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Gorumara National Park-स्तनधारियों की 50 प्रजातियों का घर है गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान

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गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान (Gorumara National Park) पश्चिम बंगाल में एक नेशनल पार्क है जो, जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार सबडिवीज़न में स्थित है। यह नेशनल पार्क पूर्वी हिमालय के उपपर्वतीय तराई बेल्ट में अवस्थित है। गोरुमारा नेशनल पार्क लगभग 80 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1992 में हुई थी। यह पार्क मूर्ति रिवर और रैडक रिवर के फ्लड प्लेन (Flood Plain) पर स्थित है। सर्वप्रथम, जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान को 1949 में वन्यजीव अभ्यारण्य बनाया गया था। इसके पश्चात 31 जनवरी 1992 को इसे एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया था। छपरामारा वाइल्डलाइफ रिजर्व और जलदापाड़ा नेशनल पार्क, गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान के निकट स्थित है। फॉउना (Fauna in Gorumara National Park) गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना (Fauna) निवास करते हैं. यहाँ मैमल्स की 50 प्रजातियां, पक्षियों की 194 प्रजातियां, रेप्टाइल्स की 22 प्रजातियां, टर्टल्स की 7 प्रजातियां और मछलियों की 27 प्रजातियां पाई जाती है। यहाँ पाए जाने वाले जीवों में भारतीय गैंडा (Indian Rhinoceros), गौर (Gaur), तेंदुआ (Leopard), एशियाई हाथी (Asian Elephant), स्लॉथ बियर (Sloth Bear), चीतल (Chital), सांभर हिरण (Sambar Deer), जंगली सूअर (Wild Boar), हॉग डियर (Hog Deer), बार्किंग डियर (Barking Deer), स्पैंगल्ड ड्रोंगो (Spangled Drongo), भारतीय हॉर्नबिल (Indian Hornbill), एशियाई पैराडाइज़ फ्लाईकैचर (Asian Paradise Flycatcher), स्कार्लेट मिनीवेट (Scarlet Minivet), सनबर्ड (Sunbird), वुडपेकर (Woodpecker), पीकॉक (Peacock), तीतर (Pheasant), ब्राह्मणी बत्तख (Brahminy Duck), किंग कोबरा (King Cobra) और भारतीय अजगर (Indian Python) शामिल है। फ्लोरा (Flora in Gorumara National Park) अगर बात की जाए गोरुमारा नेशनल पार्क के फ्लोरा की तो, यहाँ उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय घास के मैदान, झाड़ीदार बायोम के घास के मैदान, निचले गंगा के मैदान, उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय नम चौड़ी पत्ती वाले वन बायोम के नम पर्णपाती वन पाई जाती है। यहाँ पाए जाने वाले वनस्पतियों की प्रजातियों में सागौन (Teak), वर्षा वृक्ष (Rain Tree), बॉम्बैक्स (Bombax) और बांस (Bamboo) शामिल है। बेस्ट टाइम टू विजिट गोरुमारा नेशनल पार्क (Best time to visit Gorumara National Park) यदि आप गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान घूमने जाना चाहते है तो समर और मानसून के समय यहाँ जाना के प्लानिंग से बचे। इसका कारण यह है कि इस अवधि में यहाँ गर्मी और भारी बारिश होती है जो आपके लिए खतरनाक हो सकता है। यदि आप गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान को अच्छी तरह से एक्सप्लोर करना चाहते है तो आप यहाँ ठंड के महीनों (नवंबर से मार्च) में आ सकते है। कैसे पहुंचे गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Gorumara National Park)?

