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Rajasthan की 10 ऐसी जगहें जो हर Traveller की Bucket List में होनी चाहिए

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जब भी Royal Heritage, विशाल Forts, सुनहरे Desert, रंग-बिरंगी Culture और शानदार Hospitality की बात होती है, तो सबसे पहले Rajasthan का नाम ज़हन में आता है। ये State सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी दास्तानों, लाजवाब Architecture और दिलकश माहौल के लिए भी मशहूर है। यहां हर शहर की अपनी अलग पहचान है। कहीं झीलों का सुकून है, कहीं रेगिस्तान का रोमांच, तो कहीं ऐसे Palace हैं जिन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी Royal Movie के Set पर आ गए हों। अगर आप History Lover हैं, Adventure पसंद करते हैं, Photography का शौक रखते हैं या सिर्फ Family के साथ यादगार Vacation बिताना चाहते हैं, तो Rajasthan हर तरह के Traveller को निराश नहीं करता। आइए जानते हैं Rajasthan की 10 ऐसी शानदार जगहों के बारे में जिन्हें आपको अपनी Travel Bucket List में ज़रूर शामिल करना चाहिए। 1. Jaipur – The Pink City Royal Rajasthan का दिल Rajasthan की राजधानी Jaipur अपनी गुलाबी इमारतों, शानदार Forts और Royal Heritage के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यह शहर पुराने ज़माने की शान और आज की Modern Lifestyle का शानदार मेल है। UNESCO World Heritage City का दर्जा पाने वाला Jaipur हर Traveller को पहली नज़र में अपना दीवाना बना देता है। पूरा Old City गुलाबी रंग की इमारतों से सजा हुआ है। Heritage, Shopping और Street Food का शानदार Combination मिलता है। Photography और Culture Lovers के लिए Perfect Destination है। यहां क्या देखें? Amber Fort Hawa Mahal City Palace Jantar Mantar Nahargarh Fort Johari Bazaar घूमने का सबसे अच्छा समय October से March तक का मौसम सबसे बेहतरीन रहता है। Sunrise और Sunset दोनों समय शहर बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। कैसे पहुंचे? Jaipur International Airport, Railway Station और National Highway से आसानी से पहुंचा जा सकता है। 2. Udaipur – City of Lakes झीलों के बीच बसा Royal City अगर Rajasthan का सबसे Romantic शहर चुनना हो तो Udaipur का नाम सबसे पहले आएगा। यहां की खूबसूरत Lakes, Palace और Sunset Views हर किसी का दिल जीत लेते हैं। Destination Wedding के लिए भी यह शहर दुनिया भर में मशहूर है। इसे East का Venice भी कहा जाता है। यहां की शामें बेहद सुकूनभरी होती हैं। Boat Ride यहां का सबसे खास Experience है। यहां क्या देखें? City Palace Lake Pichola Jag Mandir Fateh Sagar Lake Sajjangarh Palace घूमने का सबसे अच्छा समय October से February तक का मौसम सबसे अच्छा रहता है। कैसे पहुंचे? Maharana Pratap Airport और Udaipur Railway Station शहर को अच्छी तरह जोड़ते हैं। 3. Jaisalmer – The Golden City Golden Desert का जादू Rajasthan का Jaisalmer अपनी Golden Sandstone Buildings और Thar Desert के लिए जाना जाता है। यहां Sunset के समय पूरा शहर सोने जैसा चमकता दिखाई देता है। Desert Safari यहां की सबसे लोकप्रिय Activity है। रात में Desert Camp का Experience यादगार रहता है। Folk Music और Cultural Program सफर को और खास बना देते हैं। यहां क्या देखें? Jaisalmer Fort Sam Sand Dunes Patwon Ki Haveli Gadisar Lake Desert Camp घूमने का सबसे अच्छा समय November से February सबसे बेहतर मौसम माना जाता है। कैसे पहुंचे? Jaisalmer Railway Station और Jodhpur Airport के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। 