Mawlynnong Village: जानिए क्यों है एशिया का cleanest गांव
क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है, जहां सफाई लोगों के लिए सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा हो? मेघालय का Mawlynnong Village ऐसी ही एक जगह है। साल 2003 में Discover India मैगज़ीन ने इसे एशिया का सबसे साफ गांव कहा था। इतने साल बीत जाने के बाद भी यहां के लोग उसी लगन और जिम्मेदारी के साथ अपने गांव को साफ-सुथरा रखते हैं। लेकिन Mawlynnong सिर्फ अपनी सफाई की वजह से ही खास नहीं है। चारों तरफ फैली हरियाली, शांत माहौल, जगह-जगह रखे बांस के डस्टबिन और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीने का तरीका इस गांव को बाकी जगहों से बिल्कुल अलग पहचान देता है। यहां पहुंचकर ऐसा लगता है जैसे ज़िंदगी थोड़ी धीमी हो गई हो और हर चीज़ अपने सबसे खूबसूरत रूप में दिखाई दे रही हो। अगर आप शिलांग या डावकी घूमने जा रहे हैं, तो अपनी ट्रिप में Mawlynnong Village के लिए थोड़ा वक्त ज़रूर निकालिए। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि यहां कैसे पहुंचें, क्या-क्या देखना चाहिए और एक दिन में इस खूबसूरत गांव को आराम से कैसे घूमा जा सकता है। Mawlynnong Village कैसे पहुंचें? Mawlynnong Village पहुंचने का सबसे आसान तरीका है पहले शिलांग पहुंचना। शिलांग से इस गांव की दूरी लगभग 90 से 100 किलोमीटर है और सड़क के रास्ते यहां पहुंचने में करीब तीन घंटे लगते हैं। अगर आप आराम से घूमना चाहते हैं तो प्राइवेट टैक्सी सबसे अच्छा विकल्प है। आम तौर पर शिलांग से डावकी और Mawlynnong Village का पूरा डे ट्रिप 3,500 से 5,500 रुपये के बीच पड़ जाता है। अगर आपका बजट थोड़ा कम है तो शिलांग के बड़ा बाजार से शेयर्ड सूमो भी मिल जाती है। इसका किराया लगभग 250 से 350 रुपये होता है। सबसे अच्छा प्लान यही माना जाता है कि सुबह जल्दी शिलांग से निकलें, पहले डावकी और उमंगोट नदी देखें और फिर Mawlynnong Village पहुंचें। इससे आपका पूरा दिन शानदार तरीके से इस्तेमाल हो जाता है और एक ही दिन में तीन खूबसूरत जगहें देखने का मौका मिल जाता है। रास्ते में ये दो जगह बिल्कुल मिस मत कीजिए Mawlynnong Village पहुंचने से पहले ही आपको दो ऐसी जगहें देखने को मिलती हैं जिन्हें बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए। सबसे पहले आता है रिवाई लिविंग रूट ब्रिज। यह कोई सीमेंट या लोहे का पुल नहीं है। इसे रबर के पेड़ों की जड़ों को कई सालों तक मोड़कर और जोड़कर बनाया गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पुल जितना पुराना होता जाता है, उतना ही मजबूत बनता जाता है। पुल तक पहुंचने के लिए कुछ सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं, लेकिन रास्ता आसान है और लगभग हर उम्र के लोग यहां आराम से पहुंच सकते हैं। इसके थोड़ी ही दूरी पर बैलेंसिंग रॉक है। यहां एक विशाल चट्टान एक छोटे से पत्थर के ऊपर टिकी हुई है। पहली नजर में देखकर लगता है कि यह कभी भी गिर जाएगी, लेकिन सालों से यह बिल्कुल उसी तरह खड़ी है। यहां कुछ मिनट रुककर फोटो लेना