Bazar Culture Destination Lifestyle Rajasthan Travel

राजस्थान के राजसी ठाठ बाट का जीता जागता उदाहरण है जयपुर

  • 0 Comments

“कुछ शहर खूबसूरत होते हैं और कुछ सुन्दर बनने की चाहत रखते हैं। लेकिन राजस्थान का जयपुर शहर तो शायद सुंदरता के लिए बनाया गया है जिसका नाम जेहन में आते ही मन गुलाबी हो उठता है। चाहे दिन का समय हो या रात का, इस शहर की चमक और बनावट मन से उतरती ही नहीं। चारों और अरावली की पहाडयों से घिरा, चौड़ी और साफ़ सुथरी सड़कों और अपने चमकीले और सैकड़ों साल पुराने बाज़ारों के कारण यह शहर किसी भी पर्यटक के मन को खुश करने में पूरी तरह सक्षम हैं।” इस शहर में बने बेहतरीन ऐतिहासिक इमारतें (Historical sites in Jaipur) जयपुर के कल्चरल हेरीटेज (Cultural heritage of Jaipur) को खुद में समेटे हुए हैं। शायद इसीलिए तो यूनेस्को ने इस पुरे शहर को ही वर्ल्ड हेरिटेज साइट (word heritage site) के सूची में शामिल कर लिया। 1. आमेर का किला (Amer fort): कहा जाता है कि इस शहर को वेल्स के राजकुमार (prince of wales) के स्वागत की खुशी में गुलाबी रंग से रंगा गया था और तभी से इसे गुलाबी शहर (pink city) के नाम से जाना जाता है। जयपुर शहर का नाम आते ही यहाँ के बड़े-बड़े और भव्य किले दिलोदिमाग में तैरने लगते हैं। और इन्हीं किलों में निसंदेह सबसे पहले जिस किले की छवि उभरती है वो है खूबसूरत आमेर का किला। राजस्थान के जयपुर शहर को और ज्यादा खूबसूरत बना देने वाला ये आमेर का किला, अम्बर किला के नाम से भी जाना जाता है। ये किला ना केवल जयपुर शहर बल्कि पूरे राजस्थान के शानदार पर्यटन (jaipur tourist attraction) स्थलों में से एक है। आमेर का किला इतना प्रसिद्ध है कि यहाँ पर हर रोज छह हजार से भी अधिक लोग घूमने के लिए आते हैं। यह किला राज्य की राजधानी जयपुर से 11 किलोमीटर की दूरी पर है। आमेर कैसे पहुंचे? (How to reach Amer): इस किले तक पहुंचने के लिए जयपुर से बस, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी या कैब ली जा सकती है। आप अजमेरी गेट और एमआई रोड से आमेर शहर के लिए रोडवेज या प्राइवेट बसों से भी जा सकते हैं। आमेर का किला एक पहाड़ी पर है, इसलिए किले का दीदार करने के लिए आपको किले के थोड़ी दूर पहले से ही या तो पैदल चलना होगा या फिर आप टैक्सी या जीप से भी किले के मुख्य द्वार तक पहुँच सकते हैं। या फिर आप अपनी पर्सनल गाड़ी से भी यहां जा सकते हैं। किले के मुख्य द्वार के पास थोड़ी सपाट चढ़ाई है, इसलिए अगर आप एक्सपर्ट ड्राइवर हैं तो ही अपनी पर्सनल गाड़ी से किले तक जाने का रिस्क लें। अगर आप सीजन के दौरान यहां जा रहे हैं, तो खुद की गाड़ी से जाने से बचना ही बेहतर होगा, क्योंकि ट्रैफिक जाम आपके लिए सिरदर्द साबित हो सकता है। हालांकि ऐसा सीजनल टाइम में ही ज्यादा होता है। 