4. Jodhpur – The Blue City नीले घरों वाला शानदार शहर Jodhpur अपने Blue Houses और विशाल Mehrangarh Fort की वजह से दुनियाभर में मशहूर है। यहां की गलियां, पुराने बाजार और Heritage Buildings एक अलग ही एहसास कराते हैं। Blue City View बेहद Iconic है। History और Culture का शानदार मेल देखने को मिलता है। Street Photography के लिए Best Place है। यहां क्या देखें? Mehrangarh Fort Jaswant Thada Umaid Bhawan Palace Clock Tower Market घूमने का सबसे अच्छा समय October से March तक। कैसे पहुंचे? Jodhpur Airport और Railway Station दोनों उपलब्ध हैं। 5. Mount Abu – Rajasthan का Hill Station Desert State का Cool Surprise बहुत कम लोग जानते हैं कि Rajasthan का इकलौता Hill Station Mount Abu है। यहां की हरियाली, ठंडी हवा और शांत माहौल आपको रेगिस्तान से बिल्कुल अलग दुनिया में ले जाते हैं। Summer Vacation के लिए शानदार जगह। Couples और Families दोनों के लिए Perfect। Nature Lovers को यहां खूब मज़ा आता है। यहां क्या देखें? Nakki Lake Guru Shikhar Dilwara Temples Sunset Point घूमने का सबसे अच्छा समय March से June और September से February। कैसे पहुंचे? Abu Road Railway Station सबसे नज़दीक है। 6. Pushkar Spiritual Vibes और Peaceful माहौल Pushkar अपनी Holy Lake और Brahma Temple के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां Spirituality और Modern Cafe Culture दोनों साथ देखने को मिलते हैं। Pushkar Camel Fair दुनियाभर में प्रसिद्ध है। Foreign Travellers की Favourite Destination है। Sunset के समय Lake का नज़ारा बेहद दिलकश लगता है। यहां क्या देखें? Pushkar Lake Brahma Temple Savitri Temple Pushkar Market घूमने का सबसे अच्छा समय October से March। कैसे पहुंचे? Ajmer Railway Station से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। 7. Bikaner Culture और स्वाद का शानदार संगम Bikaner अपनी Heritage Buildings, Camel Festival और मशहूर Snacks के लिए जाना जाता है। यहां का Local Food हर Food Lover को पसंद आता है। Junagarh Fort यहां का मुख्य आकर्षण है। Camel Safari का अलग ही मज़ा है। Local Bazaar Shopping के लिए बेहतरीन हैं। यहां क्या देखें? Junagarh Fort Karni Mata Temple Lalgarh Palace National Camel Research Centre घूमने का सबसे अच्छा समय November से February। कैसे पहुंचे? Bikaner Railway Station और Airport उपलब्ध हैं। 8. Chittorgarh शौर्य और इतिहास की मिसाल Chittorgarh भारत के सबसे बड़े Fort Complex में से एक है। यहां की दीवारें वीरता, त्याग और सम्मान की अनगिनत कहानियां सुनाती हैं। Maharana Pratap और Rani Padmini से जुड़ा इतिहास। UNESCO World Heritage Site का हिस्सा। History Lovers के लिए Dream Destination। यहां क्या देखें? Chittorgarh Fort Vijay Stambh Kirti Stambh Padmini Palace घूमने का सबसे अच्छा समय October से March। कैसे पहुंचे? Railway Station और Road दोनों से अच्छी Connectivity है। 9. Ranthambore National Park Wildlife Adventure का असली मज़ा अगर आप Rajasthan में Wildlife Experience लेना चाहते हैं तो Ranthambore National Park ज़रूर जाएं। यहां Tiger

