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Top 6 National Parks of Uttarakhand

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उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में बसा हुआ एक राज्य है जहाँ धार्मिक संस्कृति के साथ-साथ नेचुरल ब्यूटी भी हैं। यहाँ गंगा और यमुना का उद्गम स्थल भी है और दुनिया का सबसे खूबसूरत नेशनल पार्क भी। यहाँ हिन्दुओं के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल चार धाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) भी है। यहाँ नेचुरल ब्यूटी बहुत ज्यादा है इसलिए छोटा राज्य होने के बावजूद, यहाँ छह नेशनल पार्क्स है। आज के फाइव कलर्स ऑफ़ ट्रैवल के इस ब्लॉग में हम आपको बताएँगे इन सभी नेशनल पार्क्स (National Parks of Uttarakhand) के बारें में जहाँ आप नेचर को एक्सप्लोर कर सकते हैं। 1. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbette National Park) जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जिसे पहले हैली नेशनल पार्क भी कहा जाता था। यह हमारे देश का सबसे पुराना नेशनल पार्क भी है। यह उत्तराखंड के रामनगर में स्थित है। दिल्ली से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की दूरी करीबन 250 किलोमीटर है। यहां पर आप किसी भी साधन से बड़ी ही आसानी से पहुंच सकते है। यहां पर आपको 2000 से भी ज्यादा रंग बिरंगी तितलियों की प्रजातियां मिल जाएगी। आप यहां किफायती दाम में होटल या रिसोर्ट में भी रुक सकते हैं। यह कॉर्बेट यकीनन प्रकृति के बहुत करीब और शांति प्रिय है। कैसे पहुंचे जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Jim Corbette National Park)? 2. फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Valley of Flowers National Park) वैली ऑफ़ फ्लावर उत्तराखंड में एक ऐसी जगह है जहां आपको चारों ओर हजारों प्रकार के फूलों, पौधों और छोटे-छोटे जीव जंतुओं को देखने का अवसर मिलेगा। यह जगह इतनी खूबसूरत है कि इस शब्दों में बयां किया जा सकना नामुमकिन है। इस जगह की खूबसूरती को महसूस करने के लिए और यहां के फिजाओं में बसे सुकून के एहसास को समझने के लिए आपको खुद ही यहां तक आना पड़ेगा। नेचर्स लवर के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। यह जगह इतनी खूबसूरत है कि आप इसे तस्वीरों में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। इस जगह के बारे में आपको एक और खास बात यह है कि ये जगह वर्ल्ड हेरिटेज साइट के सूची में शामिल है। यहाँ लगभग 500 से भी ज्यादा प्रकार की पौधों और जड़ी बूटियों की प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनमे से कुछ प्रमुख निम्नलिखित है- एनीमोन (Anemone), जर्मेनियम (Germanium), मार्श (Marsh), गेंदा (Marigold), प्रिभुला (Pribula), रानुनकुलस (Ranunculus), कोरिडालिस (Corydalis), इन्डुला (Indula), सौसुरिया (Saussurea) और कम्पानुला (Campanula)। कैसे पहुंचे फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Valley of Flowers National Park)? वैली ऑफ फ्लावर नेशनल पार्क पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ेगी। इसके लिए आपको सबसे पहले उत्तराखंड के गोविंद घाट से पुलना गांव तक पहुंचना होगा। पुलना गांव से आपकी ट्रैकिंग की शुरुआत होगी। जब आप पुलना गांव से अपनी ट्रैकिंग की शुरुआत करेंगे तो रास्ते में आपको सबसे पहले जंगल चट्टी नाम के एक बाजार से गुजरना होगा। जंगल चट्टी से गुजरते हुए आप भ्युवदार गांव पहुंचेंगे। भ्युवदार गांव इस ट्रक का सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट होगा। जहां से आप घांगरिया के लिए निकलेंगे। पुलना से घांगरिया तक का ट्रैक लगभग 10 किलोमीटर का होता है। घांगरिया पहुंचकर आपको एक दिन रुकना पड़ेगा, क्योंकि दिन के 12:00 के बाद घांगरिया से आगे की ट्रैकिंग रोक दी जाती है। अगले दिन आप वैली ऑफ फ्लावर के लिए ट्रैकिंग शुरू कर सकते हैं। घांगरिया से वैली ऑफ फ्लावर का रास्ता लगभग 4 किलोमीटर का है और आप बहुत ही आसानी से इस ट्रैक को पूरा कर लेंगे। 