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Craft: Delhi Haat में देखें देशभर के कारीगरों की खास कला

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भारत की पहचान सिर्फ उसके बड़े स्मारकों और त्योहारों से नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में आज भी ऐसे कारीगर हैं, जिनके हाथों से निकली छोटी-सी चीज में वर्षों पुरानी कला और परंपरा दिखाई देती है। इन्हीं कारीगरों और उनकी कला को करीब से देखने का मौका दिल्ली में मास्टर क्रिएशन्स–I 2026 के दौरान मिलने वाला है। यह आयोजन 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए में आयोजित किया जाएगा। Craft दिल्ली हाट के आधिकारिक आयोजन कैलेंडर में इस अवधि के लिए मास्टर क्रिएशन्स–I दर्ज है और इसमें राष्ट्रीय मेरिट प्रमाणपत्र प्राप्त कारीगरों तथा राज्य पुरस्कार विजेताओं की भागीदारी का उल्लेख है। अगर आपको हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, हाथ से बनी चीजें और अलग-अलग राज्यों की कारीगरी पसंद है, तो यह आयोजन आपके लिए सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि भारतीय कला को करीब से समझने का मौका भी हो सकता है। मास्टर क्रिएशन्स–I 2026 कब और कहां होगा? आयोजन: मास्टर क्रिएशन्स–I 2026 तारीख: 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 स्थान: दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली दिल्ली हाट में समय-समय पर देश के अलग-अलग हिस्सों के कारीगर और बुनकर अपनी कला लेकर आते हैं। मास्टर क्रिएशन्स जैसे आयोजन का उद्देश्य भी ऐसी पारंपरिक कारीगरी को लोगों के सामने लाना है। Craft आधिकारिक आयोजन कैलेंडर के अनुसार 16 से 31 अक्टूबर का स्लॉट मास्टर क्रिएशन्स–I के लिए रखा गया है। इसलिए अगर आप अक्टूबर में दिल्ली में हैं और सामान्य खरीदारी से कुछ अलग देखना चाहते हैं, तो इस आयोजन को अपनी घूमने की सूची में शामिल कर सकते हैं। यहां आखिर देखने को क्या मिलेगा? इस तरह के आयोजन की खासियत यह होती है कि यहां सिर्फ तैयार सामान नहीं दिखता, बल्कि उसके पीछे छिपी कारीगरी भी समझ में आती है। भारत के अलग-अलग राज्यों में लकड़ी पर नक्काशी, धातु का काम, कपड़े पर कढ़ाई, बुनाई, मिट्टी का काम, पारंपरिक चित्रकारी, सजावटी वस्तुएं और कई दूसरी शिल्प परंपराएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं। मास्टर क्रिएशन्स में आने वाले कारीगर अपने बनाए हुए उत्पादों को लोगों के सामने रखते हैं। इसलिए यहां घूमते हुए आपको एक ही जगह पर अलग-अलग तरह का Craft देखने को मिल सकता है। किसी वस्तु को देखकर पहली नजर में वह सिर्फ सजावट की चीज लग सकती है, लेकिन जब आप उसके पीछे लगी मेहनत के बारे में जानेंगे तो वही वस्तु अलग नजर आने लगेगी। कई पारंपरिक Craft ऐसी हैं जिनमें एक छोटी-सी वस्तु तैयार करने में कई घंटे, कई दिन या उससे भी ज्यादा समय लग जाता है। पुरस्कार विजेता कारीगरों की कला देखने का मौका इस आयोजन की सबसे खास बात इसके प्रतिभागी कारीगर हैं। सरकारी आयोजन कैलेंडर में मास्टर क्रिएशन्स–I के लिए राष्ट्रीय मेरिट प्रमाणपत्र प्राप्त कारीगरों और राज्य पुरस्कार विजेताओं का उल्लेख किया गया है। ऐसे पुरस्कार किसी कारीगर की वर्षों की मेहनत