Jaipur Travel Guide: 1 दिन में घूमने की पूरी जानकारी
अगर आप भी काफी समय से Jaipur घूमने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन समझ नहीं पा रहे कि एक दिन में कहां-कहां जाएं, कौन-से बाजार में खरीदारी करें और असली राजस्थानी खाना आखिर कहां मिलेगा, तो यह गाइड आपके काम की है। क्योंकि Jaipur सिर्फ हवा महल के सामने फोटो खिंचवाने या आमेर किले तक घूम आने वाली जगह नहीं है। इस शहर को थोड़ा करीब से देखेंगे तो यहां आपको पुराने बाजार, रंग-बिरंगे कपड़े, छोटी-छोटी गलियां, शानदार महल, पहाड़ियों पर बने किले और हर कुछ कदम पर कोई नया स्वाद मिल जाएगा। राजस्थान की राजधानी Jaipur को गुलाबी शहर के नाम से जाना जाता है और पिछले कुछ समय में घरेलू पर्यटन के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। इसकी वजह भी समझ आती है। यहां इतिहास भी है, संस्कृति भी है, खरीदारी भी है और ऐसा खाना भी जिसे देखकर डाइट कुछ घंटों के लिए भूल जाने का मन करता है। अगर आपके पास सिर्फ एक दिन है, तब भी सही रूट बनाकर Jaipur के कई खास हिस्से देखे जा सकते हैं। और अगर दो-तीन दिन हैं, तो आमेर से आगे बढ़कर गलता जी, पन्ना मीना का कुंड, पत्रिका गेट, सिसौदिया रानी बाग और यहां तक कि चांद बावड़ी जैसी जगहें भी जोड़ी जा सकती हैं। Jaipur को सिर्फ हवा महल समझने की गलती मत कीजिए Jaipur की सबसे पहचान वाली तस्वीर शायद हवा महल की है, लेकिन यह शहर उससे कहीं बड़ा है। पुराने शहर की गुलाबी इमारतों के पीछे आपको सदियों पुरानी बाजार संस्कृति दिखाई देती है। कहीं लाख की चूड़ियां बन रही हैं, कहीं ब्लॉक प्रिंट वाले कपड़े बिक रहे हैं और कहीं छोटी दुकान पर गरम कचौरी तल रही है। दूसरी तरफ अरावली की पहाड़ियों पर आमेर और नाहरगढ़ जैसे किले शहर के इतिहास की दूसरी तस्वीर दिखाते हैं। इसलिए Jaipur घूमते समय सिर्फ प्रसिद्ध जगहों की सूची पूरी करने के बजाय शहर को अलग-अलग हिस्सों में देखना ज्यादा अच्छा रहता है। पन्ना मीना का कुंड: आमेर के पास छिपी खूबसूरत बावड़ी आमेर किले के पास स्थित पन्ना मीना का कुंड उन जगहों में से है जिन्हें Jaipur आने वाले कई लोग जल्दी में छोड़ देते हैं। इसकी सबसे खास बात इसकी ज्यामितीय सीढ़ियां हैं, जो ऊपर से देखने पर किसी खूबसूरत डिजाइन जैसी लगती हैं। पुराने समय में बावड़ियां सिर्फ पानी जमा करने की जगह नहीं होती थीं, बल्कि लोगों के रोजमर्रा के जीवन का भी हिस्सा थीं। आज यहां कुछ देर रुककर इसकी बनावट देखना और फोटो लेना अच्छा लगता है। अगर आप सुबह आमेर किला देखने जा रहे हैं तो पन्ना मीना का कुंड उसी रूट में आसानी से जोड़ा जा सकता है। गलता जी में मंदिर के साथ पहाड़ियों का भी नजारा देखिए Jaipur से करीब 10 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों के बीच गलता जी स्थित है। यहां प्राकृतिक पानी के कुंड, पुराने मंदिर और आसपास घूमते बंदर इस जगह को बाकी मंदिरों से थोड़ा अलग बनाते हैं। गलता जी को कई लोग बंदरों की वजह से ‘मंकी टेंपल’ भी कहते हैं। यहां ऊपर की तरफ सूर्य