3. गोविन्द पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान (Govind Pashu Vihar National Park) गोविन्द पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान सुपीन रेंज में बसा हुआ एक नेशनल पार्क है जो, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पास स्थित है। गोविन्द पशु विहार नेशनल पार्क लगभग 958 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1955 में हुई थी। इस नेशनल पार्क का नाम स्वतंत्रता सेनानी और राजनितज्ञ गोविन्द बल्लभ पंत के नाम पर रखा गया था जो उस समय होम मिनिस्टर (Home Minister) के पद पर आसीन थे। हिंदी को भारत की राष्ट्रीय भाषा घोषित करने में गोविन्द बल्लभ पंत का प्रमुख हाथ था। यह नेशनल पार्क गढ़वाल हिमालय (Garhwal Himalayas) क्षेत्र में स्थित हैं। इस राष्ट्रीय उद्यान में भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्नो लेपर्ड प्रोजेक्ट (Snow Leopard Project) के तहत यहाँ स्नो लेपर्ड का संरक्षण किया जाता है। आप इस नेशनल पार्क में ट्रैकिंग भी कर सकते हैं। कैसे पहुंचे गोविन्द पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Govind Pashu Vihar National Park)? 4. गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान (Gangotri National Park)  गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान गंगोत्री हिमानी के गोद में बसा हुआ एक नेशनल पार्क है जो, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है।यह नेशनल पार्क उत्तराखंड का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। गंगोत्री नेशनल पार्क लगभग 2390 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1989 में हुई थी। इस उद्यान के पूर्व में तिब्बत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा है। गंगा नदी का उद्गम स्थल गोमुख इसी उद्यान में स्थित है। इस उद्यान का नाम गंगोत्री ग्लेशियर के नाम पर रखा गया है जो हिन्दुओं के प्रमुख पूजनीय स्थलों में से एक है। आपको यहाँ की ऊंचाई में भारी विषमता देखने को मिलेंगी। यहाँ प्रमुख रूप से हिम तेंदुआ (Snow leopard), बाघ (Tiger), भरल (Bharal), हिमालयन तहर (Himalayan Tahr), भूरा भालू (Brown Bear), हिमालयन मोनाल (Himalayan Monal), हिमालयन स्नोकॉक (Himalayan Snowcock), काला भालू (Black Bear), कस्तूरी मृग (Musk Deer) पाए जाते है। कैसे पहुंचे गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Gangotri National Park)? 5. राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) उत्तराखंड राज्य के देहरादून और हरिद्वार में स्थित राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820.5 वर्ग किलोमीटर है। हाथियों, तेंदुओं, बाघों और हिरनों जैसे जानवरों को अपने में पनाह देने वाला यह पार्क पर्यटकों के मन को भी काफी लुभाता है। सुहाने मौसम, हरे भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच खुले में घूम रहे जानवर को देखना अपने आप में ही अविस्मरणीय दृश्य होता है। कैसे पहुंचे राजाजी राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Rajaji National Park)? 6. नंदा देवी नेशनल पार्क (Nanda Devi National Park) उत्तराखंड के चमोली गढ़वाल में स्थित नंदा देवी नेशनल पार्क (Nanda Devi National Park) देश के सबसे प्रसिद्ध नेशनल पार्कों की सूची में गिना जाता है।

