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भारत की 7 Toy Train Journeys जो हर Travel Lover की Bucket List में होनी चाहिए

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अगर आपको लगता है कि सफर सिर्फ मंज़िल तक पहुंचने का ज़रिया है, तो भारत की Toy Train Journeys आपकी ये सोच पूरी तरह बदल देंगी। यहां रेल की रफ्तार भले ही कम हो, लेकिन रास्तों का हुस्न, पहाड़ों की ख़ामोशी, जंगलों की ख़ुशबू और बादलों के बीच से गुज़रती पटरियां ऐसा मंज़र पेश करती हैं जिसे आप ज़िंदगी भर नहीं भूलेंगे। भारत की ये Toy Train सिर्फ एक ट्रेन नहीं बल्कि Heritage, History और Nature का ऐसा शानदार कॉम्बिनेशन हैं, जिन्हें दुनिया भर के ट्रैवलर्स पसंद करते हैं। इनमें से कई UNESCO World Heritage Site का हिस्सा भी हैं। अगर आप भी अपने अगले Vacation में कुछ अलग, सुकून भरा और Instagram-worthy एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो ये सफर आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं। 1. दार्जिलिंग Himalayan Toy Railway, पश्चिम बंगाल बादलों के बीच चलता एक Heritage सफर दार्जिलिंग की Toy Train भारत की सबसे मशहूर Heritage Railway मानी जाती है। 1881 में शुरू हुई यह रेलवे आज भी उसी शान के साथ पहाड़ों के बीच चलती है। लगभग 88 किलोमीटर का यह सफर न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग तक पहुंचता है और रास्ते में चाय के बागान, छोटे गांव और खूबसूरत पहाड़ आपका दिल जीत लेते हैं। क्या है इसकी खासियत? UNESCO World Heritage Site का दर्जा। Batasia Loop और Ghum Station जैसे आइकॉनिक पड़ाव। Steam Engine का Royal Experience। यहां क्या देखें? Batasia Loop Ghum Monastery Darjeeling Tea Gardens Tiger Hill Himalayan Mountaineering Institute घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से मई और अक्टूबर से दिसंबर। सुबह की Journey सबसे खूबसूरत मानी जाती है क्योंकि मौसम साफ रहता है। कैसे पहुंचे? सबसे नज़दीकी Airport बागडोगरा और Railway Station न्यू जलपाईगुड़ी है। वहां से Toy Train आसानी से मिल जाती है। 2. कालका-शिमला Toy Train, हिमाचल प्रदेश 125 साल पुराना पहाड़ों का जादुई सफर कालका से शिमला तक चलने वाली Toy Train भारत की सबसे खूबसूरत रेल यात्राओं में गिनी जाती है। करीब 96 किलोमीटर के इस सफर में 100 से ज़्यादा सुरंगें और 800 से अधिक पुल आते हैं। क्या है इसकी खासियत? UNESCO World Heritage Site। 102 सुरंगों और 800+ पुलों का शानदार अनुभव। देवदार के जंगल और Valley Views। यहां क्या देखें? Shimla Mall Road Christ Church Kufri Summer Hill Tara Devi Temple घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर। सर्दियों में Snow View एक्स्ट्रा बोनस बन जाता है। कैसे पहुंचे? कालका Railway Station दिल्ली और चंडीगढ़ से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहीं से Toy Train मिलती है। 3. नीलगिरि Mountain Toy Railway, तमिलनाडु Blue Mountains के बीच यादगार सफर ऊटी जाने वाली यह Toy Train दक्षिण भारत की सबसे शानदार रेल यात्रा मानी जाती है। यह मेट्टुपालयम से ऊटी तक चलती है और रास्ते में झरने, जंगल और घाटियां देखने को मिलती हैं। क्या है इसकी खासियत? Rack and Pinion Technology। UNESCO World Heritage Site। Western Ghats के शानदार नज़ारे। यहां क्या देखें? Ooty Lake Botanical Garden Doddabetta Peak Tea Museum Coonoor घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून तक। सुबह का सफर सबसे शानदार माना जाता है। कैसे पहुंचे? कोयंबटूर Airport सबसे नज़दीक है। वहां से मेट्टुपालयम पहुंचकर Toy Train पकड़ी जा सकती है। 