लगभग हर पर्यटक की लिस्ट में शामिल होता है। गांव में क्या-क्या देखें? जैसे ही आप Mawlynnong Village के अंदर कदम रखेंगे, सबसे पहले आपकी नजर यहां की साफ-सुथरी गलियों पर जाएगी। यहां सड़कों पर प्लास्टिक, कचरा या गंदगी का नामोनिशान नहीं दिखाई देता। ऐसा लगता है जैसे पूरा गांव रोज किसी खास मेहमान के आने का इंतजार कर रहा हो। गांव के हर घर के बाहर बांस से बने खूबसूरत डस्टबिन रखे हुए हैं। यहां का कचरा अलग-अलग इकट्ठा किया जाता है और बाद में उससे खाद बनाई जाती है। यही छोटी-छोटी आदतें Mawlynnong Village को दुनिया के सबसे साफ गांवों में शामिल करती हैं। एक और दिलचस्प बात यह है कि इस गांव में शिक्षा का स्तर बहुत अच्छा है। यहां के लोग बेहद विनम्र, शांत और मददगार हैं। अगर आप उनसे बातचीत करें तो वे खुशी-खुशी गांव के बारे में जानकारी भी साझा करते हैं। गांव के बीचों-बीच बना Church of the Epiphany भी जरूर देखिए। करीब सौ साल पुराना यह चर्च बेहद शांत माहौल में बना है। अगर आप कुछ देर यहां बैठ जाएं तो शहर की भागदौड़ और शोरगुल सच में भूल जाएंगे। स्काई वॉक से दिखता है शानदार नजारा Mawlynnong Village का सबसे मशहूर आकर्षण यहां बना स्काई वॉक है। यह पूरी तरह बांस से बना लगभग 80 से 85 फीट ऊंचा टावर है। शुरुआत में ऊपर चढ़ते समय थोड़ा डर जरूर लगता है क्योंकि पूरा रास्ता बांस का बना होता है, लेकिन जैसे ही आप ऊपर पहुंचते हैं, सामने दिखाई देने वाला नजारा सारी थकान भुला देता है। अगर मौसम साफ हो तो यहां से दूर-दूर तक फैले जंगल, पूरा Mawlynnong Village और यहां तक कि बांग्लादेश के मैदान भी साफ दिखाई देते हैं। इसकी एंट्री फीस भी बहुत कम है, इसलिए यहां आने वाला लगभग हर पर्यटक इस जगह तक जरूर जाता है। यहां का लोकल खाना जरूर ट्राई करें Mawlynnong Village में आपको बड़े होटल या फैंसी कैफे नहीं मिलेंगे। यहां ज्यादातर छोटे-छोटे होमस्टे और लोकल खाने की जगहें हैं, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है। अगर आप यहां का असली स्वाद चखना चाहते हैं तो किसी लोकल होमस्टे में खाना जरूर खाएं। यहां की सबसे मशहूर डिश जादोह (Jadoh) है, जो चावल और मांस से बनाई जाती है। इसके अलावा टुंगरिम्बाई (Tungrymbai) और दोहनेइयोंग (Dohneiiong) भी काफी लोकप्रिय हैं। अगर आप शाकाहारी हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। यहां आपको ताजी ऑर्गेनिक सब्जियां, दाल, चावल और घर जैसा स्वाद आसानी से मिल जाएगा। एक जरूरी बात यह भी है कि Mawlynnong Village में ATM नहीं है और कई बार मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर रहता है। इसलिए अपने पास थोड़ा कैश जरूर रखें ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। रविवार को जाने से पहले ये बात जान लीजिए अगर आप Mawlynnong Village घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो एक जरूरी जानकारी पहले ही जान लेना बेहतर होगा। जनवरी 2026 से गांव प्रशासन ने एक खास नियम लागू किया है, जिसके मुताबिक हर रविवार डे-टूरिस्ट्स की एंट्री बंद रहती है। इस फैसले के पीछे वजह यह है कि