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नक्की झील से लेकर सनसेट पॉइंट तक- माउंट आबू का हर कोना कैमरे की नज़र से

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जब भी हमारे जेहन में राजस्‍थान का नाम आता है तो स्वतः ही दूर-दूर तक फैले रेत के धोरे, तेज गर्म हवाएं, कीकर के झाड़, भव्य हवेलियां या गर्वीले इतिहास की विरासत को अपने अंदर संजोए बैठे रजवाड़ों के किले और महल तैरने लगते हैं या फिर राजपूताना शान के प्रतीक अनेक रंगों को अपनी पहचान बनाए यहाँ के शहर लेकिन अलग-अलग रंगों को अपने में संजोए इस राजस्‍थान का एक खूबसूरत रंग ऐसा भी है जिसकी पहचान एक शानदार हिल स्टेशन के तौर पर दुनिया भर में है और वो है माउंट आबू । यह खूबसूरत जगह किसी जमाने में राजस्थान की जबरदस्त गरमी से बदहाल राजघरानों के शाही लोगो का ‘समर-रिज़ॉर्ट’ हुआ करता था। क्योंकि इस शहर के साथ अनेक धार्मिक और सामाजिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं इसलिए भी माउंट आबू धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी अच्छा खासा प्रसिद्ध है। यहां की चटटानों एवं जंगलों में ऋषियों, साधकों की आज भी अनेकों गुफाएं आसानी से देखने को मिल जाती हैं जो प्राचीन भारतीय संस्कृति की याद को तरोताजा कर देती हैं।  बेइंतहा तेजी से भागती-दौड़ती जिन्दगी में सुकून के पलों की तलाश करते आदमी को सच्चे सुख और अदद शान्ति का अहसास कराने में सक्षम है राजस्थान के कश्मीर के रूप में प्रसिद्ध- माउंट आबू। आप यहाँ सड़क मार्ग के अलावा रेल मार्ग से भी यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं। माउन्ट आबू के पास में आबू रोड रेलवे स्टेशन है जो लगभग सभी बड़े शहरों से कनेक्ट है। हवाई मार्ग द्वारा माउंट आबू पहुँचने के लिए आप उदयपुर की उड़ान ले सकते हैं जो माउंट आबू का निकटतम हवाई अड्डा है। उदयपुर हवाई अड्डा इस शहर से लगभग 185 किमी. की दूरी पर स्थित है। आबू रोड से माउंट आबू तक पहुँचने के लिए लगभग 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। नक्की झील चारों और पहाड़ों से घिरी इस झील की ख़ूबसूरती ही यही है कि यहां आने वाले पर्यटक झील में बोटिंग किए बिना वापसी का रूख नहीं करते। झील के पास स्थित बाजार में आपको  गुजराती संस्कृति का ज्यादा बोलबाला दिखाई देगा वजह शायद यही कि यह जगह बिलकुल गुजरात की सीमा से सटी हुई है। आपको यहाँ के खाने में मीठेपन के साथ ही गुजराती टच का अहसास हो जायेगा। इस बाजार में  हस्तकला निर्मित सामग्री जैसे- वस्त्र, चादरें, पर्स, गहने, चप्पलें, खिलौने आदि मिलते हैं। नक्की झील के बारे में हिन्दू पौराणिक मान्यता है कि इसे देवताओं द्वारा राक्षसों से बचाने के लिए अपने नाखूनों से खोदा गया था। पहले इसे नख की झील ही कहा जाता था, बाद में इसका नाम  नक्की झील पड़ गया।   वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज नक्की झील में आपको बोटिंग के अलावा कुछ वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज भी दिखाई देंगी जहाँ आप अपनी पसंद के अनुसार उन एक्टिविटीज का आनंद ले सकते हैं। झील के किनारे पर एक खूबसूरत रेस्तरां बना हुआ है जहाँ आप चाय कॉफी के साथ प्राकृतिक नज़ारों से घिरी झील की ख़ूबसूरती का रसपान कर सकते हैं। यहाँ पैडल और शिकारा बोट दोनों ही उपलब्ध हैं। झील के किनारे भारत माता का भव्य मंदिर भी दिखाई दे रहा था। इस तरह के मंदिर आपको कुछ चुनिंदा जगहों पर ही मिलेंगे। जब आप पार्किंग से झील की तरफ जाते हैं तब रास्ते में आपको घुड़सवारी और ऊंट सवारी  का विकल्प भी मिलता है। आपको आसानी से बच्चे और कुछ न्यू  मैरिड कपल वहां सवारी करते और फोटोग्राफी करते दिख जायेंगे। यह झील नेचर लवर्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहद पॉपुलर जगह है। दिलवाड़ा जैन मंदिर अगर कहें कि दिलवाड़ा जैन मंदिर जैनियों के सबसे  सुंदर तीर्थ स्थलों में से एक है तो बिलकुल भी गलत नहीं होगा। इस मंदिर का निर्माण 11वीं और 13वीं शताब्दी के बीच वास्तुपाल तेजपाल द्वारा किया गया था। यह मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी और कोने-कोने से संगमरमर से सजे होने के लिए प्रसिद्ध है। बहार से देखने पर भले ही यह मंदिर सामान्य दिखाई दे लेकिन जैसे ही आप मंदिर के अंदर प्रवेश करते हैं आप यहाँ की छत, मेहराबों, दीवारों और स्तंभों पर करीने से बनाये गए डिजाइनों को देखकर हैरत में पड़ जायेंगे। क्योंकि इस मन्दिर में फोटो खींचने की मनाही है, इसीलिए मंदिर के बहार बने काउंटर पर अपना कैमरा जमा करवाना पड़ता है। क्योंकि मंदिर के अंदर फोटोग्राफी मना है इसलिए बहुत से लोग इसकी सुंदरता से महरूम हैं। लेकिन फिर भी गूगल करने पर आपको दिलवाड़ा मन्दिर की बहुत सारी फ़ोटोज़ मिल जाएँगी, जिसे देखकर आप इसकी अद्भुत नक्काशी और सुन्दरता का अंदाजा लगा सकते हैं। मूर्तियों पर पॉलिशिंग इतनी चमकदार कि सैकड़ों वर्ष पुरानी भी लगती हैं बिलकुल नई यहाँ की मूर्तियों पर पॉलिशिंग इतनी चमकदार कि सैकड़ों वर्ष पुरानी होने के बाद भी बिलकुल नई-सी लगती है। यहाँ की सभी मूर्तियां संगमरमर की है और उन पर इतनी फाइन कारीगरी की गई है कि ऐसे लगता है जैसे वो पत्थर नहीं मोम हो।  बताते हैं ये मन्दिर बनाने में लगभग 1500 शिल्पकार और 1200 श्रमिकों की कड़ी मेहनत लगी है। अपनी महीन नक्काशी और बनावट के लिए दुनिया भर में फेमस दिलवाड़ा मन्दिर बनने में 14 साल लगे और करीब 18 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।   जैन मंदिर जैन भक्तों के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है और अन्य धर्म के लोगो के लिए यह दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। मौसम के अनुसार समय में बदलाव संभव है। यहाँ जाने से पहले इस बात का जरुर ध्यान रखे कि इस मंदिर में किसी भी पर्यटक और तीर्थ यात्री को मंदिर परिसर में फोटो खींचने की अनुमति नहीं है।  मंदिर के सामने ही पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध एक छोटा सा बाजार है जहाँ आप वुडेन क्राफ्ट और मार्बल से बने प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं। वही उसी बाजार में दिखाई देगी दशकों पुरानी हीराभाई की प्रसिद्ध चाय की दुकान। आप यहाँ बैठ कर मसाला चाय का आनंद जरुर ले सकते हैं. सनसेट पॉइंट सनसेट पॉइंट नक्की झील के पास ही है। यह पॉइंट प्रकृति प्रेमियों और खासकर कपल्स को बेहद पसंद आता है। यहाँ सनसेट का दीदार करने के लिए अलग-अलग पॉइंट्स बनाये गए हैं

