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Delhi में 26 sept, से Gem Fair, यहां दिखेगी Unique Jewellery

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दिल्ली में सितंबर का आखिरी हफ्ता उन लोगों के लिए खास होने वाला है, जिन्हें गहनों की चमक के पीछे छिपी कारीगरी, डिजाइन और पूरी दुनिया को करीब से देखना पसंद है। Delhi Jewellery & Gem Fair 2026 इस बार भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहा है, जहां देशभर से Jewellery कारोबार से जुड़े निर्माता, ब्रांड, थोक विक्रेता और खरीदार एक जगह जुटेंगे। यह सिर्फ गहने देखने का आयोजन नहीं है। यहां सोना, चांदी, हीरा और रत्नों के साथ-साथ ब्राइडल Jewellery, पोल्की, पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन, Jewellery बनाने वाली मशीनें, उपकरण, पैकेजिंग और तकनीक से जुड़ी चीजें भी देखने को मिलेंगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह मुख्य रूप से व्यापारिक यानी B2B आयोजन है। एक जरूरी बात: आपके दिए विवरण में तारीख 25–27 सितंबर लिखी है, लेकिन DJGF की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 2026 का आयोजन 26 से 28 सितंबर 2026 तक होगा। इसलिए आगे की जानकारी में आधिकारिक तारीख को ही आधार बनाया गया है। Delhi Jewellery & Gem Fair 2026 कब और कहां होगा? DJGF 2026 का आयोजन 26 से 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। स्थान है भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली। आयोजन हॉल 1, 2, 3, 4 और 5 में होगा। आयोजन के समय में तीनों दिनों थोड़ा अंतर रहेगा। 26 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक, 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक और 28 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजन चलेगा। आयोजक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोजन भारत मंडपम के पांच हॉल में होगा। इसलिए अगर आप आखिरी दिन जाने का सोच रहे हैं, तो यह ध्यान रखें कि 28 सितंबर को आयोजन बाकी दो दिनों की तुलना में थोड़ा पहले समाप्त हो जाएगा। DJGF आखिर है क्या? नाम से ही साफ है कि यह दिल्ली में होने वाला Jewellery और रत्नों से जुड़ा बड़ा व्यापारिक आयोजन है। लेकिन इसे सामान्य Jewellery मेले की तरह समझना सही नहीं होगा। यह मुख्य रूप से उद्योग से जुड़े लोगों के लिए बनाया गया मंच है, जहां निर्माता, थोक विक्रेता, खुदरा कारोबारी, ब्रांड, रत्न कारोबारी, मशीनरी से जुड़ी कंपनियां और दूसरे पेशेवर एक-दूसरे से मिलते हैं। आयोजक के अनुसार DJGF 2026 में 600 से अधिक प्रदर्शक और 1,200 से अधिक ब्रांड शामिल होने की जानकारी दी गई है। आयोजन में सोना, चांदी, हीरा, रत्न, पोल्की, पारंपरिक और आधुनिक ज्वेलरी के साथ मशीनरी और तकनीक की श्रेणियां भी शामिल हैं। यानी अगर आप Jewellery को सिर्फ पहनने की चीज के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े उद्योग के रूप में देखना चाहते हैं, तो यहां काफी कुछ समझने को मिलेगा। इस बार DJGF में क्या-क्या देखने को मिलेगा? DJGF की सबसे खास बात इसकी विविधता है। एक ही जगह पर आपको अलग-अलग तरह की Jewellery और उससे जुड़ी सेवाएं देखने को मिलेंगी। आयोजक की आधिकारिक जानकारी और प्रदर्शक सूची में मुख्य रूप से ये श्रेणियां दिखाई देती हैं—सोने की ज्वेलरी, चांदी की ज्वेलरी, हीरे की ज्वेलरी, ढीले हीरे, रंगीन रत्न, मोती, पोल्की, पारंपरिक ज्वेलरी, आधुनिक ज्वेलरी, ब्राइडल ज्वेलरी, मशीनरी, ज्वेलरी बनाने के उपकरण, पैकेजिंग, दुकान और प्रदर्शन से जुड़ी सेवाएं और तकनीकी समाधान। मौजूदा प्रदर्शक सूची में अलग-अलग कंपनियां सोने, चांदी, डायमंड, सिल्वर Jewellery, मशीनरी और उपकरण जैसी श्रेणियों में दर्ज हैं। इसलिए यहां घूमते समय सिर्फ चमकते गहनों पर नजर टिकाने