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कश्मीरी हंगुल का घर है दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान

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दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam National Park) जम्मू कश्मीर में एक नेशनल पार्क है जो, श्रीनगर जिले से 22 किमी दूर स्थित है। दाचीगाम नेशनल पार्क लगभग 141 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1981 में हुई थी। सर्वप्रथम, दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान को 1910 को जम्मू कश्मीर के महराजा ने इस क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया। इसके पश्चात, 1981 इसे नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया गया। डल झील के निकट होने के कारण डल झील का जलक्षेत्र इस नेशनल पार्क के संरक्षण क्षेत्र में आता है और इसी कारण डल झील दाचीगाम नेशनल पार्क के जीवों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। दाचीगाम का कश्मीरी में अर्थ होता है ‘दस गांव’ और इन्ही दस गाँवों को जोड़कर इस नेशनल पार्क का निर्माण हुआ था। फॉउना (Fauna in Dachigam National Park) दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना (Fauna) निवास करते है जिनमे कश्मीरी हंगुल (Kashmir Hangul), हिम तेन्दुआ (Snow Leopard), कस्तूरी मृग (Musk Deer), वल्चर (Vulture), गीदड़ (Jackal), मोनाल (Monal), हिमालयी काला भालू (Himalayan Black Bear), बुलबुल (Bulbul), लेपर्ड कैट (Leopard Cat), कश्मीर धूसर लंगूर (Kashmir Gray Langur), हिमालय भूरा भालू (Himalayan Brown Bear), हिमालय सराव (Himalayan Sarao), मिनिवेट (Minivet), पहाड़ी लोमड़ी (Mountain Fox), गोल्डन ईगल (Golden Eagle), हिमालय रासू (Himalayan Rasu) और जंगली बिल्ली (Jungle Cat) शामिल है। फ्लोरा (Flora in Dachigam National Park) अगर बात की जाए दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के फ्लोरा की तो, यहाँ पेड़ों की अनेक प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनमे से कुछ प्रमुख निम्नलिखित है- हिमालयी नम शीतोष्ण सदाबहार (Himalayan Moist Temperate Evergreen), नम पर्णपाती झाड़ियाँ (Moist Deciduous Shrubs), देवदार (Deodar), चीड़ (Pine) एवं ओक (Oak) शामिल है। बेस्ट टाइम टू विजिट दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (Best time to visit Dachigam National Park) अगर आप दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान आने की चाह रख रहे है तो आप विंटर (Winter) में आने से बचें क्योंकि विंटर में यहाँ बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है। आप यहाँ मार्च से जून के बीच में आने की कोशिश करें क्योंकि इस समय यह की परिस्थितियां सम रहती हैं। कैसे पहुंचे दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Dachigam National Park)?

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कश्मीर को धरती का स्वर्ग बनाते हैं वहां के ये टूरिस्ट प्लेस