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दिल्ली के नजदीक इन जगहों पर जाकर आप कर सकते है अपनी ज़िंदगी के बेहतरीन दिनों को कैप्चर राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) – शिवालिक की पहाड़ियों के बीच बसा यह नेशनल पार्क हरिद्वार में स्थित है। यह अपनी खूबसूरती और शांति के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। इस नेशनल पार्क के अंदर पवित्र नदी गंगा भी अपनी 24 किलोमीटर की यात्रा करती है। यह नेशनल पार्क दिल्ली से लगभग 250 किलोमीटर की दुरी पर है। राजाजी नेशनल पार्क से सबसे निकटतम हवाई अड्डा देहरादून हवाई अड्डा है जो यहां से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है। अगर आप रात को यहां रुकना चाहते है तो 3,4 हजार के बजट में आपको अच्छे होटल मिल जाएंगे। इसमें नदी के किनारे बैठकर सुबह शाम की चाय पीने का और दिन में जंगल सफारी करने का मजा ही अलग है। यह जगह 15 नवंबर से 15 जून तक खुली रहती है। यकीनन आप यहां आकर तनाव से दूर हो जाओगे और एकदम चार्ज होकर ही वापस जाओगे। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park) जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जिसे पहले हैली नेशनल पार्क भी कहा जाता था। यह हमारे देश का सबसे पुराना नेशनल पार्क भी है। यह उत्तराखंड के रामनगर में स्थित है। दिल्ली से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की दूरी करीबन 250 किलोमीटर है। यहां पर आप किसी भी साधन से बड़ी ही आसानी से पहुंच सकते है। यहां पर आपको 2000 से भी ज्यादा रंग बिरंगी तितलियों की प्रजातियां मिल जाएगी। आप यहां किफायती दाम में होटल या रिसोर्ट में भी रुक सकते हैं। यह कॉर्बेट यकीनन प्रकृति के बहुत करीब और शांति प्रिय है। माउन्ट आबू (Mount Abu) – वैसे तो राजस्थान का नाम आते ही रेतीले पहाड़, पुराने किले, और रजवाड़ों की आन बान शान के चित्र सबके मन में घूमते हैं। परन्तु आपको बता दें कि राजस्थान में माउन्ट आबू बहुत ही शानदार और एक मात्र हिल स्टेशन है। यह राजस्थान की मिटटी की ऐसी खुशबु अपने आप में संजोय हुए है जिसकी खुशबु पूरी दुनिया में मशहूर है। यह एक जमाने में गर्मी से निजात पाने के लिए राजा-महाराजाओं के परिवारों का समर रिसोर्ट हुआ करते थे। यह हिल स्टेशन दिल्ली से लगभग 762 किलोमीटर है। यह गुजरात -राजस्थान बॉर्डर पर बसा बहुत ही सुंदर हिल स्टेशन है। नवंबर से फरवरी का महीना माउंट आबू स्टे करने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। इन्ही महीनो में पर्यटक यहां बहुत ज्यादा आते है। टिहरी उत्तराखंड (Tehri Uttrakhand) – टिहरी उत्तराखंड की पहाड़ियों की गर्भ में बसा एक बहुत ही सुंदर शहर है जो प्रकृति को अपने अंदर समेटे हुए है। यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यह एक डूबा हुआ शहर है परन्तु यह करीब दो सौ सालों तक आबाद था। यहां पानी भरने की वजह से इसे टूरिस्ट्स प्लेस घोषित कर दिया। यहां अप्रैल से जून और अक्टूबर से दिसंबर तक पर्यटकों का बोलबाला रहता है। यह टिहरी शहर दिल्ली से लगभग 335 किलोमीटर है। यह आकर आप सच में प्रकृति का भरपूर आनंद ले सकते हैं। तीर्थन वैली (Tirthan Valley) – तीर्थन वैली जो दिल्ली से लगभग 496 किलोमीटर है। यह नेचर लवर्स के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है यहां नदी और पहाड़ों का संगम सच में मन के अंदर के पोसिटिव्ज एनर्जी भर देता है। जिससे देश दुनिया को जाने की इच्छा ओर बढ़ती है। यकींनन यहां जाने के बाद यह जगह आपके बेस्ट प्लेसेस में से एक बन जाएगी। यहां आना मतलब किसी सपने का सच हो जाना। अक्टूबर से अप्रैल तक यह जगह अपने पीक पर होती है। यहां इन दिनों पर्यटकों का तातां लगा रहता है। यहां आपको रहने के लिए कम दाम में अच्छी डील मिल जाएगी।

