Goecha La Trek: सिक्किम में 10 दिन के ट्रेक की पूरी जानकारी
पहाड़ों पर घूमने और पहाड़ों पर Trek करने में काफी फर्क होता है। किसी पहाड़ी जगह पर पहुंचकर Hotel की Balcony से बर्फीली चोटियां देखना अलग अनुभव है, लेकिन जब वही पहाड़ आपके सामने कई घंटों की चढ़ाई, जंगलों, नदियों, पत्थरीले रास्तों और ठंडी हवाओं के साथ खड़े हों, तो सफर की कहानी ही बदल जाती है। Sikkim का Goecha La ऐसा ही एक Trek है, जहां रास्ता आपको धीरे-धीरे हिमालय की उस दुनिया में ले जाता है, जहां सामने Kanchenjunga की विशाल चोटियां होती हैं और आसपास सिर्फ जंगल, बर्फ, घास के मैदान और पहाड़ दिखाई देते हैं। करीब 10 दिनों का यह सफर Yuksom से शुरू होकर Kanchenjunga के बेहद खूबसूरत इलाकों तक पहुंचता है। रास्ते में पुराने जंगल, छोटे पहाड़ी Camp, Rhododendron के फूल, ऊंचे पहाड़, Samiti Lake और आखिर में Goecha La का Viewpoint आता है। Goecha La की सबसे खास बात यही है कि यहां मंजिल से ज्यादा रास्ता याद रहता है। हर दिन का नजारा पिछले दिन से बिल्कुल अलग लगता है। अगर आप भी ऐसा Trek ढूंढ रहे हैं जिसमें सिर्फ चलना नहीं, बल्कि पूरा हिमालयी अनुभव मिले, तो Goecha La आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। हालांकि यह कोई आसान घूमने वाली जगह नहीं है। ऊंचाई, मौसम और लगातार कई दिनों तक पैदल चलने के कारण अच्छी तैयारी जरूरी है। Goecha La आखिर है क्या? Goecha La Sikkim हिमालय का एक प्रसिद्ध High-Altitude Trek है, जिसे आमतौर पर Yuksom से शुरू किया जाता है। इस Trek का सबसे बड़ा आकर्षण Kanchenjunga पर्वत का शानदार दृश्य है। Kanchenjunga 8,586 मीटर ऊंची चोटी है और दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में शामिल है। Trek के ऊंचे हिस्सों में पहुंचने के बाद इसके साथ Pandim, Kabru औ Rathong जैसी चोटियां भी दिखाई देती हैं। Goecha La का रास्ता Khangchendzonga National Park के इलाके से गुजरता है। यह क्षेत्र अपनी Biodiversity और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। नीचे की तरफ घने जंगल मिलते हैं, फिर Rhododendron और ऊंचाई वाले पेड़ दिखाई देते हैं और आगे जाकर पेड़ कम होते जाते हैं तथा खुले पहाड़ी मैदान और बर्फीले इलाके नजर आने लगते हैं। 10 दिन क्यों चाहिए इस Trek के लिए? Goecha La को सिर्फ दो-तीन दिन में पूरा करने वाला Trek समझना सही नहीं होगा। यहां शरीर को धीरे-धीरे बढ़ती ऊंचाई के साथ ढालना पड़ता है। Yuksom से शुरुआत लगभग 1,780 मीटर की ऊंचाई से होती है, जबकि रास्ते में आप 4,000 मीटर से ऊपर तक पहुंचते हैं। इसी वजह से Goecha La की यात्रा में बीच में आराम और शरीर को ऊंचाई के हिसाब से ढालने के लिए समय दिया जाता है। खासकर Dzongri के आसपास एक अतिरिक्त दिन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन सिर्फ आराम करने के लिए नहीं होता, बल्कि शरीर की प्रतिक्रिया देखने और अगले कठिन हिस्से के लिए तैयार होने का मौका देता है। दिन 1: Yuksom से शुरू होगी असली कहानी Goecha La की शुरुआत Yuksom से होती है। Yuksom Sikkim