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जलदापाड़ा नेशनल पार्क में पाई जाती है एक सींग वाले गैंडो की दूसरी सबसे बड़ी आबादी

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जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान (Jaldapara National Park) पश्चिम बंगाल में एक नेशनल पार्क है जो, अलीपुरद्वार जिले में स्थित है। यह नेशनल पार्क पूर्वी हिमालय के तलहटी के तराई क्षेत्र में अवस्थित है। जलदापाड़ा नेशनल पार्क लगभग 216 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 2014 में हुई थी। सर्वप्रथम, जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान को 1941 में अभ्यारण्य बनाया गया था। इसके पश्चात मई 2014 में इसे एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया था। चिलपाटा वन (Chilapata Forest) बुक्सा नेशनल पार्क और जलदापाड़ा नेशनल पार्क के बीच एक एलीफैंट कॉरिडोर (Elephant Corridor) का कार्य करती है। असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बाद एक सींग वाले गैंडे सबसे ज्यादा जलदापाड़ा नेशनल पार्क में ही पाए जाते है। तोर्षा नदी जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान में बहती है। फॉउना (Fauna in Jaldapara National Park) जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना (Fauna) निवास करते हैं जिनमें एक सींग वाला गैंडा (One-horned Rhinoceros), रॉयल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger), भारतीय तेंदुआ (Indian Leopard), भारतीय हाथी (Indian Elephant), चीतल (Chital), बार्किंग डियर (Barking Deer), सांभर (Sambar), गौर (Gaur), हॉग डियर (Hog Deer), जंगली सूअर (Wild Boar), बंगाल फ्लोरिकन पलास फिश ईगल (Bengal Florican Pallas Fish Eagle), क्रेस्टेड ईगल (Crested Eagle), शिकरा (Shikra), फिन्स वीवर (Finn’s Weaver), जंगल फाउल (Jungle Fowl), मोर (Peacock) लैसर पीएड हॉर्नबिल (Lesser Pied Hornbill), मॉनिटर छिपकली (Monitor Lizard), करैत (Krait), पाइथन (Python), कोबरा (Cobra) और गेको (Gecko) शामिल है। फ्लोरा (Flora in Jaldapara National Park) अगर बात की जाए जलदापाड़ा नेशनल पार्क के फ्लोरा की तो, 2016-2018 की रिपोर्ट के अनुसार, यहां पेड़ों की 294 प्रजातियां जो 4 जिम्नोस्पर्म सहित, 189 जेनेरा और 63 फैमिलीज़ से सम्बंधित है जलदापाड़ा नेशनल पार्क में पाई जाती है। यहाँ पाए जाने वाले घासों की प्रजातियों में थीमेडा अरुंडिनेशिया (Themeda arundinacea), फ्राग्माइट्स कार्का (Phragmites karka), इम्पेराटा साइक्लिडेरिका (Imperata cylindrica), सिंबोपोगोन एसपीपी (Cymbopogon spp.), थाइसैनोलाएना मैक्सिमा (Thysanolaena maxima), टी. विलोसा (Thapsia villosa), अरुंडो डोनैक्स (Arundo donax) और सेटेरिया पाल्मिफोलिया (Setaria palmifolia) शामिल है। इन्ही ग्रासलैंड के बीच-बीच में सिस्सू (Sissu), खैर (Khair), सिमुल (Simul), सिरिस (Siris) आदि जैसे पेड़ हैं। बेस्ट टाइम टू विजिट जलदापाड़ा नेशनल पार्क (Best time to visit Jaldapara National Park) यदि आप जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान घूमने जाना चाहते है तो मानसून के समय यहाँ जाना के प्लानिंग से बचे। इसका कारण यह है कि इस अवधि में यहाँ भारी बारिश होती है जो आपके लिए खतरनाक हो सकता है। यदि आप जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान को अच्छी तरह से एक्सप्लोर करना चाहते है तो आप यहाँ ठंड के महीनों (नवंबर से मार्च) में आ सकते है। कैसे पहुंचे जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Jaldapara National Park)?

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Durga Puja: जानिए क्यों खास है कोलकाता की दुर्गा पूजा?

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जब भी दुर्गा पूजा का जिक्र होता है, हमारे जहन में पश्चिम बंगाल और कोलकाता का नाम जरूर आता है। सबसे प्रमुख पर्व होने के नाते पश्चिम बंगाल का दशहरा पूरे दुनिया में मशहूर है। दूर-दूर से लोग दुर्गा पूजा के समय यहां घूमने आते हैं। अगर पश्चिम बंगाल की संस्कृति को एक्सप्लोर करना हो तो इसके लिए सबसे बेस्ट तरीका होता है दुर्गा पूजा के समय कोलकाता जाना। कहते हैं हर एक चीज की प्रसिद्धि के पीछे का कोई ना कोई कारण जरूर होता है और कोलकाता के दुर्गा पूजा की प्रसिद्धि का कारण हैं वहां लगने वाले खूबसूरत और भव्य पंडाल। जिनकी खूबसूरती देखते हीं बनती है।(Durga Puja) अगर आप भी दशहरे के समय कहीं घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कोलकाता से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। यहां की रंग बिरंगी लाइटों से सजी हुई सड़कें और बड़े-बड़े भव्य पंडाल देखकर आप यहाँ की चकाचौंध में खो कर रह जाएंगे। दुर्गा पूजा कार्निवल (Durga Puja Immersion Carnival) कोलकाता में हर वर्ष दुर्गा पूजा के समय कार्निवल फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। इस कार्निवल फेस्टिवल की शुरुआत 2016 में की गई थी। कोरोना के समय वर्ष 2020 और 2021 में इस कार्निवल का आयोजन नहीं किया गया, लेकिन 2022 से फिर से इसका आयोजन शुरू कर दिया गया। यह कार्निवल पर्यटकों में दुर्गा पूजा के रोमांच को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। क्यों है खास कोलकाता का दशहरा? (What’s special about Durga puja of Kolkata?) फिजाओं में घुल जाती है स्पिरिचुअलिटी (Spirituality is in the air) अगर कोलकाता के दुर्गा पूजा की थीम से हटकर बात की जाए तो यहां के फिजाओं में फैली धूप की सुगंध, ढाक की लयबद्ध थाप और बंगाली रीति रिवाज से किए जा रहे सारे अनुष्ठानों को देखकर आपके अंदर अपने आप स्पिरिचुअलिटी को लेकर विश्वास और बढ़ता जाएगा। आप भी यहीं के रंग में रंग कर पूरी श्रद्धा से देवी मां की आराधना में लीन हो जाएंगे। कोलकाता आने का सबसे सही समय (Best time to visit Kolkata) कोलकाता आने की अगर प्लानिंग कर रहे हैं तो कोलकाता आने के लिए सबसे सही समय दुर्गा पूजा का ही होता है। क्योंकि इस समय आप दुर्गा पूजा को तो एक्सप्लोर कर हीं सकते हैं साथ हीं आप कोलकाता के लोकल विजिटिंग प्लेसेस को भी कवर कर सकते हैं। कैसे पहुंचे कोलकाता? (How to visit Kolkata? ) कोलकाता देश के बाकी राज्यों और सभी प्रमुख शहरों से काफी अच्छे तरीके से रेल मार्ग द्वारा कनेक्टेड है। अगर आप कोलकाता आना चाह रहे हैं तो आप रेल मार्ग का उपयोग करके यहां आ सकते हैं। इसके अलावा आप हवाई मार्ग और सड़क मार्ग का उपयोग करके भी कोलकाता पहुंच सकते हैं। हवाई मार्ग से कोलकाता पहुंचने के लिए आपको कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की फ्लाइट लेनी होगी।

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These are 12 Best Visiting places of Kolkata

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कोलकाता- भारत का एक ऐसा शहर, जिसे अंग्रेजी शासन काल में भारत की राजधानी होने का भी गौरव प्राप्त हुआ था। यह शहर आज के समय में भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर है। हुगली नदी के तट पर बसा हुआ यह शहर भारत के इतिहास में बहुत हीं महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस शहर की जनता ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। स्वतंत्रता संग्राम के समय प्रकाशित होने वाली कई पत्र पत्रिकाएं भी इसे प्रकाशित होती थीं। आज के समय में भी यह शहर भारत के सबसे महत्वपूर्ण शहरों की सूची में शामिल है।ब्रिटिश शासनकाल की राजधानी होने के कारण इस शहर में कई सारी औपनिवेशिक इमारतें भी हैं। जो इस शहर के गौरवशाली इतिहास की गवाही देते हैं। इस ब्लॉग में हम आपको उन्हीं बेहतरीन ऐतिहासिक इमारतों और कुछ ऐसे विजिटिंग प्लेसेस के बारे में बताने वाले हैं जो इस शहर की शान और शौकत में चार चांद लगाने का काम करते हैं। 1. हावड़ा ब्रिज (Howrah Bridge) :जब भी कोलकाता शहर के नाम का जिक्र होता है, सबसे पहले जो ख्याल हमारे दिमाग में आता है वह इस स्थान का होता है। ब्रिटिश काल में हुगली नदी पर बनाया गया यह ब्रिज कोलकाता के गेटवे (Gateway of Kolkata) के जैसा है। इस पुल का निर्माण 1940 में हुआ था और 1965 में रविंद्र नाथ टैगोर (Rabindra nath tagore) के सम्मान में इसका नाम रवींद्र सेतु (Ravinjdra setu) कर दिया गया। आपको यह जानकर हैरानी होगी की प्रतिदिन लगभग एक लाख वाहन और हजारों लोग इस फुल को पार करते हैं।हावड़ा ब्रिज घूमने का सबसे सही समय रात का होता है। क्योंकि जब रात में यहां के लाइट्स ऑन (Lights On) होते हैं तो इस पुल की खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। अगर आप भी कोलकाता घूमने गए हैं तो आपको इस जगह पर जरूर घूमने जाना चाहिए। 2. विक्टोरिया मेमोरियल (Victoria Memorial) : ब्रिटिश शासन काल में बनवाया गया यह इमारत अंग्रेजी स्थापत्य कला (English Architecture) का एक बेहतरीन नमूना है। इस इमारत में अंग्रेजी स्थापत्य कला के अलावा मुगल (Mughal), मिश्र (Mishra) और फारसी (Farsi) सहित अन्य शैली की वास्तुकलाओं (Architectures) की झलक भी देखने को मिलती हैं। विक्टोरिया मेमोरियल शहर के बीचोबीच स्थित है औरऔर इसे महारानी विक्टोरिया के सम्मान में बनवाया गया था। विक्टोरिया मेमोरियल का आर्किटेक्चर भी काफी खूबसूरत है। सफेद संगमरमर से बने हुए इस इमारत का निर्माण 1906-1921 के बीच करवाया गया था। यह स्मारक एक बेहतरीन संग्रहालय (Musuem) है। 3. साइंस सिटी (Science City) :अगर आपकी भी रुचि विज्ञान और अनुसंधान (Science and research) के क्षेत्र में है तो यह जगह आपके लिए कोलकाता का सबसे बेस्ट विजिटिंग प्लेस (Best visiting place) होगा। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ विज्ञान के क्षेत्र में इंटरेस्ट (Interest) रखने वाले लोगों कोई पसंद आता है। अगर आपकी रूचि विज्ञान में थोड़ी कम है, फिर भी आप इस जगह को काफी अच्छे से इंजॉय (Enjoy) कर सकते हैं। यह कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। जिसमें स्पेस थिएटर (Space Theater), नेचुरल साइंस पार्क (Natural Science Park), 3D परफॉर्मेंस (3D Performance), टाइम मशीन (Time Machine), डायनासोर कंपलेक्स (Dinosaur Complex), इवोल्यूशन थीम पार्क (Evolution Theme Park) जैसे एडवेंचर (Adventure) से भरे वैज्ञानिक उपकरणों (scientific instruments) का आप मजा ले सकते हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक संग्रहालयों (scientific museums) में से एक है। इसकी खासियत यह है कि यह मनोरंजन (Entertainment) के साथ लोगों को विज्ञान की जानकारी देता है। कोलकाता साइंस सेंटर का इनॉग्रेशन (inauguration) 1997 में हुआ था। यहां आप कई तरह की वैज्ञानिक घटनाओं को देख और समझ सकते हैं। 4. सेंट पॉल कैथेड्रल (St Paul’s Cathedral) :कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध जगहों की सूची में सेंट पॉल कैथेड्रल का भी नाम आता है। जिन लोगों को इतिहास में रूचि होती है तथा ऐतिहासिक वास्तुकला और स्थापत्य शैली (Historical architecture and architectural styles) के बारे में जानने की इच्छा होती है, उन लोगों के लिए यह जगह सबसे परफेक्ट (Perfect) होता है। इसके अलावा क्रिसमस (Chirstmas) के समय में भी यहां पर्यटकों (Tourists) की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है। क्योंकि जब क्रिसमस के लिए इस जगह को सजाया जाता है तो मोमबत्ती और लाइट के वजह से यह जगह और भी ज्यादा खूबसूरत दिखने लगता है। सेंट पॉल कैथेड्रल काफी भव्य इमारत है। जिसके चारों ओर बगीचा है। क्रिसमस के रात यहां पर्यटकों की काफी ज्यादा मात्रा में भीड़ उमड़ती है। 5. विश्व बांग्ला गेट (Vishwa Bangla Gate) : विश्व बांग्ला गेट एक प्रकार का स्वागत द्वार (welcome gate) है, जो कि कोलकाता में आपका स्वागत करता है। आज के समय में यह सिर्फ एक स्वागत द्वार के तौर पर नहीं बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। इसके टॉप पर एक रेस्टोरेंट (Restaurant) भी है, जहां आप खाने के साथ-साथ पार्टी भी कर सकते हैं। यहां जाने के लिए आपको पहले से हीं टिकट बुक करवाना पड़ेगा। जिसकी प्राइस (Price) भारतीय लोगों के लिए ₹100 है। 6. प्रिंसेप घाट (Prinsep Ghat) :वोटिंग (Boating) को पसंद करने वाले लोगों के लिए कोलकाता का प्रिंसेप घाट एक बेहतरीन विजिटिंग प्लेस है। जहां नदी के किनारे चलते हुए नेचर (Nature) की खूबसूरती का मजा लिया जा सकता है। प्रिंसेप घाट को 1843 में ब्रिटिश शासन काल के दौरान ही बनवाया गया था। हुगली नदी का यह घाट जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) को समर्पित है, जो अंग्रेजी विद्वान थे। प्रिंसेप घाट पर लोग सुबह शाम को वॉकिंग (Walking) के लिए जाना पसंद करते हैं। यहां आप सुबह और शाम के समय सनराइज और सनसेट (Sunrise and Sunset) की खूबसूरती को बहुत ही अच्छे तरीके से महसूस कर सकते हैं। 7. न्यू मार्केट (New Market) : अगर आपको भी शॉपिंग (Shopping) पसंद है तो कोलकाता का न्यू मार्केट आपको बहुत ही पसंद आने वाला है। यह जगह कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध मार्केटों में से एक है। जिसे 1874 में अंग्रेजों ने स्थापित किया था। यह मार्केट लिंडसे स्ट्रीट चौरंगी रोड (Lindsay Street Chowringhee Road) पर स्थित है। अगर आप भी कभी कोलकाता जाए तो आप इस मार्केट को विजिट कर सकते हैं। 8. फ्लोटिंग मार्केट (Floating Market) : कहते