2. जल महल (Jal mahal) : जयपुर स्थित जलमहल एक पाँच मंज़िला इमारत है, जिसकी 4 मंज़िल पानी के भीतर बनी हैं और एक पानी के ऊपर नज़र आती है। उस समय के राजा इस महल का उपयोग अपने मनोरंजन के लिए करते थे। जलमहल का इतिहास (History of Jal mahal) : पिंक सिटी जयपुर की ‘मानसागर’ झील के बीचों बीच बना ‘जलमहल’ अनोखे सौन्दर्य और अद्भुत स्थापत्यकला का बेजोड़ उदाहरण है। इस महल का निर्माण आज से लगभग 300 साल पहले आमेर के महाराज सवाई मानसिंह ने सन् 1799 में करवाया था। आपको बता दें यह पाँच मंज़िला इमारत और इस झील की सुंदरता उस समय के राजाओं के आकर्षण का केंद्र (centre of attraction) हुआ करती थी और राजा अक्सर नाव में बैठकर इस महल की सैर किया करते थे। कैसे पहुंचे जलमहल (How to reach Jal mahal?) झील के बीचोंबीच बना ये जलमहल राजस्थान के जयपुर जिले के आमेर मार्ग पर स्थित है, दिल्ली से लगभग 260 किलो मीटर और अजमेर से 146 किलो मीटर की दूरी पर बना ये महल पर्यटकों के आकर्षण (jaipur tourist attraction) का विशेष केंद्र है। 3. मसला चौक जयपुर (Masala Chauk Jaipur) : जयपुर शहर सिर्फ अपने राजसी ठाठ-बाट (jaipur traditional culture) के लिए नहीं बल्कि खाने के लिए भी काफी मशहूर है। क्योंकि यहां के प्रसिद्ध व्यंजन(Famous Foods), तरह-तरह की स्टाइल और तरह-तरह की चीजों से बने हुए होते हैं। इस रॉयल सिटी के लोग खाने के बहुत ही शौकीन माने जाते हैं और यह शहर फूड लवर्स (Food Lovers) के लिए खास मायने रखता है। अगर बात खाने से संबंधित हो तो जयपुर की खूबसूरत जगहों में से एक जगह है मसाला चौक! जो कि खाने को लेकर अपनी वैरायटी के लिए और अपनी क्वालिटी के लिए बहुत ही नामी जगह है।किसी भी शहर में बहुत सारी पसंदीदा चीजों का एक साथ एक जगह पर मिलना बहुत ही मुश्किल हो जाता हैं। लेकिन जयपुर का मसाला चौक एक ऐसी जगह है जहां आपको सभी लोकप्रिय व्यंजन और स्ट्रीट फूड एक ही जगह पर आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। जयपुर के मसाला चौक की शुरुआत जयपुर के सभी प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड को सिर्फ एक जगह पर लाने के उद्देश्य से हुई। यह एक ओपन-एयर फूड कोर्ट (Open air food court) है जिसमें बैठने की अच्छी व्यवस्था है, जिसने इसे उन सभी लोगों के लिए एक टॉप हैंगआउट डेस्टिनेशन बना दिया है जो स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेना पसंद करते हैं। मसाला चौक तक कैसे पहुंचे? (How to reach masala chauk?) 4. जंतर मंतर (jantar mantar) : राजस्थान की राजधानी जयपुर में सवाई जय सिंह द्वारा बनवाया गया जंतर-मंतर यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज (UNESCO World Heritage Site) सूची में शामिल है। यहाँ पर मौजूद उपकरण और यंत्र बेहद पुराने होने के बावजूद भी आधुनिकता (Modernity) का प्रमाण देते हैं। इन बेहद पुराने उपकरणों से समय को मापा जाता है। जंतर मंतर में स्थित यहाँ के उपकरण आपको एक पल के लिए बांध देने की क्षमता रखते हैं और जैसे ही आप इनकी बनावट देखोगे, इनकी खूबियां देखते ही रह जाओगे। यहाँ पर बहुत सारे उपकरण हैं जो आपको अलग-अलग ज्यामितीय आकारों (geometrical shapes) के दिखाई देंगे। यही वो उम्दा उपकरण हैं जो जयपुर के जंतर मंतर को दुनिया के बेहतरीन वेधशालाओं में से एक बनाते

