगी। इसलिए आग लगने के पीछे की असली वजह को लेकर जांच पूरी होने तक किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा। ट्रेन के अंदर फंसे यात्री, कुछ लोग पटरियों पर पैदल चलने लगे इस Mumbai Local Train Disruption का सबसे मुश्किल असर उन लोगों पर पड़ा, जिनकी ट्रेन दो स्टेशनों के बीच रुक गई थी। कई यात्रियों को लंबे समय तक डिब्बों में बैठे रहना पड़ा। कुछ रिपोर्टों में यात्रियों के एक घंटे से डेढ़ घंटे तक फंसे रहने की बात सामने आई। मुलुंड के पास एक एसी लोकल में भी यात्रियों को करीब 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। गर्मी, भीड़ और बंद डिब्बों में लंबे समय तक रुकने से लोगों को बेचैनी होने लगी। कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें ट्रेन के रुकने की वजह और आगे की स्थिति के बारे में समय पर साफ जानकारी नहीं मिल रही थी। जब ट्रेन काफी देर तक नहीं चली, तो कुछ लोग नीचे उतरकर रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने लगे। मुलुंड और नाहुर के बीच भी यात्रियों को पटरियों पर चलते देखा गया। लोग किसी तरह नजदीकी स्टेशन तक पहुंचना चाहते थे, ताकि वहां से दूसरी ट्रेन या कोई दूसरा साधन मिल सके। लेकिन रेलवे ट्रैक पर चलना बेहद खतरनाक है। दूसरी लाइन पर ट्रेन आ सकती है और यात्री को उसका अंदाजा भी नहीं हो सकता। इसलिए ट्रेन रुकने पर खुद