Jakhu Temple: Shimla का Hidden Gem
शिमला का नाम आते ही लोगों के दिमाग में माल रोड, द रिज, बर्फ और पहाड़ों की तस्वीर आने लगती है। लेकिन अगर आप शिमला को थोड़ा करीब से देखना चाहते हैं, तो Jakhu Temple और Jakhu Hill की यात्रा जरूर करनी चाहिए। समुद्र तल से करीब 2,455 मीटर की ऊंचाई पर स्थित Jakhu Hill को शिमला की सात पहाड़ियों में सबसे ऊंची माना जाता है। इसी पहाड़ी पर भगवान हनुमान को समर्पित प्राचीन Jakhu Temple मौजूद है। यह जगह केवल धार्मिक आस्था के लिए खास नहीं है। यहां पहुंचने पर आपको घने देवदार के जंगल, शांत पहाड़ी रास्ते, शिमला का खूबसूरत नजारा और भगवान हनुमान की 108 फीट ऊंची प्रतिमा देखने को मिलती है। अगर आप शिमला में ऐसी जगह ढूंढ रहे हैं, जहां प्रकृति और आस्था दोनों एक साथ मिलें, तो Jakhu Temple आपके लिए अच्छी जगह हो सकती है। Jakhu Temple की कहानी रामायण से जुड़ी है Jakhu Temple की सबसे खास बात इसकी पौराणिक कहानी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का संबंध रामायण काल से है। कहानी उस समय की है, जब भगवान राम और रावण के बीच युद्ध चल रहा था। युद्ध के दौरान मेघनाद के बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे। उन्हें बचाने के लिए संजीवनी बूटी की जरूरत थी। संजीवनी बूटी की तलाश में हनुमान जी हिमालय की ओर निकले। रास्ते में वे Jakhu Hill पर पहुंचे। कहा जाता है कि यहां उन्हें याकु नाम के एक ऋषि मिले, जो तपस्या कर रहे थे। हनुमान जी ने ऋषि से संजीवनी बूटी के बारे में जानकारी ली और फिर अपनी यात्रा आगे जारी रखी। स्थानीय मान्यता यह भी कहती है कि जब हनुमान जी Jakhu Hill पर उतरे, तो उनके भारी वजन के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा जमीन में धंस गया। इसी कहानी को यहां के लोग पीढ़ियों से सुनाते आ रहे हैं। कहा जाता है कि हनुमान जी ने ऋषि याकु से वापस लौटते समय मिलने का वादा किया था। लेकिन संजीवनी बूटी लेकर लौटते समय उन्हें जल्दी थी, इसलिए उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। इसके बाद ऋषि ने उनकी याद में यहां मंदिर बनाया। इसी वजह से Jakhu Temple को लेकर लोगों की आस्था आज भी काफी गहरी है। मंदिर में हनुमान जी के पदचिह्नों से जुड़ा एक निशान भी बताया जाता है, जिसे श्रद्धालु बेहद पवित्र मानते हैं। यहां आने वाले लोग मंदिर में दर्शन करने के साथ इस पूरी पौराणिक कहानी को जानना भी पसंद करते हैं। 108 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा Jakhu Temple का सबसे बड़ा आकर्षण यहां मौजूद भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा करीब 108 फीट यानी लगभग 33 मीटर ऊंची है। इसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह शिमला के कई हिस्सों से दिखाई देती है। इस प्रतिमा का उद्घाटन 5 नवंबर 2010 को किया गया था। रात के समय जब प्रतिमा पर रोशनी की जाती है, तो इसका दृश्य और भी शानदार नजर आता है। दिन में पहाड़ों और देवदार के पेड़ों के बीच खड़ी यह प्रतिमा अलग रूप दिखाती है। वहीं, रात में रोशनी के साथ इसका नजारा काफी आकर्षक हो जाता है। Jakhu Temple आने वाले पर्यटकों के लिए यह प्रतिमा तस्वीरें लेने की पसंदीदा जगहों में से एक है। अगर मौसम साफ हो और आसमान में बादल कम हों, तो प्रतिमा के पीछे पहाड़ों का दृश्य तस्वीर को और खूबसूरत बना देता है। इस प्रतिमा को लेकर एक और दिलचस्प बात कही जाती है। इसकी ऊंचाई ब्राजील की प्रसिद्ध Christ the Redeemer प्रतिमा से भी अधिक बताई जाती है। यही वजह है कि Jakhu Temple केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शिमला के प्रमुख आकर्षणों में भी गिना जाता है। Jakhu Hill तक कैसे पहुंचें? Jakhu Temple तक पहुंचने के लिए आपके पास कई विकल्प हैं। अगर आपको पैदल चलना और पहाड़ी रास्तों का आनंद लेना पसंद है, तो आप द रिज से मंदिर तक पैदल जा सकते हैं। द रिज से Jakhu Temple की दूरी करीब 2.5 किलोमीटर है। रास्ता देवदार के घने जंगलों से होकर गुजरता है। इस दौरान आपको शिमला के व्यस्त बाजारों से बिल्कुल अलग शांत वातावरण देखने को मिलता है। हालांकि यह रास्ता बहुत लंबा नहीं है, लेकिन इसमें अच्छी-खासी चढ़ाई है। इसलिए अगर आप पैदल जा रहे हैं, तो आराम से चलें और जरूरत पड़ने पर बीच में रुककर आराम करें। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ जा रहे लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार रास्ता चुनना चाहिए। अगर आप पैदल चढ़ाई नहीं करना चाहते, तो Jakhu Ropeway का विकल्प भी मौजूद है। द रिज से रोपवे के जरिए कुछ ही मिनटों में Jakhu Temple के पास पहुंचा जा सकता है। इस दौरान ऊपर से शिमला शहर और आसपास की पहाड़ियों का नजारा देखने को मिलता है। इसके अलावा टैक्सी या स्थानीय साधनों से भी मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। अगर परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं या पैदल चढ़ने में परेशानी होती है, तो टैक्सी सुविधाजनक विकल्प हो सकती है। Jakhu Temple के रास्ते में मिलेंगे बंदर Jakhu Temple जाने वाले यात्रियों का यहां के बंदरों से सामना जरूर होता है। Jakhu Hill पर बंदरों की संख्या काफी ज्यादा है और वे इंसानों के आसपास रहने के आदी हैं। ये बंदर अक्सर खाने की चीजों की तरफ आकर्षित होते हैं। कई बार वे पर्यटकों के चश्मे, मोबाइल, कैमरा या खाने का सामान छीनने की कोशिश भी कर सकते हैं। इसलिए Jakhu Temple जाते समय अपने सामान को लेकर सावधान रहना जरूरी है। मंदिर के पास मोबाइल या कैमरा हाथ में लेकर बंदरों के बहुत करीब जाने से बचें। चश्मा भी हाथ में न रखें। अगर आपके पास खाने का सामान है, तो उसे खुले में लेकर न चलें और बैग की जिप अच्छी तरह बंद रखें। अगर कोई बंदर आपके सामान की तरफ आता है, तो उसे छेड़ने या डराने की कोशिश न करें। स्थानीय लोगों की सलाह मानना ज्यादा बेहतर रहेगा। Jakhu Hill पर प्रकृति भी देखने को मिलेगी Jakhu Temple की यात्रा केवल धार्मिक अनुभव तक सीमित नहीं है। इस पूरी पहाड़ी पर आपको प्रकृति का खूबसूरत रूप भी देखने को मिलता है। Jakhu Hill के आसपास देवदार और