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Best Places to Visit in Mount Abu

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Mount Abu- राजस्थान का एक मात्र हिल स्टेशन Five Colors of Travel जब भी हमारे जेहन में राजस्‍थान का नाम आता है तो स्वतः ही दूर-दूर तक फैले रेत के धोरे, तेज गर्म हवाएं, कीकर के झाड़, भव्य हवेलियां या गर्वीले इतिहास की विरासत को अपने अंदर संजोए  रजवाड़ों के किले और महल तैरने लगते हैं या फिर राजपूताना शान के प्रतीक अनेक रंगों को अपनी पहचान बनाए यहाँ के शहर लेकिन अलग-अलग रंगों को अपने में संजोए इस राजस्‍थान का एक खूबसूरत रंग ऐसा भी है जिसकी पहचान एक शानदार हिल स्टेशन के तौर पर दुनिया भर में है और वो है माउंट आबू। यह खूबसूरत जगह किसी जमाने में राजस्थान की जबरदस्त गरमी से बदहाल राजघरानों के शाही लोगो का ‘समर-रिज़ॉर्ट’ हुआ करता था। (Mount Abu) धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में क्योंकि इस शहर के साथ अनेक धार्मिक और सामाजिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं इसलिए भी माउंट आबू धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी अच्छा खासा प्रसिद्ध है। यहां की चटटानों एवं जंगलों में ऋषियों, मुनियों और साधकों की आज भी अनेकों गुफाएं आसानी से देखने को मिल जाती हैं जो प्राचीन भारतीय संस्कृति और अध्यात्म की याद को तरोताजा कर देती हैं। बेइंतहा तेजी से भागती-दौड़ती जिन्दगी में सुकून के पलों की तलाश करते आदमी को सच्चे सुख और अदद शान्ति का अहसास कराने में सक्षम है राजस्थान के कश्मीर के रूप में प्रसिद्ध- माउंट आबू। कैसे पहुंचे माउन्ट आबू आप यहाँ सड़क मार्ग के अलावा रेल मार्ग से भी यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं। माउन्ट आबू के पास में आबू रोड रेलवे स्टेशन है जो लगभग सभी बड़े शहरों से कनेक्ट है। हवाई मार्ग द्वारा माउंट आबू पहुँचने के लिए आप उदयपुर की उड़ान ले सकते हैं जो माउंट आबू का निकटतम हवाई अड्डा है। उदयपुर हवाई अड्डा इस शहर से लगभग 185 किमी. की दूरी पर स्थित है। मेरी ये दूसरी माउन्ट आबू यात्रा थी। हम देर रात यहाँ पहुंचे थे, होटल पहले से बुक था। आबू रोड से माउंट आबू तक पहुँचने के लिए लगभग 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। अरावली शृंखला के सर्पीले रास्तों से गुजरते हुए जब आप चढ़ाई चढ़ते हैं तब थोड़ी थकान लाज़िमी है, लेकिन ऐसी यात्रायें रोमांचक भी होती हैं अगर वो दिन में हो। रात का सफर अक्सर थका देता है, सो होटल पहुंचे, डिनर किया और बिस्तर पर लेटते ही कब नींद आ गई पता ही नहीं चला।  