मंदिर तक जाने पर शहर और आसपास की पहाड़ियों का अच्छा दृश्य दिखाई देता है। शाम के समय यहां से सूर्यास्त देखने का अनुभव भी अच्छा हो सकता है, हालांकि रास्ते और स्थानीय स्थिति देखकर ही समय तय करें। बंदरों के आसपास जाते समय एक बात हमेशा याद रखें—उन्हें खाना खिलाने या बहुत पास जाकर फोटो लेने की कोशिश न करें। पत्रिका गेट: रंगों से भरी तस्वीरों वाली जगह अगर आपको वास्तुकला और फोटो खींचना पसंद है, तो Jaipur का पत्रिका गेट आपकी सूची में होना चाहिए। जवाहर सर्किल के पास बना यह गेट अपने रंगीन गलियारों और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी चित्रकारी के लिए जाना जाता है। यह जगह पुराने किले या महल जितनी ऐतिहासिक नहीं है, लेकिन इसके डिजाइन में राजस्थान की अलग-अलग लोक परंपराओं और वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। सुबह या शाम यहां का प्रकाश फोटो के लिए अच्छा रहता है। अगर आपका एयरपोर्ट की तरफ आना-जाना है, तो इसे रास्ते में जोड़ना काफी आसान हो सकता है। सिसौदिया रानी बाग में मिलेगी शहर से थोड़ी शांति Jaipur के भीड़भाड़ वाले बाजारों और स्मारकों के बीच अगर आपको कुछ देर शांत जगह पर बैठना है तो सिसौदिया रानी बाग अच्छा विकल्प हो सकता है। आगरा रोड की तरफ स्थित यह बाग मुगल और राजपूत शैली के प्रभाव वाला पुराना शाही बगीचा है। यहां सीढ़ीनुमा बगीचे, पानी की संरचनाएं और दीवारों पर बनी चित्रकारी देखने को मिलती है। अगर आपके पास Jaipur में एक से ज्यादा दिन हैं, तो इसे अपनी यात्रा में शामिल किया जा सकता है। समय ज्यादा हो तो चांद बावड़ी तक जाएं अगर आप Jaipur में दो दिन या उससे ज्यादा रुक रहे हैं, तो चांद बावड़ी को अलग से जोड़ने के बारे में सोच सकते हैं। यह जयपुर शहर के अंदर नहीं, बल्कि दौसा जिले के आभानेरी में स्थित है, इसलिए इसे एक अलग यात्रा की तरह देखना बेहतर रहेगा। सैकड़ों सीढ़ियों वाली यह ऐतिहासिक बावड़ी दूर से देखने पर किसी विशाल ज्यामितीय आकृति जैसी दिखाई देती है। यहां पहुंचने से पहले अपने पूरे दिन का रूट देख लें, क्योंकि इसे जोड़ने पर बाकी Jaipur घूमने के लिए समय कम हो सकता है। Jaipur के बाजारों में घूमना भी एक तरह की यात्रा है Jaipur की यात्रा खरीदारी के बिना थोड़ी अधूरी लग सकती है, खासकर अगर आपको कपड़े, आभूषण, जूतियां और हस्तशिल्प पसंद हैं। पुराने शहर के बाजारों में घूमते समय सिर्फ दुकान से सामान खरीदना ही अनुभव नहीं है। असली मजा तो उन गलियों में चलते हुए आता है जहां हर दुकान का अपना रंग और अपना काम है। बापू बाजार, जोहरी बाजार, नेहरू बाजार और त्रिपोलिया बाजार अलग-अलग तरह की चीजों के लिए जाने जाते हैं। इसलिए जाने से पहले तय कर लें कि आपको कपड़े खरीदने हैं, चूड़ियां, ज्वेलरी या फिर घर के लिए सजावटी सामान। बापू बाजार में कपड़े और मोजड़ी की खरीदारी Jaipur के सबसे लोकप्रिय बाजारों में बापू बाजार का नाम जरूर आता है। यहां आपको राजस्थानी प्रिंट वाले कपड़े, साड़ियां, बैग, जूतियां और कई छोटे-बड़े हस्तशिल्प सामान मिल जाते