Lodhi Garden: Delhi का Best Picnic Spot
दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी में कभी-कभी मन करता है कि बस थोड़ी देर के लिए शोर-शराबे से दूर चला जाएं। न ट्रैफिक की आवाज हो, न ऑफिस का तनाव और न ही दिनभर की भागदौड़। अगर आप भी ऐसी ही किसी जगह की तलाश में हैं, तो दिल्ली के बीचों-बीच मौजूद Lodhi Garden आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। करीब 90 एकड़ में फैला Lodhi Garden सिर्फ एक पार्क नहीं है। यहां आपको हरी-भरी घास, बड़े-बड़े पेड़, रंग-बिरंगे फूल, पक्षियों की आवाज, तालाब और सैकड़ों साल पुराने ऐतिहासिक स्मारक एक ही जगह देखने को मिलते हैं। यानी अगर आपको प्रकृति भी पसंद है और इतिहास भी, तो Lodhi Garden में दोनों का मजा एक साथ मिल जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यहां घूमने के लिए आपको कोई महंगा टिकट नहीं लेना पड़ता। Lodhi Garden में प्रवेश निःशुल्क है। आप दोस्तों के साथ आएं, परिवार के साथ पिकनिक मनाएं, अकेले टहलें या बस किसी पेड़ के नीचे बैठकर किताब पढ़ें, यह जगह हर तरह के मूड के लिए काम आती है। Lodhi Garden का इतिहास भी है काफी दिलचस्प आज जिस जगह को हम Lodhi Garden के नाम से जानते हैं, उसका रिश्ता दिल्ली के पुराने इतिहास से काफी गहरा है। यह इलाका सैयद और लोधी राजवंश के समय से जुड़ा हुआ है। 15वीं और 16वीं शताब्दी के दौरान यहां कई मकबरे और दूसरी ऐतिहासिक इमारतें बनाई गई थीं। समय बीतता गया और दिल्ली में सत्ता बदलती रही, लेकिन ये पुरानी इमारतें आज भी यहां खड़ी हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान साल 1936 में इस पूरे इलाके को एक पार्क के रूप में विकसित किया गया था। उस समय इसका नाम लेडी विलिंगडन पार्क रखा गया था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर Lodhi Garden कर दिया गया। यही वजह है कि आज यहां घूमते हुए आपको एक तरफ आधुनिक दिल्ली दिखाई देती है और दूसरी तरफ कई सौ साल पुरानी इमारतें। सुबह के समय Lodhi Garden में बड़ी संख्या में लोग टहलने, दौड़ने, योग करने और ध्यान लगाने आते हैं। दिन चढ़ने के साथ यहां परिवार और पिकनिक मनाने वाले लोग दिखाई देने लगते हैं। वहीं शाम को दोस्तों और कपल्स के साथ पार्क का माहौल और भी खुशनुमा हो जाता है। यहां के ऐतिहासिक स्मारक जरूर देखें अगर आपको लगता है कि Lodhi Garden में सिर्फ पेड़-पौधे और घास का मैदान है, तो एक बार यहां आकर देखिए। पार्क के अंदर कई ऐसी ऐतिहासिक इमारतें हैं, जिन्हें देखकर आपको दिल्ली के पुराने दौर की झलक मिल जाएगी। मोहम्मद शाह का मकबरा Lodhi Garden में सबसे खूबसूरत ऐतिहासिक इमारतों में से एक मोहम्मद शाह का मकबरा है। यह सैयद राजवंश के शासक मोहम्मद शाह से जुड़ा हुआ है और अपने अष्टकोणीय आकार के लिए जाना जाता है। इसकी छतरीदार बनावट, गुंबद और आसपास की हरियाली इसे फोटोग्राफी के लिए अच्छा बैकड्रॉप बनाती है। अगर आप पुराने दिल्ली वाले माहौल में तस्वीरें लेना चाहते हैं, तो Lodhi Garden का यह हिस्सा आपकी फोटो सूची में जरूर होना चाहिए। सिकंदर लोधी का मकबरा इसके बाद आप सिकंदर लोधी के मकबरे की तरफ जा सकते हैं। यह मकबरा 1517-18 के आसपास उनके बेटे इब्राहिम लोधी ने बनवाया था। यह एक दीवार से घिरे बगीचे के अंदर स्थित है। यह भारत के शुरुआती गार्डन टॉम्ब के उदाहरणों में से एक माना जाता है। यहां का माहौल बाकी पार्क की तुलना में काफी शांत लगता है। कुछ देर यहां बैठकर आसपास की हरियाली को देखना अपने आप में अच्छा अनुभव है। शीश गुंबद Lodhi Garden के बीचों-बीच मौजूद शीश गुंबद भी देखने लायक है। इसकी बाहरी बनावट और नीली टाइलों से जुड़ी सजावट इसे बाकी स्मारकों से अलग बनाती है। इसके अंदर की नक्काशी और पुरानी वास्तुकला को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय इमारतों को बनाने और सजाने में कितनी मेहनत की जाती थी। शीश गुंबद का नाम इसकी चमकदार टाइलों और सजावट से जुड़ा माना जाता है। हालांकि आज इसकी कई टाइलें पहले की तरह पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, फिर भी यह स्मारक बहुत आकर्षक दिखाई देता है। बड़ा गुंबद और मस्जिद बड़ा गुंबद और उसके साथ बनी मस्जिद भी Lodhi Garden की खास जगहों में शामिल हैं। यह संरचना 15वीं शताब्दी के अंत से जुड़ी मानी जाती है। इसमें बड़ा गुंबद, मस्जिद और आसपास की दूसरी संरचनाएं देखने को मिलती हैं। यहां की दीवारों पर बनी लिखावट और ज्यामितीय डिजाइन इतिहास और वास्तुकला में दिलचस्पी रखने वाले लोगों को काफी पसंद आते हैं। अगर आप तस्वीरें लेना चाहते हैं, तो बड़ा गुंबद और मस्जिद का हिस्सा सुबह और सूर्यास्त से पहले की रोशनी में काफी अच्छा दिखता है। अठपुला ब्रिज अगर आपको फोटो खींचने का शौक है, तो अठपुला ब्रिज को बिल्कुल न छोड़ें। इसे आठ खंभों वाला पुल भी कहा जाता है। यह मुगल दौर की संरचना मानी जाती है और Lodhi Garden के तालाब वाले हिस्से के आसपास स्थित है। सुबह जब पेड़ों के बीच से सूरज की हल्की रोशनी आती है और पुल पर पड़ती है, तो पूरा नजारा काफी खूबसूरत लगता है। Lodhi Garden में शांत माहौल के साथ ऐसी तस्वीरें लेने के लिए यह अच्छी जगह है। Lodhi Garden में सिर्फ इतिहास नहीं, प्रकृति भी है Lodhi Garden की सबसे खास बात यही है कि यहां इतिहास और प्रकृति एक साथ दिखाई देते हैं। चारों तरफ हरी घास, पुराने पेड़, फूलों की क्यारियां और तालाब आपको शहर के बीच होने के बावजूद काफी सुकून देते हैं। अगर आपको पक्षियों को देखना पसंद है, तो Lodhi Garden आपके लिए और भी खास हो सकता है। यहां तोते, बगुले, कोयल, ड्रोंगो और कठफोड़वा जैसे पक्षी दिखाई दे सकते हैं। पेड़ों पर घूमती गिलहरियां और तालाब के आसपास के पक्षी भी पार्क के माहौल को और जीवंत बना देते हैं। सुबह के समय जब लोगों की भीड़ कम होती है, तब पक्षियों की आवाज साफ सुनाई देती है। पार्क में फूलों की क्यारियां, पेड़ों से घिरे रास्ते और खुली घास के मैदान हैं। इसलिए यहां केवल स्मारक देखने के बजाय थोड़ा समय बिना किसी जल्दी के बैठने के लिए भी निकालना चाहिए। National Bonsai Park भी देखिए Lodhi Garden के