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एक ऐसा राष्ट्रीय उद्यान जिसका नाम गोविंद बल्लभ पंत के नाम पर रखा गया है

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गोविन्द पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान (Govind Pashu Vihar National Park) सुपीन रेंज में बसा हुआ एक नेशनल पार्क है जो, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पास स्थित है। गोविन्द पशु विहार नेशनल पार्क लगभग 958 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना 1955 में हुई थी। इस नेशनल पार्क का नाम स्वतंत्रता सेनानी और राजनितज्ञ गोविन्द बल्लभ पंत के नाम पर रखा गया था जो उस समय होम मिनिस्टर (Home Minister) के पद पर आसीन थे। हिंदी को भारत की राष्ट्रीय भाषा घोषित करने में गोविन्द बल्लभ पंत का प्रमुख हाथ था। यह नेशनल पार्क गढ़वाल हिमालय (Garhwal Himalayas) क्षेत्र में स्थित हैं। इस राष्ट्रीय उद्यान में भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्नो लेपर्ड प्रोजेक्ट (Snow Leopard Project) के तहत यहाँ स्नो लेपर्ड का संरक्षण किया जाता है। आप इस नेशनल पार्क में ट्रैकिंग भी कर सकते हैं। फॉउना (Fauna in Govind Pashu Vihar National Park) गोविन्द पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रकार के फॉउना (Fauna) निवास करते है जिनमे पक्षियों की 150 प्रजातियां और मैमल्स की 15 प्रजातियां शामिल है। यहाँ प्रमुख रूप से हिम तेंदुआ (Snow Leopard), भूरा भालू (Brown Bear), एशियाई काला भालू (Asian Black Bear), तेंदुआ (Leopard), हिमालयन स्नोकॉक (Himalayan Snowcock), हिमालयी तहर (Himalayan Tahr), चील (Steppe Eagle), कस्तूरी मृग (Musk Deer), भरल (Bharal), ब्लैक ईगल (Black Eagle), हिमालयन चूहा (Himalayan Field Rat), बियर्डेड वल्चर (Bearded Vulture), गोरल (Goral), गोल्डन ईगल (Golden Eagle), सिवेट (Civet), जंगली सूअर (Wild Boar) और हिमालयन मोनाल तीतर (Himalayan Monal Pheasant) पाए जाते है। फ्लोरा (Flora in Govind Pashu Vihar National Park) अगर बात की जाए फ्लोरा की तो, यहाँ पेड़ों की अनेक प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनमे यहाँ निचले भागों में चिर पाइन (Chir Pine), देवदार (Deodar), ओक (Oak), आदि पाई जाती है। इसके अलावा हाई अल्टीट्यूड पर ब्लू पाइन (Blue Pine), सिल्वर फ़िर (Silver Fir), यु (Yew), स्प्रूस (Spruce), ओक (Oak), मैपल (Maple), हैज़ल (Hazel), वॉलनट (Walnut), हॉर्स चेस्टनट (Horse Chestnut) आदि पाई जाती है। बेस्ट टाइम टू विजिट गोविन्द पशु विहार नेशनल पार्क (Best time to visit Govind Pashu Vihar National Park) अगर आप गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान आने की चाह रख रहे है तो आप विंटर (Winter) में आने से बचें क्योंकि विंटर में यहाँ बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है। आप यहाँ अप्रैल से जून और सितम्बर से नवंबर के बीच में आने की कोशिश करें क्योंकि इस समय यह की परिस्थितियां सम रहती हैं। कैसे पहुंचे गोविन्द पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान (How to reach Govind Pashu Vihar National Park)? सड़क मार्ग- आप धारकाधी से गोविन्द पशु विहार नेशनल पार्क पहुंच सकते है जो देहरादून से जुड़ा हुआ हैं।रेल मार्ग- इस नेशनल पार्क का नजदीकी रेलवे स्टेशन है- देहरादून रेलवे स्टेशन जहाँ से आप टैक्सी बुक करके या बस लेकर गोविन्द पशु विहार नेशनल पार्क पहुंच सकते है।हवाई मार्ग- इस नेशनल पार्क का निकटम एयरपोर्ट जॉली ग्रांट (देहरादून) में है जो 231 किलोमीटर दूर है।