अगले दिन सुबह नाश्ता किया और निकल पड़े माउंट आबू की हृदयस्थली नक्की झील की और। माउंट आबू बाजार और गुजराती टच चारों और पहाड़ों से घिरी इस झील की ख़ूबसूरती ही यही है कि यहां आने वाले पर्यटक झील में बोटिंग किए बिना वापसी का रूख नहीं करते। झील के पास स्थित बाजार में आपको  गुजराती संस्कृति का ज्यादा बोलबाला दिखाई देगा वजह शायद यही कि यह जगह बिलकुल गुजरात की सीमा से सटी हुई है। आपको यहाँ के खाने में मीठेपन के साथ ही गुजराती टच का अहसास हो जायेगा। इस बाजार में  हस्तकला निर्मित सामग्री जैसे- वस्त्र, चादरें, पर्स, गहने, चप्पलें, खिलौने आदि मिलते हैं। माउंट आबू का हार्ट – नक्की झील नक्की झील के बारे में हिन्दू पौराणिक मान्यता है कि इसे देवताओं द्वारा राक्षसों से बचाने के लिए अपने नाखूनों से खोदा गया था। पहले इसे नख की झील ही कहा जाता था, बाद में इसका नाम  नक्की झील पड़ गया। नक्की झील में आपको बोटिंग के अलावा कुछ वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज भी दिखाई देंगी जहाँ आप अपनी पसंद के अनुसार उन एक्टिविटीज का आनंद ले सकते हैं। झील के किनारे पर एक खूबसूरत रेस्तरां बना हुआ है जहाँ आप चाय कॉफी के साथ प्राकृतिक नज़ारों से घिरी झील की ख़ूबसूरती का रसपान कर सकते हैं। यहाँ पैडल और शिकारा बोट दोनों ही उपलब्ध हैं। हमने पहले बोटिंग की और फिर इत्मीनान से खाया-पिया। जहाँ हम बैठे कॉफी पी रहे थे वहीं से सामने झील के किनारे भारत माता का भव्य मंदिर भी दिखाई दे रहा था। इस तरह के मंदिर आपको कुछ चुनिंदा जगहों पर ही मिलेंगे। (Mount Abu) जब आप पार्किंग से झील की तरफ जाते हैं तब रास्ते में आपको घुड़सवारी और ऊंट सवारी  का विकल्प भी मिलता है। आपको आसानी से बच्चे और कुछ न्यू  मैरिड कपल वहां सवारी करते और फोटोग्राफी करते दिख जायेंगे। यह झील नेचर लवर्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहद पॉपुलर जगह है। हमने यहाँ फुरसत से अच्छा-खासा समय बिताया। दिलवाड़ा के प्रसिद्ध जैन मंदिर और फिर शेड्यूल के अनुसार निकल पड़े अगले पड़ाव दिलवाड़ा के प्रसिद्ध जैन मंदिर की और। अगर कहें कि दिलवाड़ा जैन मंदिर जैनियों के सबसे सुंदर तीर्थ स्थलों में से एक है तो बिलकुल भी गलत नहीं होगा। इस मंदिर का निर्माण 11वीं और 13वीं शताब्दी के बीच चालुक्य राजाओं वास्तुपाल और तेजपाल द्वारा किया गया था। यह मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी और  संगमरमर से सजे होने के लिए प्रसिद्ध है। बाहर से देखने पर भले ही यह मंदिर सामान्य दिखाई दे लेकिन जैसे ही आप मंदिर के अंदर प्रवेश करते हैं आप यहाँ की छत, मेहराबों, दीवारों और स्तंभों पर करीने से बनाये गए डिजाइनों को देखकर हैरत में पड़ जायेंगे। क्योंकि मंदिर के अंदर फोटोग्राफी मना है इसलिए बहुत से लोग इसकी सुंदरता से महरूम हैं। लेकिन फिर भी गूगल करने पर आपको दिलवाड़ा मन्दिर की बहुत सारी फ़ोटोज़ मिल जाएँगी, जिसे देखकर आप इसकी अद्भुत नक्काशी और सुन्दरता का अंदाजा लगा सकते हैं। यहाँ की मूर्तियों पर पॉलिशिंग इतनी चमकदार है कि सैकड़ों वर्ष पुरानी होने के बाद भी बिलकुल नई-सी लगती है। यहाँ की सभी मूर्तियां संगमरमर की है और उन पर बेहद फाइन कारीगरी की गई है। बताते हैं ये मन्दिर बनाने में लगभग 1500 शिल्पकार और 1200 श्रमिकों की कड़ी मेहनत लगी है। अपनी महीन नक्काशी और बनावट के लिए दुनिया भर में फेमस दिलवाड़ा मन्दिर बनने में 14 साल लगे और करीब 18 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जैन मंदिर जैन भक्तों के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है और अन्य धर्म के लोगो के लिए यह दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक