Monastery Market दिल्ली के बीचों-बीच तिब्बती संस्कृति की झलक
कश्मीरी गेट के पास बसा वो बाजार, जहां शॉपिंग के साथ मिलेगा तिब्बती संस्कृति का अलग अनुभव। दिल्ली में ऐसी जगहों की कमी नहीं है जहां आप कुछ घंटे घूमकर, थोड़ा-बहुत खाकर और शॉपिंग करके वापस आ जाएं। लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां पहुंचते ही आपको लगता है कि आप दिल्ली में होते हुए भी किसी दूसरी दुनिया में आ गए हैं। उत्तर दिल्ली का मोनेस्ट्री मार्केट भी ऐसी ही जगह है। कश्मीरी गेट और सिविल लाइंस के आसपास स्थित यह Market बाहर से देखने पर बिल्कुल सामान्य लग सकता है। आसपास ट्रैफिक, फ्लाइओवर और दिल्ली की रोज वाली भागदौड़ दिखाई देती है, लेकिन जैसे ही आप बाजार के अंदर जाते हैं, माहौल थोड़ा बदल जाता है। रंग-बिरंगी दुकानों, कपड़ों, जूतों, एक्सेसरीज और तिब्बती सामान के बीच आपको एक अलग तरह की वाइब महसूस होती है। यहां खास बात सिर्फ कम कीमत में खरीदारी करना नहीं है। Market के आसपास तिब्बती और बौद्ध संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है। पास ही लद्दाख बौद्ध विहार है, जहां कुछ देर बैठकर आप बाजार की भीड़ से बिल्कुल अलग शांत माहौल महसूस कर सकते हैं। और अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो यहां मोमोज, थुकपा और दूसरे तिब्बती स्वाद भी आपका इंतजार कर रहे होते हैं। यानी एक ही जगह पर शॉपिंग, खाना और थोड़ा सा सुकून—तीनों मिल जाते हैं। मोनेस्ट्री मार्केट आखिर इतना खास क्यों है? मोनेस्ट्री Market किसी बड़े मॉल की तरह चमकदार या व्यवस्थित दुकानों वाला बाजार नहीं है। इसकी खूबसूरती इसकी छोटी-छोटी दुकानों, गलियों और वहां मिलने वाली अलग तरह की चीजों में है। यह बाजार खासतौर पर कॉलेज स्टूडेंट्स, युवाओं और बजट में फैशन शॉपिंग करने वाले लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां आपको जैकेट, स्वेटर, हुडी, टी-शर्ट, शर्ट, जूते, बैग और कई तरह की एक्सेसरीज मिल जाती हैं। सर्दियों में तो यह Market खासतौर पर काफी व्यस्त हो जाता है। जैसे ही दिल्ली में ठंड बढ़ती है, लोग जैकेट, स्वेटर, बूट्स और दूसरे विंटर कपड़े लेने यहां पहुंचने लगते हैं। लेकिन इस जगह को सिर्फ कपड़ों की खरीदारी तक सीमित करना सही नहीं होगा। बाजार के आसपास का माहौल आपको दिल्ली में मौजूद अलग-अलग संस्कृतियों की झलक भी दिखाता है। यही वजह है कि अगर आप दिल्ली को सिर्फ बड़े पर्यटन स्थलों के बजाय उसके छोटे और स्थानीय बाजारों के जरिए देखना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए दिलचस्प हो सकती है। सर्दियों में क्यों बदल जाता है मोनेस्ट्री मार्केट का पूरा माहौल? अगर आप विंटर शॉपिंग के लिए यह Market देखने जा रहे हैं, तो नवंबर से जनवरी या फरवरी तक का समय सबसे ज्यादा हलचल वाला रहता है। दिल्ली की ठंड शुरू होते ही यहां दुकानों के बाहर जैकेट और गर्म कपड़ों की पूरी रेंज दिखाई देने लगती है। पफर जैकेट, हुडी, स्वेटर, मफलर, कैप, थर्मल, बूट्स और कई तरह के कोट यहां मिल सकते हैं। कई दुकानों पर कपड़े ढेर में रखे होते हैं, इसलिए आपको थोड़ा समय निकालकर चीजें देखनी पड़ती हैं। यही इस Market की खासियत भी है। यहां शॉपिंग करते समय आपको थोड़ा घूमना, अलग-अलग दुकानों पर कीमत पूछना और फिर सामान पसंद करना पड़ता है। अगर आपको बाजार में घूमकर चीजें तलाशना पसंद है, तो यह अनुभव आपको अच्छा लगेगा। दिसंबर और जनवरी में दोपहर के समय मौसम भी काफी आरामदायक रहता है। शाम के समय ठंड बढ़ जाती है, लेकिन उसी समय बाजार का माहौल भी ज्यादा रंगीन दिखाई देता है। गर्मियों में यहां क्या मिलेगा? मोनेस्ट्री Market को सिर्फ विंटर शॉपिंग की जगह समझना ठीक नहीं होगा। गर्मियों में भी यहां कपड़ों की काफी वैरायटी मिलती है। मार्च से जून के बीच आप कॉटन टी-शर्ट, शर्ट, हल्की डेनिम, शॉर्ट्स और समर वियर देख सकते हैं। इस दौरान सर्दियों के मुकाबले विंटर कपड़ों वाली भीड़ कम रहती है, इसलिए शॉपिंग थोड़ी आराम से की जा सकती है। अगर आपको भीड़ में शॉपिंग करना पसंद नहीं है, तो गर्मियों में किसी कामकाजी दिन इस Market में जाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आप अलग-अलग दुकानों पर कीमत पूछ सकते हैं और मोल-भाव के लिए भी थोड़ा समय निकाल सकते हैं। हालांकि गर्मियों में दोपहर के समय दिल्ली की गर्मी को देखते हुए सुबह या शाम का समय ज्यादा आरामदायक रहेगा। मोनेस्ट्री मार्केट जाने का सही समय कौन सा है? इस Market की टाइमिंग अलग-अलग स्रोतों में थोड़ी अलग बताई जाती है, इसलिए जाने से पहले मौजूदा दुकान और बाजार की स्थिति जांच लेना अच्छा रहेगा। आमतौर पर दिन के समय से शाम तक यहां दुकानें खुली मिलती हैं। अगर आपका मकसद आराम से घूमना और शॉपिंग करना है, तो सप्ताह के कामकाजी दिनों में जाना बेहतर रहेगा। शनिवार और रविवार को युवाओं और शॉपिंग करने वाले लोगों की भीड़ बढ़ सकती है। सुबह या दोपहर के शुरुआती समय में बाजार अपेक्षाकृत शांत मिल सकता है। वहीं शाम के समय यहां ज्यादा चहल-पहल रहती है और खाने-पीने के लिए भी ज्यादा विकल्प सक्रिय मिलते हैं। अगर पहली बार आ रहे हैं, तो कम से कम दो से तीन घंटे का समय लेकर आएं। क्योंकि इस Market में सिर्फ एक-दो दुकानों को देखकर वापस आने के बजाय अलग-अलग दुकानों में घूमना ज्यादा मजेदार है। मोनेस्ट्री मार्केट तक मेट्रो से कैसे पहुंचें? इस Market तक पहुंचने का सबसे आसान तरीका दिल्ली मेट्रो है। कश्मीरी गेट और सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन इसके आसपास के प्रमुख विकल्प हैं। सिविल लाइंस येलो लाइन पर आता है। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद आगे की दूरी ई-रिक्शा या ऑटो से पूरी की जा सकती है। दूसरा विकल्प कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन है, जो रेड, येलो और वायलेट लाइन से जुड़ा हुआ है। अगर आप दिल्ली के किसी दूसरे हिस्से से आ रहे हैं, तो कश्मीरी गेट पहुंचना काफी आसान हो सकता है। वहां से आगे ई-रिक्शा या पैदल रास्ते का इस्तेमाल किया जा सकता है। मेट्रो से आने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको पार्किंग की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इस Market के आसपास सड़कें व्यस्त रहती हैं और निजी वाहन लेकर आने पर पार्किंग ढूंढने में समय लग सकता है। बस और सड़क से आने वालों के लिए क्या ध्यान रखें? अगर आप बस से