के इतिहास में भी खास जगह रखता है और इसे Sikkim की पहली राजधानी माना जाता है। यहीं से आगे का Trek शुरू होता है। पहले दिन आमतौर पर Guide, Permit और सामान की तैयारी पूरी की जाती है। Yuksom में एक रात रुकना इसलिए भी अच्छा रहता है क्योंकि अगले दिन से लगातार पैदल चलना शुरू हो जाता है। इस दिन भारी Trekking करने के बजाय शरीर को आराम देना और अगले कई दिनों के लिए सामान व्यवस्थित करना बेहतर रहता है। दिन 2: Yuksom से Sachen तक जंगलों का सफर दूसरे दिन Goecha La का असली Trek शुरू होता है। Yuksom से Sachen तक का रास्ता घने जंगलों से होकर गुजरता है। आसपास Oak, Bamboo और दूसरे पहाड़ी पेड़ दिखाई देते हैं। रास्ते में Rathong Chu नदी की आवाज कई जगह आपके साथ चलती रहती है। इस हिस्से में लकड़ी के पुल और Suspension Bridge भी मिलते हैं। पुलों पर लगी रंग-बिरंगी Prayer Flags पूरे रास्ते को अलग ही रूप देती हैं। करीब 8 किलोमीटर का यह रास्ता शुरुआती दिन के लिए अच्छा अनुभव देता है। Sachen पहुंचकर जंगल के बीच Camp में रात बिताई जाती है। दिन 3: Sachen से Tshoka और पहली बड़ी चढ़ाई तीसरे दिन Goecha La का रास्ता थोड़ा ज्यादा चढ़ाई वाला हो जाता है। Sachen से निकलकर आप Bakhim की तरफ बढ़ते हैं और फिर Tshoka पहुंचते हैं। जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, जंगल और आसपास का वातावरण भी बदलने लगता है। Tshoka एक छोटा और खूबसूरत पहाड़ी Camp है। यहां लकड़ी के घर, पहाड़ी माहौल और आसपास खुला दृश्य मिलता है। साफ मौसम में यहां से Mount Pandim की पहली शानदार झलक मिल सकती है। यह वही पल होता है जब कई यात्रियों को महसूस होता है कि अब वे वास्तव में हिमालय के अंदर पहुंच चुके हैं। दिन 4: Tshoka से Phedang और Dzongri Goecha La का यह हिस्सा शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण दिनों में गिना जाता है। Tshoka से आगे रास्ता लगातार ऊपर जाता है और आप Phedang की ओर बढ़ते हैं। Rhododendron के जंगल इस हिस्से को बेहद खूबसूरत बना देते हैं, खासकर फूलों के मौसम में। Phedang के बाद रास्ता और खुला तथा ठंडा होने लगता है। करीब 4,000 मीटर की ऊंचाई के पास स्थित Dzongri पहुंचते-पहुंचते आपको अपनी सांस और चाल दोनों पर ध्यान देना पड़ता है। यहां तेज चलने के बजाय धीरे-धीरे चलना ज्यादा सही रहता है। दिन 5: Dzongri में आराम और शानदार Sunrise Goecha La में Dzongri का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। शरीर को ऊंचाई के साथ ढालने के लिए यहां एक अतिरिक्त दिन रखा जाता है। सुबह जल्दी उठकर Dzongri Top की ओर जाने का अनुभव इस पूरे सफर के सबसे खूबसूरत हिस्सों में से एक हो सकता है। सुबह की पहली रोशनी जब Kanchenjunga, Pandim और आसपास की चोटियों पर पड़ती है, तो पहाड़ों का रंग लगातार बदलता दिखाई देता है। कुछ मिनटों में आसमान और बर्फीली चोटियों का पूरा दृश्य बदल जाता है। यही वजह है कि Dzongri Top पर Sunrise देखने को Trek का खास अनुभव माना जाता है। दिन 6: Dzongri से Kokchurang और Thansing अगले दिन Goecha La का रास्ता Dzongri