Delhi Travel

Best Tourist Places to Visit in Delhi

  • 0 Comments

मेरे चर्चों की गूँज काफी है, मैं किसी परिचय की मोहताज़ नहीं, मैं दिल्ली हूँ, मेरी नीव रखी किसने, यह तो मुझे भी याद नहीं देश की विरासत को अब तक मैंने संभाला है, ग्रंथ महाभारत में इन्द्रप्रस्थ मेरे बचपन का नाम बताया है। हाँ, मैंने समेटी है, संस्कृति पूरे भारत की और देखी है अपने हर आँगन में कतारें लोगों के अरमानों की। देखा है कैसे उस जमाने में बलशाली राजा का ताज उतर गया और देखा है कितनी बार लोगों का सपना टूट गया।   कैसे गरीबी ने एक इंसान को मार दिया और कैसे किसी की मेहनत ने, दुनिया भर में अपना नाम किया मैंने देखा कैसे राजाओं ने मीनारों का निर्माण किया और चर्चे हो गए देश-विदेशों में, जब मैंने था शासन किया। और सिर्फ इतना ही नहीं  मेरे किस्सों की भरमार है क्योंकि राजधानी का खिताब  तो आज भी मेरे नाम है, पर चलिए फ़िलहाल सुनाती हूँ कहाँ-कहाँ मेरी खूबसूरती आज भी बरकरार है। (Best Tourist Places in Delhi) हां, यही है देश की राजधानी कही जाने वाली दिल्ली। दिल्ली अपने हर अंदाज और अनोखे इतिहास के लिए काफी जानी जाती है और हो भी क्यों ना , ऐतिहासिक इमारतें, अलग-अलग संस्कृतियों के लोग, स्ट्रीट फ़ूड के चर्चे और लाजवाब बाजार। यहां सब कुछ मौजूद है। यहां वो सब है जिनकी कमी आपको शायद देश के दूसरे शहरों में दिखाई पड़ती हो तभी तो इसे देश की शान कहा जाता है। इसके साथ ही दिल वालों की दिल्ली की खूबसूरती वाकई काबिल ए तारीफ है। तो चलिए आपको रूबरू कराते हैं देश की शान की बेस्ट टूरिस्ट प्लेसों से। Best Tourist Places to Visit in Delhi लाल किला देश की आन बान और शान का प्रतीक लाल किला दिल्ली शहर का सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेस है। जी हां वो लाल किला जहां की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री हर साल 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराते हैं, और लाखों करोड़ों की आबादी को सम्बोधित करते हैं। वो लाल किला जो तकरीबन दो सौ साल तक मुगलों की राजधानी बना रहा, मुगलों के शासन का प्रमुख केंद्र बना रहा। जहां से तकरीबन दो सौ साल तक मुगलों ने देश पर शासन किया। अगर पर्यटन स्थलों की बात की जाए तो लाल किला दिल्ली का सबसे बड़ा टूरिस्ट प्लेस माना जाता है। इस किले के दो द्वार हैं लाहौर दरवाजा और दिल्ली दरवाजा। लाहौर दरवाजा इसका मुख्य प्रवेश द्वार है, इसके अंदर प्रवेश करते ही आपको एक शानदार और आकर्षित बाजार दिखाई देगा। जिसे छत्ता चौक या छत्ता बाजार भी कहा जाता है। Best Tourist Places in Delhi इसके अंदर जाते ही आपको मुग़ल शासन के अनोखे अंदाज़ से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा इस किले के बिलकुल सामने आप दिल्ली की सबसे फेमस चांदनी चौक मार्केट भी एक्स्प्लोर कर सकते हैं। इसका नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन है चांदनी चौक। इंडिया गेट अगर आप इंडिया गेट मेट्रो से आना चाहते हैं तो इसका नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन है केंद्रीय सचिवालय। इंडिया गेट जो कि हमारे देश की आन बान और शान है। इंडिया गेट को फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में शहीद हुए हमारे जवानों की याद में बनवाया गया। इसका निर्माण कार्य 1921 में शुरू हुआ और दस साल बाद 1931 में पूरा हुआ।  यह हमारे जवानों के सहस और शौर्य का प्रतीक है। 26 जनवरी को हर साल महामहिम राष्ट्रपति की मौजूदगी में हमारा देश यहीं से पूरी दुनिया के सामने शक्ति प्रदर्शन करता है। आपको बता दें 8 सितंबर 2022 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इंडिया गेट के नए लुक यानि की सेंट्रल विस्टा एवेन्यू  का अनावरण किया। इसके साथ ही वर्षों पुराना राजपथ अब कर्तव्य पथ बन गया। देश की इस धरोहर का नया लुक बेहद ही शानदार है। तो अब इसको एक्स्प्लोर करना और भी मजेदार होने वाला है। अगर आप भी आपने देश के ऐतिहासिक और गौरवशाली पलों को सहेजना चाहते हैं तो यकीन मानिये सेंट्रल विस्टा एवेन्यू, इंडिया गेट का यह नया परिसर एक शानदार जगह है और यकीनन इससे दिल्ली के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। जंतर मंतर : तो चलिए बात करते हैं दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के बिलकुल सामने स्तिथ जंतर मंतर की। जो शयद अपनी अनोखी कारीगरी के साथ-साथ धरना और प्रदर्शन के कारण भी देश भर में खूब पहचाना जाता है। जंतर अंतर की एंट्री टिकट की बात करें तो यह इंडियंस के लिए 25$ है और फॉरनर्स के लिए 250 सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है और यहां आने का समय सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक है। दिल्ली के जंतर मंतर में मुख्यतः चार यंत्र हैं रामयंत्र, सम्राटयंत्र, जयप्रकाश यंत्र,और मिश्र यंत्र। जब आप जंतर मंतर के अंदर प्रवेश करेंगे तो यहां आपको इसका पूरा इतिहास समझ में आ जायेगा। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि किस तरह सैकड़ों साल पहले राजा महाराजा किस तरह सूर्य चंद्रमा और गृहों के समय और गति की सही जानकारी लेते थे तो आपको एक बार जंतर मंतर अवश्य आना चाहिए। क़ुतुब मीनार : वैसे तो दिल्ली घूमने और देखने के लिहाज़ से काफी शानदार है। पर दिल्ली की कुछ बेहद खूबसूरत इमारतों को देखे बिना दिल्ली का दर्शन अधूरा सा लगता है। इसके अंदर आपको एक से एक इतिहास समेटे इमारतें दिखाई देंगी। इस मीनार को बनाने में लाल बलुआ पत्थर और मार्बल का इस्तेमाल किया गया है। और इसके अंदर गोल-गोल करीब 379 सीढ़ियां हैं। मीनार की दीवारों पर सदियों पुराने मंदिरों के अवशेष साफ दिखाई पड़ते हैं। इसमें हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां और मंदिर की वास्तुकला मौजूद है। इसके अंदर जाकर आपको इसकी काफी सारी ऐतिहासिक बातों का पता चलेगा। इसका नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन क़ुतुब मीनार है। भारत दर्शन पार्क : जी हां, दोस्तों हम बात कर रहे हैं दिल्ली में स्तिथ एक बेहद ही शानदार जगह जिसका नाम है भारत दर्शन पार्क। यह पार्क लिंक रोड पर पंजाबी बाग़ में स्तिथ है। भारत दर्शन पार्क से सबसे नेअरेस्ट मेट्रो स्टेशन पंजाबी बाग़ वेस्ट है। आप आराम से मेट्रो स्टेशन से पैदल ही पांच मिनट में यहां पहुंच सकते हैं। इस पार्क की खासियत यह है कि इसे बहुत सारे वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल करके बनाया