के बजाय यह भी देखिए कि उनके पीछे कौन-सी तकनीक और कारीगरी काम करती है। सोने की Jewellery से लेकर चांदी के डिजाइन तक भारत में Jewellery की खरीदारी का रिश्ता सिर्फ फैशन से नहीं है। शादी हो, त्योहार हो, पारिवारिक कार्यक्रम हो या कोई खास मौका—सोने और चांदी की ज्वेलरी का अपना अलग महत्व है। DJGF में सोने और चांदी से जुड़े कई प्रदर्शक शामिल हैं। आधिकारिक प्रदर्शक सूची में सोने की Jewellery, चांदी की ज्वेलरी और सोना-चांदी-हीरे से जुड़े कई कारोबार दर्ज हैं। यहां आपको पारंपरिक डिजाइन भी देखने को मिल सकते हैं और ऐसे डिजाइन भी जो आज के ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। अगर आप Jewellery डिजाइन में रुचि रखते हैं तो अलग-अलग स्टॉल पर डिजाइन का अंतर ध्यान से देखना अपने आप में एक अच्छा अनुभव हो सकता है। हीरे और रत्नों की दुनिया भी देखने को मिलेगी ज्वेलरी की दुनिया सिर्फ सोने और चांदी तक सीमित नहीं है। हीरे और रंगीन रत्नों का अपना अलग बाजार है और DJGF में इससे जुड़े प्रदर्शक भी शामिल हैं। आधिकारिक प्रदर्शक सूची में डायमंड Jewellery, ढीले हीरे, गोल्ड-डायमंड ज्वेलरी और दूसरे रत्नों से जुड़े कारोबार दिखाई देते हैं। अगर आपको रत्नों में रुचि है तो यहां किसी रत्न को सिर्फ देखकर उसकी चमक या रंग के आधार पर फैसला न करें। उसके बारे में जानकारी लें। पूछें कि वह किस तरह का रत्न है, ज्वेलरी में उसका इस्तेमाल कैसे होता है और उसे संभालने के लिए किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है। इस तरह एक्सपो देखना सिर्फ खरीदारी से कहीं ज्यादा जानकारी वाला अनुभव बन सकता है। ब्राइडल Jewellery के लिए भी खास रहेगा आयोजन भारत में शादी का मौसम शुरू होने से पहले Jewellery बाजार में काफी हलचल रहती है। इसी वजह से DJGF का आयोजन भी ऐसे समय में हो रहा है जब कारोबारी आने वाले शादी और त्योहारों के मौसम के लिए नई कलेक्शन देखने में रुचि रखते हैं। आयोजक DJGF को नए उत्सवी और शादी के मौसम के कलेक्शन की सोर्सिंग के लिए व्यापारिक मंच के रूप में पेश कर रहा है। ब्राइडल Jewellery में पारंपरिक हार, झुमके, चूड़ियां, मांगटीका और दूसरी Jewellery के साथ आधुनिक डिजाइन भी देखने को मिल सकते हैं। अगर आप ज्वेलरी कारोबार से जुड़े हैं तो यहां अलग-अलग डिजाइन को एक साथ देखकर बाजार में चल रहे रुझानों को समझने का मौका मिल सकता है। पारंपरिक और आधुनिक Jewellery एक ही जगह आज Jewellery खरीदने वालों की पसंद काफी बदल रही है। कुछ लोग पारंपरिक डिजाइन पसंद करते हैं, तो कुछ लोग हल्की और रोजमर्रा में पहनी जा सकने वाली ज्वेलरी पसंद करते हैं। इसी तरह कुछ लोग शादी या बड़े समारोह के लिए भारी ज्वेलरी तलाशते हैं, जबकि कुछ लोगों को छोटे और सादे डिजाइन पसंद आते हैं। DJGF

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Dariba Kalan in Chandni Chowk

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Dariba Kalan : चाँदनी चौक के मशहूर दरीबा कलां और किनारी बाज़ार Five Colors of Travel देश भर में प्रसिद्ध चाँदनी चौक में जान डालते हैं वहाँ के कई छोटे-बड़े बाज़ार। हर एक मील पर एक नया बाज़ार शुरू हो जाता है और बाज़ार भी कुछ ऐसे जहाँ हर नुक्कड़ और चौराहे पर कुछ अलग व उम्दा दिखना बड़ी बात नहीं। चाँदनी चौक के ऐतिहासिक और बेहद पुराने बाजारों की सूची में शुमार दरीबा कलां और किनारी बाज़ार की भी अपनी अलग खासियत है। यही कारण है कि वहाँ बने बाज़ार पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी पहचान बनाये हुए हैं।( Dariba Kalan, Chandni Chowk) दरीबा कलां ज्वेलरी हब दरीबा कलां केवल एक बाज़ार तक सीमित न होकर ज्वेलरी की एक पूरी अलग दुनिया है। जहाँ हीरे जवाहरात, सोना, चांदी, सिल्वर, एथनिक और वेस्टर्न हर तरह का ज्वेलरी पीस आसानी से उपलब्ध हो जाता है। 