4. माथेरान Hill Toy Train, महाराष्ट्र Car-Free Hill Station का अलग ही मज़ा माथेरान भारत का ऐसा Hill Station है जहां गाड़ियों की एंट्री नहीं होती। यहां की Toy Train जंगलों और पहाड़ियों के बीच से गुज़रती हुई एक बेहद सुकून भरा एक्सपीरियंस देती है। क्या है इसकी खासियत? Car-Free Destination। Nature Lovers के लिए Perfect। घाटियों के खूबसूरत Views। यहां क्या देखें? Panorama Point Charlotte Lake Echo Point Louisa Point Sunset Point घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मई। कैसे पहुंचे? मुंबई से नेरल Railway Station पहुंचें। यहां से Toy Train माथेरान तक जाती है। 5. कांगड़ा वैली Toy Train, हिमाचल प्रदेश धौलाधार की गोद में सुकून भरा सफर अगर भीड़ से दूर कोई रिलैक्सिंग सफर चाहिए तो कांगड़ा वैली की Toy Train बिल्कुल परफेक्ट है। यह पठानकोट से जोगिंदरनगर तक चलती है। क्या है इसकी खासियत? धौलाधार Range के शानदार Views। छोटे गांव और खेतों का खूबसूरत नज़ारा। कम भीड़ और शांत माहौल। यहां क्या देखें? Kangra Fort Dharamshala Palampur Tea Gardens Baijnath Temple Andretta Village घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर। कैसे पहुंचे? पठानकोट Railway Station से Toy Train उपलब्ध है। 6. ग्वालियर Narrow Gauge Toy Train, मध्य प्रदेश Royal Heritage का अनोखा सफर ग्वालियर की Narrow Gauge Toy Train भारत की कम चर्चित लेकिन बेहद दिलचस्प रेल यात्राओं में शामिल है। यह Heritage Lovers के लिए शानदार अनुभव देती है। क्या है इसकी खासियत? Historic Narrow Gauge Route। पुराने दौर की रेलवे विरासत। Central India का अलग अनुभव। यहां क्या देखें? Gwalior Fort Jai Vilas Palace Sas Bahu Temple Gujari Mahal Tansen Tomb घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च। कैसे पहुंचे? ग्वालियर Airport और Railway Station दोनों अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। 7. बिलीमोरा-वघई Toy Train, गुजरात जंगलों और आदिवासी इलाकों का अनदेखा सफर अगर आप Offbeat Travel पसंद करते हैं तो गुजरात की यह Toy Train आपके लिए शानदार ऑप्शन है। यह सफर घने जंगलों, नदियों और Tribal Villages के बीच से होकर गुजरता है। क्या है इसकी खासियत? Offbeat Route। Nature और Tribal Culture का शानदार मेल। कम भीड़, ज़्यादा सुकून। यहां क्या देखें? Vansda National Park Gira Waterfalls Waghai Botanical Garden Tribal Villages Forest Landscapes घूमने का सबसे अच्छा समय जुलाई से फरवरी। मानसून में यहां की हरियाली देखने लायक होती है। कैसे पहुंचे? सूरत और बिलीमोरा Railway Station से आसानी से पहुंचा जा सकता है। Five कलर्स ऑफ ट्रैवल की तरफ से कुछ सुझाव Toy Train की टिकट पहले से Book कर लें क्योंकि Peak Season में सीटें जल्दी भर जाती हैं। Window Seat चुनने की कोशिश करें ताकि पूरे रास्ते के Views का मज़ा ले सकें। Camera या Smartphone पूरी तरह Charge रखें, क्योंकि रास्ते में हर कुछ मिनट बाद Photo लेने का दिल करेगा। हल्का Jacket साथ रखें। पहाड़ों का मौसम कब करवट बदल ले, कहना मुश्किल है। Local Food ज़रूर Try करें। हर Route अपने ज़ायके के लिए भी मशहूर है। अगर Steam

Gurudwara Bangla Sahib Category Culture Destination Travel Travel News & Information

दिल्ली का Bangla Sahib Gurudwara आखिर क्यों है सबसे ज़्यादा Visit की जाने वाली Religious Places में से एक?