Destination Rajasthan Travel

Jantar Mantar-Jaipur

  • 0 Comments

Jantar Mantar-Jaipur- प्राचीन भारत की विश्व प्रसिद्ध खगोल विद्या का जीता जागता उदाहरण by Pardeep Kumar राजस्थान की राजधानी जयपुर में सवाई जय सिंह द्वारा बनवाया गया जंतर-मंतर यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल है। यहाँ पर मौजूद उपकरण और यंत्र बेहद पुराने होने के बावजूद भी आधुनिकता का प्रमाण देते हैं। इन बेहद पुराने उपकरणों से समय को मापा जाता है।  आपकी जानकारी के लिए बता दें सिटी पैलेस, गोवर्धन मंदिर, हवा महल और भी कई सुन्दर और फेमस जगह जयपुर के जंतर-मंतर के आस-पास  ही कुछ क़दमों की दूरी पर स्थित है। गुलाबी शहर का लुत्फ़ उठाते हुए आप इन जगह का दीदार करके अपने सफर को हमेशा के लिए यादगार बना सकते है। जयपुर यात्रा के तमाम ब्लोग्स आप फाइव कलर्स ऑफ़ ट्रेवल के ब्लॉग से पढ़ सकते हैं और अपनी यात्रा को बेहद आसान बना सकते हैं। आपने कभी सूर्य तो कभी चंद्र ग्रहण के बारे में अवश्य सुना होगा, इन यंत्रो से भविष्य में आने वाले ऐसे ग्रहण के विषय में पता लगाया जाता है। वैसे भी जयपुर स्थित जंतर-मंतर  भारत के सबसे बेहतरीन वेधशालाओं में से एक है। सवाई जयसिंह ने देश के अलग अलग स्थानों पर जंतर-मंतर जैसी वेधशालाओं का निर्माण करवाया। जयपुर के अलावा  उज्जैन, मथुरा, दिल्ली और वाराणसी में भी ऐसी ही वेधशाला का निर्माण करवाया था। इस कड़ी में पहली वेधशाला 1725 में दिल्ली में बनी। इसके 10 वर्ष बाद1734 में जयपुर में जंतर मंतर का निर्माण हुआ। इसके लगभग पंद्रह वर्ष बाद 1748 में मथुरा, उज्जैन और बनारस में भी ऐसी ही वेधशालाएं खड़ी की गईं। कहते हैं महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने जयपुर की वेधशाला का निर्माण करवाने से पहले विभिन्न देशों में अपने शांति दूत भेजे और वहां से खगोल शास्त्र पर उम्दा दर्जे की पांडुलिपियां मंगवाई, जिनसे उन्होंने खगोल विज्ञान को समझा। जंतर मंतर की टिकट जंतर-मंतर जयपुर में भारतीय एडल्ट्स  के लिए टिकट की कीमत 50 रुपए है और भारतीय स्टूडेंट के लिए 15 रुपए है। वही दूसरी तरफ विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट की कीमत ₹200 और फॉरेन स्टूडेंट के लिए 100 निर्धारित की गई है। जंतर-मंतर जयपुर के खुलने का समय जंतर-मंतर जयपुर के खुलने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक है। यह हफ्ते के सातों दिन खुला रहता है, और आप पूरे जंतर-मंतर को अच्छे से घंटे भर में देख सकते हैं। कौन सा समय जंतर-मंतर जाने के लिए उपयुक्त रहेगा किसी भी टूरिस्ट के लिए जंतर मंतर जाने का सबसे उपयुक्त समय दोपहर का है क्योंकि इस दौरान आप यहाँ मौजूद उपकरणों की कार्य प्रणाली को बेहतर समझ पाएंगे। सबसे बढ़िया है कि आप एक एक्सपर्ट गाइड की हेल्प लें। जंतर मंतर में स्थित यहाँ के उपकरण आपको एक पल के लिए बांध देने की क्षमता रखते हैं और जैसे ही आप इनकी बनावट देखोगे, इनकी खूबियां देखते ही रह जाओगे। यहाँ पर बहुत सारे उपकरण हैं जो आपको अलग-अलग ज्यामितीय आकारों के दिखाई देंगे। यही वो उम्दा उपकरण हैं जो जयपुर के जंतर मंतर को दुनिया के बेहतरीन वेधशालाओं में से एक बनाते हैं। सबसे पहले लेते हैं सम्राट यंत्र को इसके विशाल आकार के कारण ही इसे सम्राट यंत्र नाम दिया गया। 