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जब भी कश्मीर का जिक्र होता है तो खूबसूरत वादियों और बर्फ से ढ़की पहाड़ियों की कल्पनाएँ दिल में हलचल मचाने लगती हैं। चाहे बच्चे हो या जवान कश्मीर के पहाड़ों में खो जाने की ख्वाहिश सभी को होती है। शायद ही कोई घुमक्कड़ ऐसा होगा जो कश्मीर नहीं जाना चाहता होगा। कश्मीर की प्राकृतिक खुबसुरती इसे भारत का स्वर्ग बनाती है। जिस स्वर्ग को देखने के लिए यहां दुनिया भर से लाखों लोग घूमने आते हैं।हम आपको इस ब्लॉग में कश्मीर के कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताएंगे। अगर आप भी कश्मीर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कश्मीर की इन जगहों पर जरूर जाएं। 1. वैष्णो देवी मंदिर (vaishno devi mandir) : त्रिकुटा पहाड़ियों में कटरा से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 5300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। माता वैष्णो देवी मंदिर कश्मीर हीं नहीं बल्कि पूरे भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। जहां हर साल लाखों भक्त पूजा अर्चना करने और अपनी मनोकामना मांगने आते हैं। बर्फीली पहाड़ियों में बसा हुआ यह मंदिर काफी शांत और सुंदर है। जहां जाकर आपको अलग हीं तरह की पॉजिटिव एनर्जी और मन की शांति का एहसास होगा। आध्यात्मिक लोगों के लिए यह मंदिर किसी स्वर्ग से कम नहीं है।वैष्णो देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए तीर्थ यात्रियों को लगभग 13 किलोमीटर तक पैदल चलकर ट्रैकिंग करते हुए मंदिर की गुफाओं तक पहुंचना होता है। मां वैष्णो देवी का यह मंदिर भारत के 108 शक्तिपीठों में से एक है। वैष्णो देवी मंदिर जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Vaishno Devi Mandir) : वैष्णो देवी मंदिर पूरे साल श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। इसीलिए वहां कभी भी जाया जा सकता है, लेकिन मार्च से मई और सितंबर से नवंबर तक का समय यहां आने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इस समय अवधि में यहां श्रद्धालुओं की भी बहुत ज्यादा भीड़ होती है। क्योंकि इस समय में यहां का मौसम बहुत हीं बेहतरीन होता है। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। 2. ट्यूलिप गार्डन (Tulip Garden) : जैसा कि आप जानते होंगे कि कश्मीर का ट्यूलिप गार्डन एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन के रूप में जाना जाता है। यहां की खूबसूरती देखने के लिए हर साल दूर-दूर से देशी और विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि बेशक ये ट्यूलिप सिर्फ 4-5 दिन के लिए खिलते हैं, लेकिन इस बाग़ में काम करने वाले स्टाफ को यह ध्यान रखना पड़ता है कि ट्यूलिप के बल्ब की क्वालिटी हर साल अच्छी हो। इसके लिए वह साल भर कड़ी मेहनत करते हैं | 2007 में इस गार्डन को इस उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था कि इससे कश्मीर वैली में फूलों की खेती और पर्यटन को बढ़ावा मिले। इस गार्डन को ढलान वाले क्षेत्र में सीढ़ीदार तरीके से बनाया गया है। यह इंदिरा गाँधी ट्यूलिप गार्डन 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। टयूलिप गार्डन जाने का सबसे बेस्ट समय (Best time to visit Tulip garden) : ट्यूलिप हर साल मार्च से मई के महीने के बीच में खिलते हैं। इनके खिलने की समय अवधि फिक्स नहीं होती है। क्योंकि यह मौसम के अनुरूप हीं खेलते हैं। एक अनुमान के तौर पर कहा जाए तो यह लगभग 1 से 2 सप्ताह के लिए खिलते हैं। इसीलिए ट्यूलिप गार्डन के खुलने की अवधि भी हर साल फिक्स नहीं होती है। अगर आप टयूलिप गार्डन घूमना चाहते हैं तो आपको मार्च से मई तक के समय के लिए प्लानिंग करके रखनी होगी। 3. अमरनाथ की गुफा (Amarnath temple) : भारत के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक अमरनाथ की गुफा हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक बहुत हीं प्रमुख साधना स्थल है। भगवान शिव में आस्था रखने वाले लोगों के लिए अमरनाथ की गुफा सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। अमरनाथ के गुफा में प्राकृतिक रूप से बने हुए बर्फ के शिवलिंग की पूजा की जाती है। यहां हर साल लाखों पर्यटक घूमने के लिए जाते हैं। अमरनाथ की गुफा तक के लिए यात्रा को लोग अमरनाथ यात्रा के नाम से जानते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मई जून की गर्मी में भी अमरनाथ के गुफा में यह शिवलिंग बिल्कुल भी नहीं पिघलता है और ज्यों का त्यों ही बना रहता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वहीं गुफा है, जहां महादेव ने माता पार्वती को जीवन और मृत्यु के सत्य के बारे में बताया था। अमरनाथ जाने का सबसे सही समय (Best time to visit Amarnath temple): अमरनाथ की गुफा के लिए यात्रा करने का सबसे सही समय मई से अगस्त तक का होता है। सर्दियों में अमरनाथ का मौसम बहुत हीं अधिक कठोर हो जाता है और उस समय यहां बहुत ज्यादा सर्दी होती है। इसीलिए सर्दियों में अमरनाथ यात्रा का प्लान बनाने से बचें। 4. सोनमर्ग (sonamarg) : कश्मीर की वादियों में स्थित सोनमर्ग एक काफी खूबसूरत शहर है। बर्फ से भरे मैदानों, ग्लेशियरों और शांत झीलों वाला यह शहर हमेशा से हीं पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां का माहौल बहुत ही खूबसूरत और शांत है। सोनमर्ग श्रीनगर से लगभग 80 किलोमीटर दूर बसा हुआ शहर है। जो कि समुद्र तल से लगभग 2800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता, लुभावने ग्लेशियरों और जीवंत झीलों से भरा या शहर कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। जो अपने खुबसुरती से हर साल हजारों भारतीय एवं विदेशी पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। सोनमार्ग जाने का सबसे सही समय (Best time तो visit sonamarg) सोनमर्ग जाने के लिए सबसे सही समय अप्रैल से सितंबर के बीच का होता है। क्योंकि इस समय भारत के दूसरे राज्य में प्रचंड गर्मी पड़ रही होती है। ऐसे में सोनमर्ग का खुशनुमा मौसम आपको इस भयानक गर्मी से छुटकारा दिला सकता है। 5. पहलगाम (Pahalgam): अगर आप भी केसर के नीले खेतों को देखना चाहते हैं तो पहलगाम इसके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन माना जाता है। पहलगाम अपने केसर के खेतों के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां के केसर के