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दिल्ली की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के बीच अगर कोई जगह सुकून, सेवा और श्रद्धा का एहसास एक साथ कराती है, तो वो है Bangla Sahib Gurudwara। हर दिन यहां हज़ारों लोग आते हैं। कोई माथा टेकने, कोई Langar खाने, कोई सिर्फ कुछ पल की शांति महसूस करने। मज़े की बात ये है कि यहां सिर्फ Sikh community ही नहीं, बल्कि हर धर्म और हर उम्र के लोग बिना किसी भेदभाव के आते हैं। यही वजह है कि Bangla Sahib आज सिर्फ एक Gurudwara नहीं, बल्कि दिल्ली की पहचान बन चुका है। Bangla Sahib का इतिहास Bangla Sahib का इतिहास 17वीं सदी से जुड़ा हुआ है। पहले इस जगह पर Raja Jai Singh का एक बंगला हुआ करता था। बाद में Guru Har Krishan Ji, जो Sikh धर्म के आठवें Guru थे, कुछ समय के लिए यहीं ठहरे थे। उस दौर में दिल्ली में चेचक और हैजा जैसी बीमारियां फैली हुई थीं। Guru Har Krishan Ji ने बीमार लोगों की सेवा की और उन्हें पानी पिलाया। माना जाता है कि उनकी सेवा और आशीर्वाद से कई लोगों को राहत मिली। आज भी Gurudwara के अंदर मौजूद Sarovar का पानी श्रद्धालु पवित्र मानते हैं। यहां की सबसे बड़ी पहचान – Langar Bangla Sahib का Langar दुनिया भर में मशहूर है। यहां हर दिन हज़ारों लोगों को बिल्कुल मुफ्त खाना खिलाया जाता है। अमीर-गरीब, Local या Tourist, हर कोई एक ही लाइन में बैठकर खाना खाता है। खाना बनाने और परोसने का ज़्यादातर काम Volunteers यानी Sevadars करते हैं। यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि बराबरी और इंसानियत का सबसे खूबसूरत Example है। Sarovar का सुकून Gurudwara के बीचों-बीच बना बड़ा Sarovar यहां आने वालों को अलग ही सुकून देता है। लोग यहां बैठकर कुछ देर Meditation करते हैं। पानी में Gurudwara की Reflection शाम के वक्त बेहद खूबसूरत लगती है। Photography करने वालों के लिए भी ये Spot काफी पसंदीदा है। Architecture भी है कमाल Bangla Sahib का White Marble, Golden Dome और साफ-सुथरा परिसर हर किसी का ध्यान खींच लेता है। Golden Dome दूर से ही दिखाई देता है। रात में Lighting होने के बाद पूरा Gurudwara और भी शानदार लगता है। अंदर का माहौल इतना शांत होता है कि कुछ मिनट बैठते ही मन हल्का महसूस होने लगता है। हर धर्म के लोगों के लिए खुला है दरवाज़ा Bangla Sahib की सबसे खूबसूरत बात यही है कि यहां किसी से उसका धर्म नहीं पूछा जाता। हर कोई माथा टेक सकता है। Langar में बैठकर खाना खा सकता है। सेवा में हिस्सा ले सकता है। यही Inclusiveness इसे दिल्ली की सबसे खास Religious Places में शामिल करती है। यहां क्या-क्या देखें? Golden Dome Sarovar Langar Hall Main Prayer Hall Museum Library Nishan Sahib Visit करने का Best Time सुबह जल्दी जाएं, तब भीड़ कम रहती है और माहौल बेहद शांत होता है। शाम के वक्त Lighting और Reflection देखने लायक होती है। Gurpurab जैसे Festivals पर यहां अलग ही रौनक देखने को मिलती है, लेकिन भीड़ काफी ज़्यादा होती है। कैसे पहुंचे? सबसे आसान तरीका Metro है। नज़दीकी Metro Station Patel Chowk और Shivaji Stadium हैं। Auto, Cab और Bus से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। Five Colors of Travel Tips 1. सिर ढककर जाएं Gurudwara के अंदर Head Cover करना ज़रूरी होता है। अगर साथ में Scarf नहीं है, तो Entry पर मुफ्त में मिल जाता है। 2. Shoes बाहर उतारें जूते और Socks बाहर जमा कराएं और हाथ-पैर धोकर अंदर जाएं। 3. Silence Maintain करें Prayer Hall के अंदर धीरे बात करें और दूसरों की श्रद्धा का सम्मान करें। 4. Langar Miss मत करें अगर समय हो, तो Langar ज़रूर खाएं। यही Bangla Sahib की असली Spirit है। 5. Cleanliness का ध्यान रखें कूड़ा इधर-उधर न फेंकें और पूरे परिसर की सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। Bangla Sahib सिर्फ एक Tourist Spot नहीं है। ये ऐसी जगह है जहां Service, Humanity और Faith एक साथ देखने को मिलते हैं। चाहे आप Spiritual Journey पर हों, Delhi Explore कर रहे हों या बस कुछ देर की Mental Peace चाहते हों, Bangla Sahib आपको खाली हाथ वापस नहीं भेजेगा। यहां की शांति, Langar की गर्मजोशी और लोगों की सेवा शायद वही एहसास है, जिसकी वजह से लाखों लोग बार-बार इस Gurudwara का रुख करते हैं।