90 फीट की ऊंचाई वाला यह यंत्र जंतर मंतर का सबसे बड़ा यंत्र है। इस यंत्र के ऊपरी हिस्से में एक छतरी बनी हुई दिखाई देती है। यह उपकरण ग्रह-नक्षत्रों में समय-समय पर होने वाली उथल-पुथल व समय का पता लगाने के बनाया गया है। दिशा यंत्र जंतर मंतर के ठीक बीचो-बीच आपको दिखाई देगा वर्ग के आकार की समतल भूमि पर लाल पत्थर से बना दिशा यंत्र, जिसके केंद्र से चारों दिशाओं की ओर समकोण बनाए गए हैं। जैसा कि नाम से जाहिर हो रहा है इस यंत्र द्वारा दिशाओं का पता लगाया जाता है। दिखने में भले ही यह साधारण सा ही लगे लेकिन इस यंत्र का भी अपना विशेष महत्त्व है। जयप्रकाश यन्त्र आपको जानकार हैरानी होगी कि खगोल विद्या में माहिर महाराजा जयसिंह ने ही जय प्रकाश यंत्रों का आविष्कार किया। अपनी बनावट में बेजोड़ यह यंत्र कटोरे के आकार के दिखाई देते हैं। जंतर मंतर में ये यंत्र सम्राट यंत्र और दिशा यंत्र के बिलकुल बीचो बीच बनाये गए हैं। इन यंत्रों से सूर्य की किसी राशि में अवस्थिति का पता चलता है। ये दोनो यंत्र एक दुसरे के पूरक हैं। क्रांति वृत क्रांति यंत्र का प्रयोग सौर मंडल में दिन के वक्त सूरज के चिन्हों को देखने के लिए किया जाता है। इस बेहद उम्दा प्रकार के और दिखने में भी खूबसूरत से यंत्र को देखे बिना आपकी जंतर मंतर की यात्रा अधूरी ही समझिये। ध्रुव दर्शक यंत्र ध्रुवदर्शक यंत्र से ध्रुव तारे की स्थिति और दिशा ज्ञान के बारे में पता चलता है । उत्तर दक्षिण दिशा की ओर दीवारनुमा यह पट्टिका दक्षिण से उत्तर की ओर क्रमश: उठी हुई है।अगर आप इसके दक्षिणी सिरे पर आँख टिका कर देखेंगे तो उत्तरी सिरे पर ध्रुव तारे की स्थिति बिलकुल स्पष्ट होगी। रामयंत्र राम यंत्र में स्तंभों के वृत्त के बीच केंद्र तक डिग्रियों के फलक दर्शाए गए हैं। इन फलकों से भी महत्वपूर्ण और जरुरी खगोलीय गणनाएं की जाती थीं। जंतर मंतर की पश्चिमी दीवार के पास स्थित राम यंत्र में आपको दो यंत्र दिखाई देंगे। इन यंत्रों के दो लघु रूप भी जंतर मंतर में इन्हीं यंत्रों के पास स्थित हैं। इसके अलावा आपको जयपुर के जंतर मंतर में अलग-अलग ज्यामितीय आकारों के  षष्ठांश यंत्र, नाड़ीवलय यंत्र, राशि वलय यंत्र और  चक्र यंत्र जैसे अन्य उम्दा और बेजोड़ यंत्र भी दिखाई देंगे। जंतर मंतर के ये उपकरण बेहद आकर्षक है और ये अपनी खूबी देखते ही बयान करते है। जब भी आप जयपुर के जंतर मंतर जाएँ एक बात का विशेष ख्याल रखें की जंतर मंतर जाने का सबसे उचित समय दोपहर का ही माना जाता है क्योंकि इस दौरान आप यहाँ मौजूद उपकरणों को न केवल बखूबी कार्य करते हुए देख पाऐंगे बल्कि  आप इनके कार्यों को उचित ढंग से समझ भी पाऐंगे। Some Glimpse of Jantar Mantar, Jaipur