17वीं शताब्दी से चल रही ये मार्किट लाल किले से सिर्फ 5 मिनट की दूरी पर स्थित है। लगभग 2 किलोमीटर लम्बी सड़क पर बनी इस मार्किट में घुसते ही आपके चारों ओर अगर कुछ है तो वह है सोना, चांदी और ज्वेलरी के उम्दा डिज़ाइन। मार्किट की शुरुवात होती है प्रसिद्ध जलेबी वाले की दुकान से जो न जाने कितने सालों से अपनी जलेबी की मिठास से चाँदनी चौक में मिठास घोल रहा है। आगे बढ़ते ही आपको खुद-ब-खुद महसूस हो जाएगा की चाँदनी चौक नाम में चाँदनी शब्द दरीबा कलां से ही लिया गया है। क्योंकि यहां के अधिकतर दुकानदार चाँदी के गहनों के अलावा चाँदी के बर्तन और चाँदी की बनी देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भी सैंकड़ों सालों से बेचते आ रहे हैं। पीढ़ियों से चल रहे इस बाज़ार में आपको हर प्रकार की ज्वेलरी के उम्दा डिज़ाइन आसानी से मिल जाएंगे, जिनकी कला और खूबसूरती देख आप असमंजस में पड़ जाएंगे की क्या ले और क्या नहीं। सदियों पुराना शाही बाजार बता दें दरीबा कलां बाज़ार की स्थापना का श्रेय मुगल बादशाह शाहजहाँ को जाता है। माना जाता है कि बाज़ार में बादशाह, उनके परिवार और शाही लोग खरीदारी करने आते थे, खासकर महलों की बेगमों के लिए भी बाजार में गहनों की दुकानें खोली गई। तब से लेकर आज तक यह महिलाओं का पसंदीदा बाजार है। चाँदी के बर्तन बताते हैं यह बाजार कई बार लूटा गया लेकिन हर बार फिर से स्थापित हो गया। आज इस बाज़ार में मीरीमल सुल्तान सिंह जैन, धन्नूमल जगाधर मल, लिली डीयाना, भगवान दास खन्ना, श्रीराम हरि राम, राम स्वरूप जैन, राधे कृष्ण, रत्न चंद जैसे अनेक पुराने जौहरियों के वंशजों के अलावा बहुत से नए जौहरी भी अपना कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा बाज़ार में आपको नेपाली, तिब्बती ज्वेलरी भी आसानी से मिल जाएगी। आपको बता दें बाज़ार में रोज़ाना करोड़ो का कारोबार होता है और त्यौहारों के दिनों में डिमांड दुगनी हो जाती है। कीमत के लिहाज से भी दरीबा कलां परफेक्ट है। किनारी बाज़ार चांदनी चौक के सबसे मशहूर बाज़ारों में से एक किनारी बाज़ार दरीबा कलां के बिलकुल पास में स्थित है। बाज़ार की शुरुवात होती है प्रेम चंद गोटे वाले चौक से। जहाँ लोग शादी से लेकर, दुकानों और घरों का सामान भी खरीदते हैं। इस बाज़ार में फैंसी गोटा पट्टी, लेस, शादी की पगड़ियाँ, शगुन के लिफाफे, शगुन के थाल, ज्वेलरी बॉक्स और न जाने कितने प्रकार की आइटम मिलते हैं। आपको बता दें वैसे तो किनारी बाज़ार में थोक में सामान ज्यादा बिकता है लेकिन कुछ दुकानदार रिटेल में भी अपना सामान बेचते हैं। यहाँ पर बिकने वाला सामान आपको बेहद किफायती दामों में मिल जाता है। बात चाहे शादी में प्रयोग होने वाले सजावट के सामान की हो या अन्य वस्त्रों की किनारी बाज़ार में आपको सब मिलेगा। किनारी बाज़ार का नाम सूट और साड़ी के नीचे लगने वाली किनारी के नाम पर ही रखा गया है। यहाँ आपको हर तरह की किनारी, गोटा और लटकन मिल जाएगी। ये बाजार भले ही संकरी गलियों में बने हुए हैं, भले ही यहाँ की दुकानें छोटी-छोटी हैं लेकिन दुकानें छोटी होने के बावजूद भी यहाँ आने वाले खरीददारों को न केवल बहुत सारी वैरायटी मिल जाती है बल्कि क्वालिटी से भी किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता। चाँदनी चौक के यह दोनों बाज़ार इसीलिए दिल्ली के सबसे अच्छे बाजारों में गिने जाते हैं। कम कीमत में बढ़िया सामान किसको पसंद नहीं है? ये दोनों ऐतिहासिक बाज़ार अपनी क्वालिटी, प्रोडक्ट के यूनिकनेस और कीमत हर लिहाज़ से परफेक्ट हैं। तो अब जब भी चाँदनी चौक जाएँ दरीबा कलां और किनारी बाज़ार में खरीदारी का लुफ्त जरुर उठाएँ।(Dariba Kalan, Chandni Chowk) Written & Research by Geetu Katyal Edited by Pardeep kumar You can watch video of this blog- Dariba kalan & Kinari Bazar Like & Subscribe