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Indian Railways Train Number Change: जनवरी 2027 अपडेट

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कई बार ऐसा होता है कि आप महीनों पहले किसी ट्रेन का टिकट बुक कर लेते हैं और सफर की तारीख आने तक रेलवे की तरफ से कोई नया अपडेट आ जाता है। कभी ट्रेन का समय बदल जाता है, कभी किसी स्टेशन पर नया ठहराव मिल जाता है और कभी ट्रेन का नंबर ही बदल दिया जाता है। ऐसे में यात्रियों को थोड़ी परेशानी होना लाजमी है। नया साल शुरू होने से पहले भारतीय रेलवे ने भी कुछ ऐसा ही बड़ा फैसला लिया है। 1 जनवरी 2027 से कई ट्रेनों के नंबर और उनकी श्रेणी में बदलाव होने जा रहा है। इनमें दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और गोवा समेत कई राज्यों को जोड़ने वाली ट्रेनें शामिल हैं। सप्तक्रांति एक्सप्रेस, पूर्णागिरि जन शताब्दी और देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस जैसी जानी-पहचानी ट्रेनों के नंबर भी बदलने वाले हैं।Indian Railways इस खबर में एक और बात यात्रियों का ध्यान खींच रही है। कुछ ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा हटाकर उन्हें मेल या एक्सप्रेस श्रेणी में रखा जा रहा है। इससे उन ट्रेनों पर लगने वाला अतिरिक्त सुपरफास्ट चार्ज भी नहीं लगेगा। यानी कुछ यात्रियों को टिकट के किराए में राहत मिल सकती है। हालांकि, यह बदलाव सभी ट्रेनों पर एक जैसा लागू नहीं होगा। कुछ ट्रेनों के नए नंबर 1 जनवरी से लागू होंगे, जबकि कुछ के लिए जनवरी की दूसरी तारीखें तय की गई हैं।  नए साल से रेलवे में क्या बदलने वाला है? भारतीय रेलवे समय-समय पर ट्रेनों की औसत रफ्तार, ठहराव और परिचालन व्यवस्था की समीक्षा करता है। इसी तरह की समीक्षा के बाद कई ट्रेनों के नंबर और श्रेणी में बदलाव का फैसला लिया गया है। इसका असर देश के अलग-अलग रेलवे जोन की ट्रेनों पर पड़ने वाला है। इस Indian Railways Train Number Change के तहत कुछ ऐसी ट्रेनें हैं जो अभी सुपरफास्ट श्रेणी में चलती हैं, लेकिन नए साल से मेल या एक्सप्रेस श्रेणी में चलाई जाएंगी। इनके पुराने नंबर की जगह नए नंबर इस्तेमाल होंगे। यात्रियों को टिकट बुक करते समय और ट्रेन का लाइव स्टेटस देखते समय इन नए नंबरों का ध्यान रखना होगा। उदाहरण के लिए, मुजफ्फरपुर से आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस का नंबर अभी 12557 है। 1 जनवरी 2027 से यह ट्रेन 15577 नंबर से चलेगी। इसी तरह वापसी की ट्रेन का नंबर 12558 से बदलकर 15578 हो जाएगा। Indian Railways रेलवे की तरफ से जारी सूचनाओं में कुछ ट्रेनों के मौजूदा ठहराव और समय को पहले जैसा रखने की बात भी कही गई है। लेकिन हर ट्रेन के लिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि उसके समय और ठहराव में कोई बदलाव नहीं होगा। यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की ताजा जानकारी जरूर देख लें। आखिर ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा क्यों हटाया जा रहा है? अब सवाल यह है कि जिन ट्रेनों को पहले सुपरफास्ट कहा जाता था, उनका दर्जा क्यों बदला जा रहा है? इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ट्रेन की औसत रफ्तार मानी जाती है। Indian Railways रेलवे में किसी ट्रेन को सुपरफास्ट श्रेणी में रखने के लिए उसकी औसत रफ्तार का एक तय मानक होता है। आमतौर पर इसके लिए 55 किलोमीटर प्रति घंटे का मानक बताया जाता है। हालांकि, अलग-अलग रूट और रेलवे के नियमों के हिसाब से इसकी समीक्षा की जाती है। अगर ट्रेन इस तय मानक पर खरी नहीं उतरती, तो उसकी श्रेणी बदलने का फैसला लिया जा सकता है। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। कई बार यात्रियों की मांग पर ट्रेन को नए स्टेशनों पर ठहराव दिया जाता है। इससे ट्रेन को बार-बार रुकना पड़ता है और पूरी यात्रा की औसत रफ्तार पर असर पड़ता है। इसके अलावा व्यस्त रेल रूट पर दूसरी ट्रेनों का दबाव, सिग्नल और परिचालन से जुड़ी परेशानियां भी ट्रेन की रफ्तार को प्रभावित कर सकती हैं। इस Indian Railways Train Number Change में भी कुछ ट्रेनों को सुपरफास्ट से मेल या एक्सप्रेस श्रेणी में रखा जा रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रेन अचानक बहुत धीमी हो जाएगी या उसका रूट बदल जाएगा। श्रेणी बदलने का फैसला औसत रफ्तार और रेलवे के तय नियमों के आधार पर किया जाता है। यात्रियों को यह भी समझना चाहिए कि सुपरफास्ट का दर्जा हटना और ट्रेन की वास्तविक गति कम होना एक ही बात नहीं है। ट्रेन का नया नंबर और श्रेणी बदल सकती है, लेकिन सफर का समय और ठहराव जानने के लिए रेलवे की नई समय-सारिणी देखना जरूरी है। टिकट के किराए में कितनी बचत हो सकती है? इस पूरे बदलाव में यात्रियों के लिए सबसे काम की बात किराए से जुड़ी है। सुपरफास्ट ट्रेन में सामान्य किराए के अलावा एक अतिरिक्त सुपरफास्ट सरचार्ज भी लिया जाता है। जब किसी ट्रेन का सुपरफास्ट दर्जा हटाकर उसे मेल या एक्सप्रेस श्रेणी में रखा जाता है, तो उस ट्रेन पर सुपरफास्ट सरचार्ज नहीं लिया जाना चाहिए। रेलवे की प्रकाशित शुल्क तालिका में अलग-अलग क्लास के लिए सुपरफास्ट सरचार्ज की रकम दी गई है। इसके आधार पर यात्रियों को कितनी राहत मिल सकती है, इसे आसान तरीके से समझिए। Indian Railways टिकट की क्लास सुपरफास्ट सरचार्ज स्लीपर क्लास (Sleeper) ₹30 थर्ड एसी (3AC) ₹45 एसी चेयर कार (CC) ₹45 सेकंड एसी (2AC) ₹45 फर्स्ट एसी (1AC) ₹75 एग्जीक्यूटिव क्लास (EC) ₹75 उदाहरण के लिए, अगर कोई यात्री ऐसी ट्रेन में स्लीपर क्लास का टिकट बुक करता है जिसका सुपरफास्ट दर्जा खत्म हो चुका है, तो उस पर 30 रुपये का सुपरफास्ट सरचार्ज नहीं लगेगा। इसी तरह एसी क्लास में यह अतिरिक्त शुल्क 45 या 75 रुपये तक हो सकता है। ध्यान रखें कि यह रकम सुपरफास्ट सरचार्ज की है, हर टिकट के कुल किराए में होने वाली पक्की कटौती नहीं। टिकट का अंतिम किराया दूरी, क्लास, आरक्षण शुल्क और दूसरे लागू नियमों पर निर्भर करता है। इसलिए Indian Railways Train Number Change के बाद टिकट बुक करते समय IRCTC पर दिखने वाला अंतिम किराया ही देखें। Indian Railways उत्तर भारत की इन 18 ट्रेनों के नंबर बदलेंगे उत्तर रेलवे की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से कई ट्रेनों के पुराने नंबर बदलकर नए नंबर लागू किए जाएंगे। इस सूची में उत्तराखंड, बिहार, पंजाब और दिल्ली के बीच चलने वाली कई अहम