और कारीगरी को पहचान देने का एक माध्यम होते हैं। इसलिए यहां प्रदर्शित होने वाली चीजों को केवल बाजार में बिकने वाला सामान समझना ठीक नहीं होगा। Craft कई बार किसी वस्तु के पीछे कारीगर की पारिवारिक परंपरा होती है। कोई व्यक्ति अपने माता-पिता या दादा-दादी से कला सीखता है और फिर उसी काम को आगे बढ़ाता है। यही वजह है कि इस तरह के आयोजन में Craft को सिर्फ देखने के बजाय उसके पीछे की मेहनत को समझना भी जरूरी है। दिल्ली हाट में क्यों खास रहेगा यह आयोजन? दिल्ली हाट पहले से ही हस्तशिल्प और पारंपरिक भारतीय खान-पान के लिए जाना जाता है। अलग-अलग राज्यों के कारीगर यहां अपनी वस्तुएं लेकर आते रहे हैं। मास्टर क्रिएशन्स के आयोजन के लिए भी दिल्ली हाट का इस्तेमाल पहले किया जाता रहा है। उदाहरण के लिए, 2023 में विकास आयुक्त, हस्तशिल्प कार्यालय के आधिकारिक दस्तावेज में मास्टर क्रिएशन–I का आयोजन 16 से 31 अक्टूबर तक दिल्ली हाट, आईएनए में करने का उल्लेख मिलता है। 2026 के आधिकारिक दिल्ली हाट कैलेंडर में भी 16 से 31 अक्टूबर के बीच मास्टर क्रिएशन्स–I दर्ज है। इसलिए इस बार भी आयोजन के लिए दिल्ली हाट का माहौल काफी उपयुक्त रहेगा। यहां सिर्फ खरीदारी के लिए न जाएं अगर आप इस आयोजन में जा रहे हैं तो एक बात पहले से तय कर लें कि आपको सिर्फ खरीदारी नहीं करनी है। पहले पूरे परिसर में घूमकर चीजों को देखें। अलग-अलग कारीगरों की वस्तुओं को ध्यान से देखें। Craft अगर किसी वस्तु की बनाने की प्रक्रिया या उसकी कला के बारे में जानकारी लेने का मौका मिले, तो जरूर पूछें। किसी कारीगर से यह पूछना कि यह चीज किस सामग्री से बनी है, इसे बनाने में कितना समय लगता है या यह कला किस क्षेत्र से जुड़ी है—आपकी यात्रा को ज्यादा दिलचस्प बना सकता है। ऐसा करने से Craft आपके लिए सिर्फ सजावट की चीज नहीं रहेगा, बल्कि उसके पीछे की परंपरा भी समझ आएगी। घर के लिए कुछ अलग खरीदना चाहते हैं तो यह जगह काम की है त्योहारों का मौसम भी अक्टूबर के आसपास शुरू हो जाता है। इसके कारण इस समय लोग घर की सजावट, उपहार और पारंपरिक चीजों की खरीदारी भी करते हैं। ऐसे में यहां मिलने वाली हस्तनिर्मित वस्तुएं सामान्य बाजार की वस्तुओं से अलग लग सकती हैं। अगर आप घर के लिए कुछ खरीदना चाहते हैं तो पहले यह देखें कि वह वस्तु आपके घर में वास्तव में इस्तेमाल होगी या सिर्फ देखकर अच्छी लग रही है। छोटी सजावटी वस्तुएं, पारंपरिक कलाकृतियां, हस्तनिर्मित कपड़े या दूसरे शिल्प उत्पाद आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन केवल भीड़ देखकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। पहले अलग-अलग दुकानों और कारीगरों की वस्तुएं देखें, फिर अपनी पसंद की चीज चुनें। कारीगर से सीधे खरीदारी का अनुभव अलग होता है हस्तनिर्मित वस्तु खरीदने का एक अलग अनुभव यह भी है कि कई बार आप उस व्यक्ति से सीधे बात कर पाते हैं जिसने वह चीज बनाई है। मशीन से बने एक जैसे कई सामानों की तुलना में हाथ से बनी वस्तुओं में छोटी-छोटी भिन्नताएं दिखाई दे सकती हैं। कहीं रंग थोड़ा अलग हो सकता है, कहीं डिजाइन में मामूली अंतर हो सकता है और कहीं हाथ की कारीगरी की वजह से हर वस्तु दूसरी से थोड़ी अलग हो सकती है। यही चीज Craft को खास बनाती है।